Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्यप्रदेश के सिंगरौली स्थित चितरंगी अस्पताल में एक सुरक्षा गार्ड की 'नई भूमिका' सामने आई है, जिसने मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति से अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की जा रही है।
दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
मध्यप्रदेश के सिंगरौली स्थित चितरंगी अस्पताल में एक सुरक्षा गार्ड की 'नई भूमिका' सामने आई है, जिसने मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्थिति से अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की जा रही है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक गाय पिछले आठ दिनों से लगातार एक ही खेत का चक्कर लगा रही थी। इस घटना को लोगों ने चमत्कार मानते हुए गाय की पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। आलम यह था कि लोग भी गाय की तरह उस खेत की परिक्रमा करने लगे थे। अब पता चला है कि गाय सर्रा (हाइपोग्लाइसीमिया) नामक बीमारी से ग्रसित थी। डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद गाय ने परिक्रमा करना बंद कर दिया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए भेजा गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश में लोगों ने इसी तरह चक्कर लगा रहे एक कुत्ते की भी पूजा करनी शुरू कर दी थी।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत रामनगर बाजार में लगा एक हाई-फाई ट्रांसफार्मर ग्रामीणों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है, जिससे लगातार निकल रहीं तेज चिंगारियों ने कभी भी बड़े हादसे की आशंका पैदा कर दी है। बाजार के बीचों-बीच आबादी के बेहद करीब स्थापित होने के कारण यह खतरा और भी गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से इस ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी के कारण लगातार शॉर्ट सर्किट हो रहा है, जिससे तीव्र चिंगारियां निकलती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ये चिंगारियां इतनी तेज़ होती हैं कि पास रखे सामान और दुकानों तक आग पहुंचने का डर बना रहता है। इस समस्या के बारे में बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल, हर बार चिंगारियां निकलने पर बाजारवासी नजदीकी पावर हाउस को सूचना देकर बिजली की लाइन कटवाते हैं, जिससे अब तक कोई बड़ा हादसा टल गया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक अस्थायी समाधान है, जिससे बाजार का व्यापार प्रभावित होता है और उन्हें अंधेरे में रात बितानी पड़ती है। रामनगर बाजार में सैकड़ों दुकानें और आवासीय मकान होने के कारण, यदि ट्रांसफार्मर में आग लगती है तो भारी जान-माल के नुकसान का अनुमान लगाना मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने विभाग से तुरंत खराब ट्रांसफार्मर को बदलने या उसकी मरम्मत कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इसे आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने की भी मांग की है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनका आरोप है कि विभाग की पुरानी आदत बन गई है कि वह जनहानि होने के बाद ही जागता है, इसलिए अब समय रहते कदम उठाना आवश्यक है ताकि कोई बड़ा हादसा टाला जा सके।2
- तिगाजा गाँव में सड़कों की हालत बेहद खराब है, जहाँ गंभीर अवरोध और क्षति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। यह समस्या कई सालों से चली आ रही है, लेकिन स्थानीय पंचायत ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है और न ही कोई प्रतिक्रिया दी है।1
- प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाने में समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ उप जिलाधिकारी बारा गणेश कनौजिया उपस्थित हुए। उन्होंने क्षेत्र से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर शंकरगढ़ थाना प्रभारी ने भी वहाँ मौजूद लोगों को आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों का निपटारा निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। समाधान दिवस में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पुलिसिया कार्रवाई और अन्य विभिन्न प्रकार की शिकायतें लेकर फरियादी पहुंचे थे।1
- प्रयागराज के मेजा सामुदायिक केंद्र में जनता और सरकार के पैसे से बनी एक सरकारी इमारत की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस बिल्डिंग के निर्माण को अभी छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। इमारत का 'पेट फट गया' है, जिससे टाइल्स एक तरफ और बालू दूसरी तरफ बिखरी पड़ी है, जो घटिया निर्माण सामग्री और कारीगरी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।1