सहारनपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ विभाग ने एक स्कूली बस को फिटनेस जांच के दौरान अस्वीकृत कर दिया। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किए बिना किसी भी स्कूल बस को बच्चों के परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच के दौरान बस में कई गंभीर खामियां सामने आईं। बस का ब्रेक और लाइट सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, और बच्चों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी सीट बेल्ट तथा इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नदारद थी। इसके अतिरिक्त, बस में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण भी मौजूद नहीं पाए गए। बस की बॉडी और टायर बहुत ज़्यादा घिसे हुए थे, और बस में ओवरलोडिंग के संकेत भी मिले। आरटीओ अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को यह निर्देश दिया है कि सभी कमियों को 15 दिनों के भीतर दूर किया जाए और बस को दोबारा फिटनेस जांच के लिए प्रस्तुत किया जाए। जब तक बस सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती, तब तक उसे स्कूल ड्यूटी पर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल फिटनेस प्रमाणित और सुरक्षित स्कूल वाहनों में ही भेजें। उनका कहना है कि स्कूली वाहनों की नियमित फिटनेस जांच बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सहारनपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ विभाग ने एक स्कूली बस को फिटनेस जांच के दौरान अस्वीकृत कर दिया। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किए बिना किसी भी स्कूल बस को बच्चों के परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच के दौरान बस में कई गंभीर खामियां सामने आईं। बस का ब्रेक और लाइट सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, और बच्चों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी सीट बेल्ट तथा इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नदारद थी। इसके अतिरिक्त, बस में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण भी मौजूद नहीं पाए गए। बस की बॉडी और टायर बहुत ज़्यादा घिसे हुए थे, और बस में ओवरलोडिंग के संकेत भी मिले। आरटीओ अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को यह निर्देश दिया है कि सभी कमियों को 15 दिनों के भीतर दूर किया जाए और बस को दोबारा फिटनेस जांच के लिए प्रस्तुत किया जाए। जब तक बस सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती, तब तक उसे स्कूल ड्यूटी पर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को केवल फिटनेस प्रमाणित और सुरक्षित स्कूल वाहनों में ही भेजें। उनका कहना है कि स्कूली वाहनों की नियमित फिटनेस जांच बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के जली कोठी क्षेत्र से एक घटना सामने आई है। इसमें एक पुलिसकर्मी को की हालत में धमकाते हुए देखा जा सकता है।1
- मेरठ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की, जिसके तहत विभाग की टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की और कई स्थानों से नमूने एकत्र किए। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें। विभाग ने चेतावनी भी दी कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- कृष्ण बिहार पोला रोड पर अभी तक किसी भी सड़क का निर्माण नहीं किया गया है।1
- विदिशा जिले में जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में पदस्थ एनके अहिरवार ने सिरोंज के गोपाल नगर में हुई घटना के बाद पूरे जिले के सभी शासकीय विद्यालयों के जर्जर भवनों की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सिरोंज में हुई घटना की जांच की जा रही है और जिला प्रशासन द्वारा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। इसके अतिरिक्त, जिले के अन्य शासकीय स्कूल भवनों, जो जर्जर स्थिति में हैं, उनकी भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि जो कक्षाएं जर्जर पाई जाएंगी, उनमें पढ़ाई नहीं करवाई जाएगी। अधिकारी ने यह भी बताया कि एस्टीमेट बनाकर इन भवनों की जल्द से जल्द मरम्मत के प्रयास किए जाएंगे।1
- मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत का फैसला अभी नहीं आया है। हालांकि, मुस्कान और साहिल को सजा सुनाए जाने का दावा करने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मंगलवार को सामने आया ऐसा ही एक वीडियो बाद में फर्जी साबित हुआ। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि क्या कोर्ट ने वास्तव में कोई फैसला सुनाया है, या फिर निर्णय आने से पहले ही सोशल मीडिया पर झूठ का खेल शुरू हो गया है।1
- denanagar punjab1
- नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और पूर्व सांसद श्री के.सी. त्यागी जी ने की। बैठक के उपरांत, राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री माननीय चौधरी जयंत सिंह जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी के भावी लक्ष्यों और संसदीय बोर्ड की भूमिका पर प्रकाश डाला। माननीय चौधरी जयंत सिंह जी ने बताया कि राष्ट्रीय लोकदल का संसदीय बोर्ड भविष्य में नियमित बैठकें आयोजित करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य पार्टी से जुड़े महत्वपूर्ण और बड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संसदीय बोर्ड संगठन को और अधिक सशक्त, सक्रिय तथा प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, साथ ही यह पार्टी की नीतियों, संगठनात्मक विस्तार और भविष्य की रणनीतियों को दिशा देने का कार्य भी करेगा। राष्ट्रीय लोकदल ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वह चौधरी चरण सिंह जी की किसान, मजदूर एवं सामाजिक न्याय की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पार्टी ने संकल्प लिया कि माननीय चौधरी जयंत सिंह जी के सशक्त नेतृत्व में संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा तथा जनसेवा के मूल संकल्प के साथ कार्य लगातार जारी रहेगा। यह भी स्पष्ट किया गया कि मजबूत संगठन, स्पष्ट विचार और समर्पित नेतृत्व ही राष्ट्रीय लोकदल की वास्तविक पहचान है। पार्टी ने 'जय राष्ट्रीय लोकदल!' और 'जय जयंत चौधरी' के नारों के साथ अपनी एकजुटता और संकल्प का उद्घोष किया।1
- बिहार के सहरसा स्थित अंबेडकर चौक पर प्रभु शर्मा ने भगवान गौतम बुद्ध और भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति की गई अपनी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। भीम आर्मी, विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाज के लोगों की मौजूदगी में उन्होंने स्वीकार किया कि उनसे गंभीर भूल हुई है और इसके लिए उन्होंने समाज से हृदय से क्षमायाचना की। प्रभु शर्मा ने इस अवसर पर यह संकल्प भी लिया कि भविष्य में वे किसी भी महापुरुष, धर्म, समाज या व्यक्ति की भावनाओं को आहत करने वाला कोई बयान या कार्य नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उनसे ऐसी कोई गलती दोबारा होती है, तो समाज जो भी उचित सामाजिक निर्णय या दंड देगा, उसे वे सहर्ष स्वीकार करेंगे। इस दौरान, भीम आर्मी और अन्य उपस्थित सामाजिक संगठनों ने समाज में शांति, आपसी भाईचारे और सभी महापुरुषों के सम्मान का संदेश दिया। साथ ही, सभी लोगों से संयमित भाषा का प्रयोग करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई।1
- उत्तर प्रदेश के ककरौली स्थित बेहड़ा सादात गाँव में एक मासूम की पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना में एक पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।1