इस तस्वीर में एक सड़क पर बना “भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति द्वार” दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर में एक सड़क पर बना “भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति द्वार” दिखाई दे रहा है। द्वार पर अलग-अलग नेताओं की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगी हैं, जबकि जिस महान व्यक्तित्व के नाम पर यह स्मृति द्वार बनाया गया है—भीमराव अंबेडकर—उनकी तस्वीर अपेक्षाकृत छोटी नजर आ रही है। यही दृश्य एक गहरा सवाल खड़ा करता है। व्यंग्यात्मक टिप्पणी / प्रश्न यह कैसा समय है कि जिनके नाम पर स्मारक बनते हैं, उनकी छवि सबसे छोटी कर दी जाती है, और वर्तमान राजनीति की तस्वीरें सबसे बड़ी हो जाती हैं? क्या स्मृति द्वार किसी महापुरुष के आदर्शों को नमन करने के लिए बनते हैं, या फिर अपने प्रचार का माध्यम बनाने के लिए? डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। यदि द्वार उनके नाम का है, तो स्वाभाविक है कि उनकी तस्वीर प्रमुख स्थान पर और सबसे बड़े आकार में होनी चाहिए। परंतु यहाँ स्थिति उलट दिखाई देती है—जिनका योगदान अमर है, उनकी छवि छोटी; और जिनका पद अस्थायी है, उनकी तस्वीरें विशाल। यह दृश्य सरकार और समाज दोनों से एक शालीन प्रश्न पूछता है— क्या हम सच में महापुरुषों का सम्मान कर रहे हैं, या केवल उनके नाम का उपयोग कर रहे हैं? स्मारक का उद्देश्य श्रद्धा और प्रेरणा होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत प्रचार। जिस व्यक्तित्व के नाम पर द्वार है, उनकी छवि स्पष्ट, प्रमुख और सम्मानजनक रूप में दिखनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ जान सकें कि यह द्वार किसके विचारों और संघर्ष की याद में बना है।
इस तस्वीर में एक सड़क पर बना “भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति द्वार” दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर में एक सड़क पर बना “भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति द्वार” दिखाई दे रहा है। द्वार पर अलग-अलग नेताओं की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगी हैं, जबकि जिस महान व्यक्तित्व के नाम पर यह स्मृति द्वार बनाया गया है—भीमराव अंबेडकर—उनकी तस्वीर अपेक्षाकृत छोटी नजर आ रही है। यही दृश्य एक गहरा सवाल खड़ा करता है। व्यंग्यात्मक टिप्पणी / प्रश्न यह कैसा समय है कि जिनके नाम पर स्मारक बनते हैं, उनकी छवि सबसे छोटी कर दी जाती है, और वर्तमान राजनीति की तस्वीरें सबसे बड़ी हो जाती हैं? क्या स्मृति द्वार किसी महापुरुष के आदर्शों को नमन करने के लिए बनते हैं, या फिर अपने प्रचार का माध्यम बनाने के लिए? डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक नाम नहीं, बल्कि संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। यदि द्वार उनके नाम का है, तो स्वाभाविक है कि उनकी तस्वीर प्रमुख स्थान पर और सबसे बड़े आकार में होनी चाहिए। परंतु यहाँ स्थिति उलट दिखाई देती है—जिनका योगदान अमर है, उनकी छवि छोटी; और जिनका पद अस्थायी है, उनकी तस्वीरें विशाल। यह दृश्य सरकार और समाज दोनों से एक शालीन प्रश्न पूछता है— क्या हम सच में महापुरुषों का सम्मान कर रहे हैं, या केवल उनके नाम का उपयोग कर रहे हैं? स्मारक का उद्देश्य श्रद्धा और प्रेरणा होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत प्रचार। जिस व्यक्तित्व के नाम पर द्वार है, उनकी छवि स्पष्ट, प्रमुख और सम्मानजनक रूप में दिखनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ जान सकें कि यह द्वार किसके विचारों और संघर्ष की याद में बना है।
- Post by Rampal Singh1
