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भोपाल के विठ्ठल मार्केट में SINMA आर्टिफिशियल ज्वेलरी शोरूम का भव्य शुभारंभ किया गया। यह उद्घाटन राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर द्वारा संपन्न हुआ।
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भोपाल के विठ्ठल मार्केट में SINMA आर्टिफिशियल ज्वेलरी शोरूम का भव्य शुभारंभ किया गया। यह उद्घाटन राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर द्वारा संपन्न हुआ।
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- भोपाल जिले के मॉडल ग्राउंड स्थित अबूबकर मस्जिद के पास के दुकानदार गंदगी की समस्या से बेहद परेशान हैं। इस मामले को ए एम न्यूज़ के आमिर खान ने उठाया है।1
- सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने आज जिला अस्पताल में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर राष्ट्रीय पल्स पोलिया अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री मनोज उपाध्याय, सीएमएचओ डॉ. दिनेश खत्री, सिविल सर्जन डॉ. अनिल ओड सहित अन्य अधिकारी तथा समाजसेवी उपस्थित रहे।1
- रिपोर्ट के अनुसार, रायसेन में सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने आज जिला अस्पताल में राष्ट्रीय पल्स पोलिया अभियान का शुभारंभ किया। सांची विधानसभा क्षेत्र के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने प्रातः 10 बजे बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय, सीएमएचओ डॉ. दिनेश खत्री, सिविल सर्जन डॉ. अनिल ओड सहित अन्य अधिकारी और समाजसेवी उपस्थित रहे।3
- भोपाल स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पालीटेक्निक भवन में फनकार म्यूजिकल नाइट का आयोजन किया गया।3
- आज राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत विदिशा के जिला अस्पताल सहित अनेक स्थानों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय विभाग के मुकेश टंडन, एडीएम अनिल डामोर, जिला चिकित्सालय अधिकारी रामहित, और सिविल सर्जन अनूप वर्मा सहित जिला अस्पताल का बड़ी संख्या में स्टाफ मौजूद रहा। सिविल सर्जन अनूप वर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत शून्य से पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई है।4
- यह भावनात्मक अभिव्यक्ति है कि दिलों की महफिल में नींद की नीलामी हो जाती है। यह बताया गया है कि किसी को भूलकर सो पाना इतना आसान नहीं होता, जिससे गहरी भावनात्मक कठिनाई का संकेत मिलता है।1
- मध्य प्रदेश के सिरोंज से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सरकारी सिस्टम की शर्मनाक बेरुखी और इंसानियत के दफन होने की तस्वीर पेश की है। एक 5 साल के मासूम की मौत के बाद, जब बिलखता हुआ पिता अपने बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा, तो उसे वहाँ न तो कोई व्यवस्था मिली, न स्ट्रेचर और न ही कोई गार्ड। हद तो तब हो गई जब पोस्टमार्टम के लिए उस मजबूर बाप को अपने कलेजे के टुकड़े की लाश को हाथों में उठाकर पैदल चलना पड़ा। इस घोर लापरवाही के खिलाफ अब परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है और वे अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक गरीब लोग इस लापरवाह तंत्र की बलि चढ़ते रहेंगे। प्रशासन से इस मामले पर संज्ञान लेने और सोए हुए सिस्टम को जगाने की अपील की जा रही है।1