दर्द भरी सच्ची कहानी (Part 3) कहानी अब और भी दर्दनाक मोड़ पर आ चुकी है… 😔 💔 दर्द भरी सच्ची कहानी (Part 3) कहानी अब और भी दर्दनाक मोड़ पर आ चुकी है… 😔 मां-बाप हर दिन उसे समझाते थे… 👉 “बेटा, गलत संगत छोड़ दो…” 👉 “अपना भविष्य खराब मत करो…” लेकिन… अब वह बच्चा उनके शब्दों को सुनता ही नहीं था… 😢 उसे अपने घर वालों की बात बुरी लगने लगी… और बाहर वालों की हर बात सही लगने लगी… 👉 दोस्त जो कहे — वही सही… 👉 दोस्त का भाई जो बोले — वही सही… 👉 दोस्त की मां, दोस्त की बहन — सबकी बात मानता था… लेकिन… 👉 अपने मां-बाप की एक भी बात नहीं… 💔 धीरे-धीरे वह पूरी तरह बदल चुका था… 🥀 अब उसकी जिंदगी का एक ही नियम था — 👉 दोस्तों के साथ बैठना… 👉 बाजार में घूमना… 👉 और पैसे उड़ाना… उसके मां-बाप ने जो दुकान खुलवाई थी… जिससे वह कुछ बन सकता था… वही दुकान अब उसकी बर्बादी का जरिया बन गई… 😭 👉 दुकान से जो भी कमाई होती… 👉 वह सीधे दोस्तों पर खर्च हो जाती… कभी पार्टी… कभी नशा… कभी बेवजह की मौज-मस्ती… और वह बच्चा… जिसे एक जिम्मेदार इंसान बनना था… अब अपने ही हाथों से अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहा था… 💔 मां-बाप रोज रोते थे… 👉 “हमने क्या कमी कर दी…?” 👉 “कहां गलती हो गई हमसे…?” लेकिन… अब उनके आंसू भी उस बच्चे तक नहीं पहुंचते थे… 😞 यह कहानी सिर्फ एक बच्चे की नहीं है… 👉 यह हर उस घर की कहानी है… जहां गलत दोस्ती 👉 एक पूरे परिवार को तोड़ देती है… क्या अब भी वक्त बचा है…? क्या वह बच्चा कभी सुधर पाएगा…? 👉 जानने के लिए पढ़ें Part 4… ✍️ लेखक: राकेश कुमार 📍 कहुआरा नारदीगंज नवादा
दर्द भरी सच्ची कहानी (Part 3) कहानी अब और भी दर्दनाक मोड़ पर आ चुकी है… 😔 💔 दर्द भरी सच्ची कहानी (Part 3) कहानी अब और भी दर्दनाक मोड़ पर आ चुकी है… 😔 मां-बाप हर दिन उसे समझाते थे… 👉 “बेटा, गलत संगत छोड़ दो…” 👉 “अपना भविष्य खराब मत करो…” लेकिन… अब वह बच्चा उनके शब्दों को सुनता ही नहीं था… 😢 उसे अपने घर वालों की बात बुरी लगने लगी… और बाहर वालों की हर बात सही लगने लगी… 👉 दोस्त जो कहे — वही सही… 👉 दोस्त का भाई जो बोले — वही सही… 👉 दोस्त की मां, दोस्त की बहन — सबकी बात मानता था… लेकिन… 👉 अपने मां-बाप की एक भी बात नहीं… 💔 धीरे-धीरे वह पूरी तरह बदल चुका था… 🥀 अब उसकी जिंदगी का एक ही नियम था — 👉 दोस्तों के साथ बैठना… 👉 बाजार में घूमना… 👉 और पैसे उड़ाना… उसके मां-बाप ने जो दुकान खुलवाई थी… जिससे वह कुछ बन सकता था… वही दुकान अब उसकी बर्बादी का जरिया बन गई… 😭 👉 दुकान से जो भी कमाई होती… 👉 वह सीधे दोस्तों पर खर्च हो जाती… कभी पार्टी… कभी नशा… कभी बेवजह की मौज-मस्ती… और वह बच्चा… जिसे एक जिम्मेदार इंसान बनना था… अब अपने ही हाथों से अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहा था… 💔 मां-बाप रोज रोते थे… 👉 “हमने क्या कमी कर दी…?” 👉 “कहां गलती हो गई हमसे…?” लेकिन… अब उनके आंसू भी उस बच्चे तक नहीं पहुंचते थे… 😞 यह कहानी सिर्फ एक बच्चे की नहीं है… 👉 यह हर उस घर की कहानी है… जहां गलत दोस्ती 👉 एक पूरे परिवार को तोड़ देती है… क्या अब भी वक्त बचा है…? क्या वह बच्चा कभी सुधर पाएगा…? 👉 जानने के लिए पढ़ें Part 4… ✍️ लेखक: राकेश कुमार 📍 कहुआरा नारदीगंज नवादा
- नवादा के VIP कॉलोनी स्थित कांग्रेस कार्यालय में असली कांग्रेसी गण द्वारा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके विचारों को याद किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा को लेकर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने बाबा साहेब के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। 👉 वीडियो को पूरा देखें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।1
