बीसलपुर तहसील में गरमाया सियासी पारा, सपा नेत्री ने जलाए 'फॉर्म 7',बीएलओ बोली वोट काटने का दवाब बनाया गया। पीलीभीत। जनपद की बीसलपुर तहसील में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी दिव्या गंगवार के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं और बीएलओ (BLO) ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोप लगाया गया कि प्रशासन द्वारा जबरन 'फॉर्म 7' भरवाकर पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटने का दबाव बनाया जा रहा है। आक्रोशित सपाइयों ने तहसील परिसर में ही फॉर्म 7 की प्रतियां फाड़कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। BLO का गंभीर आरोप: "जिंदा मतदाताओं को मृत दिखाने का दबाव" विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीसलपुर इलाके के भाग संख्या 394 की बीएलओ ममता ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ममता के अनुसार, उनके सुपरवाइजर विवेक दीक्षित ने उन्हें बड़ी संख्या में फॉर्म 7 थमाए थे और एक दिन के भीतर वोट काटने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। बीएलओ का दावा है कि जब उन्होंने इन फॉर्म्स की जमीनी जांच की, तो पाया कि जिन मतदाताओं के नाम काटने के निर्देश दिए गए हैं, वे सभी जीवित हैं और क्षेत्र में ही निवास कर रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि उन पर गलत तरीके से वोट काटने का मानसिक दबाव बनाया गया और काम न करने पर FIR दर्ज कराने की धमकी भी दी गई। तहसील परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी मामला संज्ञान में आते ही सपा नेत्री दिव्या गंगवार अपने समर्थकों के साथ तहसील पहुंचीं। उनके साथ कई अन्य बीएलओ भी खड़े नजर आए, जिन्होंने इस 'फर्जीवाड़े' का विरोध किया। दिव्या गंगवार ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस धांधली की शिकायत कर रही थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। "लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। प्रशासन के दबाव में पात्र और जीवित मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके।" - दिव्या गंगवार, सपा नेत्री SDM के सामने हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा प्रदर्शनकारी जब एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडे के पास पहुंचे, तो तीखी बहस हुई। सपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्जी फॉर्मों को निरस्त करने की बात कही, जिसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में ही फॉर्म 7 को आग लगा दी। इस घटना ने जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। एक तरफ जहां बीएलओ के आरोपों ने चुनावी शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं तहसील परिसर में सरकारी फॉर्म जलाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
बीसलपुर तहसील में गरमाया सियासी पारा, सपा नेत्री ने जलाए 'फॉर्म 7',बीएलओ बोली वोट काटने का दवाब बनाया गया। पीलीभीत। जनपद की बीसलपुर तहसील में मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी दिव्या गंगवार के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं और बीएलओ (BLO) ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोप लगाया गया कि प्रशासन द्वारा जबरन 'फॉर्म 7' भरवाकर पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटने का दबाव बनाया जा रहा है। आक्रोशित सपाइयों ने तहसील परिसर में ही फॉर्म 7 की प्रतियां फाड़कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। BLO का गंभीर आरोप: "जिंदा मतदाताओं को मृत दिखाने का दबाव" विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीसलपुर इलाके के भाग संख्या 394 की बीएलओ ममता ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ममता के अनुसार, उनके सुपरवाइजर विवेक दीक्षित ने उन्हें बड़ी संख्या में फॉर्म 7 थमाए थे और एक दिन के भीतर वोट काटने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। बीएलओ का दावा है कि जब उन्होंने इन फॉर्म्स की जमीनी जांच की, तो पाया कि जिन मतदाताओं के नाम काटने के निर्देश दिए गए हैं, वे सभी जीवित हैं और क्षेत्र में ही निवास कर रहे हैं। ममता ने आरोप लगाया कि उन पर गलत तरीके से वोट काटने का मानसिक दबाव बनाया गया और काम न करने पर FIR दर्ज कराने की धमकी भी दी गई। तहसील परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी मामला संज्ञान में आते ही सपा नेत्री दिव्या गंगवार अपने समर्थकों के साथ तहसील पहुंचीं। उनके साथ कई अन्य बीएलओ भी खड़े नजर आए, जिन्होंने इस 'फर्जीवाड़े' का विरोध किया। दिव्या गंगवार ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस धांधली की शिकायत कर रही थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। "लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। प्रशासन के दबाव में पात्र और जीवित मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं ताकि चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा सके।" - दिव्या गंगवार, सपा नेत्री SDM के सामने हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा प्रदर्शनकारी जब एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडे के पास पहुंचे, तो तीखी बहस हुई। सपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्जी फॉर्मों को निरस्त करने की बात कही, जिसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में ही फॉर्म 7 को आग लगा दी। इस घटना ने जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। एक तरफ जहां बीएलओ के आरोपों ने चुनावी शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं तहसील परिसर में सरकारी फॉर्म जलाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
