कन्नौद जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठड़ी में एक मुक्तिधाम और चबूतरे का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा करवाया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। इस निर्माण कार्य के लिए ₹5,00,000 (5 लाख) की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे एक चबूतरा और एक मुक्तिधाम शेड बनाया जाना है। आरोप है कि मुक्तिधाम शेड के लिए बनाए जा रहे 8 कॉलमों में गंभीर गुणवत्ताहीनता है। आरोपों के अनुसार, शेड के कॉलम नीचे से पतले और ऊपर से मोटे होकर बीच में तथा अन्य स्थानों से इधर-उधर झुक रहे हैं। इस संबंध में, ग्राम पंचायत कोठड़ी के सचिव मुकेश मीणा ने जानकारी दी कि पांचवें और पंद्रहवें वित्त आयोग से स्वीकृत ₹5 लाख की राशि से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण के दौरान कुछ कॉलम तिरछे हो गए थे, लेकिन उनका कहना है कि प्लास्टर से उन्हें सीधा कर दिया जाएगा। वहीं, सब इंजीनियर स्वाति कोटकर ने बताया कि उन्होंने कॉलमों में सरिया बांधते समय निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था, जिसके बाद वे दोबारा नहीं जा पाईं। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे जल्द ही कोठड़ी पंचायत में चल रहे मुक्तिधाम निर्माण कार्य को देखेंगी और यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसे नियमानुसार सही करवाया जाएगा।
कन्नौद जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठड़ी में एक मुक्तिधाम और चबूतरे का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा करवाया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। इस निर्माण कार्य के लिए ₹5,00,000 (5 लाख) की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे एक चबूतरा और एक मुक्तिधाम शेड बनाया जाना है। आरोप है
कि मुक्तिधाम शेड के लिए बनाए जा रहे 8 कॉलमों में गंभीर गुणवत्ताहीनता है। आरोपों के अनुसार, शेड के कॉलम नीचे से पतले और ऊपर से मोटे होकर बीच में तथा अन्य स्थानों से इधर-उधर झुक रहे हैं। इस संबंध में, ग्राम पंचायत कोठड़ी के सचिव मुकेश मीणा ने जानकारी दी कि पांचवें और
पंद्रहवें वित्त आयोग से स्वीकृत ₹5 लाख की राशि से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण के दौरान कुछ कॉलम तिरछे हो गए थे, लेकिन उनका कहना है कि प्लास्टर से उन्हें सीधा कर दिया जाएगा। वहीं, सब इंजीनियर स्वाति कोटकर ने बताया कि उन्होंने कॉलमों में सरिया
बांधते समय निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था, जिसके बाद वे दोबारा नहीं जा पाईं। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे जल्द ही कोठड़ी पंचायत में चल रहे मुक्तिधाम निर्माण कार्य को देखेंगी और यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसे नियमानुसार सही करवाया जाएगा।
- हरदा जिले के टिमरनी नगर स्थित तवा कॉलोनी के सीनियर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास परिसर में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 27 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका दामडे अपने कमरे में फंदे पर लटकी मिली, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। दीपिका की शादी इसी वर्ष 7 अप्रैल को दुर्गेश दामडे से हुई थी और इस दुखद घटना के समय उनकी शादी को महज एक माह से कुछ ही अधिक समय बीता था। बताया गया है कि दीपिका ने शनिवार शाम करीब 4:30 बजे अपनी साड़ी का फंदा बनाकर यह खौफनाक कदम उठाया। मृतका के मायके पक्ष वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बहन की दहेज के लिए हत्या की गई है। मायके पक्ष के लोग ससुराल वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गोड़ ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच एसडीओपी आकांक्षा तलैया कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।4
- देवास जिले के गोदना गाँव में पानी की गंभीर समस्या ने आम ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। पानी की भारी कमी के कारण स्थानीय निवासियों को दैनिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा सियासी हमला सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि "किसान लाइन में खड़ा-खड़ा ऑफलाइन हो रहा है।" यह टिप्पणी राज्य में किसानों को गेहूं खरीदी के दौरान कथित तौर पर हो रही परेशानियों के संबंध में की गई है। इस पर जनता से पूछा गया है कि क्या उनके क्षेत्र में भी किसानों को खरीदी में ऐसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।1
- यदि आपका बिजली का बिल गलत आया है या बिना किसी नोटिस के कनेक्शन काटने की धमकी दी जा रही है, तो अब डरने की ज़रूरत नहीं है। Electricity Act, 2003 की धारा 56 और देश का कानून पूरी तरह उपभोक्ताओं के साथ है, जो उन्हें ऐसी मनमानी के खिलाफ अपने अधिकारों का प्रयोग करने का अधिकार देता है। न्याय पाने के लिए चार प्रमुख कदम बताए गए हैं। सबसे पहले, उपभोक्ताओं को बिजली विभाग को लिखित शिकायत देनी चाहिए। यदि इस शिकायत से समस्या का समाधान नहीं होता है, तो अगली कार्यवाही के तौर पर CGRF (उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम) में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके बाद भी यदि राहत न मिले, तो Ombudsman (विद्युत लोकपाल) में अपील करने का विकल्प उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, अगर कोई उपभोक्ता रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार का सामना करता है, तो उसे सीधे ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) या Vigilance (सतर्कता विभाग) से संपर्क करने की सलाह दी गई है।1
- सीहोर के अमलाहा क्षेत्र में बिजली की लगातार कटौती से आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए हाइवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति में हो रही बाधाओं के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया।1
- भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के आदेशानुसार पूरे शहर में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, थाना गौतम नगर के प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर ने देर रात थाना हनुमानगंज क्षेत्र में एक चेकिंग अभियान का संचालन किया।1
- शाजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इसी क्रम में, अकोदिया स्थित 33 केवी मदाना विद्युत केंद्र पर ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप ताला जड़ दिया, जो उनके गहरे गुस्से को दर्शाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन में बिजली को मेंटेनेंस के बहाने और रात में लोड सेटिंग के नाम पर बार-बार बंद किया जा रहा है। कालापीपल, शुजालपुर, गुलाना, मोहन बड़ोदिया, पोलायकला सहित कई क्षेत्रों के निवासी भीषण गर्मी के बीच इस गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं। इस मामले को लेकर खबर में यह भी पूछा गया है कि क्या पाठकों के गांव या मोहल्ले में भी बिजली कटौती की ऐसी ही स्थिति है। लोगों से अपील की गई है कि वे कमेंट में अपने गांव/शहर का नाम और प्रतिदिन कितने घंटे बिजली कटती है, यह बताएं ताकि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचे और सच्चाई सामने आ सके।1
- भोपाल में हुई खपत के आंकड़ों के अनुसार, लोगों ने कुल 700 कोल्ड वॉटर कैन का उपयोग किया। इसके अलावा, जानवरों ने तीन टैंकरों से 3,600 लीटर पानी का सेवन किया।1
- भोपाल के इतवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने एकजुट होकर "गौ माता के सम्मान में मुस्लिम समाज मैदान में" जैसे नारे लगाए। संगठन के संरक्षक शमशुल हसन ने इस अवसर पर कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए इसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सरकार से इस मांग पर गंभीरता से विचार करने और जल्द से जल्द उचित निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। स्थानीय लोगों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं और अंततः प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी मो आरिफ खान, अदनान हसन, जाहिद पठान, भूरा भाई अत्ताउल्लाह इकबाल, जमशेद आलम, फैजान उलाहक और प्रवेश कुरैशी सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।2