अकबरनगर थाना क्षेत्र के खेरैहिया पंचायत के बिचला टोला और दास टोला के निवासियों को तब बड़ी राहत मिली थी, जब उन्होंने गांव के बाहर सड़क निर्माण का शिलापट्ट देखा। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इससे उनकी वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर होगी, बच्चे सुरक्षित स्कूल जा सकेंगे, मरीजों को अस्पताल पहुंचाना आसान होगा और बाजार तक पहुंच सुगम हो जाएगी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी उनकी ये उम्मीदें अधूरी हैं, क्योंकि निर्माण की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, फिर भी सड़क का कार्य पूरा नहीं हो सका है। प्राक्कलन बोर्ड के अनुसार, 1.4 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग एक करोड़, 13 लाख रुपये की अनुमानित लागत से होना है। यह मार्ग खेरैहिया फाटक से रामगुलाम मैदान तक खेरैहिया, बिचला टोला और दास टोला को जोड़ना था। यह सड़क तीन वार्डों के लगभग 3000 लोगों के लिए बाजार, स्कूल, अस्पताल और दैनिक आवागमन का मुख्य जरिया है। शिलापट्ट के अनुसार, निर्माण कार्य 31 मई 2025 को शुरू होकर 30 मई 2026 तक पूरा होना था, लेकिन यह तिथि बीत जाने के बाद भी सड़क पर काम अधूरा है। इस संबंध में संवेदक का कहना है कि जिस योजना के तहत सड़क का निर्माण होना है, उसमें फिलहाल राशि का अभाव है। इसी कारण जिले की कई सड़कों का कार्य प्रभावित हो रहा है। संवेदक संघ ने इस समस्या को लेकर वरीय अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा है। संवेदक ने आश्वासन दिया है कि राशि आवंटित होते ही सड़क का निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
अकबरनगर थाना क्षेत्र के खेरैहिया पंचायत के बिचला टोला और दास टोला के निवासियों को तब बड़ी राहत मिली थी, जब उन्होंने गांव के बाहर सड़क निर्माण का शिलापट्ट देखा। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इससे उनकी वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर होगी, बच्चे सुरक्षित स्कूल जा सकेंगे, मरीजों को अस्पताल पहुंचाना आसान होगा और बाजार तक पहुंच सुगम हो जाएगी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी उनकी ये उम्मीदें अधूरी हैं, क्योंकि निर्माण की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, फिर भी सड़क का कार्य पूरा नहीं हो सका है। प्राक्कलन बोर्ड के अनुसार, 1.4 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग एक करोड़, 13 लाख रुपये की अनुमानित लागत से होना है। यह मार्ग खेरैहिया फाटक से रामगुलाम मैदान तक खेरैहिया, बिचला टोला और दास टोला को जोड़ना था। यह सड़क तीन वार्डों के लगभग 3000 लोगों के लिए बाजार, स्कूल, अस्पताल और दैनिक आवागमन का मुख्य जरिया है। शिलापट्ट के अनुसार, निर्माण कार्य 31 मई 2025 को शुरू होकर 30 मई 2026 तक पूरा होना था, लेकिन यह तिथि बीत जाने के बाद भी सड़क पर काम अधूरा है। इस संबंध में संवेदक का कहना है कि जिस योजना के तहत सड़क का निर्माण होना है, उसमें फिलहाल राशि का अभाव है। इसी कारण जिले की कई सड़कों का कार्य प्रभावित हो रहा है। संवेदक संघ ने इस समस्या को लेकर वरीय अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा है। संवेदक ने आश्वासन दिया है कि राशि आवंटित होते ही सड़क का निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
- लखीसराय जिले के मननपुर बाजार में अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जमीनी स्तर पर नहीं हो सकी, जिसके चलते वे वर्तमान नोटिस को लेकर भी संशय में हैं। वे सीधे तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारी 'दाना पानी' लेकर शांत हो जाते हैं और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण है, जिसमें कई जगहों पर स्थायी निर्माण भी कर लिए गए हैं। लोगों का मानना है कि वास्तविक कार्रवाई तभी मानी जाएगी जब अतिक्रमित भूमि को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अभियान चलाने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि खाली होती है, तो बाजार की व्यवस्था सुधरेगी और आम लोगों को भी राहत मिलेगी।3
- तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 13 में हुई हल्की बारिश के बाद सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है, जहाँ जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। इस स्थिति से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने शनिवार सुबह करीब 11 बजे बताया कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक सड़कों पर जमा रहता है, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित होता है। कई जगहों पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है, वहीं दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का डर बना रहता है। वार्ड निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन अब यह गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से तुरंत जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो मानसून के दौरान हालात और भी बदतर हो सकते हैं।1
- मुंगेर जिले के असरगंज स्थित जलालाबाद में कल्पना मेडिकल के पास मुख्य सड़क बुरी तरह से खराब हो गई है। सड़क की खस्ताहालत के साथ-साथ नाला भी टूट गया है, जिसके कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या नगर पंचायत असरगंज के क्षेत्र में वाहन चालकों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।4
