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हाईवोल्टेज ड्रामा, नदी में कूदकर बचने की कोशिश, लोगों ने तैरकर दबोचा। पिपरपाती पुल के पास बकरी चोरी कर भाग रहे दो संदिग्ध चोरों को ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया। बताया जाता है कि दोपहर करीब दो बजे दो युवक बाइक पर एक बकरी लेकर बौवरी की ओर से भाग रहे थे। इसी दौरान पिपरपाती पुल के आगे बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे के बाद एक युवक बाइक लेकर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरा अपनी जान बचाने के लिए नदी की ओर भागा और पानी में छलांग लगा दी। चोर को नदी में कूदता देख स्थानीय लोगों ने भी उसका पीछा करते हुए नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने तैरकर उसे पकड़ लिया और वापस बौवरी ले आए। बताया जा रहा है कि पकड़े गए युवक का घर पूर्वी चंपारण के धनहर दिल्ली में है। ग्रामीणों ने काफी समझाने-बुझाने के बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि दोबारा चोरी करते पकड़े जाने पर पुलिस के हवाले किया जाएगा।

3 hrs ago
user_RAVI PANDEY
RAVI PANDEY
Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
3 hrs ago

हाईवोल्टेज ड्रामा, नदी में कूदकर बचने की कोशिश, लोगों ने तैरकर दबोचा। पिपरपाती पुल के पास बकरी चोरी कर भाग रहे दो संदिग्ध चोरों को ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया। बताया जाता है कि दोपहर करीब दो बजे दो युवक बाइक पर

एक बकरी लेकर बौवरी की ओर से भाग रहे थे। इसी दौरान पिपरपाती पुल के आगे बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे के बाद एक युवक बाइक लेकर मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरा अपनी जान बचाने के लिए नदी की

ओर भागा और पानी में छलांग लगा दी। चोर को नदी में कूदता देख स्थानीय लोगों ने भी उसका पीछा करते हुए नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने तैरकर उसे पकड़ लिया और वापस बौवरी ले आए। बताया

जा रहा है कि पकड़े गए युवक का घर पूर्वी चंपारण के धनहर दिल्ली में है। ग्रामीणों ने काफी समझाने-बुझाने के बाद उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि दोबारा चोरी करते पकड़े जाने पर पुलिस के हवाले किया जाएगा।

More news from Pashchim Champaran and nearby areas
  • 26 सितंबर को बेतिया समाहरणालय पर ईख उत्पादकों का विशाल धरना नौतन। बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ की नौतन अंचल कमिटी की विस्तारित बैठक श्यामपुर कोतराहा पंचायत में जिला अध्यक्ष लालबाबू यादव के आवास पर हुई। बैठक में अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ के राष्ट्रीय वित्त सचिव प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर अब संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को सासामुसा चीनी मिल को कबाड़ी के हाथों बेचे जाने के विरोध में सासामुसा स्टेशन चौक पर सभा होगी। साथ ही 26 सितंबर को सुबह 11 बजे बेतिया समाहरणालय पर पश्चिम चंपारण के ईख उत्पादक किसान विशाल धरना देंगे। धरने के माध्यम से गन्ने का समर्थन मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल करने, चीनी मिलों की घटतौली पर रोक लगाने, सभी किस्म के गन्ने का समान चालान जारी करने तथा इथेनॉल, बिजली व अन्य बायो-प्रोडक्ट से होने वाले लाभ में किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मुखिया अंबिका यादव ने की।
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    26 सितंबर को बेतिया समाहरणालय पर ईख उत्पादकों का विशाल धरना

