साभार – हिन्दी समाचार पत्र दैनिक भारतीय बस्ती 🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️ यूपीएससी परिणामों में जामिया का दम, आरसीए से निकले 38 नए अधिकारी देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा के हालिया परिणामों में एक बार फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2025 के सिविल सेवा परीक्षा परिणाम, जो इसी माह मार्च में घोषित हुए, में जामिया की इस अकादमी के 38 छात्रों ने अंतिम सूची में जगह बनाई। इन सफल उम्मीदवारों में 15 छात्राएं भी शामिल हैं, जो सिविल सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत देती हैं। विशेष रूप से चार छात्रों ने ऑल इंडिया टॉप-50 में स्थान हासिल किया, जिनकी रैंक क्रमशः 7, 14, 24 और 29 रही। यह उपलब्धि न केवल जामिया के लिए गौरव की बात है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभाशाली छात्र देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आवासीय प्रशिक्षण अकादमी (Residential Coaching Academy) पिछले कई वर्षों से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले प्रमुख संस्थानों में गिनी जाती है। यह अकादमी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर कोचिंग एंड करियर प्लानिंग के अंतर्गत संचालित होती है और इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली युवाओं को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है। यहां चयनित छात्रों को न केवल विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कराई जाती है बल्कि उन्हें हॉस्टल, लाइब्रेरी, अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज़ और इंटरव्यू गाइडेंस जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं, जिससे वे पूरी तरह तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें। RCA की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी और तब से यह सिविल सेवा की तैयारी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरी है। अपनी स्थापना के बाद से यह अकादमी सैकड़ों सिविल सेवकों को तैयार कर चुकी है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं। कई ऐसे छात्र भी रहे हैं जिन्होंने देशभर में शीर्ष रैंक हासिल कर जामिया का नाम रोशन किया है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2021 में सिविल सेवा परीक्षा की ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाली श्रुति शर्मा और वर्ष 2018 के तीसरे स्थान पर रहे जुनैद अहमद भी इसी अकादमी से जुड़े रहे हैं। दरअसल, जामिया की RCA का मॉडल इस मायने में अलग है कि यह केवल पढ़ाई कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को एक समग्र शैक्षणिक वातावरण प्रदान करती है। यहां प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) — तीनों चरणों की तैयारी व्यवस्थित रूप से कराई जाती है। नियमित कक्षाओं के साथ-साथ उत्तर लेखन अभ्यास, मॉक टेस्ट, विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान और पूर्व सफल अभ्यर्थियों से संवाद जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। इस समग्र प्रशिक्षण का परिणाम है कि RCA से पढ़ने वाले छात्र लगातार यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। जामिया प्रशासन के अनुसार RCA में प्रवेश भी आसान नहीं होता। इसके लिए हर वर्ष एक प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है जिसमें देशभर से हजारों छात्र आवेदन करते हैं, जबकि चयन सीमित संख्या में ही होता है। उदाहरण के तौर पर कुछ वर्षों में हजारों आवेदनों के बीच से लगभग 150 छात्रों को ही प्रशिक्षण के लिए चुना जाता है। यह चयन प्रक्रिया छात्रों की बौद्धिक क्षमता, सामान्य ज्ञान और विश्लेषणात्मक सोच का परीक्षण करती है। इस वर्ष यूपीएससी परिणामों में आरसीए का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पिछले वर्षों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने वाला है। वर्ष 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में भी जामिया की इस अकादमी के 32 छात्रों ने सफलता हासिल की थी, जिनमें 12 छात्राएं शामिल थीं। उस वर्ष 78 छात्रों ने इंटरव्यू चरण तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था, जिनमें से 32 अंतिम सूची में जगह बनाने में सफल रहे। वर्तमान परिणाम में 38 छात्रों की सफलता यह दर्शाती है कि अकादमी की तैयारी पद्धति और मार्गदर्शन लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। चार छात्रों का टॉप-50 में आना इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है। यह न केवल संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है बल्कि यह भी बताता है कि यहां पढ़ने वाले छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। आरसीए की सफलता के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है यहां का अनुशासित अध्ययन वातावरण और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन। अकादमी में पढ़ाने वाले शिक्षकों के साथ-साथ सेवानिवृत्त नौकरशाहों और सफल सिविल सेवकों को भी समय-समय पर आमंत्रित किया जाता है ताकि वे छात्रों को प्रशासनिक अनुभव और परीक्षा रणनीति के बारे में जानकारी दे सकें। इसके अलावा छात्रों के लिए नियमित मॉक इंटरव्यू और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इस अकादमी की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देती है। यहां विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उम्मीदवारों को अवसर प्रदान करने पर जोर दिया जाता है। यही कारण है कि आरसीए से निकलने वाले कई सफल उम्मीदवार ऐसे परिवारों से आते हैं जहां पहले कभी किसी ने सिविल सेवा में जाने का सपना भी नहीं देखा था। सफल उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि भी इस संस्थान की भूमिका को स्पष्ट करती है। कई छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जहां उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होते। जामिया की आरसीए उन्हें न केवल शिक्षा देती है बल्कि आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहकर पढ़ाई करने की सुविधा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जामिया की यह पहल भारतीय लोकतंत्र की उस भावना को मजबूत करती है जिसमें हर प्रतिभाशाली व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए। यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता का मतलब केवल एक प्रतिष्ठित नौकरी हासिल करना नहीं है, बल्कि यह देश की प्रशासनिक व्यवस्था में योगदान देने का अवसर भी है। जब विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्र प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश करते हैं तो शासन व्यवस्था अधिक समावेशी और संवेदनशील बनती है। आज के समय में जब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एक बड़े उद्योग का रूप ले चुकी है और निजी कोचिंग संस्थानों की फीस लाखों रुपये तक पहुंच जाती है, तब जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी जैसे संस्थान यह साबित करते हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। यही कारण है कि आरसीए को देश में सिविल सेवा तैयारी के सबसे सफल और भरोसेमंद संस्थानों में से एक माना जाता है। यूपीएससी के ताजा परिणामों में 38 छात्रों की सफलता और चार का टॉप-50 में स्थान बनाना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी भी सामाजिक या आर्थिक सीमा से बंधी नहीं होती। सही दिशा, संसाधन और मेहनत के साथ कोई भी छात्र अपने सपनों को साकार कर सकता है। जामिया मिलिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी इसी विश्वास को मजबूत करती है और हर वर्ष नए युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करती रहती है। इस उपलब्धि के साथ यह उम्मीद और भी मजबूत होती है कि आने वाले वर्षों में भी रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) से निकलने वाले छात्र सिविल सेवा परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेंगे और देश की प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊर्जा और दृष्टि प्रदान करेंगे। ✍️ अखिल कुमार यादव
साभार – हिन्दी समाचार पत्र दैनिक भारतीय बस्ती 🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️🗞️ यूपीएससी परिणामों में जामिया का दम, आरसीए से निकले 38 नए अधिकारी देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा के हालिया परिणामों में एक बार फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2025 के सिविल सेवा परीक्षा परिणाम, जो इसी माह मार्च में घोषित हुए, में जामिया की इस अकादमी के 38 छात्रों ने अंतिम सूची में जगह बनाई। इन सफल उम्मीदवारों में 15 छात्राएं भी शामिल हैं, जो सिविल सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत देती हैं। विशेष रूप से चार छात्रों ने ऑल इंडिया टॉप-50 में स्थान हासिल किया, जिनकी रैंक क्रमशः 7, 14, 24 और 29 रही। यह उपलब्धि न केवल जामिया के लिए गौरव की बात है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभाशाली छात्र देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आवासीय प्रशिक्षण अकादमी (Residential Coaching Academy) पिछले कई वर्षों से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले प्रमुख संस्थानों में गिनी जाती है। यह अकादमी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर कोचिंग एंड करियर प्लानिंग के अंतर्गत संचालित होती है और इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली युवाओं को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है। यहां चयनित छात्रों को न केवल विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कराई जाती है बल्कि उन्हें हॉस्टल, लाइब्रेरी, अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज़ और इंटरव्यू गाइडेंस जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं, जिससे वे पूरी तरह तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें। RCA की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी और तब से यह सिविल सेवा की तैयारी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरी है। अपनी स्थापना के बाद से यह अकादमी सैकड़ों सिविल सेवकों को तैयार कर चुकी है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं। कई ऐसे छात्र भी रहे हैं जिन्होंने देशभर में शीर्ष रैंक हासिल कर जामिया का नाम रोशन किया है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2021 में सिविल सेवा परीक्षा की ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाली श्रुति शर्मा और वर्ष 2018 के तीसरे स्थान पर रहे जुनैद अहमद भी इसी अकादमी से जुड़े रहे हैं। दरअसल, जामिया की RCA का मॉडल इस मायने में अलग है कि यह केवल पढ़ाई कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को एक समग्र शैक्षणिक वातावरण प्रदान करती है। यहां प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) — तीनों चरणों की तैयारी व्यवस्थित रूप से कराई जाती है। नियमित कक्षाओं के साथ-साथ उत्तर लेखन अभ्यास, मॉक टेस्ट, विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान और पूर्व सफल अभ्यर्थियों से संवाद जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। इस समग्र प्रशिक्षण का परिणाम है कि RCA से पढ़ने वाले छात्र लगातार यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। जामिया प्रशासन के अनुसार RCA में प्रवेश भी आसान नहीं होता। इसके लिए हर वर्ष एक प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है जिसमें देशभर से हजारों छात्र आवेदन करते हैं, जबकि चयन सीमित संख्या में ही होता है। उदाहरण के तौर पर कुछ वर्षों में हजारों आवेदनों के बीच से लगभग 150 छात्रों को ही प्रशिक्षण के लिए चुना