सागर जिले के राहतगढ़ नगर में 25 मई से 3 जून 2026 तक आयोजित हो रहे श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने हिस्सा लिया। उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन समिति, जैन समाज तथा क्षेत्रवासियों को इस भव्य धार्मिक आयोजन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि राहतगढ़ क्षेत्र में ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का निरंतर होना पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उनके अनुसार, ऐसे पुण्य आयोजनों से समाज में धर्म, सद्भाव, नैतिकता और शांति का वातावरण निर्मित होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जैन समाज द्वारा समय-समय पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों ने राहतगढ़ को एक विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान प्रदान की है, जिससे यह नगर अध्यात्म एवं आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मंत्री ने आचार्य धीरज जी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने विचारों और ज्ञान से देश-विदेश में धर्म ध्वजा फहराई है। मंत्री राजपूत ने बताया कि जैन धर्म अहिंसा, सत्य, करुणा, अपरिग्रह और आत्मकल्याण का संदेश देता है, जिसकी शिक्षाएं मानवता को शांति, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनौतियों के समय में जैन धर्म के सिद्धांत और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनके अनुसार, विश्व शांति महायज्ञ और सिद्धचक्र महामंडल विधान जैसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों के प्रसार का सशक्त माध्यम भी हैं। उन्होंने सिद्धचक्र महामंडल विधान को जैन धर्म में आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष मार्ग की प्रेरणा देने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पुण्यदायी अनुष्ठान बताया। आयोजन स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजन, विधान एवं धार्मिक प्रवचनों का लाभ ले रहे हैं, जिससे पूरा नगर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर है। जैन समाज एवं आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों, समाजजनों एवं सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ राष्ट्र के नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सागर जिले के राहतगढ़ नगर में 25 मई से 3 जून 2026 तक आयोजित हो रहे श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने हिस्सा लिया। उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन समिति, जैन समाज तथा क्षेत्रवासियों को इस भव्य धार्मिक आयोजन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि राहतगढ़ क्षेत्र में ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का निरंतर होना पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उनके अनुसार, ऐसे पुण्य आयोजनों से समाज में धर्म, सद्भाव, नैतिकता और शांति का वातावरण निर्मित होता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जैन समाज द्वारा समय-समय पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों ने राहतगढ़ को एक विशिष्ट आध्यात्मिक पहचान प्रदान की है, जिससे यह नगर अध्यात्म एवं आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मंत्री ने आचार्य धीरज जी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने विचारों और ज्ञान से देश-विदेश में धर्म ध्वजा फहराई है। मंत्री राजपूत ने बताया कि जैन धर्म अहिंसा, सत्य, करुणा, अपरिग्रह और आत्मकल्याण का संदेश देता है, जिसकी शिक्षाएं मानवता को शांति, संयम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान चुनौतियों के समय में जैन धर्म के सिद्धांत और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनके अनुसार, विश्व शांति महायज्ञ और सिद्धचक्र महामंडल विधान जैसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों के प्रसार का सशक्त माध्यम भी हैं। उन्होंने सिद्धचक्र महामंडल विधान को जैन धर्म में आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष मार्ग की प्रेरणा देने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण एवं पुण्यदायी अनुष्ठान बताया। आयोजन स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजन, विधान एवं धार्मिक प्रवचनों का लाभ ले रहे हैं, जिससे पूरा नगर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर है। जैन समाज एवं आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों, समाजजनों एवं सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ राष्ट्र के नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- बुंदेलखंड के संत विपिन बिहारी जी और नवीन बिहारी जी पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के गृह निवास धनोरा पहुँचे। उन्होंने स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार ने पारंपरिक तेरहवीं की प्रथा न अपनाकर उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण कर एक अनूठी पहल की है। संत विपिन बिहारी जी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उधम सिंह दाऊ, पूर्व मंत्री प्रभु सिंह ठाकुर के बड़े भाई और अशोक सिंह, इंदर सिंह, राजेंद्र सिंह के पिता श्री राम सिंह जी की तेरहवीं न करके उनकी स्मृति में वृक्षों का वितरण करना पर्यावरण के प्रति उनके परिवार के लगाव को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि आज हम जितना पानी कूलरों में डाल रहे हैं, उतने वृक्ष लगाए होते और वे कटे न होते, तो हमें आज पेड़ लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। संत ने सभी से अनुरोध किया कि इस परंपरा को अपनाकर 'हरि के नाम पर हरियाली लगाएं' ताकि शुद्ध वातावरण और शुद्ध वायु प्राप्त हो सके। उन्होंने धनोरा परिवार को आडंबरों से बचकर वृक्षारोपण की ओर कदम बढ़ाने के लिए साधुवाद दिया, इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गौरतलब है कि स्वर्गीय राम सिंह ठाकुर स्वयं एक सुलझे हुए, पशु एवं प्रकृति प्रेमी व्यक्ति थे। उनके निधन के बाद परिवार ने तेरहवीं की प्रथा न कर श्रद्धांजलि सभा में वृक्ष वितरण का निर्णय लिया था, जो उनके प्रकृति प्रेम की विरासत को आगे बढ़ाता है।4
