सवाई माधोपुर पुलिस लाइन में सेवारत कांस्टेबल कुंजीलाल मीणा का रविवार को हार्ट अटैक आने से आकस्मिक निधन हो गया। यह दुखद घटना उस समय हुई जब वे सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा की तैयारी के तहत अपनी नियमित दौड़ और शारीरिक अभ्यास कर रहे थे। इस असामयिक निधन से पुलिस विभाग और उनके परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। कोतवाली थाना अधिकारी मदन लाल मीणा ने बताया कि गंभीरा गांव के मूल निवासी कुंजीलाल मीणा इन दिनों एसआई भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। रविवार सुबह अपनी दौड़ पूरी करने के बाद वे व्यायाम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। उनके साथ मौजूद साथी पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद, कांस्टेबल कुंजीलाल मीणा के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहाँ पुलिस अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूरी की गई। इसके उपरांत, पुलिस ने दिवंगत कांस्टेबल को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी और उनके पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंप दिया। बाद में उनके पैतृक गाँव में भी राजकीय सम्मान के साथ ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में पुलिस अधिकारियों, जवानों, परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने नम आँखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कुंजीलाल मीणा के आकस्मिक निधन से पुलिस महकमे में गहरा शोक व्याप्त है।
सवाई माधोपुर पुलिस लाइन में सेवारत कांस्टेबल कुंजीलाल मीणा का रविवार को हार्ट अटैक आने से आकस्मिक निधन हो गया। यह दुखद घटना उस समय हुई जब वे सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा की तैयारी के तहत अपनी नियमित दौड़ और शारीरिक अभ्यास कर रहे थे। इस असामयिक निधन से पुलिस विभाग और उनके परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। कोतवाली थाना अधिकारी मदन लाल मीणा ने बताया कि गंभीरा गांव के मूल निवासी कुंजीलाल मीणा इन दिनों एसआई भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। रविवार सुबह अपनी दौड़ पूरी करने के बाद वे व्यायाम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। उनके साथ मौजूद साथी पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद, कांस्टेबल कुंजीलाल मीणा के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, जहाँ पुलिस अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूरी की गई। इसके उपरांत, पुलिस ने दिवंगत कांस्टेबल को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी और उनके पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंप दिया। बाद में उनके पैतृक गाँव में भी राजकीय सम्मान के साथ ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में पुलिस अधिकारियों, जवानों, परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने नम आँखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कुंजीलाल मीणा के आकस्मिक निधन से पुलिस महकमे में गहरा शोक व्याप्त है।
- सवाई माधोपुर में आगामी मानसून सत्र के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए रविवार को एसडीआरएफ कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने पुलिस लाइन स्थित अन्वेषण भवन में तैनात सी कंपनी भरतपुर की रेस्क्यू टीम सी-7 एवं सी-8 का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सवाई माधोपुर ग्रामीण वृत्ताधिकारी रामधन सिंह भी मौजूद रहे। निरीक्षण के समय सभी जवान निर्धारित ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। इसके बाद कमांडेंट ने जवानों की संपर्क सभा ली और उनकी समस्याओं तथा आवश्यकताओं की जानकारी हासिल की। उन्होंने आवास, भोजन और ईंधन सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के समुचित प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। कमांडेंट ने आपदा राहत एवं बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरणों का भी गहराई से निरीक्षण किया। उन्होंने एक प्रदर्शनी के माध्यम से जवानों से उपकरणों के संचालन एवं उपयोग संबंधी जानकारी प्राप्त की, जिसमें सभी उपकरण सुचारू और कार्यशील अवस्था में पाए गए तथा जवानों ने उनके संचालन के बारे में संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर, कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने आगामी मानसून के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित, प्रभावी और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जवानों को स्वयं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण सतर्कता, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।1
- धौलपुर में कांग्रेस सेवादल द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और सरकार पर निशाना साधना था। यह कार्यक्रम राजस्थान के धौलपुर जिले में संपन्न हुआ।1
- ग्राम पंचायत गडला के मरेठा गाँव में लंबे समय से सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सरपंच और सचिव से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन उनकी अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। बरसात के मौसम में गाँव का रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों को आने-जाने में भारी कठिनाई होती है। प्रशासन और पंचायत की उदासीनता से निराश होकर गाँव के लोगों ने अब आपसी सहयोग और श्रमदान से स्वयं सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना पंचायत का दायित्व है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण उन्हें यह काम खुद करना पड़ रहा है। इन परिस्थितियों में, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि मामले की गहन जांच कराकर शीघ्र ही पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए और पंचायत की इस गंभीर लापरवाही पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।3
- देश के कई इलाकों में मध्यम बारिश का आगमन हुआ है, जिससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह वर्षा किसानों के लिए एक शुभ संकेत लेकर आई है।1
- किसान अपनी नहरी पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस संबंध में, किसानों ने गुडला टोल से कोटा तक कूच करने की चेतावनी दी है।1
- कराहल जनपद के सदस्य और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री यश प्रताप सिंह चौहान ने अपने जनपद क्षेत्र के ग्राम चक मजीदपुर पंचायत बुखारी में एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगवाकर ग्रामीणों को बड़ी सुविधा प्रदान की है। गाँव की प्रमुख गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर ये स्ट्रीट लाइटें लगने से पूरा गाँव रोशनी से भर गया है, जिससे अब ग्रामीणों को रात के समय आने-जाने में आसानी होगी और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल के लिए यश प्रताप सिंह चौहान का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से गाँव में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगने से पूरी हो गई है और अंधेरे की समस्या दूर हो गई है। इस अवसर पर यश प्रताप सिंह चौहान ने दोहराया कि क्षेत्र का विकास करना और जनता को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी वे जनहित के कार्यों को निरंतर जारी रखेंगे, ताकि उनके क्षेत्र के हर गाँव का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।1
- उनियारा से डाबला जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग काली मिट्टी डाले जाने के कारण पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़क पर चारों ओर काली मिट्टी के फैलाव से अत्यधिक कीचड़ हो गया है, जिसके चलते पैदल चलना तो दूर, वाहनों को भी इस मार्ग से निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उपखंड कार्यालय से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर ही देखने को मिल रही है, जहाँ हल्की सी बरसात में भी लोग लगातार फिसल कर गिर रहे हैं। इस बाधित और कीचड़ भरे मार्ग के कारण वाहन चालक आए दिन चोटिल हो रहे हैं, वहीं पैदल चलने वाले लोग भी कई बार उठते और कई बार गिरते रहते हैं। सुबह दूध देने वाले और चारा लाने वाले लोगों को इतनी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है कि वे अपने बाड़ों में बंधे जानवरों का दूध भी नहीं निकाल पा रहे हैं, क्योंकि इस मार्ग से निकलना उनके लिए किसी जंग से कम नहीं लगता। नतीजतन, प्रतिदिन कई लोग चोटिल हो रहे हैं और मार्ग पर साधनों का निकलना भी दुश्वार हो गया है। लोगों ने इस गंभीर समस्या के संबंध में पंचायत प्रशासन सहित उपखंड कार्यालय और पंचायत सचिव को भी कई बार अवगत करवाया है, लेकिन अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। पंचायत प्रशासन की इस लापरवाही और समस्या के समाधान न होने के कारण स्थानीय लोगों में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।4