प्रयागराज के सरूपरानी जिला चिकित्सालय में एक बार फिर बवाल हो गया है, जहाँ डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। यह मामला पूर्व में एक जूनियर डॉक्टर द्वारा महिला अधिवक्ता को पीटे जाने की घटना से जुड़ा है, जिसके बाद डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच सीधे टकराव हुआ था और अधिवक्ता धरने पर बैठ गए थे। शासन-प्रशासन के काफी प्रयासों के बाद वह धरना समाप्त किया गया था, और कुछ डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। हालांकि, मुकदमे के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण अधिवक्ता एक बार फिर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पिछली घटना के बाद 20 डॉक्टरों के निलंबन की बात कही गई थी, लेकिन आज तक उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए और जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई का दावा किया गया था, वे अब भी अस्पताल में सामान्य रूप से कार्य करते दिखाई दे रहे हैं। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है, तो यह केवल कागजी कार्रवाई मानी जाएगी।
प्रयागराज के सरूपरानी जिला चिकित्सालय में एक बार फिर बवाल हो गया है, जहाँ डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। यह मामला पूर्व में एक जूनियर डॉक्टर द्वारा महिला अधिवक्ता को पीटे जाने की घटना से जुड़ा है, जिसके बाद डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच सीधे टकराव हुआ था और अधिवक्ता धरने पर बैठ गए थे। शासन-प्रशासन के काफी प्रयासों के बाद वह धरना समाप्त किया गया था, और कुछ डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। हालांकि, मुकदमे के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण अधिवक्ता एक बार फिर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पिछली घटना के बाद 20 डॉक्टरों के निलंबन की बात कही गई थी, लेकिन आज तक उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए और जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई का दावा किया गया था, वे अब भी अस्पताल में सामान्य रूप से कार्य करते दिखाई दे रहे हैं। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है, तो यह केवल कागजी कार्रवाई मानी जाएगी।
- पूरे देश भर में महंगाई की भीषण आग लगी हुई है, जिसकी वजह से लोगों की नींद उड़ने वाली है। इस स्थिति को देखकर कहा जा रहा है कि राहुल की कही गई बात अब सच साबित हुई है।1
- प्रयागराज के बहादुरपुर क्षेत्र में हनुमानगंज स्थित जगतपुर के ममता हॉस्पिटल ने जनसेवा और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मरीजों को रियायती और निःशुल्क चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करने की एक सराहनीय पहल की है। अस्पताल की इस पहल का लाभ स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले मरीज भी उठा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीजों के लिए नियमित तौर पर निःशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रकार की पैथोलॉजिकल और अन्य चिकित्सीय जाँचों पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है, जिससे जरूरतमंद लोगों को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। ममता हॉस्पिटल में निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, दवाओं पर विशेष रियायत और निःशुल्क बेड चार्ज जैसी सुविधाएँ भी दी जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। यह जनहितकारी पहल संस्थापक संतोष आर्मी और ममता रानी के नेतृत्व में संचालित हो रही है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अस्पताल प्रबंधन ने 'मानव सेवा ही सर्वोच्च धर्म है' के मूलमंत्र पर जोर देते हुए कहा कि जनकल्याण के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। क्षेत्रवासियों ने ममता हॉस्पिटल की इस पहल की सराहना की है और इसे जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में अस्पताल के प्रति विश्वास और सम्मान लगातार बढ़ रहा है।1
- देश में यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या अब कोर्ट ही देश का संचालन करेगा। इसी बीच, यह भी घोषणा की गई है कि एक कानून में बदलाव किया गया है, और इस परिवर्तन को 'मोदी पॉवर' का परिणाम बताया गया है।1
- पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ है। आरोप है कि BJP कार्यकर्ताओं ने उनसे मारपीट की, अंडे फेंके और उनकी शर्ट फाड़ दी। यह घटना तब हुई जब अभिषेक बनर्जी चुनावी हिंसा में घायल हुए TMC कार्यकर्ताओं से मिलने सोनारपुर गए थे। इस हमले के बाद, TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमलावर उनकी हत्या करना चाहते थे।1