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सेवा संकल्प अभियान के तहत 01 लाख से अधिक दीपों से जगमगाएगा कोंडागांव सेवा संकल्प अभियान के तहत 01 लाख से अधिक दीपों से जगमगाएगा कोंडागांव 'आशीर्वाद का दीया’ का होगा भव्य आयोजन, जिलेभर में एक साथ होगा दीप प्रज्ज्वलन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से जनभागीदारी और सेवा का संदेश कोंडागांव :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जिले में 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा, सुशासन, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के दौरान केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने तथा उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिलेभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रमुख गतिविधियां में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत जिलेभर में शाम 07 बजे से भव्य दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला मुख्यालय सहित विकासखण्डों, ग्राम पंचायतों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, महतारी सदन, अटल डिजिटल केन्द्र, प्रधानमंत्री आवास, अमृत सरोवर, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों, आश्रम-छात्रावासों एवं शासकीय कार्यालयों में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। जिले में लगभग 01 लाख 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाने का लक्ष्य है। ऐसे गांवों को भी विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, जहां पूर्व में बड़ी माओवादी घटनाएं हुई हैं अथवा जहां उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की गई हैं। शहीद स्मारकों, प्रतिमा स्थलों एवं सुरक्षा कैंपों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। 17 से 21 सितंबर तक ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी नाटक प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा और समर्पण की प्रेरक कहानियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इसी अवधि में ‘सेवा की कहानी’ पहल के तहत क्लस्टर, जिला एवं राज्य स्तर पर सेवा से जुड़ी प्रेरक कहानियों को सामने लाया जाएगा। 18 एवं 19 सितंबर, 28 सितंबर, 01 अक्टूबर तथा 03 अक्टूबर को ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी चित्र एवं आलेख प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को विकसित भारत के सपने और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा जाएगा। 23 से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के माध्यम से जनभागीदारी से सेवा का संकल्प लिया जाएगा। नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता से सेवा कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। 25 सितंबर से 07 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में सामुदायिक सहभागिता, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य तथा पोषण से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 29 सितंबर को ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के माध्यम से आभार एवं संकल्प के रंगों के साथ नागरिकों को जोड़ा जाएगा। चयनित नगरों एवं घर-घर तक इस पहल को पहुंचाया जाएगा। इसी प्रकार ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के माध्यम से सेवा संकल्प का संदेश राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा। 01 से 07 अक्टूबर की अवधि में ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत ‘सरकार आपके द्वार’ की भावना के अनुरूप विकासखण्ड एवं विधानसभा स्तर पर गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ा जाएगा। 06 से 10 अक्टूबर तथा 15 से 17 अक्टूबर तक ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के अंतर्गत पुनः विभिन्न स्थानों पर नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जबकि 07 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प का संदेश गांव, जिला एवं राज्य स्तर तक पहुंचाया जाएगा। 09 अक्टूबर को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के अंतर्गत पांच क्षेत्रीय केन्द्रों में नवाचार से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य युवाओं एवं प्रतिभागियों को नवाचार और समाधान आधारित सोच के लिए प्रोत्साहित करना है। अभियान की पूरी अवधि में ‘जल जन सेवा संकल्प’ के तहत जल संरक्षण एवं जल संसाधनों के प्रति जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। जल संरक्षण को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी। 17 अक्टूबर 2026 को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ‘जनकल्याण का महामंच, पंचायत से संसद तक’ की अवधारणा के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में सुशासन, जनकल्याण एवं सेवा से जुड़े विषयों पर संवाद किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं तथा आम नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाएगा। विभिन्न विभागों को गतिविधियों के सफल संचालन के लिए आवश्यक समन्वय एवं जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से कोंडागांव जिले में सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और सुशासन का व्यापक संदेश दिया जाएगा। वहीं ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत एक साथ प्रज्ज्वलित होने वाले 01 लाख 11 हजार दीप जिले की एकजुटता और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे।

4 hrs ago
user_रामकुमार भारद्वाज
रामकुमार भारद्वाज
कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
4 hrs ago
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सेवा संकल्प अभियान के तहत 01 लाख से अधिक दीपों से जगमगाएगा कोंडागांव सेवा संकल्प अभियान के तहत 01 लाख से अधिक दीपों से जगमगाएगा कोंडागांव 'आशीर्वाद का दीया’ का होगा भव्य आयोजन, जिलेभर में एक साथ होगा दीप प्रज्ज्वलन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से जनभागीदारी और सेवा का संदेश कोंडागांव :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जिले में 12 प्रमुख पहलों के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा, सुशासन, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। अभियान के दौरान केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने तथा उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिलेभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रमुख गतिविधियां में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत जिलेभर में शाम 07 बजे से भव्य दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिला मुख्यालय सहित विकासखण्डों, ग्राम पंचायतों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, महतारी सदन, अटल डिजिटल केन्द्र, प्रधानमंत्री आवास, अमृत सरोवर, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों, आश्रम-छात्रावासों एवं शासकीय कार्यालयों में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। जिले में लगभग 01 लाख 11 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाने का लक्ष्य है। ऐसे गांवों को भी विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, जहां पूर्व में बड़ी माओवादी घटनाएं हुई हैं अथवा जहां उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की गई हैं। शहीद स्मारकों, प्रतिमा स्थलों एवं सुरक्षा कैंपों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। 