कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर पूज्य व्यास ब्रजनेश माधव शास्त्री ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि एक बार जब बालक ध्रुव अपने पिता उत्तानपाद की गोद में बैठने गए, तो उनकी सौतेली माँ सुरुचि ने उन्हें अपमानित करते हुए गोद से उतार दिया और ताना मारा कि उन्हें भगवान की कृपा से उनके गर्भ से जन्म लेना चाहिए था। इस अपमान से व्यथित ध्रुव रोते हुए अपनी माँ सुनीति के पास पहुँचे, जिन्होंने उन्हें धैर्य बँधाया और समझाया कि इस संसार के हर सुख-दुख के दाता और पालनहार स्वयं भगवान विष्णु ही हैं। माता की बातों से प्रेरित होकर, मात्र पाँच वर्ष की आयु में बालक ध्रुव ने भगवान को प्राप्त करने का कठोर प्रण लिया और वन की ओर प्रस्थान किया। वन में उन्हें देवर्षि नारद मिले, जिन्होंने ध्रुव को 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने की शिक्षा दी और मधुवन में तपस्या करने का मार्ग सुझाया। ध्रुव की इस कठोर तपस्या और सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पृथ्वी पर एक महान और न्यायप्रिय राजा बनने का आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही, भगवान ने यह वरदान भी दिया कि मृत्यु के उपरांत वे आकाश में अचल (स्थिर) ध्रुव तारे के रूप में सदैव चमकते रहेंगे। इस दौरान, भागवत कथा के आयोजक मूलचंद्र शर्मा ने अपने परिजनों के साथ रामायण जी की आरती संपन्न की। कथा में अर्पित शर्मा, मान सिंह, महेश शुक्ला, अनूप शर्मा और प्रदीप शुक्ला सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। व्यास ब्रजनेश शास्त्री ने अपने प्रवचन के अंत में यह संदेश दिया कि दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति के बल पर असंभव को भी संभव किया जा सकता है।
कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर पूज्य व्यास ब्रजनेश माधव शास्त्री ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि एक बार जब बालक ध्रुव अपने पिता उत्तानपाद की गोद में बैठने गए, तो उनकी सौतेली माँ सुरुचि ने उन्हें अपमानित करते हुए गोद से उतार दिया और ताना मारा कि उन्हें भगवान की कृपा से उनके गर्भ से जन्म लेना चाहिए था। इस अपमान से व्यथित ध्रुव रोते हुए अपनी माँ सुनीति के पास पहुँचे, जिन्होंने उन्हें धैर्य बँधाया और
समझाया कि इस संसार के हर सुख-दुख के दाता और पालनहार स्वयं भगवान विष्णु ही हैं। माता की बातों से प्रेरित होकर, मात्र पाँच वर्ष की आयु में बालक ध्रुव ने भगवान को प्राप्त करने का कठोर प्रण लिया और वन की ओर प्रस्थान किया। वन में उन्हें देवर्षि नारद मिले, जिन्होंने ध्रुव को 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने की शिक्षा दी और मधुवन में तपस्या करने का मार्ग सुझाया। ध्रुव की इस कठोर तपस्या और सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें पृथ्वी पर एक महान और न्यायप्रिय राजा बनने
का आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही, भगवान ने यह वरदान भी दिया कि मृत्यु के उपरांत वे आकाश में अचल (स्थिर) ध्रुव तारे के रूप में सदैव चमकते रहेंगे। इस दौरान, भागवत कथा के आयोजक मूलचंद्र शर्मा ने अपने परिजनों के साथ रामायण जी की आरती संपन्न की। कथा में अर्पित शर्मा, मान सिंह, महेश शुक्ला, अनूप शर्मा और प्रदीप शुक्ला सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। व्यास ब्रजनेश शास्त्री ने अपने प्रवचन के अंत में यह संदेश दिया कि दृढ़ संकल्प और अटूट भक्ति के बल पर असंभव को भी संभव किया जा सकता है।
- आज दिनांक 21.06.2026 को "12वें अंर्तराष्ट्रीय योग दिवस" के अवसर पर कन्नौज के पुलिस लाइन्स परेड ग्राउंड में एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में माननीय मंत्री श्री असीम अरुण, जिलाधिकारी कन्नौज आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारीगण तथा आमजन ने योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। योग प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को योग के प्रति जागरूक करते हुए मानव जीवन में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग द्वारा न सिर्फ बीमारियों का उपचार किया जा सकता है, बल्कि कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। प्रशिक्षक ने उपस्थित सभी को स्वस्थ रहने तथा तन और मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने हेतु प्रेरित किया। इसी क्रम में, जनपदीय पुलिस के समस्त थानों और चौकियों पर भी योग शिविर आयोजित कर पुलिसकर्मियों द्वारा योगाभ्यास किया गया।3
- फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के चालक और परिचालक पर शराब के नशे में एक यात्री के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित धीरज दीक्षित पुत्र राकेश दीक्षित, जो सवाजपुर हरदोई के निवासी हैं, ने बताया कि जब वे घर वापस जाने के लिए बस की तलाश कर रहे थे, तभी फर्रुखाबाद डिपो की बस संख्या UP 78 KT 1543 के चालक अनुज कुमार, परिचालक राजीव कुमार और उनके साथ मौजूद दो अन्य साथियों ने कथित तौर पर शराब के नशे में उनके साथ अभद्रता की और मारपीट की। इस मारपीट के दौरान धीरज दीक्षित के मुंह में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि चालक और परिचालक ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद धीरज दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में ARM का कहना है कि आरोपी चालक और परिचालक को रूट से हटा दिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अब पीड़ित धीरज दीक्षित की निगाहें इस कार्रवाई के परिणाम पर टिकी हुई हैं, जबकि रिपोर्ट में फर्रुखाबाद रोडवेज के चालक और परिचालक की दबंगई पर सक्षम अधिकारियों को निष्क्रिय बताया गया है।1
- कन्नौज में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "अच्छी बात है, सीबीआई और इनकम टैक्स वाले आलू देखने आएंगे… कन्नौज में बहुत आलू है!" इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। उनके समर्थक इसे व्यंग्य बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे जांच एजेंसियों पर तंज मान रहे हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, और लोग इसके पीछे के संदेश को लेकर अपनी-अपनी राय जानने को उत्सुक हैं।1
- फर्रुखाबाद में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुए विवाद में कई लोग घायल हो गए।1
- सीपी इंटरनेशनल स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने योगाभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ योग शिक्षक रामकृपाल मिश्र ने ओम् के उच्चारण से किया। उन्होंने भुजंगासन, धनुरासन, पवनमुक्तासन, मंडूकासन जैसे विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया और नाड़ी शोधन तथा भ्रामरी प्राणायाम के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाले प्राकृतिक स्रोतों और एक स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर भी प्रकाश डाला। विद्यालय के निदेशक डॉ. मिथिलेश अग्रवाल ने अपने संदेश में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमती ज्योत्सना अग्रवाल ने नियमित योगाभ्यास से अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के विकास पर जोर दिया। उपनिदेशक श्रीमती अंजू राजे ने योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति बताते हुए इसे सभी के लिए अपनाने योग्य बताया। प्रधानाचार्य श्री पीरथ ने कहा कि योग तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन का आधार है, और विद्यार्थियों को बचपन से ही इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। इस कार्यक्रम में प्राइमरी विंग की हेड शिवानी दीक्षित सहित अतुल श्रीवास्तव, देवानंद राजपूत, श्रवण कुमार मिश्रा, प्रवीण मिश्रा, पूरन श्रीवास्तव, विवेक राजपूत, दयानंद शर्मा, सुमित कुमार, पंकज श्रीवास्तव, सुरजीत कुमार, नेहा खानम, शिप्रा अवस्थी, काजल अग्रवाल और अर्पित मिश्रा जैसे अनेक शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने योगाभ्यास में सहभागिता करते हुए नियमित योग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में उप प्रधानाचार्य श्री नवीन शाक्य ने सभी उपस्थितजनों और योग शिक्षक का आभार व्यक्त किया। यह पूरा कार्यक्रम सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह और स्वास्थ्य जागरूकता के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस अक्सर उसे दबा दिया जाता है। इसी बात को सच साबित करते हुए, एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी माँगें मनवाने के लिए अधिकारियों से धाराप्रवाह अंग्रेजी में बात करके उनकी 'वाट लगा दी'। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि देश में असाधारण क्षमताएँ मौजूद हैं, जो सही अवसर मिलने पर उभरकर सामने आती हैं।1