पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल के लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने अपनी ड्यूटी के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ गहरी मानवीय संवेदना का परिचय दिया है। हाल ही में हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में, इन रेलकर्मियों ने अपनी सतर्कता और सूझबूझ से कई लोगों की जान बचाई, जिसके लिए मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने उन्हें सराहना पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की प्रशंसा की है। इन घटनाओं में से एक, 22 जून 2026 को ट्रेन संख्या 63346 (समस्तीपुर - सहरसा सवारी गाड़ी) के लोको पायलट अभय कुमार और सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार -1 ने सलौना और इमली स्टेशनों के बीच पटरी पर एक महिला और बच्चे को लेटे हुए देखा। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी, नीचे उतरकर महिला को समझाया और ग्रामीणों के सुरक्षित हाथों में सौंपने के बाद ही गाड़ी आगे बढ़ाई। इसी तरह, 1 मई 2026 को ट्रेन संख्या 75230 (रक्सौल - दरभंगा सवारी गाड़ी) के चालक दल, लोको पायलट पंकज कुमार और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने ढेंग और रीगा स्टेशनों के बीच पटरी पर लेटे एक लड़के को देखकर आपातकालीन ब्रेक लगाए और उसकी जान बचाई। समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा उनके इस सराहनीय कार्य की विशेष सराहना की गई। एक अन्य गंभीर घटना 22 मई 2026 को सामने आई, जब लोको पायलट मनोज कुमार -2 और सहायक लोको पायलट मनी भूषण कुमार एक मालगाड़ी लेकर जा रहे थे। ट्रैक पर एक महिला को सोता हुआ देखकर, उन्होंने भारी-भरकम मालगाड़ी होने के बावजूद तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उसे सुरक्षित रोका। इन दोनों रेलकर्मियों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला को समझा-बुझाकर ट्रैक से दूर किया और ग्रामीणों के सुपुर्द करने के बाद ही मालगाड़ी को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर वरीय मंडल विद्युत इंजीनियर (परिचालन) श्री संजय कुमार भी उपस्थित थे। रेलवे प्रशासन ने इन घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ये दर्शाती हैं कि रेलकर्मी केवल अपने तकनीकी कर्तव्यों का पालन ही नहीं करते, बल्कि उनके भीतर समाज के प्रति गहरी मानवीय संवेदना भी है, जिसके कारण कई परिवार उजड़ने से बच गए।
पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल के लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने अपनी ड्यूटी के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ गहरी मानवीय संवेदना का परिचय दिया है। हाल ही में हुई तीन अलग-अलग घटनाओं में, इन रेलकर्मियों ने अपनी सतर्कता और सूझबूझ से कई लोगों की जान बचाई, जिसके लिए मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने उन्हें सराहना पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कार्यों की प्रशंसा की है। इन घटनाओं में से एक, 22 जून 2026 को ट्रेन संख्या 63346 (समस्तीपुर - सहरसा सवारी गाड़ी) के लोको पायलट अभय कुमार और सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार -1 ने सलौना और इमली स्टेशनों के बीच पटरी पर एक महिला और बच्चे को लेटे हुए देखा। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी, नीचे उतरकर महिला को समझाया और ग्रामीणों के सुरक्षित हाथों में सौंपने के बाद ही गाड़ी आगे बढ़ाई। इसी तरह, 1 मई 2026 को ट्रेन संख्या 75230 (रक्सौल - दरभंगा सवारी गाड़ी) के चालक दल, लोको पायलट पंकज कुमार और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने ढेंग और रीगा स्टेशनों के बीच पटरी पर लेटे एक लड़के को देखकर आपातकालीन ब्रेक लगाए और उसकी जान बचाई। समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा उनके इस सराहनीय कार्य की विशेष सराहना की गई। एक अन्य गंभीर घटना 22 मई 2026 को सामने आई, जब लोको पायलट मनोज कुमार -2 और सहायक लोको पायलट मनी भूषण कुमार एक मालगाड़ी लेकर जा रहे थे। ट्रैक पर एक महिला को सोता हुआ देखकर, उन्होंने भारी-भरकम मालगाड़ी होने के बावजूद तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उसे सुरक्षित रोका। इन दोनों रेलकर्मियों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए महिला को समझा-बुझाकर ट्रैक से दूर किया और ग्रामीणों के सुपुर्द करने के बाद ही मालगाड़ी को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर वरीय मंडल विद्युत इंजीनियर (परिचालन) श्री संजय कुमार भी उपस्थित थे। रेलवे प्रशासन ने इन घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ये दर्शाती हैं कि रेलकर्मी केवल अपने तकनीकी कर्तव्यों का पालन ही नहीं करते, बल्कि उनके भीतर समाज के प्रति गहरी मानवीय संवेदना भी है, जिसके कारण कई परिवार उजड़ने से बच गए।
- जेडीयू मंत्री बिजय चौधरी ने भरत तिवारी हत्याकांड के संबंध में एक बयान दिया है। उनके इस बयान को विवादित बताया जा रहा है।1