नौतन। बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ की नौतन अंचल कमिटी की विस्तारित बैठक श्यामपुर कोतराहा पंचायत में जिला अध्यक्ष लालबाबू यादव के आवास पर हुई। बैठक में अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ के राष्ट्रीय वित्त सचिव प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर अब संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को सासामुसा चीनी मिल को कबाड़ी के हाथों बेचे जाने के विरोध में सासामुसा स्टेशन चौक पर सभा होगी। साथ ही 26 सितंबर को सुबह 11 बजे बेतिया समाहरणालय पर पश्चिम चंपारण के ईख उत्पादक किसान विशाल धरना देंगे। धरने के माध्यम से गन्ने का समर्थन मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल करने, चीनी मिलों की घटतौली पर रोक लगाने, सभी किस्म के गन्ने का समान चालान जारी करने तथा इथेनॉल, बिजली व अन्य बायो-प्रोडक्ट से होने वाले लाभ में किसानों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मुखिया अंबिका यादव ने की।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    Bettiah, Pashchim Champaran•
    10 hrs ago
  • कश्मीर नहीं, बिहार में लहलहा रहे सेब के बागान, 45 डिग्री की गर्मी में भी फलन, किसानों की आमदनी डबल पश्चिम चंपारण. जिस सेब की खेती को अब तक कश्मीर और हिमाचल जैसे ठंडे पहाड़ी इलाकों का समझा जाता था, वह अब बिहार जैसे गर्म प्रदेश की पहचान बन चुकी है.बड़ी बात यह है कि जिले के दर्जनों किसानों ने सीमित संसाधनों के बावजूद भी इसकी बागवानी बड़ी खूबसूरती से की है, जिससे उन्हें शानदार फलन की प्राप्ति भी हुई है. बताते चलें कि ज़िले में इसकी शुरुआत मझौलिया प्रखंड निवासी रविकांत पांडे ने वर्ष 2019 में ही की थी.रविकांत एक कृषि विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने गर्म प्रदेश में होने वाले सेव की HRMN 99 किस्म को सबसे पहले सफलता पूर्वक उपजाया था. बकौल रविकांत, HRMN के अलावे सेव की अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों को भी बिहार सहित कुछ अन्य गर्म राज्यों में उपजाया जा सकता है. सेब के पौधे तैयार करने में M7 और M9 रूटस्टॉक का इस्तेमाल किया जाता है. रूटस्टॉक के ऊपर इच्छित सेब की प्रजाति की ग्राफ्टिंग यानी कलम बांधी जाती है. इसके लिए अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों का इस्तेमाल किया जा रहा है.पौधे की ग्राफ्टिंग के बाद उचित समय और तापमान में उसकी देखभाल की जाती है. ध्यान रहे कि ग्राफ्टिंग वाले स्थान के ऊपर निकलने वाली शाखाओं को विकसित किया जाता है, जबकि रूटस्टॉक के नीचे से निकलने वाली अनावश्यक शाखाओं को हटा दिया जाता है. सेब के पेड़ में विकसित होने वाली फलदार छोटी शाखाएं ही आगे चलकर फल देने का आधार बनती हैं. इन्हीं शाखाओं पर फूल आते हैं और बाद में सेब के फल विकसित होते हैं. मजे की बात है कि HRMN को सिर्फ खेत में ही नहीं, बल्कि सीमित मिट्टी वाले कंटेनर में भी लगाया जा सकता है.बड़ी बात यह है कि रवीकांत ने इन्हीं कैरेट और गमलों में सेब की सफल उपज करके दिखाई है. बताते चलें कि सेब के पौधों के लिए करीब 8 फीट प्लांट-टू-प्लांट और 10 फीट लाइन-टू-लाइन दूरी रखने पर एक एकड़ में 500 से अधिक पौधे लगाए जा सकते हैं। कुछ किस्में शुरुआती वर्षों में ही फल देना शुरू कर देती हैं, लेकिन कुछ को एक वर्ष से भी अधिक समय लगता है. मैदानी इलाकों में गर्मी पहाड़ी क्षेत्रों की तुलना में पहले आने के कारण यहां सेब का विकास और फल तैयार होने का समय भी पहले हो सकता है। उनका दावा है कि बिहार में तैयार होने वाला सेब कश्मीर के पारंपरिक सीजन से करीब डेढ़ से दो महीने पहले बाजार में आने की संभावना रखता है। रवीकांत पांडेय ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पौधे तैयार करना नहीं, बल्कि किसानों को सेब की खेती की पूरी तकनीक समझाना भी है। इसमें पौधारोपण, प्रूनिंग यानी छंटाई, पोषण प्रबंधन, फलदार शाखाओं की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने की तकनीक शामिल है। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में सेब के पौधों की कीमत करीब 1200 रुपये तक थी, लेकिन अब अपने उत्पादन के कारण अपेक्षाकृत कम कीमत पर पौधे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इच्छुक किसान स्क्रीन पर जारी संपर्क नंबर के माध्यम से पौधों के लिए संपर्क कर सकते हैं।
