वाराणसी में विद्युत अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 11 जुलाई 2026 को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पू०वि०वि०नि०लि०) वाराणसी के प्रबंध निदेशक ने आरडीएसएस (RDSS) योजना की मॉडर्नाइजेशन स्कीम के अंतर्गत निर्माणाधीन 33/11 केवी उपकेंद्र एढ़े का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, उसकी गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की समीक्षा की। निरीक्षण के समय प्रबंध निदेशक ने कार्यदायी संस्था मेसर्स कैपिटल इलेक्टेक लिमिटेड (M/s Capital Electech Ltd.) तथा विभागीय अधिकारियों को उपकेंद्र का निर्माण कार्य पूरी तरह से समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से बल दिया कि निर्माण कार्य के हर एक चरण में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस परियोजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय हो जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाली और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। साथ ही, विद्युत वितरण तंत्र की क्षमता बढ़ेगी, जिससे भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
वाराणसी में विद्युत अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 11 जुलाई 2026 को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पू०वि०वि०नि०लि०) वाराणसी के प्रबंध निदेशक ने आरडीएसएस (RDSS) योजना की मॉडर्नाइजेशन स्कीम के अंतर्गत निर्माणाधीन 33/11 केवी उपकेंद्र एढ़े का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, उसकी गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की समीक्षा की। निरीक्षण के समय प्रबंध निदेशक ने कार्यदायी संस्था मेसर्स कैपिटल इलेक्टेक लिमिटेड (M/s Capital Electech Ltd.) तथा विभागीय अधिकारियों को उपकेंद्र का निर्माण कार्य पूरी तरह से समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से बल दिया कि निर्माण कार्य के हर एक चरण में तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस परियोजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय हो जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाली और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। साथ ही, विद्युत वितरण तंत्र की क्षमता बढ़ेगी, जिससे भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
- चंदौली के मुगलसराय अंतर्गत पड़ाव चौराहा गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नालियों का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर भर गया है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और जलभराव का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।1
- चंदौली के चहनियां स्थित रामगढ़ बाबा कीनाराम धाम में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में यूनियन के जिला अध्यक्ष पारस शर्मा, दीनानाथ श्रीवास्तव, शेषनाथ यादव और दुर्गेश सिंह उपस्थित रहे। इसके साथ ही बैठक में अजय सिंह पिंटू, सुजीत सिंह और राम अवध यादव भी शामिल हुए।1
- वाराणसी में भगवा वस्त्र धारण कर खुद को पत्रकार बताने वाले एक शख्स द्वारा दुकान-दुकान पहुंचकर मंथली मांगने का मामला सामने आया है। यह व्यक्ति साइकिल पर सवार होकर घूमता है और दुकानदारों से ₹3000 महीना मांगता है। पैसे न देने पर वह दुकानदारों को उनके खिलाफ खबर लिखने और दुकान बंद करवा देने की धमकी देता है। इसकी अजीब कार्यप्रणाली यह है कि यह पुलिस को देखते ही नमस्कार करने लगता है, लेकिन दुकानदारों को देखते ही सीधे महीना मांगने पर अड़ जाता है। इस वसूली से परेशान होकर एक पीड़ित दुकानदार ने स्थानीय लंका पुलिस से शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक इस मामले का कोई हल नहीं निकाला गया है। वहीं, चर्चा यह भी है कि यह भगवाधारी शख्स दिमाग से थोड़ा स्पेशल है।4
- वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए एक बेहद बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद प्रशिक्षण तो दोबारा शुरू किया गया, लेकिन अब खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये की भारी-भरकम फीस देनी होगी। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है, हालांकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी अधिक बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने सरकार के खेल प्रोत्साहन के दावों को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना अब बेहद मुश्किल हो गया है। इससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है या केवल कमाई का जरिया बनाने के लिए।1
- वाराणसी के सदर में डॉ. दयाशंकर मिश्र ने जनसंख्या के अनुपात में वृक्षों की संख्या बढ़ाने को जरूरी बताया है।1
- वाराणसी के सिगरा स्पोर्ट्स स्टेडियम से खिलाड़ियों के लिए एक बुरी खबर आई है, जहां स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बैडमिंटन प्रशिक्षण शुल्क में चार सौ फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब यहां प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को हर महीने एक हजार रुपये के बजाय सीधे चार हजार रुपये फीस देनी होगी। स्टेडियम के इंडोर हॉल में करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद बैडमिंटन प्रशिक्षण दोबारा शुरू किया गया था, लेकिन इस भारी-भरकम फीस ने खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्मार्ट सिटी के अभियंता सौमित्र के अनुसार, बैडमिंटन प्रशिक्षण का नया मासिक शुल्क चार हजार रुपये ही निर्धारित किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर फीस में बीस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस फैसले के बाद सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी निखिल ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस बढ़ोतरी से कई प्रतिभाशाली बच्चे खेल छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। सरकार एक तरफ जहां खेलों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ इतनी अधिक फीस बढ़ाने से अब सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए खेल जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह कदम खेल को बढ़ावा देने के लिए है या केवल कमाई का जरिया।1
- उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मेरठ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन में मौजूद अधिवक्ता रवि गौतम के साथ एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय द्वारा कथित मारपीट और संबंधित पुलिस कार्रवाई के मामले में केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा की गई शिकायत पर की गई है, जिसके बाद आयोग ने केस संख्या 14615/24/54/2026 दर्ज किया है। अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में इस घटना से जुड़े वीडियो एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने, अधिवक्ता रवि गौतम का स्वतंत्र बयान दर्ज कराने और पूरे मामले की मेरठ पुलिस से स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस के प्रभावी नियंत्रण में मौजूद किसी भी व्यक्ति के साथ किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर मारपीट किया जाना गंभीर मानवाधिकार और पुलिस जवाबदेही का विषय है। उन्होंने आयोग से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित करने और दोषियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।2
- चंदौली जिले के मुगलसराय स्थित पड़ाव चौराहा गाँव में रेलवे द्वारा किए जा रहे चौड़ीकरण के काम के चलते स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। निर्माण कार्य के दौरान रेलवे प्रशासन द्वारा पानी की निकासी के लिए बने नालों को बंद कर दिया गया है। नालों के बंद होने के कारण गाँव में लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है और पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों की मुख्य शिकायत यह है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं।1