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श्री शनि देव जी महाराज 🙏🙏 जय शनि देव जी महाराज 🙏🙏🙏🙏

7 days ago
user_Varun Slathia
Varun Slathia
Local Politician Kathua, Jammu and Kashmir•
7 days ago

श्री शनि देव जी महाराज 🙏🙏 जय शनि देव जी महाराज 🙏🙏🙏🙏

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • हमीरपुर कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके। इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।
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    हमीरपुर
कांगड़ा घाटी में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर शनिवार को यहां उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक जागरुकता कार्यक्रम, रैली और मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अवसर पर मिनी सचिवालय परिसर में मॉक ड्रिल करवाई गई तो भंूकंप आने पर किस तरह से बचाव किया जाए इस पर कर्मचारियों व लोगों को जागरूक किया गया है। एसडीएम संजीत सिंह की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दमकल विभाग, पुलिस व कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया और लोगों को बचाव की जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक एक जागरुकता रैली भी निकाली गई। रैली के बाद उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें होमगार्ड्स और अग्निशमन विभाग के बचाव दल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि 121 वर्ष पूर्व कांगड़ा में आया विनाशकारी भूकंप एक बहुत बड़ी त्रासदी थी। उस समय आपदा प्रबंधन के लिए न तो कोई सिस्टम विकसित हुआ था और न ही आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता थी। लेकिन, आज के दौर में किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर जिला स्तर पर डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक प्रभावी तंत्र और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों को तत्परता तथा प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए हमारी पहले से ही तैयारी होनी चाहिए, ताकि वास्तव में आपदा आने पर जान-माल के नुक्सान को कम किया जा सके।
इस अवसर पर एसडीएम संजीत सिंह ने उपायुक्त, अन्य अधिकारियों, आईटीआई हमीरपुर और अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा कांगड़ा घाटी की भूकंप त्रासदी के इतिहास पर प्रकाश डाला।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
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    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मंडी में यूथ कांग्रेस का ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ 🔥 US ट्रेड डील और नई नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन | Mandi News
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    मंडी में यूथ कांग्रेस का ‘किसान न्याय सत्याग्रह’ 🔥 US ट्रेड डील और नई नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन | Mandi News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Crafted in wood, designed for timeless living. This wooden dining table blends warmth, durability, and modern elegance—perfect for everyday moments and special gatherings. For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors 📩 DM for inquiries 📞 Contact us: 9821545511 📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 201318
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    Crafted in wood, designed for timeless living.
This wooden dining table blends warmth, durability, and modern elegance—perfect for everyday moments and special gatherings.
For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors
📩 DM for inquiries
📞 Contact us: 9821545511
📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 201318
    user_Decoory Interiors
    Decoory Interiors
    Interior designer कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • जिला मुख्यालय में 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप की स्मृति में उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक प्रभावी मॉक ड्रिल तथा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने की। यह आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) बिलासपुर के सौजन्य से किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न विभागों की आपात स्थिति में तत्परता और समन्वय का आकलन करना रहा। इस अवसर पर डीडीएमए के स्वयंसेवकों द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। रैली के माध्यम से लोगों को सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षित स्थानों की पहचान के बारे में जागरूक किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान होमगार्ड के जवानों ने भूकंप की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया और उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया। इस समन्वित अभ्यास ने आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी तालमेल और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग, उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारी तथा स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास न केवल विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि आमजन को भी आपदा के प्रति जागरूक और सतर्क बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
