गुमला शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों और बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए, गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय 'पुलिस-पब्लिक बैठक' का आयोजन किया गया, जिसमें अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में तय की गई रणनीति के अनुसार, अब पूरे गुमला शहर को 16 सुरक्षा बीट में विभाजित कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था में, प्रत्येक बीट की जिम्मेदारी एक पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है, जिसका उद्देश्य यह है कि हर क्षेत्र के आम नागरिकों और व्यापारियों को उनके बीट प्रभारी से सीधे संपर्क स्थापित करने की सुविधा मिल सके। अपराधियों पर प्रभावी ढंग से नकेल कसने के लिए एक विशेष डिजिटल नेटवर्क भी तैयार किया गया है, जिसके तहत शहर में कहीं भी चोरी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत एक व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालना होगा। इस ग्रुप में पुलिस के वरीय पदाधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे और सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। साथ ही, आस-पास के सभी दुकानदार और व्यापारी मिलकर अपने इलाके की हर हलचल पर पैनी नजर रखेंगे। बैठक के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। घोषणा की गई है कि कल से ही पूरे शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद बिना जांच के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का शहर में घूमना नामुमकिन होगा। बैठक में मौजूद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने जनता और व्यापारियों को यह भरोसा दिलाया कि यदि कोई बीट प्रभारी, इंस्पेक्टर या थाना प्रभारी उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं करता या उनकी बात नहीं सुनता है, तो वे बिना किसी झिझक के सीधे उनसे शिकायत करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण आश्वासन दिया है कि अब शहर में चोरी की कोई भी घटना छिपी नहीं रहेगी। पूरा व्यापारी वर्ग और आम जनता इस अभियान में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, ताकि गुमला को चोरों से मुक्त कराया जा सके।
गुमला शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों और बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए, गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के वरिष्ठ बुद्धिजीवियों ने कमर कस ली है। इसी क्रम में, जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय 'पुलिस-पब्लिक बैठक' का आयोजन किया गया, जिसमें अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में तय की गई रणनीति के अनुसार, अब पूरे गुमला शहर को 16 सुरक्षा बीट में विभाजित कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था में, प्रत्येक बीट की जिम्मेदारी एक पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है, जिसका उद्देश्य यह है कि हर क्षेत्र के आम नागरिकों और व्यापारियों को उनके बीट प्रभारी से सीधे संपर्क स्थापित करने की सुविधा मिल सके। अपराधियों पर प्रभावी ढंग से नकेल कसने के लिए एक विशेष डिजिटल नेटवर्क भी तैयार किया गया है, जिसके तहत शहर में कहीं भी चोरी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत एक व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालना होगा। इस ग्रुप में पुलिस के वरीय पदाधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे और सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी
तरह गुप्त रखी जाएगी। साथ ही, आस-पास के सभी दुकानदार और व्यापारी मिलकर अपने इलाके की हर हलचल पर पैनी नजर रखेंगे। बैठक के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। घोषणा की गई है कि कल से ही पूरे शहर में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद बिना जांच के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का शहर में घूमना नामुमकिन होगा। बैठक में मौजूद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव ने जनता और व्यापारियों को यह भरोसा दिलाया कि यदि कोई बीट प्रभारी, इंस्पेक्टर या थाना प्रभारी उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं करता या उनकी बात नहीं सुनता है, तो वे बिना किसी झिझक के सीधे उनसे शिकायत करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स और शहर के व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन को पूर्ण आश्वासन दिया है कि अब शहर में चोरी की कोई भी घटना छिपी नहीं रहेगी। पूरा व्यापारी वर्ग और आम जनता इस अभियान में पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, ताकि गुमला को चोरों से मुक्त कराया जा सके।
- मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा सरकारी विद्यालय की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया है। यह कार्रवाई गैर-कानूनी ढंग से की गई है।1