- खगड़िया जिले के इटहरी पंचायत अंतर्गत हरिपुर के वार्ड नंबर 7 में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है, जहां करीब एक साल से बरसात का पानी जमा रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है और लंबे समय से इसपर पानी जमा होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक कोई भी इसे देखने या इस पर कार्रवाई करने वाला नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- खगड़िया के लाल बाबू गर्ल्स हाई स्कूल में शनिवार को विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक सदर विधायक बबलू कुमार मंडल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्राओं के सर्वांगीण विकास, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विधायक ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। सभा को संबोधित करते हुए विधायक बबलू कुमार मंडल ने जोर दिया कि किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों और वहां पढ़ने वाले बच्चों पर निर्भर करता है। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर ध्यान देने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया, क्योंकि एक शिक्षित बेटी न केवल स्वयं को बल्कि पूरे परिवार और समाज को शिक्षित एवं जागरूक बनाती है। विधायक ने छात्राओं को बिहार सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रोत्साहन राशि योजना, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक योजना जैसे विभिन्न कल्याणकारी एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है, जिसका परिणाम है कि आज बड़ी संख्या में बेटियां विद्यालय और महाविद्यालय तक पहुंच रही हैं तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रही हैं। विधायक ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर पूरी ईमानदारी से प्रयास करने, बुरी संगति और नकारात्मक सोच से दूर रहकर शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाने की सलाह दी। बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने विद्यालय की चहारदीवारी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की मांग की। विधायक ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए विद्यालय की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराने और चहारदीवारी निर्माण के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित एवं व्यवस्थित बन सके। उन्होंने बताया कि वे लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में बैठकें कर रहे हैं, ताकि उनकी वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान किया जा सके और क्षेत्र के सभी विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा सकें। बैठक में जदयू नेता दीपक सिन्हा, उमेश सिंह पटेल, सुनीत चौधरी, लक्ष्मी नारायण राय, यशवंत सिंह पटेल, अजय कुमार, अवध किशोर राय, रामप्रीत साह, निशिकांत कुमार, धर्मवीर कुमार, शशिभूषण कुमार तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक रत्नेश कुमार पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। अंत में विधायक ने छात्राओं से अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए पूरी निष्ठा से पढ़ाई करने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि लाल बाबू गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राएं आने वाले दिनों में शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर जिले और राज्य का गौरव बढ़ाएंगी।1
- भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत डंडा बाजार स्थित छोटी दोस्तानीग्राम में एक गली पिछले एक महीने से क्षतिग्रस्त पड़ी है। इस टूटी हुई गली के कारण स्थानीय निवासियों को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गली के क्षतिग्रस्त हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।1
- लखीसराय ज़िले के मननपुर बाज़ार में अतिक्रमण हटाने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज़ हो गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद, स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है; पहले भी कई बार ऐसे नोटिस जारी हुए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। बाज़ार क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी ज़मीन पर वर्षों से अतिक्रमण बना हुआ है, और कई जगहों पर तो स्थायी निर्माण तक कर लिए गए हैं। लोगों का मानना है कि पिछली बार की तरह, इस बार भी प्रशासन “दाना पानी लेकर शांत” हो सकता है, जिससे वास्तविक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा। वे मौजूदा नोटिस को लेकर भी संशय में हैं और कहते हैं कि असली कार्रवाई तभी मानी जाएगी जब अतिक्रमित भूमि को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीक़े से अभियान चलाने तथा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। उनका दृढ़ता से कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि खाली हो जाती है, तो बाज़ार की व्यवस्था में सुधार होगा और आम लोगों को रोज़मर्रा की सहूलियत मिलेगी।4
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए बदलाव के बाद राज्य में तेज़ी से स्थिति बदल रही है। इसी माहौल के बीच, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी पर उस समय हमला हुआ, जब वे चुनावी हिंसा में घायल हुए TMC कार्यकर्ताओं से मिलने पहुँचे थे। इस घटना के दौरान भीड़ ने अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंके और उनकी शर्ट भी फाड़ दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें हेलमेट पहनाकर बड़ी मुश्किल से घटनास्थल से सुरक्षित निकाला गया। अभिषेक बनर्जी ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहाँ पहले से मौजूद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर उनके साथ मारपीट की। बनर्जी के अनुसार, हेलमेट पहनने की वजह से ही उनका सिर गंभीर चोट से बच गया।1