मीरजापुर: सीमांकन के बावजूद निजी भूमि पर सिंचाई विभाग का कब्जा, पीड़ित का आरोप,कार्रवाई की मांग जनपद मीरजापुर के तहसील सदर अंतर्गत ग्राम मोहनपुर (भवरख), परगना कन्तित में स्थित गाटा संख्या 1171 को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। प्रार्थी द्वारा आरोप लगाया गया है कि स्पष्ट सीमांकन और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद उसकी निजी भूमिधरी भूमि पर अनावश्यक निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। प्रार्थी ने बताया कि गाटा संख्या 1171 उसकी व सहखातेदारों की भूमिधरी भूमि है, जबकि इसके समीप स्थित गाटा संख्या 1172 सिंचाई विभाग की भूमि है। दोनों गाटों के मध्य सीमा को लेकर आए दिन विवाद होता रहा है। विवाद के निस्तारण हेतु प्रार्थी के पिता फूलचन्द द्वारा अपनी भूमि गाटा संख्या 1171 की धारा 24 के अंतर्गत पक्की पैमाइश कराई गई थी। इसके बाद उपजिलाधिकारी सदर के आदेश के अनुपालन में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल द्वारा दिनांक 20 दिसंबर 2023 को मौके पर पत्थर गड्डी कर सीमांकन किया गया। बावजूद इसके, सहखातेदार धर्मावती देवी पत्नी दिनेश कुमार मौर्य के प्रार्थना पत्र पर पुनः दिनांक 10 नवंबर 2025 को राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त उपस्थिति में गाटा संख्या 1171 का दोबारा सीमांकन कराया गया। सीमांकन के उपरांत उपजिलाधिकारी सदर मीरजापुर ने दिनांक 17 दिसंबर 2025 को अधिशासी अभियंता, मीरजापुर नहर प्रखंड को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि गाटा संख्या 1171 निजी भूमिधरी भूमि है तथा गाटा संख्या 1172 नहर/सिंचाई विभाग की भूमि है, जिसमें सिंचाई विभाग का रकबा पूर्ण है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि अनावश्यक रूप से भूमिधरी गाटा संख्या 1171 पर निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। प्रार्थी ने यह भी बताया कि वर्ष 2018 में उसकी भूमि गाटा संख्या 1171 का कुछ हिस्सा एनएच-07 हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित किया गया था, जिसका मुआवजा भी विधिवत रूप से प्राप्त किया जा चुका है, जिससे भूमि की वैधानिक स्थिति पहले से ही स्पष्ट है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि स्पष्ट सीमांकन और अभिलेखों के बावजूद यदि कोई उसकी निजी भूमि पर अतिक्रमण या निर्माण का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न बने।
मीरजापुर: सीमांकन के बावजूद निजी भूमि पर सिंचाई विभाग का कब्जा, पीड़ित का आरोप,कार्रवाई की मांग जनपद मीरजापुर के तहसील सदर अंतर्गत ग्राम मोहनपुर (भवरख), परगना कन्तित में स्थित गाटा संख्या 1171 को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। प्रार्थी द्वारा आरोप लगाया गया है कि स्पष्ट सीमांकन और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद उसकी निजी भूमिधरी भूमि पर अनावश्यक निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। प्रार्थी ने बताया कि गाटा संख्या 1171 उसकी व सहखातेदारों की भूमिधरी भूमि है, जबकि इसके समीप स्थित गाटा संख्या 1172 सिंचाई विभाग की भूमि है। दोनों गाटों के मध्य सीमा को लेकर आए दिन विवाद होता रहा है। विवाद के निस्तारण हेतु प्रार्थी के पिता फूलचन्द द्वारा अपनी भूमि
गाटा संख्या 1171 की धारा 24 के अंतर्गत पक्की पैमाइश कराई गई थी। इसके बाद उपजिलाधिकारी सदर के आदेश के अनुपालन में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल द्वारा दिनांक 20 दिसंबर 2023 को मौके पर पत्थर गड्डी कर सीमांकन किया गया। बावजूद इसके, सहखातेदार धर्मावती देवी पत्नी दिनेश कुमार मौर्य के प्रार्थना पत्र पर पुनः दिनांक 10 नवंबर 2025 को राजस्व एवं सिंचाई विभाग की संयुक्त उपस्थिति में गाटा संख्या 1171 का दोबारा सीमांकन कराया गया। सीमांकन के उपरांत उपजिलाधिकारी सदर मीरजापुर ने दिनांक 17 दिसंबर 2025 को अधिशासी अभियंता, मीरजापुर नहर प्रखंड को पत्र भेजकर स्पष्ट किया कि गाटा संख्या 1171 निजी भूमिधरी भूमि है तथा गाटा संख्या 1172 नहर/सिंचाई विभाग की भूमि है, जिसमें सिंचाई विभाग
