“ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चोरी के मामले में दो आरोपियों को सजा, मीरजापुर न्यायालय ने दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड के साथ जेल में बिताई अवधि को माना सजा द सर्कल इंडिया का ‘प्रोजेक्ट रीइन्वेंशन 2026 मुंबई । द सर्कल इंडिया ने प्रोजेक्ट रीइन्वेंशन 2026 के लिए बोरीवली की शिखा एकेडमी में 300 से ज़्यादा एजुकेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स, पॉलिसीमेकर्स और युवा लीडर्स को बुलाया है। यह तीन दिन की राष्ट्रीय स्तर की बैठक है, जो इस बात पर फिर से सोचने पर फोकस करेगी कि तेजी से हो रहे तकनीकी और सामाजिक बदलावों के सामने भारत के लर्निंग सिस्टम को कैसे बदलना चाहिए। खासकर, ऐसे समय में जब देश भर में एजुकेशन सिस्टम टेक्नोलॉजी में आ रहे बदलावों और सीखने में बढ़ती असमानताओं से जूझ रहा है। तीन दिनों के वक्ताओं और योगदानकर्ताओं में टीच फॉर इंडिया, टीच फॉर ऑल, अफ्रीकन लीडरशिप एकेडमी, रिवरसाइड स्कूल, एक्यूमेन एकेडमी और पोर्टलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी के लीडर्स शामिल हैं, जो ग्लोबल रिसर्च को लोकल प्रैक्टिस से जोड़ने की कोशिश को दिखाते हैं। द सर्कल इंडिया के संस्थापक और सीईओ संदीप राय ने कहा, “प्रोजेक्ट रीइन्वेंशन का मकसद एक साथ कई मुश्किल सवाल पूछना है। पूरे भारत में, एजुकेटर पहले से ही सीखने के नए तरीकों के साथ एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं — क्लासरूम में, कम्युनिटी में और नई टेक्नोलॉजी के साथ। यह बैठक उस काम को पहचान देती है और उन आइडिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जगह बनाती है जो छोटे-मोटे सुधार से आगे बढ़ रहे हैं।” तीन दिनों में सेशन में कम्युनिटी-बेस्ड एजुकेशन, सीखने में लीडरशिप, बच्चों के लिए फिलॉसफी, आर्ट्स-इंटीग्रेटेड पेडागॉजी और क्लासरूम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका जैसे थीम शामिल हैं। वर्कशॉप, इंस्टॉलेशन और पार्टिसिपेटरी लैब कीनोट बातचीत के साथ-साथ चलते हैं, जिससे पार्टिसिपेंट बातचीत और इनोवेशन के लाइव उदाहरणों के बीच आगे बढ़ सकते हैं। इस प्रोग्राम में ‘रीडिज़ाइनिंग लर्निंग: एजुकेशन एज़ एन एक्सपीरियंस’, ‘द ह्यूमन एडवांटेज इन द एज ऑफ एआई’, और ‘टीचिंग एज कलेक्टिव लीडरशिप’ जैसे सेशन शामिल हैं, साथ ही की-नोट एड्रेस और स्टूडेंट परफॉर्मेंस भी हैं। इंस्टॉलेशन में इमर्सिव थिएटर और वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरियंस शामिल हैं, जिसमें लाइटहाउस स्टूडियोज का “इनसाइड – अ वीआर एक्सपीरियंस” भी शामिल है। साथ ही नज़रिया आर्ट्स कलेक्टिव और द सर्कल लैब्स द्वारा युवाओं के नेतृत्व वाले आर्टिस्टिक शोकेस भी शामिल हैं। युवा लोग न सिर्फ अपना काम दिखा रहे हैं, बल्कि एजेंडा भी बना रहे हैं — लैब में हिस्सा ले रहे हैं, प्रोजेक्ट पेश कर रहे हैं, और बड़े शिक्षकों और पॉलिसी बनाने वालों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह बैठक बच्चों के सीखने के तरीके पर फिर से सोचने की बढ़ती हुई राष्ट्रीय स्तर की कोशिश को दिखाती है — क्लासरूम में, कम्युनिटी में और नई टेक्नोलॉजी के साथ।
“ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चोरी के मामले में दो आरोपियों को सजा, मीरजापुर न्यायालय ने दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड के साथ जेल में बिताई अवधि को माना सजा द सर्कल इंडिया का ‘प्रोजेक्ट रीइन्वेंशन 2026 मुंबई । द सर्कल इंडिया ने प्रोजेक्ट रीइन्वेंशन 2026 के लिए बोरीवली की शिखा एकेडमी में 300 से ज़्यादा एजुकेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स, पॉलिसीमेकर्स और युवा लीडर्स को बुलाया है। यह तीन दिन की राष्ट्रीय स्तर की बैठक है, जो इस बात पर फिर से सोचने पर फोकस करेगी कि तेजी से हो रहे तकनीकी और सामाजिक बदलावों के सामने भारत के लर्निंग सिस्टम को कैसे बदलना चाहिए। खासकर, ऐसे समय में जब देश भर में एजुकेशन सिस्टम टेक्नोलॉजी में आ रहे बदलावों और सीखने में बढ़ती असमानताओं से जूझ रहा है। तीन दिनों के वक्ताओं और योगदानकर्ताओं में टीच फॉर इंडिया, टीच फॉर ऑल, अफ्रीकन लीडरशिप एकेडमी, रिवरसाइड स्कूल, एक्यूमेन एकेडमी और पोर्टलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी के लीडर्स शामिल हैं, जो ग्लोबल रिसर्च को लोकल प्रैक्टिस से जोड़ने की कोशिश को दिखाते हैं। द सर्कल इंडिया के संस्थापक और सीईओ संदीप राय ने कहा, “प्रोजेक्ट रीइन्वेंशन का मकसद एक साथ कई मुश्किल सवाल पूछना है। पूरे भारत में, एजुकेटर पहले से ही सीखने के नए तरीकों के साथ एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं — क्लासरूम में, कम्युनिटी में और नई टेक्नोलॉजी के साथ। यह बैठक उस काम को पहचान देती है
और उन आइडिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जगह बनाती है जो छोटे-मोटे सुधार से आगे बढ़ रहे हैं।” तीन दिनों में सेशन में कम्युनिटी-बेस्ड एजुकेशन, सीखने में लीडरशिप, बच्चों के लिए फिलॉसफी, आर्ट्स-इंटीग्रेटेड पेडागॉजी और क्लासरूम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका जैसे थीम शामिल हैं। वर्कशॉप, इंस्टॉलेशन और पार्टिसिपेटरी लैब कीनोट बातचीत के साथ-साथ चलते हैं, जिससे पार्टिसिपेंट बातचीत और इनोवेशन के लाइव उदाहरणों के बीच आगे बढ़ सकते हैं। इस प्रोग्राम में ‘रीडिज़ाइनिंग लर्निंग: एजुकेशन एज़ एन एक्सपीरियंस’, ‘द ह्यूमन एडवांटेज इन द एज ऑफ एआई’, और ‘टीचिंग एज कलेक्टिव लीडरशिप’ जैसे सेशन शामिल हैं, साथ ही की-नोट एड्रेस और स्टूडेंट परफॉर्मेंस भी हैं। इंस्टॉलेशन में इमर्सिव थिएटर और वर्चुअल रियलिटी एक्सपीरियंस शामिल हैं, जिसमें लाइटहाउस स्टूडियोज का “इनसाइड – अ वीआर एक्सपीरियंस” भी शामिल है। साथ ही नज़रिया आर्ट्स कलेक्टिव और द सर्कल लैब्स द्वारा युवाओं के नेतृत्व वाले आर्टिस्टिक शोकेस भी शामिल हैं। युवा लोग न सिर्फ अपना काम दिखा रहे हैं, बल्कि एजेंडा भी बना रहे हैं — लैब में हिस्सा ले रहे हैं, प्रोजेक्ट पेश कर रहे हैं, और बड़े शिक्षकों और पॉलिसी बनाने वालों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह बैठक बच्चों के सीखने के तरीके पर फिर से सोचने की बढ़ती हुई राष्ट्रीय स्तर की कोशिश को दिखाती है — क्लासरूम में, कम्युनिटी में और नई टेक्नोलॉजी के साथ।
- मीरजापुर। सम्पूर्ण सृष्टि के कर्मों, पाप-पुण्य और जीवन-मरण का हिसाब रखने वाले अखिल ब्रह्माण्ड के स्वामी भगवान श्री चित्रगुप्त जी के प्राकट्य दिवस के अवसर पर शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। अग्रणी सामाजिक संस्था के०एस०पी० ट्रस्ट द्वारा यह शोभा यात्रा शहर के मध्य बरियाघाट स्थित 124 वर्ष पुराने ऐतिहासिक श्री चित्रगुप्त मंदिर से शुरू हुई। शोभा यात्रा अत्यंत भव्य और आकर्षक थी। इसमें भगवान चित्रगुप्त जी की खूबसूरत झांकी निकाली गई। पूरे रास्ते फूलों की बारिश की गई। डीजे, ढोल-ताशा और अन्य वाद्य