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    कश्मीर नहीं, बिहार में लहलहा रहे सेब के बागान, 45 डिग्री की गर्मी में भी फलन, किसानों की आमदनी डबल
पश्चिम चंपारण. जिस सेब की खेती को अब तक कश्मीर और हिमाचल जैसे ठंडे पहाड़ी इलाकों का समझा जाता था, वह अब बिहार जैसे गर्म प्रदेश की पहचान बन चुकी है.बड़ी बात यह है कि जिले के दर्जनों किसानों ने सीमित संसाधनों के बावजूद भी इसकी बागवानी बड़ी खूबसूरती से की है, जिससे उन्हें शानदार फलन की प्राप्ति भी हुई है.
बताते चलें कि ज़िले में इसकी शुरुआत मझौलिया प्रखंड निवासी रविकांत पांडे ने वर्ष 2019 में ही की थी.रविकांत एक  कृषि विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने गर्म प्रदेश में होने वाले सेव की HRMN 99 किस्म को सबसे पहले सफलता पूर्वक उपजाया था.
बकौल रविकांत, HRMN के अलावे सेव की अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों को भी बिहार सहित कुछ अन्य गर्म राज्यों में उपजाया जा सकता है.
सेब के पौधे तैयार करने में M7 और M9 रूटस्टॉक का इस्तेमाल किया जाता है. रूटस्टॉक के ऊपर इच्छित सेब की प्रजाति की ग्राफ्टिंग यानी कलम बांधी जाती है. इसके लिए अन्ना, ट्रॉपिकल स्वीट, डोर्सेट गोल्डन और ग्रैनी स्मिथ जैसी किस्मों का इस्तेमाल किया जा रहा है.पौधे की ग्राफ्टिंग के बाद उचित समय और तापमान में उसकी देखभाल की जाती है. 
ध्यान रहे कि ग्राफ्टिंग वाले स्थान के ऊपर निकलने वाली शाखाओं को विकसित किया जाता है, जबकि रूटस्टॉक के नीचे से निकलने वाली अनावश्यक शाखाओं को हटा दिया जाता है. सेब के पेड़ में विकसित होने वाली फलदार छोटी शाखाएं ही आगे चलकर फल देने का आधार बनती हैं. इन्हीं शाखाओं पर फूल आते हैं और बाद में सेब के फल विकसित होते हैं.
मजे की बात है कि HRMN को सिर्फ खेत में ही नहीं, बल्कि सीमित मिट्टी वाले कंटेनर में भी लगाया जा सकता है.बड़ी बात यह है कि रवीकांत ने इन्हीं कैरेट और गमलों में सेब की सफल उपज करके दिखाई है.
बताते चलें कि सेब के पौधों के लिए करीब 8 फीट प्लांट-टू-प्लांट और 10 फीट लाइन-टू-लाइन दूरी रखने पर एक एकड़ में 500 से अधिक पौधे लगाए जा सकते हैं। कुछ किस्में शुरुआती वर्षों में ही फल देना शुरू कर देती हैं, लेकिन कुछ को एक वर्ष से भी अधिक समय लगता है.
मैदानी इलाकों में गर्मी पहाड़ी क्षेत्रों की तुलना में पहले आने के कारण यहां सेब का विकास और फल तैयार होने का समय भी पहले हो सकता है। उनका दावा है कि बिहार में तैयार होने वाला सेब कश्मीर के पारंपरिक सीजन से करीब डेढ़ से दो महीने पहले बाजार में आने की संभावना रखता है।
रवीकांत पांडेय ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पौधे तैयार करना नहीं, बल्कि किसानों को सेब की खेती की पूरी तकनीक समझाना भी है। इसमें पौधारोपण, प्रूनिंग यानी छंटाई, पोषण प्रबंधन, फलदार शाखाओं की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने की तकनीक शामिल है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में सेब के पौधों की कीमत करीब 1200 रुपये तक थी, लेकिन अब अपने उत्पादन के कारण अपेक्षाकृत कम कीमत पर पौधे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इच्छुक किसान स्क्रीन पर जारी संपर्क नंबर के माध्यम से पौधों के लिए संपर्क कर सकते हैं।