- बलरामपुर में बड़ा पंचायत घोटाला में 3 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से हड़कंप 70 बार जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक शिकायत कागज़ों में विकास, ज़मीन पर अधूरे काम पशु शेड, शौचालय, आवास योजना के भुगतान पर गंभीर सवाल पूर्व पंचायत सचिव और रोजगार सेवक पर लगे आरोप ग्रामीणों का फूटा गुस्सा – जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो आरोपित पक्ष ने कहा – सभी आरोप राजनीति से प्रेरित अब देखना यह है कि प्रशासन कब लेता है बड़ा एक्शन1
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- अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चला अभियान, सड़क किनारे लगे अवैध ठेला, रेहड़ी, दुकानों एवं खड़े वाहनों को हटवाया गया पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में जनपद में आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 18.02.2026 को जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाया गया। इसी क्रम में थाना इकौना पुलिस द्वारा कस्बा इकौना में तथा थाना सिरसिया पुलिस द्वारा गुलरा तिराहे पर पैदल गश्त करते हुए सड़क किनारे लगे अवैध ठेला, रेहड़ी, दुकानों एवं खड़े वाहनों को हटवाया गया तथा संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की चेकिंग भी की गई। अभियान के दौरान अतिक्रमण करने वालों को भविष्य में सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस द्वारा दुकानदारों एवं आमजन से अपील की गई कि वे यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा सड़क एवं सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखें। यह कार्रवाई जनहित में की गई, जिससे लोगों को आवागमन में होने वाली असुविधा को दूर किया जा सके और यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। पी. एन. पाठक7
- विशुनापुर बाजार में किराने की दुकान में लगी आग, लाखों का नुकसान, ब्यूरो रिपोर्ट महेश कुमार मिश्र गोंडा जिले के खरगूपुर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत विशुनापुर बेलभरिया में मदार पुरवा मोड तिराहे पर एक किराने की दुकान पर रात में शॉर्ट सर्किट हो जाने के कारण आग लग गई दुकान में रखा सभी सामान जलकर राख हो गए सुबह 5: 00बजे दुकान से धुआं निकलते हुए ग्रामीणों ने देखा तो दुकानदार को फोन किया आकर शटर खोला तब तक रखें सभी सामान जलकर राख हो चुके थे क्राइम सच न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नईमउल्ला सिद्दीकी को दुकानदार धनलाल गुप्ता ने बताया की रात को दुकान बंद करके घर चला गया था रात में शॉर्ट सर्किट होने के कारण दुकान में आग लग गई जिससे लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया2
- Pramod Kumar Goswami. 18/02/202691
- नाबालिग लड़की को भगा ले जाने वाला नामजद/वांछित अभियुक्त गिरफ्तार श्रावस्ती!पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे प्रभावी नियंत्रण व कार्यवाही साथ ही महिला सम्बन्धी अपराधों की रोकथाम के सम्बन्ध में दिए गए आदेश व निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चन्द उत्तम व क्षेत्राधिकारी इकौना भरत पासवान के कुशल पर्वेक्षण में थानाध्यक्ष सोनवा विसुनदेव पाण्डेय के नेतृत्व में मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 18/2026 धारा 87, 137(2) बीएनएस व 11/12 पाक्सों एक्ट थाना सोनवा में वांछित/नामजद अभियुक्त इन्द्रपाल उर्फ इन्द्रजीत पुत्र विद्याराम निवासी ग्राम अकारा थाना सोनवा जनपद श्रावस्ती को उसके निवास स्थान ग्राम अकारा से गिरफ्तार न्यायालय भिनगा रवाना किया ।1
- बलरामपुर जिले में स्थित धनघटा ग्राम पंचायत में 3 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार पर बवाल, 70 बार जिला व प्रदेश स्तर तक हुई शिकायत,1