अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) श्री राघवेंद्र सुहास ने चित्तौड़गढ़ जिले का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया, जिसके तहत उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। इस दौरे में उन्होंने अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने, संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस लाईन में परेड की सलामी ली और नाकाबंदी तथा जघन्य अपराध की विवेचना से संबंधित व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के पहले दिन गुरुवार को, श्री सुहास का पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस लाईन पहुंचने पर आत्मीय स्वागत किया। एडीजी ने जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक संपर्क सभा आयोजित की, जहाँ उन्होंने उनकी सेवा संबंधी और व्यक्तिगत समस्याओं को गंभीरता से सुना। स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मुद्दों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए, जबकि शेष मामलों में पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार स्तर पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया। इस दौरान, उन्होंने पुलिस बल के मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों का कल्याण, उनकी कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को मजबूत करना विभाग की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान भी किया। इसके पश्चात उन्होंने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध की स्थिति एवं पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। संपर्क सभा के बाद, जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, समस्त वृत्ताधिकारियों और थानाधिकारियों की एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री सुहास ने निर्देश दिए कि जिले में संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए तथा गैंगवार, अवैध हथियार, मादक पदार्थ तस्करी, आदतन एवं हार्डकोर अपराधियों तथा अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि आमजन में सुरक्षा एवं कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, जिसके लिए प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी को संवेदनशील व्यवहार रखते हुए त्वरित एवं निष्पक्ष पुलिसिंग सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, गंभीर अपराधों में प्रभावी विवेचना, तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग तथा अपराधियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। गुरुवार को ही एडीजी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का भ्रमण कर उनकी कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण, लंबित कार्यों एवं कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया, तथा शाखा प्रभारियों को अभिलेखों को अद्यतन रखने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने, कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बनाए रखने तथा रिकॉर्ड संधारण को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दूसरे दिन शुक्रवार को, उन्होंने परेड कमांडर एसपी श्री धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में बनी छह प्लाटून की परेड की सलामी ली। परेड में एएसपी मुकुल शर्मा, डीएसपी बृजेश सिंह, मनीष शर्मा, अंजली सिंह, मुकेश और अनिल पांडे पुलिस निरीक्षक ने प्लाटून कमांडर की भूमिका निभाई, जिसमें जवानों ने उत्कृष्ट अनुशासन, समन्वय और दक्षता का प्रदर्शन किया। एडीजी ने परेड के संपूर्ण कार्य की सराहना की। परेड के उपरांत, उप पुलिस अधीक्षक भदेसर श्री विनोद कुमार के नेतृत्व में मादक पदार्थ तस्करों की धरपकड़ हेतु प्रभावी नाकाबंदी एवं तलाशी की कार्यवाही का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) प्रस्तुत किया गया, जिसमें संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की जांच, सुरक्षा उपायों तथा पुलिस टीमों के समन्वित संचालन का प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात, उप पुलिस अधीक्षक श्री शिवप्रकाश के नेतृत्व में अज्ञात महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने एवं शव को सुनसान स्थान पर फेंक दिए जाने जैसी जघन्य घटना के अनावरण हेतु पुलिस की त्वरित कार्रवाई, घटनास्थल संरक्षण, साक्ष्य संकलन, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विवेचना की कार्यप्रणाली का एक विस्तृत डेमो प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्री सुहास ने परेड, नाकाबंदी डेमो तथा जघन्य अपराध की विवेचना के डेमो का अवलोकन कर पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की तैयारी, अनुशासन, समन्वय और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। इस वार्षिक निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, भगवत सिंह, जिले के समस्त वृत्त के वृत्ताधिकारी व थानों के थानाधिकारी एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित थे।