हरियाणा सरकार के जनहितैषी विजन को साकार करते हुए, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 6 जुलाई को नारनौल के लघु सचिवालय में एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने नागरिकों की 140 शिकायतें एक-एक कर सुनीं, जिनमें परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से संबंधित कई शिकायतें भी शामिल थीं, जिनका ऑन द स्पॉट निपटारा किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक दीपक ने पुलिस से संबंधित मामलों को सुना और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित निवारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय इस पूरी प्रक्रिया की सीधी निगरानी कर रहा है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकार और जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को बिना किसी देरी के न्याय दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक जनसमस्या को गंभीरता से लें और यह सुनिश्चित करें कि उनका समाधान निश्चित समय-सीमा के भीतर हो, जिसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीपीपी से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक विशेष डेस्क स्थापित किया गया था, जहाँ मौके पर ही नागरिकों के डेटा और त्रुटियों को ठीक करके उनकी समस्याओं का समाधान किया गया, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली। उपायुक्त ने इस मंच को हरियाणा सरकार का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म बताया, जहाँ कोई भी नागरिक बेझिझक अपनी समस्या रख सकता है। उन्होंने इसकी पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक शिकायत की प्रगति को सीधे पोर्टल पर अपलोड और अपडेट किया जाता है, जिसके बाद एक तय समय में उसका पूर्ण निराकरण सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों से भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ जन शिकायतों का समय पर निपटारा करने को कहा। इसके साथ ही, उपायुक्त ने आम जनता से भी अपील की कि वे प्रत्येक सोमवार और वीरवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक प्रत्येक उपमंडल में आयोजित होने वाले इन समाधान शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
हरियाणा सरकार के जनहितैषी विजन को साकार करते हुए, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 6 जुलाई को नारनौल के लघु सचिवालय में एक समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने नागरिकों की 140 शिकायतें एक-एक कर सुनीं, जिनमें परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से संबंधित कई शिकायतें भी शामिल थीं, जिनका ऑन द स्पॉट निपटारा किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक दीपक ने पुलिस से संबंधित मामलों को सुना और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित निवारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय इस पूरी प्रक्रिया की सीधी निगरानी कर रहा है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकार और जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को बिना किसी देरी के न्याय दिलाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक जनसमस्या को गंभीरता से लें और यह सुनिश्चित करें कि उनका समाधान निश्चित समय-सीमा के भीतर हो, जिसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीपीपी से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक विशेष डेस्क स्थापित किया गया था, जहाँ मौके पर ही नागरिकों के डेटा और त्रुटियों को ठीक करके उनकी समस्याओं का समाधान किया गया, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली। उपायुक्त ने इस मंच को हरियाणा सरकार का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म बताया, जहाँ कोई भी नागरिक बेझिझक अपनी समस्या रख सकता है। उन्होंने इसकी पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक शिकायत की प्रगति को सीधे पोर्टल पर अपलोड और अपडेट किया जाता है, जिसके बाद एक तय समय में उसका पूर्ण निराकरण सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों से भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ जन शिकायतों का समय पर निपटारा करने को कहा। इसके साथ ही, उपायुक्त ने आम जनता से भी अपील की कि वे प्रत्येक सोमवार और वीरवार को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक प्रत्येक उपमंडल में आयोजित होने वाले इन समाधान शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- आशा वर्कर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरखी दादरी सिविल अस्पताल में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को सौंपा।1
- चरखी दादरी जिले में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य प्रगति पर है। इस अभियान में 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि माना जा रहा है। मतदाता गणना प्रपत्रों का ऐप के माध्यम से डिजिटाइजेशन सबसे महत्वपूर्ण कार्य है, जिसे 14 जुलाई तक पूरा किया जाना है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मनदीप कौर ने मतदाताओं को समय रहते अपने प्रपत्र भरकर बीएलओ को जमा कराने की अपील की है, अन्यथा बाद में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उपायुक्त के नेतृत्व में सभी ईआरओ, एईआरओ और सुपरवाइजर सहित बीएलओ मतदाताओं से सीधा संपर्क कर रहे हैं, ताकि गणना प्रपत्र भरवाकर उनका ऐप पर डिजिटाइजेशन किया जा सके। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और अपडेट बनाना है, जिससे सभी पात्र नागरिकों का विवरण सही रूप में मतदाता सूची में दर्ज हो सके। उन्होंने बताया कि डिजिटाइजेशन प्रक्रिया से मतदाता सूची में नाम, पता, आयु और अन्य विवरणों का सत्यापन अधिक पारदर्शी एवं सटीक तरीके से संभव होगा, जिससे पात्र मतदाताओं का सही रिकॉर्ड सुनिश्चित होगा और एसआईआर अभियान को गति मिलेगी। सोमवार दोपहर 12 बजे तक जिले में 68.63 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन हो चुका है। इनमें बाढड़ा विधानसभा के 75.69 प्रतिशत और दादरी विधानसभा के 62 प्रतिशत प्रपत्र शामिल हैं। सभी मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि वे गणना अभियान के तहत वितरित किए गए प्रपत्रों को आवश्यक जानकारी भरकर और हस्ताक्षर करते हुए तुरंत बीएलओ को सौंप दें, ताकि उनका समय पर डिजिटाइजेशन किया जा सके और किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।1
- हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के विरोध में सर्व समाज के सभी संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक 12 जुलाई को कैथल में आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 30 अगस्त को होने वाली 'न्याय महापंचायत' के लिए विस्तृत रणनीति तैयार करना है। यह जानकारी ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा के अध्यक्ष राजेंदर तंवर ने 'धाकड़ है हरियाणा' के साथ एक विशेष बातचीत के दौरान साझा की।1
- आज के दिन को लिपिकीय वर्ग और CAWS के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया गया है। इस अवसर पर लिपिकीय वर्ग और CAWS के प्रति उत्साहपूर्वक समर्थन और जयघोष किया गया।1
- भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया है कि स्वास्थ्य विभाग एक पखवाड़ा मनाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह जानकारी डॉ. शांडिल्य द्वारा साझा की गई है।1
- पूर्व सैनिकों ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगर 8वें वेतन आयोग और उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया, तो अगस्त में जंतर-मंतर पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सेवा करने वालों की आवाज़ को अब और अनसुना नहीं किया जा सकता है। पूर्व सैनिक अब अन्याय नहीं सहेंगे और अपने अधिकारों के लिए 'आर-पार की लड़ाई' लड़ने के मूड में हैं, जिसके लिए वे जंतर-मंतर पर फिर से डेरा डालेंगे।1
- सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश में 'दो झंडे और दो संविधान' की व्यवस्था नहीं चलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसी सिद्धांत के लिए अपना संघर्ष किया था।1
- राम मंदिर चंदा विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले को लेकर अयोध्या के पंडितों ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को चुनौती दी है। पंडितों का कहना है कि यदि दिग्विजय सिंह दान की रसीद और बैंक खाता नंबर उपलब्ध कराते हैं, तो वे पूरी रकम वापस कर देंगे।1
- शिवम स्कूल के छात्रों ने अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों से एक नया इतिहास रच दिया है। स्कूल के कई छात्रों को लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली है, जबकि अन्य छात्रों ने दिल्ली AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सम्मानित पद हासिल किए हैं।1