17 से 21 सितंबर तक ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी नाटक प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा और समर्पण की प्रेरक कहानियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इसी अवधि में ‘सेवा की कहानी’ पहल के तहत क्लस्टर, जिला एवं राज्य स्तर पर सेवा से जुड़ी प्रेरक कहानियों को सामने लाया जाएगा। 18 एवं 19 सितंबर, 28 सितंबर, 01 अक्टूबर तथा 03 अक्टूबर को ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी चित्र एवं आलेख प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को विकसित भारत के सपने और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा जाएगा। 23 से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के माध्यम से जनभागीदारी से सेवा का संकल्प लिया जाएगा। नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता से सेवा कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। 25 सितंबर से 07 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में सामुदायिक सहभागिता, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य तथा पोषण से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 29 सितंबर को ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के माध्यम से आभार एवं संकल्प के रंगों के साथ नागरिकों को जोड़ा जाएगा। चयनित नगरों एवं घर-घर तक इस पहल को पहुंचाया जाएगा। इसी प्रकार ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के माध्यम से सेवा संकल्प का संदेश राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा। 01 से 07 अक्टूबर की अवधि में ‘सेवा सेतु अभियान’ के अंतर्गत ‘सरकार आपके द्वार’ की भावना के अनुरूप विकासखण्ड एवं विधानसभा स्तर पर गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ा जाएगा। 06 से 10 अक्टूबर तथा 15 से 17 अक्टूबर तक ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के अंतर्गत पुनः विभिन्न स्थानों पर नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जबकि 07 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प का संदेश गांव, जिला एवं राज्य स्तर तक पहुंचाया जाएगा। 09 अक्टूबर को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के अंतर्गत पांच क्षेत्रीय केन्द्रों में नवाचार से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य युवाओं एवं प्रतिभागियों को नवाचार और समाधान आधारित सोच के लिए प्रोत्साहित करना है। अभियान की पूरी अवधि में ‘जल जन सेवा संकल्प’ के तहत जल संरक्षण एवं जल संसाधनों के प्रति जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। जल संरक्षण को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी। 17 अक्टूबर 2026 को ‘सुशासन सेवा संवाद’ के साथ अभियान का समापन होगा। ‘जनकल्याण का महामंच, पंचायत से संसद तक’ की अवधारणा के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में सुशासन, जनकल्याण एवं सेवा से जुड़े विषयों पर संवाद किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से जिले के विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं तथा आम नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाएगा। विभिन्न विभागों को गतिविधियों के सफल संचालन के लिए आवश्यक समन्वय एवं जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से कोंडागांव जिले में सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और सुशासन का व्यापक संदेश दिया जाएगा। वहीं ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत एक साथ प्रज्ज्वलित होने वाले 01 लाख 11 हजार दीप जिले की एकजुटता और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे।

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  • कोंडागांव: हड़ेली-बेचा मार्ग निर्माण में देरी पर AAP ने उठाए सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग कोंडागांव में हड़ेली-बेचा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। AAP विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के विधानसभा अध्यक्ष मानसिंग नेताम ने 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच की मांग की है। सड़क की स्वीकृत लागत 817.39 लाख रुपये बताई गई है। AAP ने अधूरे पुल-पुलियों का निर्माण जल्द पूरा कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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    कोंडागांव: हड़ेली-बेचा मार्ग निर्माण में देरी पर AAP ने उठाए सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग
कोंडागांव में हड़ेली-बेचा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। AAP विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के विधानसभा अध्यक्ष मानसिंग नेताम ने 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच की मांग की है। सड़क की स्वीकृत लागत 817.39 लाख रुपये बताई गई है। AAP ने अधूरे पुल-पुलियों का निर्माण जल्द पूरा कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • *✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel *✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel
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    *✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰*

अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel
*✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰*
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    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    33 min ago
  • लखनपुरी स्कूल से 290 किलो सरिया चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने पकड़ा 15 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के शासकीय प्राथमिक स्कूल से करीब, 300 किलो लोहे का सरिया चोरी करने वाले ईतवारी मण्डावी उम्र 38 वर्ष निवासी दल्लीराजहरा,हाल लखनपुरी, थाना चारामा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 290 किलो सरिया, पिकअप वाहन और कटर मशीन समेत 4 लाख 38 हजार रुपए की संपत्ति बरामद की। 6 सितंबर को रिपोर्ट के बाद पुलिस ने,100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी कबूल की। सरिया कटर मशीन से काटकर घर में छिपाया गया था। कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक हेमंत मार्गिया, आरक्षक तरुण सिन्हा, भागीरथी मण्डावी और सहायक आरक्षक शंकर खुंटे शामिल रहे।
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    लखनपुरी स्कूल से 290 किलो सरिया चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने पकड़ा