- यह संदेश दिया गया है कि 'नया भारत' कैसा होगा, चाहे वह जाति-मुक्त समाज की ओर बढ़े या न बढ़े, इसका भविष्य पूरी तरह से आप सभी लोगों पर निर्भर करता है।1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में सागर जिले की खुरई तहसील के ग्राम खिमलासा में एक जन-जागरण नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने की सलाह देना था। आयोजन के दौरान, रैली में शामिल लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेष रूप से, आने वाली युवा पीढ़ी को नशे के दलदल में जाने से रोकने के तरीकों पर जोर दिया गया। इसके लिए, परम् पूज्य गुरुदेव आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा लिखित साहित्य भी भेंट किया गया, जिसमें नशा मुक्ति के लिए गुरु संदेश समाहित था। इस जागरूकता रैली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तहसील समन्वयक यशपाल सिंह चंदेल, तहसील प्रभारी (स्वावलंबन शिक्षण प्रशिक्षण) श्री भगवतशरण गोस्वामी, तहसील प्रभारी (युवा जोड़ो अभियान) डॉक्टर अभिनवसागर विश्वकर्मा, श्री शरद संज्ञा, श्री आशीष गोस्वामी, श्री कृपासागर विश्वकर्मा, श्री धर्मेंद्र उपाध्याय, श्री यशवर्धन चंदेल, श्री हरिओम कुर्मी, श्री लखन पाल, श्री हरीश कुशवाहा, श्री राजाराम साहू, निखिल साहू, श्री सुरेश विश्वकर्मा, श्री चंदू पटेल, श्री सुमित विश्वकर्मा, सरदार सेन, श्री आशीष नेमा और तांती कुशवाहा सहित सभी क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।3
- Available for Sale - Bike Brand : हीरो स्प्लेंडर प्लस Model : 2023 24 मॉडल Year of Registration : 20,11,2023 Price (₹) : 65,000 City / Locality : पटना बुजुर्ग तहसील जिला सागर Vehicle Type : Bike Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Petrol 2023 24 मॉडल मात्र 15000 चली हुई पूरी गाड़ी बिल्कुल ओरिजिनल है डिमांड है 65000 फाइनल 60,000 से कम वाले परेशान ना हो8
- सागर जिले की केसली ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 20 में मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भारी गंदगी फैली हुई है, जिससे साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ग्राम पंचायत इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। इसके साथ ही, वार्ड में 'स्टेलाईट' भी बंद पड़ी है, जिससे लोगों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।3
- विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर बीना में गायत्री शक्ति पीठ द्वारा नशा मुक्ति जन-जागरण हेतु एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली रविवार सुबह 9:00 बजे गायत्री शक्ति पीठ परिसर से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, समाजसेवी और श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल हुए। रैली का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। प्रतिभागियों ने “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” तथा “धूम्रपान छोड़ें, स्वस्थ जीवन अपनाएं” जैसे नारों के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से होकर जन-जागरण किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का कर्तव्य निभाने का आह्वान किया। रैली में युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और समाज में एक सकारात्मक संदेश देने का संकल्प लिया। आयोजकों ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम का समापन गायत्री शक्ति पीठ परिसर में “नशा मुक्त भारत – स्वस्थ भारत” के संकल्प के साथ हुआ।4
- सागर के व्यस्त राधा तिराहे पर कोतवाली थाना पुलिस का आम जनता के साथ एक बार फिर संवेदनहीन और आक्रामक व्यवहार देखने को मिला। बीती शाम वाहन चेकिंग के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंघल की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर मनमानी की, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने एक बाइक चालक को रोका और बिना शालीनता के सीधे उसकी गाड़ी से चाबी निकाल ली। जब नागरिक ने पुलिस के इस गैर-कानूनी और अपमानजनक व्यवहार का विरोध किया, तो पुलिसकर्मी अपनी गलती सुधारने के बजाय उल्टा उसी पर भड़क गए। इस तीखी बहसबाजी के कारण व्यस्त तिराहे पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। खुद को घिरता और किरकिरी होते देख पुलिस ने अपनी कमियों को छुपाने के लिए सत्ता और वर्दी का रौब दिखाना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने के बजाय, पुलिस ने तत्काल सख्ती दिखाते हुए उस युवक को एक अपराधी की तरह हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए युवक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत आनन-फानन में प्रकरण दर्ज किया और उसका वाहन जब्त कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का हवाला देकर आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी घटना से स्पष्ट है कि कोतवाली पुलिस आम जनता के साथ मित्रवत व्यवहार करने के बजाय डराने और दबाने की नीति पर काम कर रही है।1