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    जिला मुख्यालय में 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप की स्मृति में उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक प्रभावी मॉक ड्रिल तथा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने की।
यह आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) बिलासपुर के सौजन्य से किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न विभागों की आपात स्थिति में तत्परता और समन्वय का आकलन करना रहा।
इस अवसर पर डीडीएमए के स्वयंसेवकों द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। रैली के माध्यम से लोगों को सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षित स्थानों की पहचान के बारे में जागरूक किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान होमगार्ड के जवानों ने भूकंप की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया और उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया। इस समन्वित अभ्यास ने आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी तालमेल और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग, उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारी तथा स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास न केवल विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि आमजन को भी आपदा के प्रति जागरूक और सतर्क बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • रिपोर्ट 5 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। मुख्य समस्या: जलोड़ी दर्रे में पर्यटकों का सैलाब उमड़ने के कारण NH-305 (औट-लूरी मार्ग) पर घंटों लंबा जाम लग रहा है। विशेष रूप से घियागी से जलोड़ी दर्रे तक का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ​जाम के कारण: * शनिवार और रविवार को बाहरी राज्यों से वाहनों की अचानक वृद्धि। ​सड़कें संकरी होना और पार्किंग की सीमित व्यवस्था। ​पर्यटकों द्वारा सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी कर देना, जिससे मार्ग और छोटा हो जाता है। ​प्रभाव: जाम की वजह से न केवल पर्यटक परेशान हैं, बल्कि स्कूली बच्चों और मरीजों को भी समय पर अस्पताल पहुँचने में भारी दिक्कत हो रही है। प्रशासन के लिए ट्रैफिक को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ​मांग और सुझाव: स्थानीय लोग प्रशासन से पार्किंग की उचित व्यवस्था और वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पर्यटकों को भी सलाह दी गई है कि वे पीक समय में यात्रा करने से बचें।
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    रिपोर्ट 5 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज।
मुख्य समस्या: जलोड़ी दर्रे में पर्यटकों का सैलाब उमड़ने के कारण NH-305 (औट-लूरी मार्ग) पर घंटों लंबा जाम लग रहा है। विशेष रूप से घियागी से जलोड़ी दर्रे तक का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
​जाम के कारण: * शनिवार और रविवार को बाहरी राज्यों से वाहनों की अचानक वृद्धि।
​सड़कें संकरी होना और पार्किंग की सीमित व्यवस्था।
​पर्यटकों द्वारा सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी कर देना, जिससे मार्ग और छोटा हो जाता है।
​प्रभाव: जाम की वजह से न केवल पर्यटक परेशान हैं, बल्कि स्कूली बच्चों और मरीजों को भी समय पर अस्पताल पहुँचने में भारी दिक्कत हो रही है। प्रशासन के लिए ट्रैफिक को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
​मांग और सुझाव: स्थानीय लोग प्रशासन से पार्किंग की उचित व्यवस्था और वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पर्यटकों को भी सलाह दी गई है कि वे पीक समय में यात्रा करने से बचें।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    1 hr ago
