सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कस्बे के अकबरनगर मोहल्ले स्थित डॉ. आब्दी चौराहे पर शुक्रवार की रात तीन मोहर्रम का आयोजन अकीदत के साथ किया गया। इस मौके पर मर्सियाख्वानी, मजलिस और मातम का पुरअसर इंतजाम किया गया, जिसके बाद अलम का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने पूरी शिद्दत से नौहा और मातम कर कर्बला के शहीदों को याद किया, और यह जुलूस देर रात तक विभिन्न वार्डों के प्रमुख रास्तों से गुजरता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत शाहिद आलम और उनके सहयोगियों की दर्दभरी मर्सियाख्वानी से हुई। इसके उपरांत हल्लौर से आए मौलाना महफूज हुज्जत ने मजलिस को खिताब किया। मौलाना ने कर्बला के ऐतिहासिक और दर्दनाक वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि 10 मोहर्रम को यजीदी लश्कर ने कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, उनके परिजनों और साथियों सहित 72 जांनिसारों को बड़ी बेदर्दी से शहीद कर दिया था। इस पाक फौज में बुजुर्ग हबीब इबने मजाहिर से लेकर इमाम हुसैन के महज 6 महीने के दुधमुंहे बेटे जनाबे अली असगर भी शामिल थे। मौलाना महफूज ने आगे बताया कि जालिम यजीदी लश्कर ने उस मासूम बच्चे पर भी रहम नहीं खाया और प्यासे अली असगर को पानी देने के बजाए यजीदी सेना के बेरहम तीरंदाज हुरमुला ने तीन भाल के तीर से वार कर उन्हें शहीद कर दिया। मासूम अली असगर की इस मजलूमियत और शहादत का जिक्र सुनकर मजलिस में मौजूद तमाम अकीदतमंद फूट-फूटकर रो पड़े, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। मजलिस के समापन के बाद अलम का जुलूस निकला, जिसमें नफीस हल्लौरी, कामयाब हैदर बब्लू, मुमताज, खुशनूद, अरमान, कामयाब और संजू आदि ने पुरदर्द आवाज में नौहाखवानी की। इस पर अंजुमनों और अकीदतमंदों ने सीना-मातम किया। इस गमगीन माहौल और मजहबी आयोजन में मुख्य रूप से कार्यक्रम आयोजक डॉ. कमर अब्बास आब्दी, एडवोकेट तमन्ना हैदर रिजवी, अख्तर अब्बास, मोहम्मद अरशद, अकबर आलम, विक्की रिजवी, सरकार रिज़वी और बब्लू सहित भारी संख्या में अकीदतमंद उपस्थित रहे।
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कस्बे के अकबरनगर मोहल्ले स्थित डॉ. आब्दी चौराहे पर शुक्रवार की रात तीन मोहर्रम का आयोजन अकीदत के साथ किया गया। इस मौके पर मर्सियाख्वानी, मजलिस और मातम का पुरअसर इंतजाम किया गया, जिसके बाद अलम का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने पूरी शिद्दत से नौहा और मातम कर कर्बला के शहीदों को याद किया, और यह जुलूस देर रात तक विभिन्न वार्डों के प्रमुख रास्तों से गुजरता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत शाहिद आलम और उनके सहयोगियों की दर्दभरी मर्सियाख्वानी से हुई। इसके उपरांत हल्लौर से आए मौलाना महफूज हुज्जत ने मजलिस को खिताब किया। मौलाना ने कर्बला के ऐतिहासिक
और दर्दनाक वाकये का जिक्र करते हुए बताया कि 10 मोहर्रम को यजीदी लश्कर ने कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, उनके परिजनों और साथियों सहित 72 जांनिसारों को बड़ी बेदर्दी से शहीद कर दिया था। इस पाक फौज में बुजुर्ग हबीब इबने मजाहिर से लेकर इमाम हुसैन के महज 6 महीने के दुधमुंहे बेटे जनाबे अली असगर भी शामिल थे। मौलाना महफूज ने आगे बताया कि जालिम यजीदी लश्कर ने उस मासूम बच्चे पर भी रहम नहीं खाया और प्यासे अली असगर को पानी देने के बजाए यजीदी सेना के बेरहम तीरंदाज हुरमुला ने तीन भाल के तीर से वार कर उन्हें
शहीद कर दिया। मासूम अली असगर की इस मजलूमियत और शहादत का जिक्र सुनकर मजलिस में मौजूद तमाम अकीदतमंद फूट-फूटकर रो पड़े, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। मजलिस के समापन के बाद अलम का जुलूस निकला, जिसमें नफीस हल्लौरी, कामयाब हैदर बब्लू, मुमताज, खुशनूद, अरमान, कामयाब और संजू आदि ने पुरदर्द आवाज में नौहाखवानी की। इस पर अंजुमनों और अकीदतमंदों ने सीना-मातम किया। इस गमगीन माहौल और मजहबी आयोजन में मुख्य रूप से कार्यक्रम आयोजक डॉ. कमर अब्बास आब्दी, एडवोकेट तमन्ना हैदर रिजवी, अख्तर अब्बास, मोहम्मद अरशद, अकबर आलम, विक्की रिजवी, सरकार रिज़वी और बब्लू सहित भारी संख्या में अकीदतमंद उपस्थित रहे।