- बड़ा क्यूट है1
- Tws News के संस्थापक मोहम्मद सद्दाम हुसैन माखरवी के Podcast Show Talk With Saddam Episode -01 में चीफ़ गेस्ट के रुप में मां रेहाना खातून पहूंची स्टूडियो।1
- रिपोर्टर : इम्तियाज फोनवेल का खास खबर । बिहार। नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड के तहत गांव सब्बैत मोहल्ला सज्जाद नगर के समाजसेवी मोहम्मद इसराइल के बड़ा बेटा आहिल रजा पुणे में एक होटल में मैनेजमेंट के रूप में काम करता है। शेख मोहम्मद जसीम ने बताया कि आहिल रजा की निकाह नसीम परवीन से 12 अप्रैल 2026 रविवार को गोवा में हुआ । बारात सब्बैत से 8 अप्रैल 2026 को पुणे गए थे। 13 अप्रैल सोमवार को बारात वापस के दौरान बीच रास्ते में पहाड़ और जंगल के समीप बाराती बस खराब हो गया था। यहां से गोवा 200 किलोमीटर और पुणे 180 किलोमीटर दूरी था। इस दरमियान बाराती लोग कच्चे आम तोड़कर लुफ्त उठा रहे थे । लिहाजा खराब बस मरम्मत नहीं हो पाया । और नहीं कोई दूसरा बस आ सका । नतीजा बाराती लोग को रात भर इस जंगल पहाड़ के पास गुजारना पड़ गया है । जबकि दूल्हा दुल्हन का स्विफ्ट कार पुणे पहुंच चुकी थी। इस मौके पर मोहम्मद इसराइल, अल्ताफ राजा उर्फ़ अरबाज, मोहम्मद शहबाज, मोहम्मद वसीम, अब्दुल सल्लू समय 30 लोग बाराती में शामिल थे।2
- विशेष नामांकन अभियान के तहत शिक्षा सेवक ने चलाया घर-घर जागरूकता अभियान संजय वर्मा नवादा (हिसुआ) सोमवार को नगर परिषद क्षेत्र स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, मोदी बिगहा में पदस्थापित शिक्षा सेवक मुकेश मांझी ने अपने विद्यालय के पोषक क्षेत्र मोदी बिगहा एवं करमचक गांव के विभिन्न टोलों में विशेष नामांकन अभियान के तहत घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने अनामांकित बच्चों के माता-पिता एवं अभिभावकों से मुलाकात कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा, “पापा सुन लो विनय हमारी, पढ़ने की है उम्र हमारी। कोई न छूटे अबकी बार, शिक्षा है सबका अधिकार।” उन्होंने बताया कि छह वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चों का नामांकन नजदीकी सरकारी विद्यालय में आसानी से कराया जा सकता है। यदि नामांकन के समय आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं है, तो भी विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा औपबंधिक नामांकन किया जाएगा, जिसे बाद में छह माह के भीतर पूरा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मध्याह्न भोजन, किताब-कॉपी, स्कूल ड्रेस, खेल सामग्री एवं छात्रवृत्ति जैसी सभी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। अंत में उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का शीघ्र नामांकन कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम2
- भारत के संविधान निर्माता, महान विधिवेत्ता और सामाजिक क्रांति के प्रेरणास्त्रोत बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। आपका योगदान राष्ट्र के लिए अमूल्य है। #BabasahebAmbedkar1
- Vadodara की MS University of Baroda में आयोजित ‘संस्कार संगम’ कार्यक्रम अब विवादों में घिर गया है 🚨 👉 एक छात्रा के डांस वीडियो के वायरल होते ही बहस शुरू 👉 सोशल मीडिया पर लोग बंटे—कुछ समर्थन में, कुछ विरोध में 👉 मामला अब भावनात्मक और सांस्कृतिक चर्चा का विषय बन गया है ⚠️ क्या यह अभिव्यक्ति की आज़ादी है? ⚠️ या संस्कारों के खिलाफ कदम? 💬 आपकी क्या राय है? Comment में जरूर बताएं 👇1
- एक बिहारी सौ पर भारी1