क्या ऐसे अवस्था में प्रशासन को कार्यवाही नहीं करना चाहिए *पहलवान के अवैध खनन का अखाड़ा बनी मर्का खदान...!* *सिस्टम के मौन ने बढाए मोरम माफिया के हौसले, सवालों के घेरे में प्रशासन* *👉🏿महेश सिंह गौतम लखनऊ में रहकर और बब्लू सिंह फतेहपुर में रहकर दोनों की जोड़ी ने फतेहपुर व बांदा जिले में बना रखा है भौकाल-सूत्र!* *फतेहपुर।* जनपद के लाल सोने की वैध पट्टे की आड़ में अवैध मोरम खनन और परिवहन का काला कारोबार अब केवल चोरी-छिपे नहीं, बल्कि प्रशासन के इकबाल को खुली चुनौती बनकर उभर रहा है। *मर्का (बांदा) घाट के खंड संख्या-3 से संचालित हो रहा यह लाल सोने का खेल रात के अंधेरे में माफिया की तिजोरियां भर रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे संगठित तंत्र पर चुप्पी साधे बैठे हैं। मर्का, असोथर और थरियाव जैसे प्रमुख थाना क्षेत्रों के ठीक सामने से दिनरात बिना नंबर प्लेट वाले ओवरलोड ट्रक, डंपर और ट्रैक्टरों का बेखौफ गुजरना कई गंभीर सवाल खडे करता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क लोकेटरों की मदद से एक सुनियोजित सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा है, जहाँ एनजीटी के सख्त नियमों की खुलेआम धज्जियां उडाई जा रही हैं। सबसे बडा सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर उठता है। यदि स्थानीय पुलिस और जिम्मेदार अधिकारी इस व्यापक स्तर पर हो रहे अवैध परिवहन से अनजान हैं, तो यह उनके सूचना तंत्र की एक गंभीर विफलता है।* वहीं, यदि सब कुछ जानकारी में होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की जा रही, तो संदेह गहरा जाता है कि आखिर इस अवैध कारोबार को किसका अभयदान प्राप्त है!? आखिर माफिया को कानून का डर क्यों नहीं सता रहा!? सडकों पर दौडते बिना नंबर प्लेट वाले और ढके हुए वाहन किसी बडी अनहोनी की ओर इशारा करते हैं। कानून की धज्जियां उडाते इन वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ रहा है। बडा सवाल यह है कि यदि ये अनियंत्रित वाहन किसी निर्दोष को कुचलकर भाग जाएं, तो बिना नंबर के इनकी पहचान कैसे सुनिश्चित होगी? क्या प्रशासन किसी बडे हादसे का इंतजार कर रहा है? इस संगठित लूट का सीधा असर सरकारी खजाने पर पड रहा है। ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन के जरिए सरकार को हर दिन करोडों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही, भारी वाहनों के दबाव से करोडों की लागत से बनी सडकें और यमुना पुल जर्जर हो रहे हैं, जिसका खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड रहा है। यमुना पुल अब अवैध कारोबार का मुख्य कॉरिडोर बन चुका है, जहाँ धूल और जाम से जनता बेहाल है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन माफियाओं के सिंडिकेट को तोडने का साहस दिखाता है या फिर लाल सोने की यह अवैध गंगा इसी तरह अनवरत बहती रहेगी। जनता अब जवाब और ठोस कार्रवाई चाहती है।
क्या ऐसे अवस्था में प्रशासन को कार्यवाही नहीं करना चाहिए *पहलवान के अवैध खनन का अखाड़ा बनी मर्का खदान...!* *सिस्टम के मौन ने बढाए मोरम माफिया के हौसले, सवालों के घेरे में प्रशासन* *👉🏿महेश सिंह गौतम लखनऊ में रहकर और बब्लू सिंह फतेहपुर में रहकर दोनों की जोड़ी ने फतेहपुर व बांदा जिले में बना रखा है भौकाल-सूत्र!* *फतेहपुर।* जनपद के लाल सोने की वैध पट्टे की आड़ में अवैध मोरम खनन और परिवहन का काला कारोबार अब केवल चोरी-छिपे नहीं, बल्कि प्रशासन के इकबाल को खुली चुनौती बनकर उभर रहा है। *मर्का (बांदा) घाट के खंड संख्या-3 से संचालित हो रहा यह लाल सोने का खेल रात के अंधेरे में माफिया की तिजोरियां भर रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे संगठित तंत्र पर चुप्पी साधे बैठे हैं। मर्का, असोथर और थरियाव जैसे प्रमुख थाना क्षेत्रों के ठीक सामने से दिनरात बिना नंबर प्लेट वाले ओवरलोड ट्रक, डंपर और ट्रैक्टरों का बेखौफ गुजरना कई गंभीर सवाल खडे करता है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क लोकेटरों की मदद से एक सुनियोजित सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा है, जहाँ एनजीटी के सख्त नियमों की खुलेआम धज्जियां उडाई जा रही हैं। सबसे बडा सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर उठता है। यदि स्थानीय पुलिस और जिम्मेदार अधिकारी इस व्यापक स्तर पर हो रहे अवैध परिवहन से अनजान हैं, तो यह उनके सूचना तंत्र की एक गंभीर विफलता है।* वहीं, यदि सब कुछ जानकारी में होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की जा रही, तो संदेह गहरा जाता है कि आखिर इस अवैध कारोबार को किसका अभयदान प्राप्त है!? आखिर माफिया को कानून का डर क्यों नहीं सता रहा!? सडकों पर दौडते बिना नंबर प्लेट वाले और ढके हुए वाहन किसी बडी अनहोनी की ओर इशारा करते हैं। कानून की धज्जियां उडाते इन वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ रहा है। बडा सवाल यह है कि यदि ये अनियंत्रित वाहन किसी निर्दोष को कुचलकर भाग जाएं, तो बिना नंबर के इनकी पहचान कैसे सुनिश्चित होगी? क्या प्रशासन किसी बडे हादसे का इंतजार कर रहा है? इस संगठित लूट का सीधा असर सरकारी खजाने पर पड रहा है। ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन के जरिए सरकार को हर दिन करोडों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही, भारी वाहनों के दबाव से करोडों की लागत से बनी सडकें और यमुना पुल जर्जर हो रहे हैं, जिसका खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड रहा है। यमुना पुल अब अवैध कारोबार का मुख्य कॉरिडोर बन चुका है, जहाँ धूल और जाम से जनता बेहाल है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन माफियाओं के सिंडिकेट को तोडने का साहस दिखाता है या फिर लाल सोने की यह अवैध गंगा इसी तरह अनवरत बहती रहेगी। जनता अब जवाब और ठोस कार्रवाई चाहती है।
