सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को भगवान परशुराम के समकक्ष दर्शाने वाली एक तस्वीर प्रसारित किए जाने के बाद गहरा विवाद छिड़ गया है। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। उनका स्पष्ट मत है कि राजनीतिक नेताओं की तुलना धार्मिक महापुरुषों से करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। आलोचकों का आरोप है कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए प्रतीकात्मक राजनीति का सहारा ले रहे हैं। उनका तर्क है कि जनता नेताओं का मूल्यांकन उनके कार्यों, नीतियों और जनहित के मुद्दों के आधार पर करती है, न कि उन्हें धार्मिक महापुरुषों के समान प्रस्तुत करने से। सामाजिक प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के एक पूजनीय प्रतीक हैं, और उनकी तुलना किसी समकालीन राजनीतिक नेता से करना कतई उचित नहीं है। इसी पृष्ठभूमि में, इन संगठनों ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले पर तुरंत स्पष्टीकरण देने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में धार्मिक प्रतीकों के किसी भी प्रकार के राजनीतिक उपयोग से बचने का आग्रह भी किया है, ताकि धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे और ऐसी विवादित स्थितियों से बचा जा सके।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को भगवान परशुराम के समकक्ष दर्शाने वाली एक तस्वीर प्रसारित किए जाने के बाद गहरा विवाद छिड़ गया है। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। उनका स्पष्ट मत है कि राजनीतिक नेताओं की तुलना धार्मिक महापुरुषों से करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। आलोचकों का आरोप है कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए प्रतीकात्मक राजनीति का सहारा ले रहे हैं। उनका तर्क है कि जनता नेताओं का मूल्यांकन उनके कार्यों, नीतियों और जनहित के मुद्दों के आधार पर करती है, न कि उन्हें धार्मिक महापुरुषों के समान प्रस्तुत करने से। सामाजिक प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के एक पूजनीय प्रतीक हैं, और उनकी तुलना किसी समकालीन राजनीतिक नेता से करना कतई उचित नहीं है। इसी पृष्ठभूमि में, इन संगठनों ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले पर तुरंत स्पष्टीकरण देने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में धार्मिक प्रतीकों के किसी भी प्रकार के राजनीतिक उपयोग से बचने का आग्रह भी किया है, ताकि धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे और ऐसी विवादित स्थितियों से बचा जा सके।
- अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने बताया कि जिला नूंह के चारों परीक्षा केंद्रों पर नीट-2026 प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा में कुल 1535 बच्चों ने भाग लिया। जिला प्रशासन ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की थीं। उन्होंने आगे जानकारी दी कि परीक्षा से पहले सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और अन्य इंतज़ामों का जायजा लिया गया था। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई, जिसके तहत सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी गई।1
- गुरुग्राम के सैक्टर-4 स्थित वैश्य समाज धर्मशाला में संत शिरोमणि कबीर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवीन गोयल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।1
- गुरुग्राम में 20 जून को सोहना रोड से राजीव चौक की ओर जा रहे एक व्यक्ति को रोड रेज का शिकार होना पड़ा, जिसमें उसकी गाड़ी के शीशे तोड़े गए और उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस चौकी नाहरपुर रूपा, थाना सदर, गुरुग्राम की टीम को बताया कि एक स्कॉर्पियो में सवार दो युवक लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे, जिससे उनकी टक्कर होते-होते बची। इसके बाद उन युवकों ने उसकी गाड़ी का रास्ता रोककर उसे गाली दी, हालांकि वह वहां से बच निकला। बाद में, राजीव चौक के पास उन युवकों ने शिकायतकर्ता की गाड़ी के आगे अपनी स्कॉर्पियो लगाकर उसे फिर रोका। उन्होंने डंडे से उसकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए, जिससे डंडा उसके कंधे पर लगा और शीशे टूटकर उसके चेहरे पर भी लगे। इस दौरान युवकों ने उसे गाली देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस शिकायत के आधार पर थाना सदर, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस चौकी नाहरपुर रूपा की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी दिन, 20 जून को, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान पार्थ और पारस के रूप में हुई है, जो विपुल वर्ल्ड सेक्टर-48, फाजिलपुर, गुरुग्राम के निवासी हैं। दोनों आरोपी 22 वर्ष के हैं और उन्होंने बीबीए की शिक्षा प्राप्त की है। पुलिस पूछताछ में यह ज्ञात हुआ कि शिकायतकर्ता द्वारा आरोपियों की गाड़ी को साइड न दिए जाने पर उनके बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद कर ली है। इस मामले में नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी और अभियोग अभी अनुसंधानाधीन है।1