  • हमीरपुर हमीरपुर ज़िला के उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत नंदन के गांव बल्ह हरिजन बस्ती नारकीय जीवन जी रही है। इस बस्ती की विडंबना यह है कि अपनी जमीन देने के उपरांत भी सडक़ गांव तक नहीं पहुंच पाई। करीब 500 मीटर सडक़ निकलने के बाद इसे बंद कर दिया गया जिस वजह से यह बस्ती भारी मुसीबतें झेल रही है। यहां के रास्ते तक टूट चुके हैं तथा मार्ग चलने योग्य नहीं बचे हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। इस बस्ती के लोगों ने आरोप जड़े हैं कि जहां से सडक़ मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है वहां पर इनकी जमीन है। उसी जमीन से मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है। इन्होंने तो जमीन दे दी लेकिन वायदे मुताबिक बल्ह गांव के सामान्य वर्ग ने सिर्फ अपना फायदा देखा तथा इनकी बस्ती को मार्ग नहीं निकलने दिया। वर्ष 2020 में सडक़ मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है। जब सडक़ का टै्रक बना तो बताया गया कि सामान्य वर्ग व हरिजन बस्ती के लिए इस मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। हरिजन बस्ती के ग्रामीणों ने बताया कि सडक़ का निर्माण अनुसूचित जाति उपयोग में हुआ है। ग्रामीणों ने अनुसार बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपने बच्चे स्कूल भेजने में भी हिचकिचाहट हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो इनके गांव तक का मार्ग साईकिल योग्य भी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप जड़ा है कि प्रशासन के कई मर्तबा चक्कर काट चुके हैं तथा हर बार समस्या के समाधान का आश्वसान देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है। इन ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग इनकी बस्ती तक नहीं निकाला गया तो फिर मार्ग को उस जगह पर बंद कर देंगे जहां से इनकी जमीन को लिया गया है। इन्होंने बताया कि मार्ग निकालने के लिए इनसे जमीन की कोई एनओसी नहीं ली गई है तथा मार्ग लोकनिर्माण विभाग ने निकाला है। ऐसे में अब ये लोग मजबूरीवश मार्ग को उस जगह से बंद करने की बात कह रहे हैं जहां इनकी जमीन का इस्तेमाल किया गया है। शनिवार को उपायुक्त के दरबार पहुंचे ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कर राहत पहुंचाई जाए। वर्तमान में इनका गांव विकास की दृष्टि से दूर हो चला है। यदि आज इनकी आवाज को दबाया गया तो फिर आने वाले समय में पूरा गांव सडक़ समस्या का सामना करेगा। उपायुक्त हमीरपुर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल उनके पास पहुंचा था। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण पवन कुमार का कहना है कि वर्ष 2021 से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्वर्ण समाज ने अपने घरों तक सडक़ मार्ग को निकलने दिया तथा आगे का रास्ता बंद कर दिया है। यदि ऐसा ही रहा तो यह मजबूरी में वहां से रास्ता बंद कर देंगे जहां पर सडक़ मार्ग के लिए इनकी जमीन ली गई है। राकेश कुमार का कहना है कि सडक़ सुविधा के आभाव में ग्रामीण भारी परेशानियों झेल रहे हैं। बस्ती के रास्ते तक ध्वस्त हो चुके हैं तथा कई घरों को सडक़ मार्ग के लिए बनाए ट्रैक से नुकसान हो चुका है। बरसात के दिनों में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुषमा देवी ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ मार्ग की सुविधा न मिलने से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पहले दोपहिया किसी तरह घरों तक पहुंच जाता था लेकिन अब तो रास्ते साईकिल चलाने के योग्य भी नहीं है।
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    हमीरपुर 
हमीरपुर ज़िला के उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत नंदन के गांव बल्ह हरिजन बस्ती नारकीय जीवन जी रही है। इस बस्ती की विडंबना यह है कि अपनी जमीन देने के उपरांत भी सडक़ गांव तक नहीं पहुंच पाई। करीब 500 मीटर सडक़ निकलने के बाद इसे बंद कर दिया गया जिस वजह से यह बस्ती भारी मुसीबतें झेल रही है। यहां के रास्ते तक टूट चुके हैं तथा मार्ग चलने योग्य नहीं बचे हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। इस बस्ती के लोगों ने आरोप जड़े हैं कि जहां से सडक़ मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है वहां पर इनकी जमीन है। उसी जमीन से मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है। इन्होंने तो जमीन दे दी लेकिन वायदे मुताबिक बल्ह गांव के सामान्य वर्ग ने सिर्फ अपना फायदा देखा तथा इनकी बस्ती को मार्ग नहीं निकलने दिया। वर्ष 2020 में सडक़ मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है। जब सडक़ का टै्रक बना तो बताया गया कि सामान्य वर्ग व हरिजन बस्ती के लिए इस मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। हरिजन बस्ती के ग्रामीणों ने बताया कि सडक़ का निर्माण अनुसूचित जाति उपयोग में हुआ है।