15 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के शासकीय प्राथमिक स्कूल से करीब, 300 किलो लोहे का सरिया चोरी करने वाले ईतवारी मण्डावी उम्र 38 वर्ष निवासी दल्लीराजहरा,हाल लखनपुरी, थाना चारामा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 290 किलो सरिया, पिकअप वाहन और कटर मशीन समेत 4 लाख 38 हजार रुपए की संपत्ति बरामद की।
6 सितंबर को रिपोर्ट के बाद पुलिस ने,100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी कबूल की। सरिया कटर मशीन से काटकर घर में छिपाया गया था।
कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक हेमंत मार्गिया, आरक्षक तरुण सिन्हा, भागीरथी मण्डावी और सहायक आरक्षक शंकर खुंटे शामिल रहे।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और तीज गीतों से सजा अंचल गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर कांकेर। सोलह शृंगार में सजी महिलाएं, हाथों में रची मेहंदी, तीज के पारंपरिक गीत और शिव-पार्वती के जयकारे... हरितालिका तीज पर दुर्गूकोंदल अंचल का माहौल आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। पूजा-अर्चना और रातभर चले भजन-कीर्तन के बाद दूसरे दिन गौर-गौरी विसर्जन के साथ पर्व का पारंपरिक समापन हुआ। दुर्गूकोंदल सहित हाटकोंदल, कोदापाखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीज को लेकर कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने रेत और मिट्टी से शिवलिंग के साथ गौर-गौरी की प्रतीक प्रतिमाएं तैयार कीं। पूजा स्थलों को सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। फल और पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। कड़ू भात के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज को आम बोलचाल में ‘तीजा’ कहा जाता है। पर्व की शुरुआत व्रत से पहले कड़ू भात खाने की परंपरा से होती है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल त्यागकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन हो जाती हैं। दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खासकर नवविवाहित महिलाओं में तीज को लेकर खासा उत्साह रहा। सखी-सहेलियों के साथ महिलाओं ने मिलकर तैयारियां कीं। सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कई जगह रातभर भजन-कीर्तन और तीज के पारंपरिक गीतों का दौर चलता रहा। भोर होते ही शुरू हुआ विसर्जन तीजा के दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे से फुलेरा विसर्जन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। अनुष्ठान पूरा होने के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके बाद गौर-गौरी की प्रतिमाएं और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं नदी एवं तालाबों के किनारे पहुंचीं। विसर्जन के दौरान तीज गीतों और शिव-पार्वती के जयकारों से घाट गूंज उठे। नदी-तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया। नवविवाहित महिलाओं में अपने पहले तीज व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। धार्मिक मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं। सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन गौर-गौरी विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने नदी-तालाब क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हरितालिका तीज ने एक बार फिर अंचल में आस्था, लोकपरंपरा, पारिवारिक जुड़ाव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।
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    गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर
निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और तीज गीतों से सजा अंचल
गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर
कांकेर।  सोलह शृंगार में सजी महिलाएं, हाथों में रची मेहंदी, तीज के पारंपरिक गीत और शिव-पार्वती के जयकारे... हरितालिका तीज पर दुर्गूकोंदल अंचल का माहौल आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। पूजा-अर्चना और रातभर चले भजन-कीर्तन के बाद दूसरे दिन गौर-गौरी विसर्जन के साथ पर्व का पारंपरिक समापन हुआ।
दुर्गूकोंदल सहित हाटकोंदल, कोदापाखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीज को लेकर कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने रेत और मिट्टी से शिवलिंग के साथ गौर-गौरी की प्रतीक प्रतिमाएं तैयार कीं। पूजा स्थलों को सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। फल और पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई।
कड़ू भात के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत
छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज को आम बोलचाल में ‘तीजा’ कहा जाता है। पर्व की शुरुआत व्रत से पहले कड़ू भात खाने की परंपरा से होती है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल त्यागकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन हो जाती हैं।
दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खासकर नवविवाहित महिलाओं में तीज को लेकर खासा उत्साह रहा। सखी-सहेलियों के साथ महिलाओं ने मिलकर तैयारियां कीं। सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कई जगह रातभर भजन-कीर्तन और तीज के पारंपरिक गीतों का दौर चलता रहा।
भोर होते ही शुरू हुआ विसर्जन
तीजा के दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे से फुलेरा विसर्जन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। अनुष्ठान पूरा होने के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके बाद गौर-गौरी की प्रतिमाएं और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं नदी एवं तालाबों के किनारे पहुंचीं।
विसर्जन के दौरान तीज गीतों और शिव-पार्वती के जयकारों से घाट गूंज उठे। नदी-तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया। नवविवाहित महिलाओं में अपने पहले तीज व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं।
सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन
गौर-गौरी विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने नदी-तालाब क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
हरितालिका तीज ने एक बार फिर अंचल में आस्था, लोकपरंपरा, पारिवारिक जुड़ाव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।
    user_Tokeshwar sahu
    Tokeshwar sahu
    Local News Reporter कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना.... दंतेवाड़ा में नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना। दंतेवाड़ा में तीज पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नदी के तट पर सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तीज माता की पूजा कर आशीर्वाद लिया। नदी किनारे तीज पर्व का उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। वहीं, तीज के अवसर पर नदी तट पर लोगों की चहल-पहल भी बढ़ गई।
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    नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना....
