किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित फुलबड़िया बाजार, जो क्षेत्र का सर्वाधिक राजस्व देने वाला बाजार माना जाता है, पिछले तीन वर्षों से बदहाल सड़क और जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यह स्थिति बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। कॉलेज चौक से फुलबड़िया बाजार जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिसके कारण आए दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क पर लगातार जलजमाव और गंदगी के चलते स्थानीय ग्राहकों के साथ-साथ नेपाल से आने वाले ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे पूरे बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दुकानदारों ने इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जिला पदाधिकारी को कई बार आवेदन दिए हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बाजार की इस दयनीय स्थिति के मद्देनजर, दुकानदारों ने जिला पदाधिकारी से शीघ्र सड़क और नाला का निर्माण करवाकर फुलबड़िया बाजार की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने की पुरजोर मांग की है।
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित फुलबड़िया बाजार, जो क्षेत्र का सर्वाधिक राजस्व देने वाला बाजार माना जाता है, पिछले तीन वर्षों से बदहाल सड़क और जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यह स्थिति बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। कॉलेज चौक से फुलबड़िया बाजार जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिसके कारण आए दिन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क पर लगातार जलजमाव और गंदगी के चलते स्थानीय ग्राहकों के साथ-साथ नेपाल से आने वाले ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे पूरे बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दुकानदारों ने इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जिला पदाधिकारी को कई बार आवेदन दिए हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बाजार की इस दयनीय स्थिति के मद्देनजर, दुकानदारों ने जिला पदाधिकारी से शीघ्र सड़क और नाला का निर्माण करवाकर फुलबड़िया बाजार की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने की पुरजोर मांग की है।
- सोशल मीडिया पर इन दिनों कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना 60 किलोमीटर तक भारतीय सीमा में घुस आई है और उसने भारतीयों को मारना-पीटना शुरू कर दिया है। लोग इन वीडियो को धड़ल्ले से साझा कर रहे हैं और ऐसी बातें कर रहे हैं। हालांकि, इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए बताया गया है कि ये वीडियो पूरी तरह से नकली और फर्जी हैं। ये वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाए गए हैं और लोगों को गलत एवं झूठी जानकारी देने के लिए प्रसारित किए जा रहे हैं। वास्तविकता यह है कि इन वीडियो में चीनी सेना नहीं है, बल्कि ये मणिपुर की ही किसी घटना से संबंधित हैं। इन झूठी अफवाहों पर ध्यान न देने और इनसे बचने की अपील की गई है। जय हिंद।2
- अररिया के सुनील कुमार साह ने PMFME योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त की और अपनी एक मूढ़ी फैक्टरी स्थापित की। उनका यह उद्यम आज न केवल उनके परिवार की आजीविका का आधार बन गया है, बल्कि 24 अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान कर रहा है।1
- Post by Abdul Kuddus Abdul Kuddus1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की धबैली पंचायत के खारी बस्ती वार्ड नंबर 1 के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन के सामने अपनी वर्षों पुरानी मांग और परेशानी रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन अत्यधिक कठिन हो जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और आम जनता को दैनिक कार्यों के लिए आने-जाने में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, मुखिया और वार्ड सदस्य से कई बार सड़क बनाने की गुहार लगाई, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस उदासीनता के चलते ग्रामीणों में नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है। अब ग्रामीण जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें यह बुनियादी सुविधा मिल सके और उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सके।2