ग्रामीणों ने अनुसार बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपने बच्चे स्कूल भेजने में भी हिचकिचाहट हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो इनके गांव तक का मार्ग साईकिल योग्य भी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप जड़ा है कि प्रशासन के कई मर्तबा चक्कर काट चुके हैं तथा हर बार समस्या के समाधान का आश्वसान देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है। इन ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग इनकी बस्ती तक नहीं निकाला गया तो फिर मार्ग को उस जगह पर बंद कर देंगे जहां से इनकी जमीन को लिया गया है। इन्होंने बताया कि मार्ग निकालने के लिए इनसे जमीन की कोई एनओसी नहीं ली गई है तथा मार्ग लोकनिर्माण विभाग ने निकाला है। ऐसे में अब ये लोग मजबूरीवश मार्ग को उस जगह से बंद करने की बात कह रहे हैं जहां इनकी जमीन का इस्तेमाल किया गया है। शनिवार को उपायुक्त के दरबार पहुंचे ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कर राहत पहुंचाई जाए। वर्तमान में इनका गांव विकास की दृष्टि से दूर हो चला है। यदि आज इनकी आवाज को दबाया गया तो फिर आने वाले समय में पूरा गांव सडक़ समस्या का सामना करेगा। उपायुक्त हमीरपुर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल उनके पास पहुंचा था। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण पवन कुमार का कहना है कि वर्ष 2021 से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्वर्ण समाज ने अपने घरों तक सडक़ मार्ग को निकलने दिया तथा आगे का रास्ता बंद कर दिया है। यदि ऐसा ही रहा तो यह मजबूरी में वहां से रास्ता बंद कर देंगे जहां पर सडक़ मार्ग के लिए इनकी जमीन ली गई है।
राकेश कुमार का कहना है कि सडक़ सुविधा के आभाव में ग्रामीण भारी परेशानियों झेल रहे हैं। बस्ती के रास्ते तक ध्वस्त हो चुके हैं तथा कई घरों को सडक़ मार्ग के लिए बनाए ट्रैक से नुकसान हो चुका है। बरसात के दिनों में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुषमा देवी ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ मार्ग की सुविधा न मिलने से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पहले दोपहिया किसी तरह घरों तक पहुंच जाता था लेकिन अब तो रास्ते साईकिल चलाने के योग्य भी नहीं है।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • IIT मंडी vs माइंड ट्री स्कूल विवाद ⚠️ छात्रों का भविष्य खतरे में | हाई कोर्ट में मामला लंबित | Mandi News
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    IIT मंडी vs माइंड ट्री स्कूल विवाद ⚠️ छात्रों का भविष्य खतरे में | हाई कोर्ट में मामला लंबित | Mandi News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • हिमाचल की हैंडबॉल महिला टीम खिलाड़ियों ने एक बार फिर प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टीम ने उत्तर प्रदेश के बरेली में 54वीं वूमंस नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। फाइनल मैच में हिमाचल ने मेजबान उत्तर प्रदेश की टीम को 17-12 के स्कोर से हराकर जीत दर्ज की। उधर, महिला हैंडबॉल टीम ने नेशनल में स्वर्ण पदक विजेता बनने पर हैंडबॉल एसोसिएशन की ओर से विजेताओं के साथ ही प्रशिक्षकों को भी बधाई दी है। हिमाचल की टीम में दीक्षा गोलकीपर रही। शालिनी, भावना, मिताली, प्रियंका, गुलशन, जागृति, संजना, शिवानी, मुस्कान, चेतना, शिक्षा, बबीता, कृतिका, कनिष्का, कृतिका, दीपा ने बेहतर प्रदर्शन कर खिताब हासिल किया। हिमाचल ने शुरुआती वि मैच में तेलंगाना को एक तरफा मुकाबले ज में 30-0, जम्मू-कश्मीर को 20-3 के स्कोर से हराया। वहीं, प्री क्वार्टर फाइनल में ओडिशा को 32-5, क्वार्टर फाइनल में बेस्ट बंगाल को 29-6 के स्कोर से हराया। सेमीफाइनल मैच में हिमाचल की टीम ने छत्तीसगढ़ को 32-18 के स्कोर में हराकर फाइनल के लिए प्रवेश किया। फाइनल मुकाबले में 17-12 अंक से उत्तर प्रदेश की टीम को हराकर जीत हासिल की।
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    हिमाचल की हैंडबॉल महिला टीम खिलाड़ियों ने एक बार फिर प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टीम ने उत्तर प्रदेश के बरेली में 54वीं वूमंस नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। फाइनल मैच में हिमाचल ने मेजबान
उत्तर प्रदेश की टीम को 17-12 के स्कोर से हराकर जीत दर्ज की। उधर, महिला हैंडबॉल टीम ने नेशनल में स्वर्ण पदक विजेता बनने पर हैंडबॉल एसोसिएशन की ओर से विजेताओं के साथ ही प्रशिक्षकों को भी बधाई दी है। हिमाचल की टीम में दीक्षा गोलकीपर रही। शालिनी, भावना, मिताली, प्रियंका, गुलशन, जागृति, संजना, शिवानी, मुस्कान, चेतना, शिक्षा, बबीता, कृतिका, कनिष्का, कृतिका, दीपा ने बेहतर प्रदर्शन कर खिताब हासिल किया। हिमाचल ने शुरुआती वि मैच में तेलंगाना को एक तरफा मुकाबले ज में 30-0, जम्मू-कश्मीर को 20-3 के स्कोर से हराया। वहीं, प्री क्वार्टर फाइनल में ओडिशा को 32-5, क्वार्टर फाइनल में बेस्ट बंगाल को 29-6 के स्कोर से हराया। सेमीफाइनल मैच में हिमाचल की टीम ने छत्तीसगढ़ को 32-18 के स्कोर में हराकर फाइनल के लिए प्रवेश किया।
फाइनल मुकाबले में 17-12 अंक से उत्तर प्रदेश की टीम को हराकर जीत हासिल की।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
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