एक भक्त ने परमेश्वरी माँ से दिन-रात हुए सहस्त्रों अपराधों के लिए क्षमा याचना की है, उन्हें अपना दास मानकर कृपापूर्वक इन अपराधों को क्षमा करने का निवेदन किया गया है। भक्त ने स्वीकार किया है कि वह न तो आह्वान करना जानता है, न विसर्जन करना और न ही पूजा करने का सही ढंग जानता है, जिसके लिए माँ से क्षमा मांगी गई है। यह प्रार्थना की गई है कि मंत्रहीन, क्रियाहीन और भक्तिहीन जो भी पूजन किया गया है, वह सब माँ की कृपा से पूर्ण हो जाए। भक्त का विश्वास है कि सैकड़ों अपराध करके भी जो जगदम्बा की शरण में जाकर उन्हें पुकारता है, उसे ऐसी गति प्राप्त होती है जो ब्रह्मादि देवताओं के लिए भी सुलभ नहीं है। अपराधी होते हुए भी अपनी शरण में आए हुए इस दया के पात्र भक्त ने माँ से अज्ञान, भूल या बुद्धि भ्रांत होने के कारण हुई किसी भी न्यूनता या अधिकता को क्षमा करने और प्रसन्न रहने की गुहार लगाई है। सच्चिदानन्दस्वरूपा परमेश्वरी और जगत माता कामेश्वरी से प्रेमपूर्वक इस पूजा को स्वीकार करने और प्रसन्न रहने का आग्रह किया गया है। देवि सुरेश्वरी, जो गोपनीय से भी गोपनीय वस्तु की रक्षा करने वाली हैं, उनसे निवेदन किए गए इस जप को ग्रहण करने और अपनी कृपा से सिद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की गई है। भक्त ने जय माता दी कहते हुए माँ से सबका कल्याण करने की कामना की है।
एक भक्त ने परमेश्वरी माँ से दिन-रात हुए सहस्त्रों अपराधों के लिए क्षमा याचना की है, उन्हें अपना दास मानकर कृपापूर्वक इन अपराधों को क्षमा करने का निवेदन किया गया है। भक्त ने स्वीकार किया है कि वह न तो आह्वान करना जानता है, न विसर्जन करना और न ही पूजा करने का सही ढंग जानता है, जिसके लिए माँ से क्षमा मांगी गई है। यह प्रार्थना की गई है कि मंत्रहीन, क्रियाहीन और भक्तिहीन जो भी पूजन किया गया है, वह सब माँ की कृपा से पूर्ण हो जाए। भक्त का विश्वास है कि सैकड़ों अपराध करके भी जो जगदम्बा की शरण में जाकर उन्हें पुकारता है, उसे ऐसी गति प्राप्त होती है जो ब्रह्मादि देवताओं के लिए भी सुलभ नहीं है। अपराधी होते हुए भी अपनी शरण में आए हुए इस दया के पात्र भक्त ने माँ से अज्ञान, भूल या बुद्धि भ्रांत होने के कारण हुई किसी भी न्यूनता या अधिकता को क्षमा करने और प्रसन्न रहने की गुहार लगाई है। सच्चिदानन्दस्वरूपा परमेश्वरी और जगत माता कामेश्वरी से प्रेमपूर्वक इस पूजा को स्वीकार करने और प्रसन्न रहने का आग्रह किया गया है। देवि सुरेश्वरी, जो गोपनीय से भी गोपनीय वस्तु की रक्षा करने वाली हैं, उनसे निवेदन किए गए इस जप को ग्रहण करने और अपनी कृपा से सिद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की गई है। भक्त ने जय माता दी कहते हुए माँ से सबका कल्याण करने की कामना की है।
- भोपाल में जिला राजस्व प्रशासन ने राजधानी के रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट, शुभ बिजनेस जोन के संचालक और बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट वृत्त-गोविंदपुरा के आदेश पर और पुलिस बल की मौजूदगी में इस प्रोजेक्ट की कई दुकानों को कुर्क कर सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई बिल्डर पर खरीदारों से दुकान एवं व्यावसायिक संपत्तियों के नाम पर करोड़ों रुपये लेने के बावजूद उन्हें समय पर कब्जा (पजेशन) नहीं देने के आरोपों के बाद की गई। इस मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा रेरा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था, जिसके बाद न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालन में राजस्व प्रशासन ने यह कदम उठाया। ग्राउंड फ्लोर की दुकान क्रमांक 3, 4, 5, 16, 17 तथा प्रथम तल की दुकान क्रमांक 43, 44 एवं 45 को कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के प्रकरण क्रमांक एनबीपीएल-25-0118 में पारित आदेश के अनुपालन में हुई। कुर्की के दौरान पुलिस उपायुक्त सुरक्षा एवं गुप्तवार्ता, नगर पुलिस भोपाल से उपलब्ध कराए गए पुलिस बल के साथ-साथ राजस्व अमला और पटवारी भी मौजूद थे। एक पीड़ित महिला खरीदार ने आरोप लगाया कि उसने दुकान के लिए पूरी राशि का भुगतान कर रजिस्ट्री भी करा ली थी, लेकिन लंबे समय से उसे पजेशन नहीं दिया गया और बिल्डर लगातार केवल आश्वासन देता रहा। स्थानीय खरीदारों का भी आरोप है कि प्रोजेक्ट में कई लोगों से दुकानों और व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल किए गए, लेकिन निर्धारित समय-सीमा में न तो निर्माण पूरा हुआ और न ही कब्जा उपलब्ध कराया गया, जिससे अनेक निवेशक आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। राजस्व प्रशासन ने कहा है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है और मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य निवेशकों और खरीदारों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी शिकायतों पर भी उचित कार्रवाई हो सकेगी।1
