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खूनी दरवाजा Ater Fort Madhya Pradesh Best history of Ater fort अतेर किला मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित एक 350 साल पुराना ऐतिहासिक किला है, जिसका निर्माण 1664-1668 के बीच बदन सिंह समेत भदौरिया राजाओं द्वारा कराया गया था। चंबल की घाटियों में स्थित, राजपूत शैली की यह जीर्ण-शीर्ण संरचना खूनी दरवाजा, बदन सिंह का महल और चंबल नदी के मनमोहक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।
Aniket Prajapati
खूनी दरवाजा Ater Fort Madhya Pradesh Best history of Ater fort अतेर किला मध्य प्रदेश के भिंड जिले में स्थित एक 350 साल पुराना ऐतिहासिक किला है, जिसका निर्माण 1664-1668 के बीच बदन सिंह समेत भदौरिया राजाओं द्वारा कराया गया था। चंबल की घाटियों में स्थित, राजपूत शैली की यह जीर्ण-शीर्ण संरचना खूनी दरवाजा, बदन सिंह का महल और चंबल नदी के मनमोहक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।
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- सोनभद्र/दिनांक 04 मई,2026 मण्डलायुक्त विन्ध्यांचल मण्डल श्री राजेश प्रकाश ने जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा। मण्डलायुक्त ने 48 आईआर वाहिनी परिसर में टाइप-ए के 16 आवासों के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग एवं तकनीकी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने यू0पी0आर0एन0एन0 उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम के अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कार्य में देरी पाई गई तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्टेड किया जाएगा। इसके साथ ही मण्डलायुक्त ने नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय भवन के निर्माण में गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं उपयोगिता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। निर्माण कार्य में तेजी लाने हेतु उन्होंने श्रमिकों की संख्या बढ़ाने तथा संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ग्राम पंचायत नई पहुंचे, जहां उन्होंने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पशुओं के रख-रखाव, साफ-सफाई, पेयजल एवं चारे की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुओं को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल एवं भूसा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि नेपियर घास की खेती को बढ़ावा देकर हरे चारे की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे गोवंश के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार हो सके। मण्डलायुक्त ने पटवध पेयजल समूह योजना, हिन्दुआरी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गांवों में नियमित, स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा जहां कहीं भी तकनीकी या संचालन संबंधी समस्याएं हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मण्डलायुक्त ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करें, प्रगति की सतत समीक्षा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि विकास कार्यों का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी श्री हेमन्त कुमार सिंह, डी0सी0 मनरेगा श्री रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा, संयुक्त विकास आयुक्त श्री रमेश चन्द्र एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- Post by कालचिंतन समाचार1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- बुलंद दरवाजा, जिसे "विजय द्वार" भी कहा जाता है, भारत के फतेहपुर सिकरी में स्थित एक विशाल 54 मीटर ऊंचा प्रवेश द्वार है, जिसका निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने गुजरात पर अपनी विजय की याद में लगभग 1601 में करवाया था। विश्व के सबसे ऊंचे प्रवेश द्वार के रूप में, यह जामा मस्जिद का मुख्य प्रवेश द्वार है और लाल और हल्के पीले बलुआ पत्थर का उपयोग करके फारसी और हिंदू शैलियों के मिश्रण से निर्मित मुगल वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।1
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- Post by पत्रकार अमान खान (ब्यूरो चीफ)1
- जिला सचिव संजय कुमार यादव ने बताया जब तक हमारे पांच सूती की जांच नहीं हो जाती है तब तक मेरा धरना चलता रहेगा2
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1