कासगंज के सोरों क्षेत्र में खड़े एक ट्रक से अज्ञात चोरों द्वारा करीब 400 लीटर डीजल चोरी करने का मामला सामने आया है। यह घटना उस वक्त हुई जब ट्रक चालक रात के समय गाड़ी खड़ी कर आराम कर रहा था और चोरों ने डीजल टैंक का लॉक तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित चालक पदम सिंह, जो मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के थाना सुभाष पूरा अंतर्गत ग्राम भैंसों रा के निवासी हैं, अशोक लेलैंड कंपनी के ट्रक संख्या RJ 12 GD 1770 पर माल लेकर जा रहे थे। रास्ते में रात करीब 2:30 बजे उन्होंने सोरों क्षेत्र में गाड़ी खड़ी की और सोने चले गए। जब उनकी नींद खुली तो उन्होंने देखा कि उनके ट्रक के डीजल टैंक का लॉक टूटा हुआ था और उसमें रखा सारा डीजल गायब था। घटना की जानकारी तुरंत यूपी-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। चोरी की इस घटना से पीड़ित चालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने सोरों पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुए डीजल को बरामद कराने की गुहार लगाई है।
कासगंज के सोरों क्षेत्र में खड़े एक ट्रक से अज्ञात चोरों द्वारा करीब 400 लीटर डीजल चोरी करने का मामला सामने आया है। यह घटना उस वक्त हुई जब ट्रक चालक रात के समय गाड़ी खड़ी कर आराम कर रहा था और चोरों ने डीजल टैंक का लॉक तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित चालक पदम सिंह, जो मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के थाना सुभाष पूरा अंतर्गत ग्राम भैंसों रा के निवासी हैं, अशोक लेलैंड कंपनी के ट्रक संख्या RJ 12 GD 1770 पर माल लेकर जा रहे थे। रास्ते में रात करीब 2:30 बजे उन्होंने सोरों क्षेत्र में गाड़ी खड़ी की और सोने चले गए। जब उनकी नींद खुली तो उन्होंने देखा कि उनके ट्रक के डीजल टैंक का लॉक टूटा हुआ था और उसमें रखा सारा डीजल गायब था। घटना की जानकारी तुरंत यूपी-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। चोरी की इस घटना से पीड़ित चालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने सोरों पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुए डीजल को बरामद कराने की गुहार लगाई है।
- उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक गेट के सामने बिजली का लट्ठा आ गया है। इस समस्या को लेकर डीएम साहब से ध्यान देने और कृपा करने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली में शरारती खेत वाले बार-बार खेत की मेड काटकर अच्छे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इन शरारती तत्वों द्वारा लगातार की जा रही इस हरकत से पीड़ित लोग काफी तंग आ चुके हैं, जहां खेतों की सीमाओं (मेड) को काटकर उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के एटा जिले में तहसील जलेसर के अंतर्गत आवागढ़ पोस्ट के कल्याणपुर गांव में पिछले 10 सालों से एक रास्ता अत्यंत जर्जर हालत में है। इस मुख्य रास्ते का इस्तेमाल प्रतिदिन भारी संख्या में लोग करते हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को आवागमन में बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। रास्ते पर पानी भरा होने के कारण लोग अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और आगे जाकर रास्ता पूरी तरह से कटा हुआ है, जहां लोगों का गिरना लगभग तय रहता है। ग्रामीणों का दर्द है कि चुनाव के समय वोट मांगने तो सभी आ जाते हैं, लेकिन इस रास्ते के सुधार के बारे में कोई नहीं सोचता। कल्याणपुर के वर्तमान प्रधान कुशल पाल पर ग्रामीणों ने उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रधान उनकी इस गंभीर समस्या की बिल्कुल भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश की सरकार से हाथ जोड़कर यह भावुक अनुरोध किया है कि उनकी इस बड़ी समस्या का जल्द से जल्द निवारण कर इस रास्ते को ठीक कराया जाए।1
- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- उत्तर प्रदेश के जनपद एटा के जलेसर स्थित आईटीआई विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के गांव नगला धनीराम में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रही है। गांव में ललित कुमार पुत्र गंगा सिंह के घर के समीप लगा एक हाईटेंशन विद्युत पोल आधार से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जो अब केवल बिजली के तारों के सहारे खड़ा है। बरसात और तेज हवा के दौरान यह पोल कभी भी गिर सकता है, जिसके कारण आसपास रहने वाले परिवारों में इस पोल की वजह से दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या के संबंध में कई बार विद्युत विभाग को सूचित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पोल को नहीं बदला गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल इस क्षतिग्रस्त पोल को बदलने, सुरक्षा व्यवस्था करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसी संभावित जनहानि से बचा जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज में देरी के कारण एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में भारी हंगामा किया। बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल अपनी लगभग 18-20 वर्षीय बेटी तरन्नुम को सुबह इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका, जिससे अस्पताल परिसर में ही युवती की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवती की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था की गई। लाचारी में मृतका के भाई ने अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाया और अस्पताल से बाहर निकाला, जिसके बाद वे एक ऑटो के माध्यम से शव को अपने गांव लेकर गए। इस घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस मामले में अभी अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।1