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • पुलिस ने शराब तस्करों के मंसूबों पर फेरा पानी, ---- मक्का के खेत में डिलीवरी के लिए छुपाकर रखी गई 16 कार्टून विदेशी शराब जब्त । नौतन / पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। पुलिस ने मक्का के खेत में छुपाकर रखा गया 16 कार्टून विदेशी शराब जब्त कर लिया है। सर्किल इंस्पेक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश से विदेशी शराब का खेप लाकर शिवराजपुर गांव के वार्ड नंबर 8 में एक मक्का के खेत में छुपाकर रखा गया है और तस्कर डिलीवरी के फ़िराक में लगे है। बताया गया कि प्राप्त सूचना के आलोक में थानाध्यक्ष राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की गई। और मक्का के खेत में छुपाकर रखी गई 16 कार्टून में 138 लीटर विदेशी शराब को जब्त कर लिया गया।हालांकि इस दौरान पुलिस को देखकर तस्कर मौके से फरार हो गए थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि शराब को जब्त कर पुलिस अज्ञात धंधेबाजों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। कहा कि शराब कारोबार व कारोबारियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा ।।
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    पुलिस ने शराब तस्करों के मंसूबों पर फेरा पानी, 
---- मक्का के खेत में डिलीवरी के लिए छुपाकर रखी गई 16 कार्टून विदेशी शराब जब्त ।
नौतन  / पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। पुलिस ने मक्का के खेत में छुपाकर रखा गया 16 कार्टून विदेशी शराब जब्त कर लिया है। सर्किल इंस्पेक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश से विदेशी शराब का खेप लाकर शिवराजपुर गांव के वार्ड नंबर 8 में एक मक्का के खेत में छुपाकर रखा गया है और तस्कर डिलीवरी के फ़िराक में लगे है। बताया गया कि प्राप्त सूचना के आलोक में थानाध्यक्ष राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर छापेमारी की गई। और मक्का के खेत में छुपाकर रखी गई 16 कार्टून में 138 लीटर विदेशी शराब को जब्त कर लिया गया।हालांकि इस दौरान पुलिस को देखकर तस्कर मौके से फरार हो गए थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि शराब को जब्त कर पुलिस अज्ञात धंधेबाजों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। कहा कि शराब कारोबार व कारोबारियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा ।।
    user_मुकेश कुमार
    मुकेश कुमार
    Press advisory नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    2 hrs ago
  • 📢 नौकरी का सुनहरा अवसर | भर्ती शुरू Search Point Technology में विभिन्न पदों पर नौकरी के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। अगर आप नौकरी की तलाश में हैं और एक अच्छे अवसर की तलाश कर रहे हैं, तो यह मौका आपके लिए है। 💼 📍 स्थान: Search Point Technology 📞 संपर्क / WhatsApp: 8757454415 👉 इच्छुक उम्मीदवार नौकरी से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए संपर्क करें। ⚠️ पद, योग्यता, वेतन और कार्य की जानकारी संपर्क के दौरान दी जाएगी। 📢 नौकरी का सुनहरा अवसर | भर्ती शुरू Search Point Technology में विभिन्न पदों पर नौकरी के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। अगर आप नौकरी की तलाश में हैं और एक अच्छे अवसर की तलाश कर रहे हैं, तो यह मौका आपके लिए है। 💼 📍 स्थान: Search Point Technology 📞 संपर्क / WhatsApp: 8757454415 👉 इच्छुक उम्मीदवार नौकरी से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए संपर्क करें। ⚠️ पद, योग्यता, वेतन और कार्य की जानकारी संपर्क के दौरान दी जाएगी।
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Search Point Technology में विभिन्न पदों पर नौकरी के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।