- खूंटी जिले में आवारा कुत्तों और लावारिस पशुओं की बढ़ती समस्या पर मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस विषय पर उपायुक्त से ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। उप प्रमुख साबू ने आरोप लगाया कि डॉग रेस्क्यू टीम द्वारा पकड़े गए आवारा कुत्तों को मुरहू और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ही छोड़ दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों और पालतू पशुओं पर हमलों की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, रांची के कुछ क्षेत्रों से भी आवारा कुत्तों को लाकर खूंटी में छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर गाय, बैल और बकरियों जैसे लावारिस पशुओं के खुलेआम घूमने के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, उप प्रमुख ने पंचायत स्तर पर एक विशेष टीम के गठन, पशु मालिकों पर जुर्माना लगाने और आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। उनकी मांग है कि इन कदमों से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।1
- लोहरदगा जिले में जितनी भी समस्याएँ हैं, उन सभी को लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।1
- एक प्रेरणादायक पहल के तहत, एक अधिकारी ने 1,200 सूखे पड़े बोरवेलों को वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) सिस्टम में बदलकर जल संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस परियोजना के अंतर्गत, बोरवेलों को विशेष फिल्टर सिस्टम से जोड़ा गया, जिससे बारिश का पानी साफ होकर जमीन में फिर से रिचार्ज होने लगा। इस पहल से न केवल जल संकट कम होने की उम्मीद है, बल्कि भविष्य में किसानों और स्थानीय लोगों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को बड़े स्तर पर अपनाया जाए, तो देश के कई क्षेत्रों में घटते भूजल स्तर की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे जल संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। "पानी बचाओ, भविष्य बचाओ" का संदेश देने वाली यह पहल आज पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- झारखंड के बेड़ों थाना क्षेत्र अंतर्गत पांडेपारा मोड़ के पास एक गंभीर सड़क दुर्घटना सामने आई है। यहां एक ही बाइक पर चार लोग सवार थे, जो अत्यधिक तेज गति और असंतुलन के कारण बिजली के एक पोल से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे में बाइक पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना की जानकारी ऑटो चालक रिजवान अंसारी और मुस्तफा अंसारी ने दी है। इस हादसे के बाद, लोगों से यह अपील भी की गई है कि मेले में अत्यधिक भीड़भाड़ को देखते हुए, यदि वे मेला जाने का विचार कर रहे हैं तो फिलहाल इससे परहेज करें।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता और उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन की उपस्थिति में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां के समन्वय से जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों, आगामी कार्ययोजना, राज्य स्तरीय रैंकिंग तथा विभिन्न प्रखंडों के प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। प्रस्तुति में राज्य स्तरीय शैक्षिक सूचकांकों में जिले की स्थिति, प्रखंडवार प्रदर्शन, विद्यालयों में नामांकन, दैनिक छात्र व शिक्षक बायोमैट्रिक उपस्थिति, पाठ्यपुस्तक वितरण, अपार आईडी निर्माण, बच्चों का ऑनलाइन प्रोग्रेशन आधार सीडिंग, एफएलएन उपलब्धियां, बोर्ड परीक्षा परिणाम, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य प्रमुख शैक्षणिक गतिविधियों की अद्यतन स्थिति साझा की गई। उपायुक्त ने इस वर्ष जिले के उत्कृष्ट मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए आगामी वर्ष के लिए अभी से ही 'बोर्ड परीक्षा विजय अभियान' के तहत संचालित नवाचारी गतिविधियों को जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने बेहतर परिणामों को बनाए रखने और सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने ई-विद्यावाहिनी के तहत विद्यालयों में छात्र और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की और विद्यालयों के खुलते ही दैनिक मॉनिटरिंग करते हुए सुधार लाने तथा सभी विद्यालयों द्वारा स्टूडेंट प्रोग्रेशन संबंधी ऑनलाइन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति और बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति को संकुल, प्रखंड एवं जिला स्तर पर दिन में दो बार दैनिक मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया। बैठक में जनजातीय भाषा संवर्धन के लिए संचालित 'पलाश' कार्यक्रम और एफएलएन के तहत छोटे बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षता पर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने कंपीटेंसी आधारित शिक्षण को और मजबूत करने तथा सीखने के स्तर में सुधार के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया। एफएलएन के अंतर्गत जिला शैक्षणिक नवाचार केंद्र की आगामी