का रकबा पूर्ण है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि अनावश्यक रूप से भूमिधरी गाटा संख्या 1171 पर निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। प्रार्थी ने यह भी बताया कि वर्ष 2018 में उसकी भूमि गाटा संख्या 1171 का कुछ हिस्सा एनएच-07 हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित किया गया था, जिसका मुआवजा भी विधिवत रूप से प्राप्त किया जा चुका है, जिससे भूमि की वैधानिक स्थिति पहले से ही स्पष्ट है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि स्पष्ट सीमांकन और अभिलेखों के बावजूद यदि कोई उसकी निजी भूमि पर अतिक्रमण या निर्माण का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न बने।
- मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र की अष्टभुजा चौकी अंतर्गत अकोढ़ी गाँव में आधी रात सनसनी फैल गई, जब बदमाश बाउंड्री फांदकर घर के अंदर घुस आए और खड़ी बाइक में आग लगा दी। आरोप है कि हमलावरों ने गैस सिलेंडर में भी आग लगाने की कोशिश की, लेकिन सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ और परिवार की जान बच गई। पीड़ित रामेश्वरनाथ तिवारी का कहना है कि यह पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश थी। शोर मचने पर आसपास के लोग पहुंचे तो बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा प्रतीत होता है। अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी गई है।1
- जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान एवं राष्ट्रीय कृमि दिवस को सफल बनाने की अपील की1
- Post by Khulasach TV1
- Bhim sena3
- मिर्जापुर के बरौधा निवासी कृष्णा दुबे ने उप जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि एक सरकारी वकील आम रास्ते को कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। कृष्णा दुबे के अनुसार, उनके मकान के सामने 8 फीट चौड़ा रास्ता है, जिसे विपक्षीगण बंद करने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने उप जिलाधिकारी से राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रास्ते का नाप कराने और विपक्षीगण को आदेशित करने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि विपक्षीगण उन्हें धमकी भी दे रहे हैं।3
- AIMIM का कार्यालय का जंगीगंज हाईवे पर शुभारंभ1
- बहुत अच्छा सो है जो कि मेरे सेठ की वाइफ है और मेरा पेमेंट नहीं दिया इसकी वजह से हमने उसके वाइफ का और उसका फोटो वीडियो वायरल कर रहे हैं1
- मीरजापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरौधा में रहने वाले श्री कृष्ण दूबे और उनकी पत्नी, जो दोनों शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, ने गांव के ही कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित दंपत्ति का कहना है कि उनके घर के सामने लगभग 8 फीट चौड़ा सार्वजनिक रास्ता है, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों का रोज आना-जाना होता है। आरोप है कि रमाकांत, उमाकांत, श्रीकांत और शिवकांत, जो आपस में भाई हैं, इस रास्ते पर जबरन कब्जा कर रहे हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। दंपत्ति का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि रमाकांत और उमाकांत पेशे से वकील हैं और दबंगई दिखा रहे हैं। न्याय की मांग को लेकर दिव्यांग दंपत्ति ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर पत्रक सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि राजस्व टीम से मौके की पैमाइश कराई जाए, रास्ता खाली कराया जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1