- की धमकी देने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में युवक एक युवती के साथ मारपीट करता हुआ भी नजर आ रहा है,जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक का नाम हिमांशु पांडेय है,जो सरेनी थाना क्षेत्र के छिवलहा गांव का रहने वाला है।वीडियो के सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।1
- रायबरेली में पुलिस और बदमाशों के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई मुठभेड़ में बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस व बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है जबकि तीन अन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया।रायबरेली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नसीराबाद और बछरावां थाना क्षेत्र में ऑपरेशन लंगड़ा के तहत कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दो शातिर बदमाशों—सूरज और मार्को उर्फ अभिनंदन—के पैर में गोली लगी, जिन्हें घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।वहीं, पुलिस ने मौके से तीन अन्य बदमाशों—मनीष, पिंटू और अनिकेत—को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि ये सभी आरोपी हत्या और लूट जैसे गंभीर मामलों में वांछित थे।पुलिस के मुताबिक, सभी बदमाश ईको कार और आर1 मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने उन्हें घेर लिया और मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- बबेरू नवरात्रि महोत्सव पर लगाई गयी प्रदर्शनी, जल परी शो रहा आकर्षण का केन्द्र1
- ग्राम मधुकरपुर थाना कोतवाली लालगंज के निकट ई रिक्शा चालक को डंपर ने मारी टक्कर एक की गई जान महिला गंभीर रूप से घायल।1
- रायबरेली।सवारियां लेकर सलोन जा रही एक निजी बस में बुधवार की देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि एक निजी बस देर शाम यात्रियों को लेकर सलोन के लिए निकली। रायबरेली-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर भदोखर के रायपुर महेरी में अचानक बस में आग लग गई। धुआं उठता देख चालक ने आनन-फानन बस खड़ी कर सभी यात्रियों को नीचे उतारा। इस दौरान आस पास के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए। स्थानीय लोगों ने बाल्टी से पानी व बालू डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग भयावह रूप ले चुकी थी।मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। भदोखर थानाध्यक्ष राकेश चंद्र ने बताया कि बस यात्री लेकर सलोन जा रही थी। सभी यात्री सुरक्षित हैं, आग पर काबू पा लिया गया है।3
- एसपी रवि कुमार के निर्देशन में चला अभियान, परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान रायबरेली। जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान के तहत रायबरेली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन में विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर कुल 17 बालिकाओं को सकुशल बरामद किया गया है। एसपी रवि कुमार ने बताया कि लापता बच्चों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने लगातार प्रयास करते हुए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और खोजबीन की। आधुनिक तकनीक और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सभी बालिकाओं को सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “ऑपरेशन मुस्कान” का मुख्य उद्देश्य लापता बच्चों को जल्द से जल्द खोजकर उन्हें उनके परिवार से मिलाना है। इसके लिए जनपद पुलिस पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी परिवार को अपने बच्चों से बिछड़ने का दर्द न सहना पड़े।1
- मानवता की मिसाल बने सिपाही अभिषेक यादव, वक्त पर दिखाई असली पुलिसिंग! एम्बुलेंस लेट हुई तो खुद ही घायल को लेकर दौड़े, बचाई अनमोल जान। ऐसे जांबाज़ सिपाही ही बढ़ाते हैं खाकी वर्दी का सम्मान। मुसीबत की घड़ी में फरिश्ता बनकर सामने आई पुलिस। सलाम है ऐसे दरियादिल सिपाही को, जिन्होंने इंसानियत को सबसे ऊपर रखा! युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक घायल बरगदहा तो दूसरा कटघर का रहने वाला बताया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस, लेकिन एंबुलेंस देर से पहुंचने पर मची अफरा-तफरी। आनन-फानन में डायल 112 से घायलों को डलमऊ चिकित्सालय भेजा गया।1
- रायबरेली में प्रशासन और नहर विभाग की लापरवाही से किसान परेशान तीन साल पहले करीब 3 करोड़ की लागत से खुदवाई गई हिलगी माइनर नहर आज तक सूखी पड़ी किसानों का आरोप—नहर में अब तक नहीं पहुंचा पानी खड़ी धान की फसल के बीच खोदी गई थी नहर, अब तक नहीं मिला जमीन का मुआवजा करीब 4 किलोमीटर लंबी नहर बनने के बाद भी किसानों को नहीं मिला कोई लाभ कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने नहीं की सुनवाई किसानों में बढ़ रहा आक्रोश, धरना-प्रदर्शन की दी चेतावनी प्रशासन और नहर विभाग के अधिकारियों पर किसानों ने लगाए गंभीर आरोप स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- जनपद रायबरेली में घरेलू गैस के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ता। सरकार बता रही पैनिक बाइंग।1