कार्ययोजना पर राज्य स्तर से आए पीएमयू प्रतिनिधि द्वारा एडीपीओ ज्योति खलखो के समन्वय में विस्तृत जानकारी देते हुए जिले के बेहतर प्रदर्शन हेतु रणनीति निर्धारित की गई। उपायुक्त ने कार्य सुगमता के दृष्टिकोण से जिला स्तरीय सभी शिक्षा कार्यालय चंदाली स्थित नए समाहरणालय भवन में ही संचालित करने पर शिक्षा अधिकारियों के साथ मंथन किया। उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए भोजन की गुणवत्ता, अंडा वितरण, सामग्री के रख-रखाव और बच्चों के कवरेज पर विशेष ध्यान देने को कहा। सभी प्रखंडों को प्रत्येक शनिवार संकुल साधन सेवियों की बैठक आयोजित कर विद्यालय अनुश्रवण, दैनिक कार्यों की समीक्षा तथा स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में 30 से अधिक विद्यालयों में शून्य नामांकन है अथवा वे लंबे समय से बंद पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने विशेष टीम गठित कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत संरचना की स्थिति तथा स्थानीय आवश्यकता का आकलन करने एवं ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूर्व की ग्राम शिक्षा समितियों के पास दो करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम राशि लंबित है और कई विद्यालय भवन अधूरे पड़े हैं। इस पर उपायुक्त ने नोटिस के बावजूद प्रगति नहीं होने पर संबंधित मामलों में सर्टिफिकेट केस दर्ज कर राशि वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्णय लिया और तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिए। उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन ने पाठ्यपुस्तक वितरण, छात्र नामांकन, स्वास्थ्य जांच, आधार कार्ड निर्माण, अपार आईडी जेनरेशन तथा सभी ऑनलाइन कार्यों में तत्काल तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को चिन्हित कर कार्य निष्पादन में सुधार लाने की चेतावनी भी दी। साथ ही, ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति दैनिक रूप से अद्यतन करने सहित सीआरपी, बीआरपी एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों द्वारा गुणवत्ता पूर्ण विद्यालय अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा। जिला स्तर से प्रखंड स्तरीय आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों एवं सुधार की आवश्यकता वाले प्रखंड की पहचान करते हुए सभी शैक्षणिक इंडिकेटर पर राज्य स्तरीय रैंकिंग के साथ-साथ प्रखंड स्तरीय उपलब्धि विवरण हेतु आगामी बैठक से पीपीटी प्रेजेंटेशन के निर्देश दिए गए। इस बैठक में डायट प्राचार्य प्रिया भगत, बीईओ घनश्याम चौबे, एडीपीओ ज्योति खलखो, लेखा पदाधिकारी माधुरी मिंज, सहायक अभियंता शमशाद अली, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी अमर प्रकाश टूटी एवं शुभकामना प्रसाद, फील्ड मैनेजर रामचंद्र कुमार सिंह, बीपीओ दिलदार सिंह सहित सभी प्रखंडों के बीपीओ, बीआरपी, एकाउंटेंट एवं कनीय अभियंता उपस्थित थे।1
- मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने खूंटी जिले में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों और लावारिस पशुओं की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला उपायुक्त से इस मामले में ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। उप प्रमुख का आरोप है कि डॉग रेस्क्यू टीम द्वारा पकड़े गए आवारा कुत्तों को वापस मुरहू और ग्रामीण क्षेत्रों में ही छोड़ दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप बच्चों और पालतू पशुओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रांची के कुछ क्षेत्रों से भी आवारा कुत्तों को लाकर छोड़े जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर खुलेआम घूमते गाय, बैल और बकरियों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जो एक और बड़ी समस्या है। अरुण कुमार साबू ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष टीम गठित करने, पशु मालिकों पर जुर्माना लगाने और आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने इस विषय पर तुरंत ठोस कदम उठाने पर जोर दिया है।1
- लोहरदगा से लोगों तक सभी वीडियो दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल लोहरदगा जिले से संबंधित दृश्य सामग्री को दर्शकों तक पहुँचाने की कोशिश पर केंद्रित है।1
- राँची जिले के बुढ़मू प्रखंड में विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक अंचलाधिकारी सच्चिदानंद वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों के बीएलओ प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इन निर्देशों में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, सूची में मौजूद त्रुटियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने के बिंदु शामिल थे। अंचलाधिकारी वर्मा ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर उत्पल शाहदेव, जाकिर अंसारी, संजय पटेल और जगलाल महतो सहित अन्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।1