- थाना जावर पुलिस द्वारा एक नेक्सॉन वाहन चालक के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई है। यह घटना दिनांक 3 जून 2026 को जावर तहसील कार्यालय के पास हुई, जहाँ पुलिस ने एक सफेद रंग की नेक्सॉन क्रमांक MP 09 AV 1319 को रोका। पुलिस द्वारा रोके गए इस वाहन पर काली फिल्म लगी हुई थी और उस पर नंबर प्लेट भी नहीं थी। वाहन चालक की पहचान राहुल पिता कुमेरसिंह सेंधव निवासी बवलिया रायमल के रूप में हुई, जिसे गाड़ी सहित थाने लाया गया। चालक के विरुद्ध यातायात के नियम मोटर वाहन अधिनियम की धारा 100(2)/177 (वाहन में पारदर्शी सुरक्षा शीशा न होना) और धारा 51/177 (नंबर प्लेट न होना) सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। इस यातायात नियम उल्लंघन के लिए वाहन चालक से कुल 1000 रुपये का शमन शुल्क लिया गया। थाना जावर पुलिस ने काली फिल्म और नंबर प्लेट न होने के कारण यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले इस वाहन के खिलाफ यह चालानी कार्यवाही की है।2
- समान नागरिक संहिता (UCC) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार और माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह पूरे देश में UCC लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने भी UCC को लेकर एक समिति का गठन किया है। विधायक शर्मा ने एक अत्यंत आक्रामक बयान में कहा कि '5 बीवी 25 बच्चों की फैक्ट्री बंद होनी चाहिए।' उन्होंने स्वर्गीय इंदिरा गांधी के कथन, 'पहला बच्चा जल्दी नहीं, दूसरा बच्चा अभी नहीं, तीसरा बच्चा कभी नहीं,' का हवाला देते हुए कांग्रेस से यह बात मानने और 'मुस्लिम चश्मे को उतारने' का आग्रह किया। शर्मा ने आरोप लगाया कि देश में मुस्लिम आबादी बढ़ने से देश के अनेक हिस्सों की डेमोग्राफी बदल गई है, जिसके कारण धार्मिक संघर्ष की घटनाएँ भी बढ़ रही हैं। विधायक शर्मा ने जोर देकर कहा कि UCC के लिए पूरा देश एकजुट है और भाजपा की भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार इस कानून को अवश्य लागू करेंगी।1
- समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि "5 बीवी 25 बच्चों की फैक्ट्री बंद होनी चाहिए।" शर्मा के अनुसार, भारत सरकार और माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह पूरे देश में UCC लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं, और इसी क्रम में मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने भी UCC को लेकर एक समिति का गठन किया है। विधायक शर्मा ने इस दौरान स्वर्गीय इंदिरा गांधी के कथन, "पहला बच्चा जल्दी नहीं, दूसरा बच्चा अभी नहीं, तीसरा बच्चा कभी नहीं" को याद करते हुए उम्मीद जताई कि कांग्रेस उनकी बात मानेगी और "मुस्लिम चश्मे को उतारेगी।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में मुस्लिम आबादी बढ़ने से अनेक हिस्सों की जनसांख्यिकी बदल गई है, जिससे धार्मिक संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। शर्मा ने जोर देकर कहा कि UCC के लिए देश एकजुट है और भाजपा की भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार इस कानून को अवश्य लागू करेंगी।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बली बाबा की एक भविष्यवाणी के कारण काफी बवाल मच गया है। बताया गया है कि बली बाबा ने एक सपना देखा था, जिसके आधार पर उन्होंने यह भविष्यवाणी की है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ-मुरादाबाद रेल मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक यात्री को आम तोड़ना महंगा पड़ गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन के आउटर पर रुकने पर यात्री ने यह सोचकर पास के आम के बाग में आम तोड़ने के लिए उतरने का फैसला किया कि ट्रेन लेट है। हालांकि, आम तोड़ते हुए उसे बाग के मालिक ने देख लिया, जिसके बाद मालिक ने लाठी से उसकी जमकर कुटाई कर दी। इस घटना के बाद यात्री को आम का स्वाद तो नहीं मिला, लेकिन उसके पिछवाड़े पर लट्ठ पड़ने का अनुभव ज़रूर मिल गया, जिससे उसका पिछवाड़ा लाल हो गया।1
- मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी के विरोध में NSUI कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयान की कड़ी निंदा की और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठाई। इस प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ-मुरादाबाद रेल मार्ग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक यात्री की आम तोड़ने की कोशिश उस पर भारी पड़ गई। जानकारी के अनुसार, ट्रेन के आउटर पर रुकने का फायदा उठाकर एक यात्री पास के एक आम के बाग में आम तोड़ने के लिए उतर गया। हालांकि, यात्री को आम तोड़ते हुए बाग मालिक ने देख लिया। इसके बाद मालिक ने तुरंत 'रिसेप्शन' का जिम्मा संभालते हुए लाठी से उसकी जमकर कुटाई कर दी और उसका पिछवाड़ा लाल कर दिया। इस घटना के बाद यात्री को आम का स्वाद तो नहीं मिला, लेकिन 'दे लट्ठ दे लट्ठ' का अनुभव ज़रूर मिल गया।1