जाता है। यह चयन प्रक्रिया छात्रों की बौद्धिक क्षमता, सामान्य ज्ञान और विश्लेषणात्मक सोच का परीक्षण करती है। इस वर्ष यूपीएससी परिणामों में आरसीए का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पिछले वर्षों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने वाला है। वर्ष 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में भी जामिया की इस अकादमी के 32 छात्रों ने सफलता हासिल की थी, जिनमें 12 छात्राएं शामिल थीं। उस वर्ष 78 छात्रों ने इंटरव्यू चरण तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था, जिनमें से 32 अंतिम सूची में जगह बनाने में सफल रहे। वर्तमान परिणाम में 38 छात्रों की सफलता यह दर्शाती है कि अकादमी की तैयारी पद्धति और मार्गदर्शन लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। चार छात्रों का टॉप-50 में आना इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है। यह न केवल संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है बल्कि यह भी बताता है कि यहां पढ़ने वाले छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। आरसीए की सफलता के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है यहां का अनुशासित अध्ययन वातावरण और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन। अकादमी में पढ़ाने वाले शिक्षकों के साथ-साथ सेवानिवृत्त नौकरशाहों और सफल सिविल सेवकों को भी समय-समय पर आमंत्रित किया जाता है ताकि वे छात्रों को प्रशासनिक अनुभव और परीक्षा रणनीति के बारे में जानकारी दे सकें। इसके अलावा छात्रों के लिए नियमित मॉक इंटरव्यू और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इस अकादमी की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देती है। यहां विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उम्मीदवारों को अवसर प्रदान करने पर जोर दिया जाता है। यही कारण है कि आरसीए से निकलने वाले कई सफल उम्मीदवार ऐसे परिवारों से आते हैं जहां पहले कभी किसी ने सिविल सेवा में जाने का सपना भी नहीं देखा था। सफल उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि भी इस संस्थान की भूमिका को स्पष्ट करती है। कई छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जहां उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होते। जामिया की आरसीए उन्हें न केवल शिक्षा देती है बल्कि आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहकर पढ़ाई करने की सुविधा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जामिया की यह पहल भारतीय लोकतंत्र की उस भावना को मजबूत करती है जिसमें हर प्रतिभाशाली व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए। यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता का मतलब केवल एक प्रतिष्ठित नौकरी हासिल करना नहीं है, बल्कि यह देश की प्रशासनिक व्यवस्था में योगदान देने का अवसर भी है। जब विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्र प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश करते हैं तो शासन व्यवस्था अधिक समावेशी और संवेदनशील बनती है। आज के समय में जब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एक बड़े उद्योग का रूप ले चुकी है और निजी कोचिंग संस्थानों की फीस लाखों रुपये तक पहुंच जाती है, तब जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी जैसे संस्थान यह साबित करते हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। यही कारण है कि आरसीए को देश में सिविल सेवा तैयारी के सबसे सफल और भरोसेमंद संस्थानों में से एक माना जाता है। यूपीएससी के ताजा परिणामों में 38 छात्रों की सफलता और चार का टॉप-50 में स्थान बनाना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी भी सामाजिक या आर्थिक सीमा से बंधी नहीं होती। सही दिशा, संसाधन और मेहनत के साथ कोई भी छात्र अपने सपनों को साकार कर सकता है। जामिया मिलिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी इसी विश्वास को मजबूत करती है और हर वर्ष नए युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करती रहती है। इस उपलब्धि के साथ यह उम्मीद और भी मजबूत होती है कि आने वाले वर्षों में भी रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) से निकलने वाले छात्र सिविल सेवा परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेंगे और देश की प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊर्जा और दृष्टि प्रदान करेंगे। ✍️ अखिल कुमार यादव
- Post by Dinesh yadav1
- Pramod Kumar Goswami. 09/03/20261
- आकाशवाणी, 10 3 20.26 ई0 आज मंगलवार है । मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी को समर्पित माना जाता है । आइये! भगवान हनुमान जी कै श्री चरणों में प्रणाम करते हुए, भगवान श्री गणपति जी का ध्यान करते हुए, अपने कुल देवताओं को नमस्कार करते ह हुए,आशीर्वाद प्राप्त करते हुए ,अपने बुजुर्ग लोगों का, पूर्वजों का स्मरण करते हुए, मित्रों !आज के दिन का प्रारंभ करते हैं। *को नहीं जानत है जग में, कपि संकट मोचन नाम तिहारो ।। 