मुजफ्फरनगर में प्राचीन देवडुंग मंदिर की व्यवस्था, सुरक्षा और कमेटी की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इस मामले में पूछा गया है कि आखिर धर्म या सिस्टम में कहाँ कमी रह गई है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। चोरी की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया है कि चोर और चोरी तो सतयुग से ही चली आ रही है, लेकिन जिम्मेदारी लेना और उसे निभाना बेहद कठिन काम है। ऐसे में मंदिर समिति और संस्था की तैयारियों पर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं। #जय_माँ_ज्वाला_मुखी की आस्था के साथ यह मांग की गई है कि सदियों पुराने नियमों के पालन की वास्तविकता सबके सामने आए। देवडुंग मंदिर कोई सामान्य मंदिर नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों की तपस्या और देवी के आधार पर स्थापित किया गया है। यहाँ कई प्रकार के प्राचीन नियम बने हुए हैं, जिनमें देवी जात, ढोल दमाऊ और देवी के अवतरित होने के नियम शामिल हैं। इसके अलावा, गर्भगृह में पुजारी के अलावा किसी और के प्रवेश पर पाबंदी, नवरात्रि में नौ पारायण, कथा और पूजा अनुष्ठान के नियम, और केवल माता की इच्छा से पुजारी के चयन के कड़े नियम हैं। साथ ही, प्रतिदिन दीपक जलाने, आरती करने और 11 गाँवों के लोगों को सौंपे गए अलग-अलग कार्यों के नियम भी पूर्वजों के समय से चले आ रहे हैं। चिंता व्यक्त की गई है कि क्या आज सभी लोग माता की पुरानी और नई धरोहरों को संभालने, उनका लेखा-जोखा रखने और इन सैकड़ों प्राचीन नियमों का पालन कर रहे हैं। मंदिर के भक्तों और आम जनता का यह अधिकार है कि वे इन व्यवस्थाओं के बारे में जानें।
मुजफ्फरनगर में प्राचीन देवडुंग मंदिर की व्यवस्था, सुरक्षा और कमेटी की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इस मामले में पूछा गया है कि आखिर धर्म या सिस्टम में कहाँ कमी रह गई है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। चोरी की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया है कि चोर और चोरी तो सतयुग से ही चली आ रही है, लेकिन जिम्मेदारी लेना और उसे निभाना बेहद कठिन काम है। ऐसे में मंदिर समिति और संस्था की तैयारियों पर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं। #जय_माँ_ज्वाला_मुखी की आस्था के साथ यह मांग की गई है कि सदियों पुराने नियमों के पालन की वास्तविकता सबके सामने आए। देवडुंग मंदिर कोई सामान्य मंदिर नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों की तपस्या और देवी के आधार पर स्थापित किया गया है। यहाँ कई प्रकार के प्राचीन नियम बने हुए हैं, जिनमें देवी जात, ढोल दमाऊ और देवी के अवतरित होने के नियम शामिल हैं। इसके अलावा, गर्भगृह में पुजारी के अलावा किसी और के प्रवेश पर पाबंदी, नवरात्रि में नौ पारायण, कथा और पूजा अनुष्ठान के नियम, और केवल माता की इच्छा से पुजारी के चयन के कड़े नियम हैं। साथ ही, प्रतिदिन दीपक जलाने, आरती करने और 11 गाँवों के लोगों को सौंपे गए अलग-अलग कार्यों के नियम भी पूर्वजों के समय से चले आ रहे हैं। चिंता व्यक्त की गई है कि क्या आज सभी लोग माता की पुरानी और नई धरोहरों को संभालने, उनका लेखा-जोखा रखने और इन सैकड़ों प्राचीन नियमों का पालन कर रहे हैं। मंदिर के भक्तों और आम जनता का यह अधिकार है कि वे इन व्यवस्थाओं के बारे में जानें।
- मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र स्थित बेगराजपुर में 12 जुलाई 2026 को "एक पेड़ माँ के नाम" वृहद वृक्षारोपण महाअभियान-2026 का शुभारंभ किया गया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रारंभ किए गए इस राष्ट्रीय अभियान के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेशव्यापी महाअभियान आयोजित किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेशभर में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण में वृद्धि की जा सके। इस अभियान का शुभारंभ माननीय मंत्री श्री कपिल देव अग्रवाल, जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा बेगराजपुर में पौधारोपण करके किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधे लगाएं और केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि उनके नियमित संरक्षण और देखभाल का भी संकल्प लें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में इस अभियान के अंतर्गत मुजफ्फरनगर जनपद की पुलिस लाइन, समस्त थाना परिसरों, पुलिस चौकियों और विभिन्न पुलिस कार्यालयों में 15,000 से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं। वर्षा ऋतु का समय होने के कारण इन पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक है, जिससे पर्यावरण संतुलित रखने, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने और जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महाबली गांव में लगातार हुई बारिश की वजह से एक कच्चा मकान गिर गया है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने तत्कालीन सरकार पर जमकर हमला बोला है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले न तो काम करने की कोई नीयत थी और न ही तत्कालीन सरकार की कोई नीति थी। जब सरकारें स्वयं ही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार हों, तो वे भला पॉलिसी कैसे बनाएंगी! पूर्ववर्ती व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि 2017 के पहले उनके स्तर पर विकास को लेकर कोई पहल नहीं होती थी, जिसके कारण सभी विकास कार्य ठप्प पड़े हुए थे और राज्य में कोई निवेश नहीं आता था। उन्होंने पिछली सरकार के रवैये पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब के राशन, सुविधा और रोजगार पर ये सपाई गुंडे कब्जा करके गरीब जनता को पूरी तरह से तबाह करते थे।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल कस्बे में बारिश से अपनी जान बचाने के लिए एक गहरा छत पर चढ़ गया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसे न्यूज़ फॉर पब्लिक लाइव द्वारा देखने के लिए कहा गया है।1
- मुज़फ्फरनगर में पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर मामला पूरी तरह गरमा गया है। इस घटना के विरोध में मीडिया क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदेश सैनी ने नगर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आदेश सैनी ने मांग की है कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। पत्रकारों के साथ हुई इस घटना को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों में भारी रोष व्याप्त है।1
- मुजफ्फरनगर की चरथावल पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत दो सगे भाइयों को उनके परिवार से मिला दिया है।1
- मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में सरवट पीर के पास कार रोककर गाली-गलौज और मारपीट करने के मामले में पुलिस ने चार दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। सैफी कॉलोनी निवासी पीड़ित अमीर आजम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 9 जुलाई 2026 को वह अपने भाई सुजाय आजम के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से जा रहे थे। इसी दौरान सरवट पीर के पास शाबिर ने उनकी कार रोक ली। हॉर्न बजाने पर रास्ता न छोड़ने और गाली-गलौज करने का विरोध करने पर आरोपी के साथ राशिद, साबिर और कैफ भी वहां आ धमके और दोनों भाइयों के साथ जमकर मारपीट की। इस हमले में दोनों भाई घायल हो गए और उनकी कार की खिड़की का हैंडल भी क्षतिग्रस्त हो गया। शोर होने पर जब स्थानीय लोग इकट्ठा हुए, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। मामले की जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने से पहले ही थाना सिविल लाइन पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया था और अब इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।4