दंतेवाड़ा में नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना। दंतेवाड़ा में तीज पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नदी के तट पर सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तीज माता की पूजा कर आशीर्वाद लिया। नदी किनारे तीज पर्व का उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। वहीं, तीज के अवसर पर नदी तट पर लोगों की चहल-पहल भी बढ़ गई।
    user_Kamlesh singh thakur
    Kamlesh singh thakur
    दंतेवाड़ा, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल
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    नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल
नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल
    user_Punit markam
    Punit markam
    Voice of people भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस-व्यापारी बैठक बाजारों में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग पर चर्चा, पुलिस ने किया पैदल पेट्रोलिंग धमतरी। आगामी त्योहारी सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित रखने पुलिस और व्यापारी संघ की बैठक हुई। एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर एएसपी डीसी पटेल एवं डीएसपी साइबर भानू प्रताप चंद्राकर ने व्यापारियों से यातायात व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए। बाजार क्षेत्रों में बढ़ने वाली भीड़, पार्किंग, प्रमुख चौक-चौराहों और आमजन की सुविधा पर चर्चा हुई। पुलिस एवं व्यापारियों ने आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाए रखने पर सहमति जताई। बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मकई चौक से सदर बाजार होते हुए इतवारी बाजार तक पैदल पेट्रोलिंग की। इस दौरान यातायात दबाव वाले स्थानों का जायजा लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने त्योहारी दिनों में बाजार क्षेत्रों में विशेष निगरानी, आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी करने की बात कही। व्यापारियों से दुकानों के सामने अनावश्यक वाहन खड़े नहीं करने और यातायात व्यवस्था में सहयोग की अपील की गई। बैठक में व्यापारी संघ के पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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    त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस-व्यापारी बैठक
बाजारों में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग पर चर्चा, पुलिस ने किया पैदल पेट्रोलिंग
धमतरी। आगामी त्योहारी सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित रखने पुलिस और व्यापारी संघ की बैठक हुई। एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर एएसपी डीसी पटेल एवं डीएसपी साइबर भानू प्रताप चंद्राकर ने व्यापारियों से यातायात व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए। बाजार क्षेत्रों में बढ़ने वाली भीड़, पार्किंग, प्रमुख चौक-चौराहों और आमजन की सुविधा पर चर्चा हुई। पुलिस एवं व्यापारियों ने आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाए रखने पर सहमति जताई।
बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मकई चौक से सदर बाजार होते हुए इतवारी बाजार तक पैदल पेट्रोलिंग की। इस दौरान यातायात दबाव वाले स्थानों का जायजा लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने त्योहारी दिनों में बाजार क्षेत्रों में विशेष निगरानी, आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी करने की बात कही। व्यापारियों से दुकानों के सामने अनावश्यक वाहन खड़े नहीं करने और यातायात व्यवस्था में सहयोग की अपील की गई। बैठक में व्यापारी संघ के पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_यशवंत गंजीर
    यशवंत गंजीर
    Local News Reporter धमतरी, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बड़ेराजपुर: ग्राम कोपरा में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल ग्राम कोपरा, बड़ेराजपुर में 11 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव का श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। पूरे 11 दिनों तक बाल मंडली समिति द्वारा सुबह-शाम पूजा एवं आरती के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गणेशोत्सव को लेकर ग्रामवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
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    बड़ेराजपुर: ग्राम कोपरा में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल
ग्राम कोपरा, बड़ेराजपुर में 11 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव का श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई।
पूरे 11 दिनों तक बाल मंडली समिति द्वारा सुबह-शाम पूजा एवं आरती के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गणेशोत्सव को लेकर ग्रामवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    Local News Reporter फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
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