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नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी स्थित रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री ने आम का पौधा रोपा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
Kailash gupta tv 24
नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी स्थित रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री ने आम का पौधा रोपा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
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- नरसिंहपुर के गोटेगांव में एक ग्रामीण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।2
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी में मुख्यमंत्री ने एक साथ 40 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और विकास को नई गति मिलेगी।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में पहुंचकर अनोखे अंदाज में पटा बनेटी घुमाई। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माताओं-बहनों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ₹1835 करोड़ की राशि अंतरित की, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इस दौरान ₹296 करोड़ के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन भी किया गया।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में सीएम के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने कलेक्टर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रेस ब्रीफिंग अचानक रद्द किए जाने से नाराज पत्रकारों ने 'कलेक्टर मुर्दाबाद' के नारे लगाए।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लाडली बहना योजना की लाखों लाभार्थियों के खातों में एक क्लिक में करोड़ों रुपये की राशि भेजी। इस डिजिटल हस्तांतरण से प्रदेश भर की बहनों के चेहरे खिल उठे।1
- नरसिंहपुर के मुंगवानी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री से 'प्रेस बाइट' न मिलने और प्रशासनिक अव्यवस्था से नाराज मीडियाकर्मियों ने 'कलेक्टर मुर्दाबाद' के नारे लगाए। इस घटना ने जिला प्रशासन और मीडिया के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है, जो राज्य भर में चर्चा का विषय बन गई है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मुख्यमंत्री के लाड़ली बहना योजना कार्यक्रम में पत्रकारों को उनसे सीधा संवाद करने का अवसर नहीं मिला। क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद लगाए बैठे स्थानीय मीडियाकर्मियों में इससे गहरी नाराजगी है। पत्रकारों ने भविष्य में बड़े आयोजनों में मीडिया संवाद के लिए अलग से समय निर्धारित करने की मांग की है।1