- समस्तीपुर के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत रामचंद्रपुर अंधैल पंचायत के चंदौली वार्ड संख्या-12 में समाजसेवी राजू सहनी ने स्वर्गीय उपेंद्र सहनी की पत्नी इसावती देवी की सबसे छोटी पुत्री नमिता कुमारी के विवाह में सहयोग का हाथ बढ़ाकर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। इसावती देवी एक गरीब विधवा महिला हैं जो अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनकी तीन पुत्रियों में सबसे छोटी नमिता कुमारी का विवाह 24 जून 2026 को निर्धारित था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार शादी की आवश्यक सामग्री जुटाने में असमर्थ था, जिससे विवाह को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ था। इस बीच, गरीब महिला ने अपनी समस्या पूर्व मुखिया उमेश प्रसाद सहनी के समक्ष रखी। पूर्व मुखिया ने दूरभाष के माध्यम से इस मामले की जानकारी समाजसेवी राजू सहनी को दी, जो गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं। सूचना मिलते ही राजू सहनी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए विवाह के लिए आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। शादी के अवसर पर राजू सहनी की ओर से फर्नीचर सेट के तहत कोच, पलंग, कुर्सी, टेबल, रजाई, गद्दा, ट्रंक और कपड़े सहित आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उनके इस सहयोग से गरीब परिवार की बड़ी चिंता दूर हुई और विवाह समारोह खुशी एवं सम्मान के साथ संपन्न हो सका। राजू सहनी द्वारा की गई इस मदद की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। इस दौरान पूर्व मुखिया उमेश प्रसाद सहनी, महेश सहनी, बैजनाथ सहनी, सत्यदेव सहनी एवं पूर्व मुखिया राजन देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने राजू सहनी के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि राजू सहनी लगातार जरूरतमंद, असहाय एवं गरीब परिवारों की सहायता कर समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं और उन्होंने समाज के अन्य सक्षम लोगों से भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की, ताकि किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो। ग्रामीणों ने राजू सहनी के इस मानवीय प्रयास को न केवल एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का प्रेरणादायक संदेश देने वाला भी बताया।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में 26 वर्षीय बाइक सवार युवक समरजीत पासवान की मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिजनों और ग्रामीणों में गहरा शोक छा गया। यह दुखद घटना मोहनपुर थाना क्षेत्र की दशहरा पंचायत से गुजरने वाले NH 122 B मुख्य पथ पर धनुक टोली के समीप घटी। मृतक की पहचान उत्तरी डुमरी पंचायत निवासी उमेश पासवान के पुत्र समरजीत पासवान के रूप में की गई है। मृतक के पिता के अनुसार, समरजीत किसी आवश्यक कार्य से मोहिउद्दीन नगर बाजार जा रहा था, तभी उसकी बाइक असंतुलित हो गई और वह दुर्घटना का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने के अपर थाना अध्यक्ष विनय कुमार अपने दल बल के साथ मौके पर पहुँचे और पीड़िता को मोहिउद्दीन नगर स्थित स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिजन सहित ग्रामीणों में कोहराम मच गया और घटना स्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक के परिजन और परिवार के सदस्य इस दुर्घटना को लेकर रो-रो कर बेहाल हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया। पुलिस ने बताया कि वे दुर्घटना से संबंधित मामले की छानबीन में जुट गए हैं और मृतक के परिजनों द्वारा दिए जाने वाले आवेदन के आलोक में विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत वार्ड 3 में बड़े पैमाने पर कचरा और नशे की बोतलें फैली हुई हैं। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह पुलिस प्रशासन की लापरवाही है, जनप्रतिनिधियों की, या फिर किसी और की।1
- दरभंगा जिले के बहेरी थाने पर एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि बहेरी थाना ने रिश्वत लेकर एक दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को छोड़ दिया। यह शिकायत अब एसएसपी कार्यालय तक पहुँच गई है।1
- मुहर्रम पर्व से ठीक पहले बिस्फी पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त की और चार शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरे बिहार राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है।1
- मोहर्रम को देखते हुए जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है। इस बैठक के दौरान अधिकारियों को सख्त आदेश जारी किए गए हैं।1
- आज प्रखंड विकास पदाधिकारी विवेक रंजन, अंचल अधिकारी कुमारी सरिता रानी, और थाना प्रभारी सिंघिया श्याम कुमार मेहता ने मुहर्रम पर्व के मद्देनजर सिंघिया के संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान, सभी अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं।1
- भारत भूषण तिवारी को 'अमर रहे' के नारे के साथ याद किया गया है। संदेश में यह भी कहा गया है कि आजादी के बाद बिहार की धरती पर ऐसा कोई देखने को मिला है।1