- नूंह जिले में रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। हालाँकि, जिले में निर्धारित चार परीक्षा केंद्रों में से दो, गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के नाम आपस में बहुत मिलते-जुलते होने के कारण कई परीक्षार्थी भ्रमित होकर गलत परीक्षा केंद्र पर पहुँच गए। ऐसी स्थिति में, नूंह पुलिस द्वारा परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए तैनात की गई राइडर एवं ईआरवी गाड़ियों पर मौजूद पुलिस टीमों ने सराहनीय भूमिका निभाते हुए अभ्यर्थियों को समय रहते उनके सही परीक्षा केंद्र तक पहुँचाया। पुलिस प्रवक्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांधी पार्क के लगभग आठ परीक्षार्थी गलती से गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पानी की टंकी के पास स्थित केंद्र पर पहुँच गए थे। इसी प्रकार, पानी की टंकी के निकट स्थित केंद्र पर पहुँचे लगभग 35 से 40 परीक्षार्थियों को भी उनके वास्तविक परीक्षा केंद्र गांधी पार्क स्थित विद्यालय तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई। पुलिस राइडर की सहायता से सभी अभ्यर्थियों को नूंह पुलिस के वाहनों से समय रहते उनके निर्धारित केंद्रों पर पहुँचाया गया, जिससे वे परीक्षा में समय पर शामिल हो सके। इस प्रकार, नूंह पुलिस ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाकर मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक जिम्मेदारी का बेहतरीन परिचय दिया। पुलिस अधीक्षक नूंह डॉ० अर्पित जैन ने बताया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और समयबद्ध पहुँच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस राइडर और अन्य पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से सक्रिय रखा गया था। उनकी तत्परता के कारण किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा से वंचित नहीं होना पड़ा। प्रशासन और पुलिस की इस पहल की अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों ने भी खूब सराहना की है। पुलिस राइडर द्वारा उठाए गए इस त्वरित कदम ने न केवल अभ्यर्थियों की चिंता दूर की, बल्कि परीक्षा व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।3
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, पलवल के नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्टेडियम में जिला स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी कृष्ण पाल गुर्जर, पूर्व विधायक दीपक मंगला, पूर्व मंत्री सुभाष कत्याल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान योग को केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला के रूप में रेखांकित किया गया, जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का एक माध्यम है। इसे स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया, और सभी से इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया। यह भी बताया गया कि 'करे योग रहे निरोग' और 'स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है' की भावना के साथ आज पूरे भारत में योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें कई स्थानों पर राज्य स्तरीय आयोजन भी शामिल थे।4
- पलवल पुलिस ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री नीतीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। डीएसपी सदर पलवल श्री मनोज वर्मा ने बताया कि पिछले करीब 75 दिनों में पलवल पुलिस ने 14 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है और 5 मुठभेड़ों में संगीन अपराधों में लिप्त बदमाशों को दबोचकर गंभीर वारदातों को अंजाम देने के उनके मंसूबों को नाकाम किया है। एसपी नीतीश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी असामाजिक तत्व या अपराधी को पनपने नहीं दिया जाएगा, और अपराध के खिलाफ यह 'जीरो-टोलरेंस' नीति निरंतर जारी रहेगी। इसी विशेष अभियान के तहत पलवल पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब सीआईए स्टाफ पलवल की टीम ने दिघौट क्षेत्र के नामी बदमाश बलराम उर्फ बबली को एक मुठभेड़ के बाद अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया। सीआईए स्टाफ पलवल के इंचार्ज निरीक्षक रविन्द्र कुमार को अलसुबह गुप्त सूचना मिली थी कि दिघौट निवासी बदमाश बलराम उर्फ बबली, जिसके खिलाफ पहले भी कई संगीन मामले दर्ज हैं और जिस पर ₹5,000 का इनाम था, अवैध हथियार के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दिघौट-पिंगौड रोड पर पिंगौड नाले के पास घूम रहा है। इस सूचना पर सीआईए इंचार्ज ने तुरंत रेडिंग पार्टी तैयार की और दो सरकारी गाड़ियों में बिना बत्ती जलाए मौके पर घेराबंदी की। पुलिस की गाड़ी देखते ही आरोपी बलराम उर्फ बबली खेतों की तरफ भागने लगा। जब पुलिस टीम ने उसे रुकने और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, तो आरोपी ने अवैध देशी पिस्तौल निकालकर सीधे निरीक्षक रविन्द्र कुमार पर जान से मारने की नीयत से दो राउंड फायर किए, जिसमें वे बाल-बाल बचे। पुलिस टीम द्वारा बार-बार आत्मसमर्पण की चेतावनी देने और हवाई फायर करने के बावजूद जब आरोपी ने फिर से पुलिस पार्टी पर हथियार तान दिया, तो सीआईए इंचार्ज ने अपनी टीम और आत्मरक्षा में, तथा आरोपी को काबू करने के लिए उसके पैरों को निशाना बनाकर नियंत्रित जवाबी फायर किया। गोली लगने के बाद आरोपी को काबू कर लिया गया और उसके पास से अवैध हथियार भी बरामद किया गया। बलराम उर्फ बबली आधा दर्जन संगीन मामलों में संलिप्त था।1
- तुष्टि भारदाज ने बहुत कम उम्र में योगा का अद्भुत प्रदर्शन करके सभी का दिल जीत लिया है। उनके इस कमाल के योगा कौशल को देखकर लोग काफी प्रभावित हुए हैं।2
- गुरुग्राम के सेक्टर-4 स्थित वैश्य समाज धर्मशाला में संत शिरोमणि कबीर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के दौरान कांग्रेस नेता अनिल धानक ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को लेकर क्या बयान दिया, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न बना हुआ है।1