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Bundelkhand ke Bageshwar Dham mein pahunche prasiddh kathavachak pahunche prasiddh Katha vachak Pandit Shri Pradeep Mishra ji
Sumit chaurasiya
Bundelkhand ke Bageshwar Dham mein pahunche prasiddh kathavachak pahunche prasiddh Katha vachak Pandit Shri Pradeep Mishra ji
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- बागेश्वर धाम पहुंचकर पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने कन्याओं को दिया अनोखा संदेश1
- यह कहानी किसी परफेक्ट इंसान की नहीं, बल्कि एक ऐसे जवान की है जो सिस्टम का हिस्सा रहा, मानसिक संघर्षों से टूटा, भटका, गुस्से में जला, लेकिन अंततः खुद को जीतने में सफल रहा। यह कहानी है Avi Singh की। Avi Singh का सपना कभी एथलीट बनना नहीं था। वे इंडियन आर्मी जॉइन करना चाहते थे और देश सेवा का जज़्बा रखते थे। लेकिन जीवन ने उन्हें अलग मोड़ पर ला खड़ा किया। वे Obsessive Compulsive Disorder (OCD), Anxiety और Depression जैसी मानसिक समस्याओं से जूझने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि वे अक्सर कमरे में बंद रहना चाहते थे। लोगों से मिलने में डर लगता था और सामाजिक परिस्थितियों से घबराहट होती थी। इस दौरान कई लोगों ने उनकी स्थिति को समझने के बजाय इसे बहाना बताया। हालांकि, इस कठिन समय में कुछ अधिकारियों ने उन्हें समझा और सहयोग दिया। DIG साहब, SP साहब, CSP सर तथा RI मैम ने उन्हें केवल एक केस या कर्मचारी के रूप में नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में देखा। सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उनके बड़े भाईसाहब ने निभाई। Avi Singh स्वीकार करते हैं कि यदि उनके भाईसाहब का साथ न होता, तो शायद वे आज जीवित न होते, और यदि होते भी तो संभव है कि गुस्से और निराशा में गलत रास्ते पर भटक गए होते। इसी बीच एक मित्र ने उन्हें सलाह दी — “गुस्सा निकालना है तो दौड़ो।” यहीं से उनके जीवन में परिवर्तन की शुरुआत हुई। उन्होंने दौड़ना शुरू किया। न कोई नैसर्गिक प्रतिभा, न जन्मजात स्टैमिना — सब कुछ उन्होंने मेहनत और निरंतर अभ्यास से बनाया। शुरुआती दौर कठिन था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज 42 वर्ष की आयु में Avi Singh 42 किलोमीटर की मैराथन पूरी करते हैं। प्रत्येक मैराथन के बाद शरीर थककर टूट जाता है, लेकिन उनका कहना है कि आत्मा पहले से अधिक मजबूत हो जाती है। Avi Singh की यह यात्रा केवल शारीरिक क्षमता की कहानी नहीं, बल्कि मानसिक संघर्ष से बाहर निकलकर स्वयं को गढ़ने की प्रेरक मिसाल है। उन्होंने अपने गुस्से और पीड़ा को विनाश का कारण बनने नहीं दिया, बल्कि उसे सकारात्मक दिशा देकर अपनी नई पहचान बनाई। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि सही मार्गदर्शन, समर्थन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो व्यक्ति खुद को फिर से बना सकता है।1
- नौगांव में मुस्लिम समुदाय की लापता दो युवतियों की शादी करने का वीडियो वायरल सदमे से पिता की हालत नाजुक । वीडियो वायरल होने के बाद एक लड़की के पिता की हालत बिगड़ गई और उन्हें नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया । इधर थाना प्रभारी बाल्मीक चौबे ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। युवतियों की लोकेशन ट्रेस करने और उनके बयान दर्ज कराने की कार्यवाही जारी है ।1
- महोबा के पास से एक नई खबर आई है स्कूल में नहीं मिल रहा पोषण आहार अच्छी तरीका से जैसा पोषण आहार आता है वैसा भोजन नहीं स्कूलों में नहीं वितरण किया जा रहा है ऐसे ही एक महोबा से खबर आई है वीडियो में साफ-साफ देखा जा रहा है दूध में पानी मिलते हुए तो सुना होगा पर पानी में दूध पिलाया जा रहा है और और बच्चों को यही पिलाया जा रहा है स्कूल में मैडम को भी देख सकते हैं किस तरीका से सोई हुई है newa 111
- दीपना खेड़ा आंगनवाड़ी जांच की टीम मौके पर आंगनबाड़ी में पहुंचे जांच टीम ने गांव में जाकर गांव में पता किया तो सहायिका बच्चों को बुलाने गांव में नहीं जाती उसका हस्बैंड गांव में बुलाने जाता है बच्चों को1
- बागेश्वर धाम में सामूहिक विवाहित कार्यक्रम में पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने क्या कहा1
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- 13 फरवरी को मंडप हल्दी 14 फरवरी को संगीत मेहंदी और 15 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन होगा विशाल कन्या महोत्सव बागेश्वर धाम1