यंत्रों के साथ-साथ आतिशबाजी की भी व्यवस्था की गई थी। शोभा यात्रा की एक खास बात यह रही कि भगवान चित्रगुप्त जी को अर्पित किया गया ‘कलम’ प्रसाद के रूप में आम लोगों में बांटा गया। यह देखकर सभी भक्तों में काफी उत्साह और कौतूहल था। रास्ते भर भक्तगण भगवान की आरती उतारने के लिए थाल, माला और फूल लेकर खड़े रहे। शोभा यात्रा के प्रति लोगों का उत्साह इस बात से समझा जा सकता है कि पूरे मार्ग में एक दर्जन से भी ज्यादा स्वागत द्वार बनाए गए थे। साथ ही विभिन्न समाजसेवियों और सामाजिक संस्थाओं ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर भक्तों को शरबत और जलपान कराया। इस शोभा यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें हजारों की संख्या में भक्त उमड़े, जिनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर थी। महिलाएं भी बड़े उत्साह से यात्रा में शामिल हुईं। के०एस०पी० ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ० शक्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में निकाली गई इस शोभा यात्रा में कई प्रमुख लोग शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा, के.पी. ट्रस्ट के महामंत्री एस.डी. कौटिल्य, पूर्व महामंत्री कुमार नारायण, प्रशान्त श्रीवास्तव, आर0के0 श्रीवास्तव, चन्दौली से डॉ० शरद चन्द्र श्रीवास्तव, कोलकाता से सुबोध श्रीवास्तव, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष डी0एन0 वर्मा, कायस्थ महासभा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुजीत कुमार वर्मा, गोरखपुर से ट्रस्ट के महामंत्री अजय सिन्हा, पटना से विजय कुमार सिन्हा, वाराणसी से राजकुमार श्रीवास्तव पप्पू, पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, राष्ट्रवादी मंच के मनोज श्रीवास्तव, शिवम श्रीवास्तव, एड0 दिलीप श्रीवास्तव, एड0 आनन्द स्वरूप श्रीवास्तव, सुशील श्रीवास्तव, रजत श्रीवास्तव, श्री चित्रगुप्त सभा के अध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव, कायस्थ महासभा के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, नरेन्द्र श्रीवास्तव, एड० सुधांशु श्रीवास्तव, श्रीश श्रीवास्तव, करूणा निधान, राजन श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, डॉ० पी.पी. श्रीवास्तव, मनोज चित्रांश, अमिताभ श्रीवास्तव, दिव्यांश श्रीवास्तव, आयुष श्रीवास्तव, शालिनी सिन्हा, संगीता श्रीवास्तव व रोली श्रीवास्तव शामिल थे।3
- Post by Jwala Prasad1
- गुजरात के राजकोट में छुट्टा जानवर का हमला: स्कूटी सवार पर अचानक टूटा कहर गुजरात के राजकोट से एक डराने वाला वीडियो सामने आया है, जहां एक छुट्टा जानवर ने अचानक स्कूटी सवार पर हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद व्यक्ति की जान बचाई हालाकि युवक की हालत नाजुक बताया जा रहा है। सड़कों पर घूमते छुट्टा जानवर अब लोगों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।1
- गोपीगंज। कोतवाली क्षेत्र के सारीपुर गांव मे राजेश कुमार सिंह (अन्नू) 56 वर्ष ने अपने पुश्तैनी मकान के उपरी मंजिल स्थित कमरे मे लाइसेंसी राइफल से उस समय आत्म हत्या कर लिए जब परिवार का कोई सदस्य घर में मौजूद नही था ,अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार पर गम का पहाड़ टूट गया है,पूर्व प्रमुख दिनेश कुमार सिंह के भतीजे अन्नू सिंह वर्ष 2005 मे काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय मे छात्र संघ का चुनाव