कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि समस्त चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी 'सार्थक एप' पर प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें। ऐसा न करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा, क्योंकि सभी को निर्धारित समयावधि में ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। बैठक में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, जिसके तहत प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन और ब्लड प्रेशर परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। कलेक्टर ने प्रसव पूर्व दी जाने वाली सभी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, ग्राम स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर जिला चिकित्सालय में अनावश्यक रेफरल की स्थिति को रोकने, तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की बैक ट्रैकिंग कर सामुदायिक स्तर पर सेवाओं की पुष्टि करने पर जोर दिया। समग्र आईडी के अभाव में लंबित गर्भावस्था पंजीकरण हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी और पीओ डूडा से समन्वय स्थापित कर समग्र आईडी बनवाने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को सीएमएचओ एवं डीपीओ को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर संयुक्त भ्रमण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा गया। कलेक्टर श्री चंद्रा ने बाल एवं शिशु मृत्यु समीक्षा, गृह आधारित नवजात देखभाल, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान भारत अभियान, टीबी नियंत्रण, एड्स नियंत्रण, गैर संचारी रोग, मलेरिया, अंधत्व निवारण, कुष्ठ नियंत्रण और परिवार कल्याण कार्यक्रम सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, डीपीओ सुश्री अंकिता पंड्या, सीएमएचओ डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र पाटील, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.एम. मांगरिया के साथ-साथ समस्त बीएमओ, मेडिकल ऑफिसर और नोडल अधिकारी भी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि समस्त चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी 'सार्थक एप' पर प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें। ऐसा न करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा, क्योंकि सभी को निर्धारित समयावधि में ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। बैठक में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, जिसके तहत प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन और ब्लड प्रेशर परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। कलेक्टर ने प्रसव पूर्व दी जाने वाली सभी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, ग्राम स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर जिला चिकित्सालय में अनावश्यक रेफरल की स्थिति को रोकने, तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की बैक ट्रैकिंग कर सामुदायिक स्तर पर सेवाओं की पुष्टि करने पर जोर दिया। समग्र आईडी के अभाव में लंबित गर्भावस्था पंजीकरण हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी और पीओ डूडा से समन्वय स्थापित कर समग्र आईडी बनवाने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को सीएमएचओ एवं डीपीओ को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर संयुक्त भ्रमण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा गया। कलेक्टर श्री चंद्रा ने बाल एवं शिशु मृत्यु समीक्षा, गृह आधारित नवजात देखभाल, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान भारत अभियान, टीबी नियंत्रण, एड्स नियंत्रण, गैर संचारी रोग, मलेरिया, अंधत्व निवारण, कुष्ठ नियंत्रण और परिवार कल्याण कार्यक्रम सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, डीपीओ सुश्री अंकिता पंड्या, सीएमएचओ डॉ. दिनेश प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र पाटील, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.एम. मांगरिया के साथ-साथ समस्त बीएमओ, मेडिकल ऑफिसर और नोडल अधिकारी भी उपस्थित थे।
- नीमच में स्कीम नंबर 36-ए स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को मंत्री नारायणसिंह कुशवाह कथा पंडाल पहुंचे। इस अवसर पर आयोजन समिति ने मंत्री का स्वागत किया। मंत्री कुशवाह ने व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और समिति को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समिति सदस्य मौजूद रहे।1
- नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने झंझारवाड़ा उद्योग क्षेत्र का दौरा कर निरीक्षण किया।1
- दतिया में बुधवार, 29 मई 2026 को मांझी समाज के सैकड़ों लोगों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समाज ने विंध्य क्षेत्र के धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची क्रमांक-12 से हटाने और उन्हें मूल मांझी जनजाति के रूप में मान्यता देने की मांग की। उनका कहना है कि ऐतिहासिक दस्तावेजों और सरकारी अभिलेखों में इन जातियों को मांझी जनजाति का अभिन्न हिस्सा माना गया है। ज्ञापन में बताया गया कि तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख द्वारा 7 जनवरी 1950 को जारी परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS-49 में धीमर, केवट, मल्लाह एवं भोई समुदाय को मांझी जाति के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति में समाहित करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग मध्यप्रदेश के आयुक्त द्वारा जारी पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी इन समुदायों को मूल रूप से मांझी जनजाति में समाहित माना गया है। समाज ने यह भी दावा किया कि 13 मार्च 2023 को मध्यप्रदेश विधानसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न क्रमांक-1121 के उत्तर में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने भी स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश क्षेत्र के केवट, धीमर, मल्लाह एवं भोई समुदाय मांझी जनजाति के ही अंग हैं। मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट ने स्पष्ट किया कि विंध्यप्रदेश के रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया एवं टीकमगढ़ जिलों में "मांझी" नाम से कोई पृथक जाति मौजूद नहीं है। इन क्षेत्रों में धीमर, केवट, मल्लाह एवं भोई समुदाय को ही मूल मांझी जनजाति के रूप में जाना और पहचाना जाता है। समाजजनों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उपलब्ध ऐतिहासिक एवं शासकीय दस्तावेजों का गहन परीक्षण कर इन समुदायों को ओबीसी सूची से हटाकर उन्हें मूल मांझी जनजाति के समस्त अधिकार प्रदान किए जाएं। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। जिला कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उसे शासन स्तर तक उचित कार्रवाई हेतु भेजने का आश्वासन दिया।2
- मनासा क्षेत्र के सेमली आंतरी गांव में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां नदी में नहाने गए बाप-बेटे की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों की पहचान दशरथ पिता ईश्वर सिंह (40 वर्ष) और उनके पुत्र लखन पिता दशरथ (20 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दशरथ और लखन देर शाम नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाते समय बेटा लखन अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। अपने बेटे को बचाने के प्रयास में पिता दशरथ ने भी नदी में छलांग लगा दी, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण दोनों पानी में समा गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, परंतु सफलता नहीं मिल पाई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) टीम को बुलाया गया। SDRF टीम द्वारा देर शाम तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसके फलस्वरूप दशरथ का शव बरामद कर लिया गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक उनके पुत्र लखन की तलाश जारी थी। इस दुखद हादसे के कारण सेमली आंतरी गांव में गहरा मातम पसरा हुआ है।1
- नीमच से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ सड़क निर्माण कार्य के दौरान हुई एक दुर्घटना में एक युवक की जान चली गई। बताया जा रहा है कि यह घटना नीमच सिटी थाना क्षेत्र के बोरदिया गांव से अपने गांव आमलीखेड़ा लौट रहे रघुवीर सिंह के साथ हुई, जब वे अपनी मेडिकल दुकान बंद कर घर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, जिस मार्ग से रघुवीर सिंह गुजर रहे थे, वहाँ सड़क निर्माण कार्य चल रहा था और सड़क के ठीक बीचों-बीच मिट्टी का एक ढेर पड़ा हुआ था। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर उस मिट्टी के ढेर पर चढ़ गई, जिससे रघुवीर सिंह लगभग 10 फीट दूर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए उन्हें एक निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुँचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने रघुवीर सिंह का उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई, और उनके अंकल बलवंत सिंह भी तुरंत अस्पताल पहुँचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है। इस घटना ने सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1