भारत में निजी स्कूलों (Private Schools) द्वारा पढ़ाई के नाम पर महंगी और निजी प्रकाशकों (Private Publishers) की किताबें थोपने का मामला एक गंभीर मुद्दा बन गया है, जिसे अक्सर "स्कूल बुक स्कैम" या "किताब लूट" के रूप में देखा जाता है। इस विषय से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: निजी प्रकाशकों की मनमानी: कई प्राइवेट स्कूल NCERT की सस्ती किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव डालते हैं, जो कई गुना महंगी होती हैं। आर्थिक बोझ: अभिभावकों को 7000-8000 रुपये तक की किताबें खरीदने पर मजबूर किया जाता है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। कमीशन का खेल: आरोप है कि स्कूल प्रशासन और प्रकाशक मिलकर मुनाफाखोरी करते हैं और स्कूल निजी पब्लिशर्स से कमीशन लेते हैं। NCERT बनाम निजी किताबें: NCERT की किताबें (जैसे 9वीं-12वीं के लिए) जहाँ 17-65 रुपये में मिल सकती हैं, वहीं निजी पब्लिशर्स की वही किताबें सैकड़ों-हजारों रुपये में बेची जाती हैं। प्रशासनिक कार्यवाही: बढ़ते विवाद के बीच, कई जगहों पर प्रशासन ने छापेमारी की है और स्कूलों को केवल NCERT या निर्धारित पाठ्यक्रम की किताबें चलाने के निर्देश दिए हैं। Facebook Facebook +6 इस तरह, पढ़ाई के नाम पर महंगी किताबों
भारत में निजी स्कूलों (Private Schools) द्वारा पढ़ाई के नाम पर महंगी और निजी प्रकाशकों (Private Publishers) की किताबें थोपने का मामला एक गंभीर मुद्दा बन गया है, जिसे अक्सर "स्कूल बुक स्कैम" या "किताब लूट" के रूप में देखा जाता है। इस विषय से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: निजी प्रकाशकों की मनमानी: कई प्राइवेट स्कूल NCERT की सस्ती किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव डालते हैं, जो कई गुना महंगी होती हैं। आर्थिक बोझ: अभिभावकों को 7000-8000 रुपये तक की किताबें खरीदने पर मजबूर किया जाता है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। कमीशन का खेल: आरोप है कि स्कूल प्रशासन और प्रकाशक मिलकर मुनाफाखोरी करते हैं और स्कूल निजी पब्लिशर्स से कमीशन लेते हैं। NCERT बनाम निजी किताबें: NCERT की किताबें (जैसे 9वीं-12वीं के लिए) जहाँ 17-65 रुपये में मिल सकती हैं, वहीं निजी पब्लिशर्स की वही किताबें सैकड़ों-हजारों रुपये में बेची जाती हैं। प्रशासनिक कार्यवाही: बढ़ते विवाद के बीच, कई जगहों पर प्रशासन ने छापेमारी की है और स्कूलों को केवल NCERT या निर्धारित पाठ्यक्रम की किताबें चलाने के निर्देश दिए हैं। Facebook Facebook +6 इस तरह, पढ़ाई के नाम पर महंगी किताबों
- दानापुर रेल जीआरपी पुलिस ने स्टेशन पर ग़स्ती के दौरान दो व्यक्ति को प्लेटफार्म नंबर एक पश्चिमी छोर पर पकड़ कर चेक किया तो शराब बरामद हुई, देखे पूरा वीडियो1
- यमुनानगर जिले के सलेमपुर गांव में आज सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 8 बजे एक घर में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एलपीजी गैस ट्रांसफर करते वक्त अचानक भयानक धमाका हो गया। बताया जा रहा है कि बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरी जा रही थी, तभी एक चिंगारी ने पूरे घर को आग की लपटों में घेर लिया। : धमाका इतना जोरदार था कि घर की दीवारो तक में दरार आ गईं। कुछ ही पलों में खुशियों से भरा घर चीखों और दर्द में बदल गया। इस हादसे में कई मासूम बच्चों समेत करीब 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोग जब धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे, तो वहां का मंजर दिल दहला देने वाला था—कोई अपने बच्चों को पुकार रहा था, तो कोई अपनों को बचाने की कोशिश में खुद जल रहा था।4
- पूज्य प्रेमानन्द जी महाराज के दिव्य दर्शन करके आज लाखो लोगो के साथ हम भी धन्य हो गए। वृन्दावन मे आज 9 अप्रैल 2026 को लाखो श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूज्य प्रेमानद जी महाराज के दर्शन करके खुद को निहाल कर लिया।1
- कस्बा गंगोह में प्रीपेड मीटर की समस्या को लेकर पूर्व चेयरमैन नोमान मसूद उपभोक्ताओं के साथ विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिल जमा होने के बावजूद उनके मीटर लगातार कट रहे हैं साथ ही बिना सूचना दिए पोस्टपेड मीटर को प्रीपेड में बदला जा रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इस दौरान नोमान मसूद ने एसडीओ गंगोह से मुलाकात कर उपभोक्ताओं की समस्याओं से अवगत कराया एसडीओ ने आश्वासन दिया कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाएगा2
- हुमायूं कबीर की BJP से ₹1000 करोड़ की डील: वायरल वीडियो में PMO का जिक्र, डिप्टी सीएम बनने का दावा हाल ही में एक वायरल वीडियो में हुमायूं कबीर, जो एक राजनीतिक नेता हैं, ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ एक ₹1000 करोड़ की डील हुई है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का भी जिक्र किया गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कबीर ने यह भी कहा कि यदि यह डील सफल होती है तो वह डिप्टी मुख्यमंत्री का पद हासिल कर सकते हैं। कब और कहां हुआ यह वीडियो जारी? यह वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। कबीर ने इसे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया, जहां उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए यह जानकारी साझा की। वीडियो की तिथि अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसे एक दो दिन पहले ही साझा किया गया था। क्यों है यह आरोप महत्वपूर्ण? इस आरोप की गंभीरता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि हुमायूं कबीर एक राजनीतिक पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। यदि उनकी बातों में सच्चाई है, तो यह न केवल BJP की छवि पर सवाल उठाता है, बल्कि यह देश की राजनीति में भी एक बड़ा मोड़ ला सकता है। कबीर के दावों के बाद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला चुनावी राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कबीर का बयान और प्रतिक्रिया कबीर ने कहा, “मैंने जो कहा है, वह सच है। मुझे विश्वास है कि यह डील मुझे डिप्टी मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचा सकती है। मैं न केवल अपने लिए बल्कि अपने समर्थकों के लिए भी यह हासिल करूंगा।” उनके इस बयान पर कई राजनीतिक नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।1
- Post by Royal Rajput1
- Post by Bhanu Pratap Mishra1
- यमुनानगर-जगाधरी में विकास कार्यों को लगातार रफ्तार मिल रही है। आज शहर में एक बड़ी सौंदर्यीकरण परियोजना का शुभारंभ किया गया, जिससे मुख्य मार्ग की तस्वीर बदलने वाली है। नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी ने यमुनानगर के विधायक घनश्यामदास दास अरोड़ा के साथ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौंक से विश्वकर्मा चौंक तक मेन रोड के दोनों ओर सौंदर्यीकरण कार्य का नारियल फोड़कर विधिवत शुभारंभ किया ।2 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से होने वाला यह कार्य क्षेत्र की सुंदरता और सुविधाओं में बड़ा बदलाव लाएगा।1
- डीघल गांव के सचिन फाइनेंसर को गोलियों से भूना, काली स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग।1