अमेठी के जामों थाना क्षेत्र के बंधवा गांव के पास शारदा सहायक खंड-49 नहर में बोरे में बंद एक अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बोरे को बाहर निकलवाया, तो युवक का शव लोहे की जंजीर और भारी पत्थर से बंधा हुआ मिला। शव की यह हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या करने के बाद लाश को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से नहर में फेंका गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद हुआ यह शव कई दिन पुराना लग रहा है। इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही जामों थाना पुलिस के साथ एसओजी (SOG) टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की पहचान करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और अन्य साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
अमेठी के जामों थाना क्षेत्र के बंधवा गांव के पास शारदा सहायक खंड-49 नहर में बोरे में बंद एक अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बोरे को बाहर निकलवाया, तो युवक का शव लोहे की जंजीर और भारी पत्थर से बंधा हुआ मिला। शव की यह हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या करने के बाद लाश को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से नहर में फेंका गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद हुआ यह शव कई दिन पुराना
लग रहा है। इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही जामों थाना पुलिस के साथ एसओजी (SOG) टीम भी मौके पर पहुंच गई। टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की पहचान करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और अन्य साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के अमेठी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और विजिलेंस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इस अभियान के तहत 18 जुलाई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने सीएमओ कार्यालय में तैनात सहायक संजय मिश्रा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। संजय मिश्रा पर अपने ही विभाग के एक कर्मचारी से काम कराने के एवज में यह रिश्वत मांगने का आरोप है। इस ताजा कार्रवाई के बाद से जिले के सरकारी महकमों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। पिछले पांच वर्षों के दौरान अमेठी में पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत, शिक्षा और अन्य कई विभागों के कई अधिकारी व कर्मचारी रिश्वतखोरी के मामलों में रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं, जिसके बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ यह शिकंजा लगातार कड़ा होता जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में फर्जी SDM और RTO बनकर लोगों से अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। बांदा की कोतवाली नगर पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी एक बोलेरो वाहन में सवार होकर ई-रिक्शा चालकों को रोकते थे और खुद को RTO अधिकारी बताकर चालान व भारी जुर्माने का डर दिखाकर पैसे वसूलते थे। शुक्रवार दोपहर को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है। मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस की टीम सादे वाहन से मौके पर पहुंची और दूर से ही आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस ने देखा कि आरोपी ई-रिक्शा चालकों को रोककर उनसे पूछताछ और वसूली कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों को दबोच लिया। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस कर्मियों पर भी अपना रौब जमाने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उनका पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। पुलिस ने इन जालसाजों के कब्जे से एक लैपटॉप, वसूली के 5,400 रुपये नकद और एक बोलेरो वाहन बरामद किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक मध्य प्रदेश के रीवा का रहने वाला है, जबकि अन्य तीन आरोपी चित्रकूट जिले के निवासी हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इसके साथ ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है कि यदि वे सड़क पर किसी व्यक्ति को खुद को अधिकारी बताकर वसूली करते देखें, तो बिना जांचे-परखे कोई पैसा न दें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।2
- अमेठी में स्कूल चलो अभियान के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) अमेठी की ओर से शनिवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी के निर्देश और खंड शिक्षा अधिकारी पूजा देवी के नेतृत्व में निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करना तथा लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना था। इस रैली का शुभारंभ अमेठी के गायत्री मंदिर से हुआ, जिसके बाद यह अंबेडकर तिराहा और दुर्गापुर रोड सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस जागरूकता रैली में सैकड़ों स्कूली बच्चों ने हाथों में शिक्षा से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर भाग लिया और पूरे रास्ते नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी पूजा देवी ने अभिभावकों से अपने बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में कराने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। रैली में छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।4
- लखीमपुर खीरी में तहसील दिवस के दौरान एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ आठवीं क्लास के एक मासूम छात्र के बेबाक अंदाज और हाजिरजवाबी ने सभी का दिल जीत लिया। बच्चे के निडर तेवर और हाजिरजवाबी को देखकर खुद डीएम, सीडीओ और एसडीएम भी तुरंत एक्शन लेने पर मजबूर हो गए। दरअसल, गोटैय्याबाग का रहने वाला यह छात्र अपनी फरियाद लेकर सीधे तहसील दिवस पहुंचा था। बच्चे की माँ लोगों के घरों में काम करती हैं और उसके घर पर दबंगई दिखाते हुए उसके चाचा-चाची ने ताला लगा रखा है। जब यह बच्चा अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंचा, तो उसने बेहद निडर होकर अपने घर का ताला खुलवाने की मांग रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत वहां मौजूद पुलिस कोतवाल से कहा कि "बच्चे का काम देख लो"। इस पर बच्चे ने तपाक से जवाब दिया कि 'दिखवाइए नहीं साहब, सीधे कहिए कि ताला खुलवा दें'। इतना ही नहीं, बच्चे ने चुटीले अंदाज में यहाँ तक कह दिया कि 'आपका क्या, थोड़ा कमीशन मिल जाए तो काम हो जाएगा'। बच्चे की इस बेबाकी को सुनकर वहां मौजूद सभी प्रशासनिक अधिकारी दंग रह गए और इसके बाद पुलिस को तुरंत सख्त कार्रवाई के आदेश दे दिए गए।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में विभूतिखंड थाना क्षेत्र की समिट चौकी के अंतर्गत आने वाले क्लब जलवा के बाहर एक युवक सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से बीयर पीते हुए दिखाई दिया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी और उनकी निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।1