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) श्री राघवेंद्र सुहास ने चित्तौड़गढ़ जिले का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया, जिसके तहत उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद किया। इस दौरे में उन्होंने अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने, संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस लाईन में परेड की सलामी ली और नाकाबंदी तथा जघन्य अपराध की विवेचना से संबंधित व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के पहले दिन गुरुवार को, श्री सुहास का पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस लाईन पहुंचने पर आत्मीय स्वागत किया। एडीजी ने जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक संपर्क सभा आयोजित की, जहाँ उन्होंने उनकी सेवा संबंधी और व्यक्तिगत समस्याओं को गंभीरता से सुना। स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मुद्दों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए गए, जबकि शेष मामलों में पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार स्तर पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया। इस दौरान, उन्होंने पुलिस बल के मनोबल को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों का कल्याण, उनकी कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को मजबूत करना विभाग की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान भी किया। इसके पश्चात उन्होंने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों से परिचय प्राप्त कर जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध की स्थिति एवं पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। संपर्क सभा के बाद, जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, समस्त वृत्ताधिकारियों और थानाधिकारियों की एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। श्री सुहास ने निर्देश दिए कि जिले में संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए तथा गैंगवार, अवैध हथियार, मादक पदार्थ तस्करी, आदतन एवं हार्डकोर अपराधियों तथा अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि आमजन में सुरक्षा एवं कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, जिसके लिए प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी को संवेदनशील व्यवहार रखते हुए त्वरित एवं निष्पक्ष पुलिसिंग सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, गंभीर अपराधों में प्रभावी विवेचना, तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग तथा अपराधियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। गुरुवार को ही एडीजी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का भ्रमण कर उनकी कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण, लंबित कार्यों एवं कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया, तथा शाखा प्रभारियों को अभिलेखों को अद्यतन रखने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने, कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बनाए रखने तथा रिकॉर्ड संधारण को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दूसरे दिन शुक्रवार को, उन्होंने परेड कमांडर एसपी श्री धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में बनी छह प्लाटून की परेड की सलामी ली। परेड में एएसपी मुकुल शर्मा, डीएसपी बृजेश सिंह, मनीष शर्मा, अंजली सिंह, मुकेश और अनिल पांडे पुलिस निरीक्षक ने प्लाटून कमांडर की भूमिका निभाई, जिसमें जवानों ने उत्कृष्ट अनुशासन, समन्वय और दक्षता का प्रदर्शन किया। एडीजी ने परेड के संपूर्ण कार्य की सराहना की। परेड के उपरांत, उप पुलिस अधीक्षक भदेसर श्री विनोद कुमार के नेतृत्व में मादक पदार्थ तस्करों की धरपकड़ हेतु प्रभावी नाकाबंदी एवं तलाशी की कार्यवाही का व्यावहारिक प्रदर्शन (डेमो) प्रस्तुत किया गया, जिसमें संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की जांच, सुरक्षा उपायों तथा पुलिस टीमों के समन्वित संचालन का प्रदर्शन किया गया। इसके पश्चात, उप पुलिस अधीक्षक श्री शिवप्रकाश के नेतृत्व में अज्ञात महिला के साथ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने एवं शव को सुनसान स्थान पर फेंक दिए जाने जैसी जघन्य घटना के अनावरण हेतु पुलिस की त्वरित कार्रवाई, घटनास्थल संरक्षण, साक्ष्य संकलन, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं विवेचना की कार्यप्रणाली का एक विस्तृत डेमो प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्री सुहास ने परेड, नाकाबंदी डेमो तथा जघन्य अपराध की विवेचना के डेमो का अवलोकन कर पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की तैयारी, अनुशासन, समन्वय और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की। इस वार्षिक निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, भगवत सिंह, जिले के समस्त वृत्त के वृत्ताधिकारी व थानों के थानाधिकारी एवं कार्यालय स्टाफ उपस्थित थे।
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- पाली जिले के भाकरीवाला गांव में धनाराम बावरी ने जिला कलेक्टर रविन्द्र गौसवामी को लिखित शिकायत देकर अपनी खसरा नं १२५/१ की नौ बीघा सात बिस्वा जमीन तक जाने वाला आम रास्ता खुलवाने की मांग की है। यह रास्ता कथित तौर पर भाकरीवाला निवासी मोतीदास संत द्वारा बंद कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रार्थी मोतीदास संत ने गौचर भूमि पर अतिक्रमण कर 'दौरा पाली' लगा दिया है, जिसके कारण धनाराम की पुश्तैनी जमीन तक जाने का रास्ता भी बंद हो गया है। शिकायत में कहा गया है कि मोतीदास संत का राजनीतिक दबदबा और बाहुबल है, जिसके चलते उसने गौचर भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसी प्रभाव के कारण प्रार्थी की शिकायत की सुनवाई पटवारी हल्का, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी कार्यालय में भी नहीं हो रही है। इससे पहले, प्रार्थी धनाराम ने विगत १९ जून, २०२६ को भी उपखंड अधिकारी और तहसीलदार रोहट को लिखित रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 'ऊंट किस करवट बैठता है' और क्या धनाराम को न्याय मिल पाएगा।2
