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राजस्थान के दूनी में सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर चिकित्सकीय अव्यवस्थाओं के चलते एक युवक की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए लोगों ने दूनी मुख्य बस स्टैंड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। यह आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में समुचित व्यवस्था न होने के कारण युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
आपणी दूनी@आवाज आपकी , हिम्मत स
राजस्थान के दूनी में सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर चिकित्सकीय अव्यवस्थाओं के चलते एक युवक की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए लोगों ने दूनी मुख्य बस स्टैंड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। यह आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में समुचित व्यवस्था न होने के कारण युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान में राज्यसभा चुनावों के ताजा अपडेट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बढ़त बनाए हुए है। वहीं, कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।1
- बालाजी से लेकर काल तक के बीच की पूरी सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इस मार्ग की मरम्मत करवाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।2
- चोरु में ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 116 (NH 116) को जाम कर दिया, जिससे दो दर्जन से अधिक वाहन फंसे रहे। यह जाम बसों के चोरु के अंदर तक जाने की मांग को लेकर लगाया गया था। ग्रामवासियों ने बसों के चौरू के अंदर प्रवेश की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।2
- चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के ऐचेर सहित आसपास के गांवों से चारधाम यात्रा पर गए लगभग 50 से 60 श्रद्धालुओं का एक समूह अपनी धार्मिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी करके सकुशल वापस लौट आया है। गांव पहुंचने पर, ग्रामीणों ने इन यात्रियों का अत्यंत गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया और पुष्पमालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। यात्रा के दौरान, श्रद्धालुओं ने केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, हरिद्वार और वाराणसी सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। यात्रियों ने बताया कि इस चारधाम यात्रा से उन्हें गहरी आध्यात्मिक शांति और धार्मिक अनुभूति प्राप्त हुई। उन्होंने देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर पूजा-अर्चना कर अपने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की। चारधाम यात्रा से लौटने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत को लेकर पूरे गांव में भारी उत्साह का माहौल रहा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लौटे हुए श्रद्धालुओं ने अपने यात्रा के अनुभवों को साझा किया और तीर्थ स्थलों की महत्ता के साथ-साथ धार्मिक परंपराओं के बारे में भी जानकारी दी।1
- केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद अब राजस्थान में इसके आगमन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे प्रदेशवासियों को मानसून से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यदि समुद्री और वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राजस्थान में मानसून 25 से 30 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग के मानसून प्रोग्रेस चार्ट के मुताबिक, इस वर्ष मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। शुरुआती चरण में राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिनमें तेज हवाएं, बादलों की गरज, धूलभरी आंधियां और हल्की से मध्यम बारिश शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की पहली दस्तक दक्षिण-पूर्वी जिलों में हो सकती है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य राजस्थान और फिर पश्चिमी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार भी दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों शाखाओं के माध्यम से आगे बढ़ेगा। फिलहाल, मौसम विभाग इसकी प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। प्रदेश में किसान, आमजन और जल संसाधनों से जुड़े विभाग मानसून की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती, पेयजल व्यवस्था और भूजल स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।1
- राजस्थान के धौलपुर में आगामी 22 जून को एक भव्य परशुराम शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा देवकीनंदन ठाकुर के साथ आयोजित होगी।1
- गुरुवार शाम को हाड़ौती क्षेत्र, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले शामिल हैं, में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित हुआ। कोटा शहर और आसपास के इलाकों में धूलभरी आंधी के बाद हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। इसी तरह, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी हाड़ौती क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।1
- महर्षि दयानंद सरस्वती से संबंधित सच्चाई जानने के लिए पाठकों को SA न्यूज़ चैनल देखने का आह्वान किया गया है।4
- फरीदाबाद के पनहेड़ा खुर्द गांव में जेवर एयरपोर्ट से जुड़े एक फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान एक भारी क्रेन पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर अभी भी फंसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा तेज आंधी के कारण हुआ, जब हाइवे निर्माण में लगी दो क्रेन गर्डर रखते समय आपस में टकरा गईं। बताया गया है कि दुर्घटना से पहले हुई बारिश के कारण घटनास्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति थी, फिर भी बारिश रुकते ही मजदूरों को काम पर लगा दिया गया था, जिसके बाद यह दुखद घटना घटित हुई।1