🙏🚩🕉🌺🙏🚩🕉🌺🙏🚩🕉🌺1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशानुसार क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा द्वारा थाना महुली पर थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय एवं समस्त विवेचकों/अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित विवेचनाओं, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई । इस दौरान थाना परिसर का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों, रजिस्टरों एवं पुलिस कार्यप्रणाली की जांच की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए । *बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई एवं आवश्यक आदेश/निर्देश दिए गए—* *लंबित विवेचनाओं की समीक्षा –* सभी विवेचकों को निर्देशित किया गया कि विवेचनाओं का निस्तारण निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। *अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था –* क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। *मिशन शक्ति अभियान –* महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, स्कूल-कॉलेज एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिला हेल्पलाइन की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। *साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध –* साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आमजन को जागरूक करने, साइबर हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार तथा साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। *सीसीटीवी कैमरा अभियान –* बाजार, चौराहों, सार्वजनिक स्थानों एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए व्यापारियों एवं आमजन को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधों की रोकथाम में सहायता मिल सके। *गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा –* गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। *SID एवं अन्य अभिलेखों का निरीक्षण –* थाने पर रखे गए SID, अपराध रजिस्टर, जनसुनवाई रजिस्टर, बीट रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का अवलोकन कर उन्हें अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। *जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण –* थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका तत्काल एवं निष्पक्ष निस्तारण करने तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए। *बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करना –* बीट आरक्षियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर ग्राम प्रधान, चौकीदार एवं सम्मानित व्यक्तियों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा क्षेत्र की सूचनाओं को नियमित रूप से थाने को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। *स्वच्छता एवं अनुशासन –* थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों की सुव्यवस्था तथा पुलिस कर्मियों को अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया। अंत में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जनता का विश्वास पुलिस पर बना रहे, इसके लिए पारदर्शिता,संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करें तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखें।4
- Post by आज की आवाज1
- थाना महुली में क्षेत्राधिकारी ने की समीक्षा बैठक, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर सोमवार को क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा ने थाना महुली में समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था, लंबित विवेचनाओं और विभिन्न अभियानों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय सहित सभी विवेचक व पुलिसकर्मी मौजूद रहे। बैठक के दौरान क्षेत्राधिकारी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी मामलों का निस्तारण निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए। अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिला हेल्पलाइन की जानकारी आमजन तक पहुंचाने को कहा। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए क्षेत्राधिकारी ने साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने और साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए व्यापारियों और नागरिकों को प्रेरित करने की बात कही। बैठक के दौरान गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई कर लापता व्यक्तियों की बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा थाने में रखे गए एसआईडी, अपराध रजिस्टर, जनसुनवाई रजिस्टर और बीट रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का निरीक्षण कर उन्हें अद्यतन और व्यवस्थित रखने को कहा गया। क्षेत्राधिकारी ने जनसुनवाई पर विशेष ध्यान देते हुए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण करने तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने की हिदायत दी। साथ ही बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा थाना परिसर की साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश भी दिए। अंत में उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से पारदर्शिता, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।1
- जगत जननी मां काली की दिव्य प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा रथ यात्रा समारोह बस्ती जनपद के कुदरहा विकासखंड अंतर्गत ग्राम चकिया पोस्ट डिहुकपुरा में महाकाली की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हेतु पूजन मूर्ति स्नान के बाद नगर भ्रमण यात्रा निकाली गई यज्ञाचार्य ने मुख्य यजमान संतराम यादव पत्नी निर्मला देवी से वैदिक मंत्रोचार के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । कार्यक्रम आयोजक दिव्या यादव, संतराम यादव, दिनेश यादव, मुलायम यादव राजेश प्रधान विजय यादव सत्यम यादव राम लोट मीरा यादव गुड़िया यादव सीमा यादव प्रमिला यादव भोला निषाद रुदल कथावाचक पंडित विंध्याचल द्विवेदी सहित समस्त भक्तगण के साथ ग्राम चकिया काली मंदिर से नगर भ्रमण यात्रा निकाली गई जिसमें गांव के सैकड़ो लोगों ने प्रतिभाग लिया। यह नगर भ्रमण यात्रा चकिया से होते हुए राम जानकी मार्ग पर स्थित छिबरा मां दुर्गा के मंदिर तक गई जहां पर यजमान के द्वारा मां दुर्गा का विधिवत पूजन अर्चन किया गया। फिर यह नगर भ्रमण यात्रा राम जानकी मार्ग होते हुए काली मंदिर चकिया गांधी आश्रम पर विधिवत पुजनोंप्रांत राम जानकी मार्ग होते हुए पुनः चकिया काली मंदिर पर वापस आई।2
- Aakashvani, 9/3/2026 , THE ENTHUSIASM FOR THE YATRA REFLECTS THE PEOPLE DETERMINATION FOR A BETTER FUTURE.1