- पाली के देसूरी क्षेत्र के पदमपुरा गांव में एक फार्म हाउस के बाहर फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, दो से तीन वाहनों में सवार होकर आए 10-12 से अधिक अज्ञात लोगों ने अचानक फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय फार्म हाउस पर कुछ लोग मौजूद थे और बदमाशों की फायरिंग से वहां अफरा-तफरी मच गई थी। सूचना मिलते ही देसूरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी मौके पर बुलाया। देसूरी के एएसआई शैतान सिंह ने जानकारी दी कि रविवार शाम को दो कारों में आए कुछ लोगों द्वारा एक फार्म हाउस के पास फायरिंग किए जाने की खबर मिली थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत पहुंची। फिलहाल, पुलिस अज्ञात बदमाशों की तलाश में आसपास के क्षेत्र में नाकाबंदी कर रही है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि फायरिंग करने वाले कौन थे, उनका मकसद क्या था और क्या किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाया गया था।1
- पाली जिले की ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई के दौरान माननीय विधायक महोदय और कैंप प्रभारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद, एक नया पंप चालक नियुक्त नहीं किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले तीन दिनों से गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान पंप चालक की कार्यप्रणाली के संबंध में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यह भी आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम पंचायत के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्राम पंचायत ईटन्दरा चारणान में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।1
- जोधपुर के एयर फोर्स क्षेत्र स्थित पांच पत्ती चौराहे पर अज्ञात लोगों द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने एक युवक को रोककर उसके साथ मारपीट की और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायल व्यक्ति को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है।1
- जोधपुर जिले के बोरुंदा कस्बे के निकटवर्ती बीटन गांव की सरहद में रविवार दोपहर बाद हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि लगभग 10 वर्षीय एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोरुंदा की ओर से तेज गति से आ रहे एक ट्रेलर ने सामने से पुष्कर की ओर से आ रही एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलर कार को लगभग 50 फीट तक घसीटता हुआ ले गया और सड़क किनारे बनी करीब 5 फीट ऊंची व 50 फीट लंबी दीवार को तोड़ते हुए एक मकान में जा घुसा, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बोरुंदा थानाधिकारी सुजाना राम विश्नोई और मुख्य आरक्षी श्रीराम मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने भीड़ को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से कार की छत को तोड़कर आधे घंटे की मशक्कत के बाद फंसे चालक को बाहर निकाला। दुर्घटना में घायल बच्ची, जिसे बाद में प्राची के रूप में पहचाना गया, और उसकी मां व भाई को निजी वाहन तथा एम्बुलेंस की मदद से बोरुंदा चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सक डॉ. गजेन्द्र ने दम्पति और बालक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल प्राची को, जिसके एक हाथ सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें थीं, प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। यह हादसा नागौर जिले की सीमा में होने के कारण जसनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जसनगर पुलिस के एएसआई सुगनाराम ग्वाला मौके पर पहुंचे और बोरुंदा चिकित्सालय में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस मृतकों एवं घायल बच्ची की पहचान और हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। बोरुंदा थानाधिकारी सुजाना राम विश्नोई ने बताया कि मृतकों में रेवाड़ी हरियाणा के मूसेपुर निवासी श्रीनिवास (35), उनकी पत्नी रिनू (32) और पुत्र जयंत यादव (7) शामिल हैं, जबकि उनकी बेटी प्राची (10) घायल हुई है। पहचान के लिए कुरुक्षेत्र, पंचकूला, करनाल, नारनौल, जींद, अलवर, शाहजहांपुर, भिवाड़ी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुड़गांव में कई जगह फोन करने के बाद परिजनों का पता चला, और जिला पुलिस कंट्रोल रूम रेवाड़ी हरियाणा के मार्फत उन्हें सूचित किया गया। सूचना मिलने पर मृतक के भाई, माता-पिता नारनौल और रेवाड़ी से बोरुंदा के लिए रवाना हो गए हैं। ग्रामीणों ने राज्य मार्ग 21 पर बीटन गांव में हुए इस हादसे का कारण ट्रक के लिए बनी 'ले बाई' को बताया और इसे हटाने की मांग की, क्योंकि उनका कहना है कि इस स्थान पर पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। थानाधिकारी विश्नोई ने यह भी बताया कि घायल लड़की प्राची, जिसका जोधपुर में प्राथमिक उपचार हुआ है, अब सुरक्षित है और उसे वापस बोरुंदा लाया जा रहा है। पुलिस उसे उसके परिजनों के आने तक अपनी सुरक्षा में रखेगी।4
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- जोधपुर रेलवे स्टेशन के बाहर एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना आज शाम 5:16 बजे की बताई जा रही है, जहाँ मुख्य सड़क पर लोगों ने एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को एक युवक के साथ मारपीट करते हुए देखा। इस मारपीट को देख मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर साझा किया जा रहा है।1