- यह घटना दियोरिया कलां कोतवाली क्षेत्र की है, जहां एक युवक ने अपनी ही भतीजी के साथ हैवानियत की। बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, वहीं लोकलाज और परिजनों के गुस्से के डर से आरोपी ने खुदकुशी कर ली।1
- Post by संदीप निडर1
- *दबंगों का आतंक: विधवा महिला को धमकी, पशु की जान को खतरा* पूरनपुर, पीलीभीत: एक विधवा महिला के साथ दबंगों ने की मारपीट और धमकी दी है। महिला के खेत में घुसकर दबंगों ने बरसीम काटी और जब महिला ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। पीड़ित महिला ने बताया कि गांव के विवेक, बबलू और सूरज पुत्रगण इतवारी लाल निवासी वजरियां ने उसके खेत में घुसकर बरसीम काटी। जब उसने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। इसके बाद उन्होंने चारे में जहरीली दवाओं का छिड़काव किया, जिससे पास में बंधा एक पशु बेहोश होकर गिर गया। पीड़ित महिला ने बताया कि ये दबंग आये दिन गांव में विवाद करते रहते हैं और किसी से नहीं डरते। उन्होंने बताया कि इन दबंगों के खिलाफ गांव का कोई आदमी गवाही देने में कतराता है, क्योंकि वे दबंग हैं और किसी को नहीं छोड़ते। पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी चार लड़कियां हैं, जो शादी योग्य हैं। वह नहीं चाहती कि उसके परिवार को इन दबंगों के कारण किसी भी प्रकार की परेशानी हो। लेकिन ये दबंग उसकी लड़कियों को आये दिन अभद्र इशारे करते हैं और उसे धमकी देते हैं। आज भी इन दबंगों ने उसके साथ गलत नियत से उसका हाथ पकड़ा और धमकी दी कि अगर उसने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की, तो इसका अन्जाम बुरा होगा। पीड़ित महिला ने उपजिलाधिकारी महोदय कोर्ट में 126, 135 बी.एन.एस के अन्तर्गत कार्यवाही पूरनपुर न्यायालय बल रही है और एक कार्यबाही जिला जज पीलीभीत के यहां चल रही है। लेकिन इसके बावजूद भी दबंगों का आतंक जारी है। पीड़ित महिला ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और इन दबंगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।1
- बरेली के आयुक्त भूपेंद्र एस चौधरी बीसलपुर, पीलीभीत पहुंचे- #कमिश्नर #NewsUpdate #UttarPradesh #जनसुनवाई #BJPGovernment #MYogiAdityanath #richhola1
- नशे के कारोबार पर पुलिस प्रशासन का चला हंटर युवक को किया गिरफ्तार l1
- पीलीभीत # डीएम,#एसपी ने गरीब फरियादी #महिला को अपने हाथ से खिलाए #काजू # बादाम महिला ने दी दुआएं.1
- UGC से जुड़े हालिया फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज के बीच नाराज़गी खुलकर सामने आ रही है। पीलीभीत और बीसलपुर क्षेत्र में लोगों ने कहा कि यह निर्णय उनके अधिकारों और भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित करता है। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से समाज की मांगों की अनदेखी हो रही है। युवाओं का कहना है कि UGC से जुड़े बदलावों से शिक्षा और रोज़गार पर सीधा असर पड़ेगा, जबकि वरिष्ठों ने इसे सामाजिक संतुलन के खिलाफ बताया।1
- सपा नेता राजकुमार "राजू" ने फर्जी शिकायतों पर वोट काटने को लेकर किया उपजिलाधिकारी का घेराव,सौपा ज्ञापन। पूरनपुर/पीलीभीत:समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार ‘राजू’ ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के नाम पर प्रपत्र-7 के जरिए सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के वोट काटने की साजिश का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी, पीलीभीत को भेजी गई शिकायत में कहा कि पूरनपुर क्षेत्र के अनेक बूथों पर बड़ी संख्या में ऐसे प्रपत्र-7 भरे पाए गए जिनके बारे में स्वयं तथाकथित आपत्तिकर्ताओं को कोई जानकारी ही नहीं है। सपा नेता राजकुमार ‘राजू’ ने कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और फर्जी हस्ताक्षरों व दबाव के माध्यम से मताधिकार छीनने की कोशिश बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर एक ही ढर्रे पर फार्म तैयार कराकर मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया, जो निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी संदिग्ध प्रपत्र तत्काल निरस्त किए जाएं, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों और साजिश में शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए राजकुमार ‘राजू’ ने चेतावनी देते हुए कहा कि मतदाता सूची से छेड़छाड़ की किसी भी कोशिश को समाजवादी कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा इस दौरान प्रमुख रूप से पूर्व विधायक अरशद खान,पूर्व जिलाध्यक्ष उमाशंकर यादव,विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष संजय सिंह यादव,सछास के पूर्व प्रदेश सचिव नोमान अली वारसी,वरिष्ठ सपा नेता ओम शर्मा,युवा नेता संजय खान,नाबीर अली मंसूरी,बसंत भारती सहित सैकड़ो की संख्या मे सपा कार्यकर्ताओं की उपस्तिथि रही।1