अगर आप नौकरी की तलाश में हैं और एक अच्छे अवसर की तलाश कर रहे हैं, तो यह मौका आपके लिए है। 💼

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    user_Searchpoint Technology
    Searchpoint Technology
    GPS supplier Gopalganj, Bihar•
    1 hr ago
  • तमन्ना भाटिया के द्वारा बिहार के महापुरुष छठ पूजा का जो बॉलीवुड फिल्म दर्शाया गया है उन्होंने बोली एक बिहारी सौ पर भारी
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    तमन्ना भाटिया के द्वारा बिहार के महापुरुष छठ पूजा का जो बॉलीवुड फिल्म दर्शाया गया है उन्होंने बोली एक बिहारी सौ पर भारी
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • बिहार में दारू बंदी है और दारू माफिया अपना अलग अलग दिमाग चला रहा है,, तरह तरह का दिमाग चला रहा है दारू माफिया,, जिसका पर्दाफाश हुआ,,
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    बिहार में दारू बंदी है और दारू माफिया अपना अलग अलग दिमाग चला रहा है,,
तरह तरह का दिमाग चला रहा है दारू माफिया,, जिसका पर्दाफाश हुआ,,
    user_गोपालगंज की जनता
    गोपालगंज की जनता
    Local News Reporter गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    13 hrs ago
  • समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन, ग्रामीण विकास पर जोर मझौलिया। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अमवा मझार में एसएसवीएस (समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान), बेतिया के तत्वावधान में आयोजित समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में कृषि और आजीविका के नए अवसरों पर चर्चा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को आधुनिक खेती, स्वरोजगार, आय बढ़ाने के उपाय तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कृषि मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, जैविक खेती और आजीविका से जुड़े विभिन्न मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें किसानों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक देखा। आयोजकों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ सतत और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।
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    समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन, ग्रामीण विकास पर जोर
मझौलिया। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अमवा मझार में एसएसवीएस (समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान), बेतिया के तत्वावधान में आयोजित समेकित आजीविका परियोजना सम्मेलन-सह-कृषि मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन में कृषि और आजीविका के नए अवसरों पर चर्चा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को आधुनिक खेती, स्वरोजगार, आय बढ़ाने के उपाय तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कृषि मेले में आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, जैविक खेती और आजीविका से जुड़े विभिन्न मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें किसानों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक देखा। आयोजकों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ सतत और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    Bettiah, Pashchim Champaran•
    10 hrs ago
  • मशरूम उत्पादन से स्वरोजगार की राह, 55 लोगों ने लिया प्रशिक्षण पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित चार दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों, ग्रामीण युवाओं और अन्य इच्छुक लोगों को कम लागत में स्वरोजगार से जोड़ना और मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी देना था। प्रशिक्षण में करीब 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। चार दिनों तक चले प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन के लिए जरूरी सामग्री, उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, रखरखाव, तापमान और नमी का प्रबंधन, फसल की देखभाल समेत कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर कृषि विज्ञान केंद्र के अभिषेक प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र वितरित किए। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को मशरूम के बीज भी उपलब्ध कराए गए, ताकि प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीक का इस्तेमाल कर वे अपने स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तैयार मशरूम को बाजार तक पहुंचाने और उसकी बिक्री से जुड़ी जानकारी भी दी गई। बताया गया कि मशरूम उत्पादन कम जगह और अपेक्षाकृत कम लागत में शुरू किया जा सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसे स्वरोजगार के विकल्प के रूप में अपना सकते हैं। अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि इच्छुक लोग घर या छोटे स्तर से भी मशरूम उत्पादन की शुरुआत कर सकते हैं। इससे परिवार की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ आगे चलकर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, किसानों और अन्य इच्छुक लोगों को खेती आधारित स्वरोजगार से जोड़ना और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाण पत्र और मशरूम के बीज मिलने से प्रतिभागियों में भी उत्साह देखने को मिला। अब प्रशिक्षण लेने वाले लोग सीखी गई तकनीक के जरिए अपने घर और छोटे स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू करने की तैयारी में हैं।
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    मशरूम उत्पादन से स्वरोजगार की राह, 55 लोगों ने लिया प्रशिक्षण
पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित चार दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों, ग्रामीण युवाओं और अन्य इच्छुक लोगों को कम लागत में स्वरोजगार से जोड़ना और मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी देना था।
प्रशिक्षण में करीब 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। चार दिनों तक चले प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन के लिए जरूरी सामग्री, उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, रखरखाव, तापमान और नमी का प्रबंधन, फसल की देखभाल समेत कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर कृषि विज्ञान केंद्र के अभिषेक प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र वितरित किए। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को मशरूम के बीज भी उपलब्ध कराए गए, ताकि प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीक का इस्तेमाल कर वे अपने स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को तैयार मशरूम को बाजार तक पहुंचाने और उसकी बिक्री से जुड़ी जानकारी भी दी गई। बताया गया कि मशरूम उत्पादन कम जगह और अपेक्षाकृत कम लागत में शुरू किया जा सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसे स्वरोजगार के विकल्प के रूप में अपना सकते हैं।
अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि इच्छुक लोग घर या छोटे स्तर से भी मशरूम उत्पादन की शुरुआत कर सकते हैं। इससे परिवार की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ आगे चलकर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, किसानों और अन्य इच्छुक लोगों को खेती आधारित स्वरोजगार से जोड़ना और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रमाण पत्र और मशरूम के बीज मिलने से प्रतिभागियों में भी उत्साह देखने को मिला। अब प्रशिक्षण लेने वाले लोग सीखी गई तकनीक के जरिए अपने घर और छोटे स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू करने की तैयारी में हैं।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    16 hrs ago
  • मुजफ्फरपुर : रिहायशी इलाके में मसाज पार्लर की आड़ में चल रहा था देह व्यापार, आधा दर्जन महिलाएं हिरासत में।
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    मुजफ्फरपुर : रिहायशी इलाके में मसाज पार्लर की आड़ में चल रहा था देह व्यापार, आधा दर्जन महिलाएं हिरासत में।
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
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