- दिनांक 20/06/2026 को सिद्धार्थनगर जनपद की बांसी तहसील में प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय रूप से जुटा। जिलाधिकारी (DM) सिद्धार्थनगर शशांक शेखर की उपस्थिति में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 81 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इन प्राप्त शिकायतों में से 50 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। प्रशासन ने इन समस्याओं के प्रति तत्परता दिखाते हुए, मौके पर ही 10 मामलों का तत्काल निस्तारण किया, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके।1
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देश पर, आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडे ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में संध्याकालीन पैदल गश्त की। इस दौरान ताजिया जुलूस मार्ग का सघनता से भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। गश्त के दौरान, पुलिस टीम ने जुलूस मार्ग पर पड़ने वाले संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का विशेष तौर पर मुआयना किया। साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले विद्युत तारों, अवरोधों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों का भी परीक्षण किया गया, जिसकी जानकारी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत दी गई। थानाध्यक्ष ने ताजियेदारों, संभ्रांत नागरिकों और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनसे पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले कृत्यों के प्रति पूरी तरह सतर्क है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। पैदल गश्त के माध्यम से आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाया गया और उनसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया। पुलिस सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही है, ताकि अफवाहों और भ्रामक प्रचार-प्रसार पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सके। थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडे ने संदेश दिया कि मोहर्रम का पर्व शांति, अनुशासन और आपसी सौहार्द का प्रतीक है, और सभी नागरिक प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करते हुए इस पर्व को शांतिपूर्ण एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराएं। महुली पुलिस ने "सुरक्षित पर्व, शांतिपूर्ण आयोजन एवं सौहार्दपूर्ण समाज" का संकल्प लिया है।4
- NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में चाणक्य जन परिषद (CJP) द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने "छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो, जवाब दो या इस्तीफा दो" जैसे नारे भी लगाए। युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना छात्रों का विश्वास बहाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और भी व्यापक बनाया जाएगा।1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के अवसर पर थाना महुली परिसर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। थाना अध्यक्ष दुर्गेश पांडे के नेतृत्व में हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश देना था। इस अभियान के तहत थाना परिसर, कार्यालय कक्षों, आवासीय परिसर और आसपास के क्षेत्रों की व्यापक साफ-सफाई की गई। इस अवसर पर, थाना अध्यक्ष दुर्गेश पांडे ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ वातावरण में ही स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का निर्माण संभव है, और व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वच्छता अभियान के दौरान थाना परिसर में जमा अनावश्यक कूड़ा-कचरा हटाया गया और साफ-सफाई के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने स्वच्छता बनाए रखने और जनसामान्य को भी इसके प्रति प्रेरित करने का संकल्प लिया। थाना महुली पुलिस ने यह भी संदेश दिया कि स्वच्छता और योग दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं; जहां योग व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ बनाता है, वहीं स्वच्छता समाज को रोगमुक्त एवं सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दौरान "स्वच्छता अपनाएं, बीमारियों को दूर भगाएं", "योग और स्वच्छता—स्वस्थ जीवन के दो मजबूत स्तंभ" और "स्वच्छ थाना, स्वस्थ पुलिस, सुरक्षित समाज" जैसे प्रेरक संदेश भी दिए गए। अभियान में थाना महुली के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- एक लड़के ने दिखावा करने के प्रयास में नदी में छलांग लगा दी। गौरतलब है कि उसे तैरना भी नहीं आता था।1