मे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके है,दो भाई मे छोटे, मृतक को एक पुत्र एक पुत्री है, पूर्व प्रमुख दिनेश सिंह के परिवार के सभी सदस्य परिवार सहित वाराणसी रहते है,ईट भट्ठा व अन्य काम देखने के लिए गांव मे आते जाते थे। शनिवार को लगभग 11.30 बजे वाराणसी से गांव पहुचे अन्नू सिंह मकान मे स्थित दूसरे मंजिल पर स्थित कमरे में पहुचे कुछ देर बाद लाइसेंसी राइफल से सर मे गोली मार लिया, इस दौरान खाना लेकर नौकर कमरे में पहुचा तो अवाक रह गया। सूचना पर परिवार के साथ पुलिस की टीम मौके पर पहुच गई, फारेसिंक टीम घटना स्थल का मौका मुआयना कर राइफल के साथ शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम को भेज कर आवश्यक कार्यवाही में जुटी। भाई संजय सिंह ने थाने मे तहरीर देकर अवगत कराया कि तीन वर्ष से दिमागी रुप से अस्वस्थ चल रहे थे जिसका इलाज चल रहा था। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुच गए l1
- पूर्व प्रमुख के भतीजे राजेश सिंह ने गोलीमार कर दे दी जान गोपीगंज। कोतवाली क्षेत्र के सारीपुर गांव मे राजेश कुमार सिंह (अन्नू) 56 वर्ष ने अपने पुश्तैनी मकान के उपरी मंजिल स्थित कमरे मे लाइसेंसी राइफल से उस समय आत्म हत्या कर लिए जब परिवार का कोई सदस्य घर में मौजूद नही था ,अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार पर गम का पहाड़ टूट गया है,पूर्व प्रमुख दिनेश कुमार सिंह के भतीजे अन्नू सिंह वर्ष 2005 मे काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय मे छात्र संघ का चुनाव मे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके है,दो भाई मे छोटे, मृतक को एक पुत्र एक पुत्री है, पूर्व प्रमुख दिनेश सिंह के परिवार के सभी सदस्य परिवार सहित वाराणसी रहते है,ईट भट्ठा व अन्य काम देखने के लिए गांव मे आते जाते थे। शनिवार को लगभग 11.30 बजे वाराणसी से गांव पहुचे अन्नू सिंह मकान मे स्थित दूसरे मंजिल पर स्थित कमरे में पहुचे कुछ देर बाद लाइसेंसी राइफल से सर मे गोली मार लिया, इस दौरान खाना लेकर नौकर कमरे में पहुचा तो अवाक रह गया। सूचना पर परिवार के साथ पुलिस की टीम मौके पर पहुच गई, फारेसिंक टीम घटना स्थल का मौका मुआयना कर राइफल के साथ शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम को भेज कर आवश्यक कार्यवाही में जुटी। भाई संजय सिंह ने थाने मे तहरीर देकर अवगत कराया कि तीन वर्ष से दिमागी रुप से अस्वस्थ चल रहे थे जिसका इलाज चल रहा था। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पहुच गए l4
- हेडलाइन: खड़ंजा चकरोड हुआ जर्जर, जिम्मेदार बेखबर ब्रेकिंग न्यूज़: भदोही जनपद के डीघ विकास खंड अंतर्गत जंगीगंज स्थित मंगलपुर मार्ग से उत्तर कलनुआ गांव में लगभग 45 मीटर खड़ंजा चकरोड बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। जहां एक ओर चकरोड का अधिकांश हिस्सा सही बना हुआ है, वहीं बीच का यह हिस्सा पूरी तरह खराब हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को लेकर पूरी तरह बेखबर नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द खड़ंजा चकरोड की मरम्मत कराए जाने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु रूप से हो सके।1
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- ग्राम सभा बैरीपरवा तहसील व ब्लॉक ज्ञानपुर में हैण्डपम्प के पास पानी हमेशा लगा रहता है। हैण्डपम्प के पास पानी की जल निकासी की व्यवस्था की जाय गौतम बस्ती ज्वाला प्रसाद1