दानापुर अनुमंडल के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदमारी गांव में गैस सिलेंडर रिसाव के कारण हुए एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय सरिता देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना में उनकी दो बेटियाँ, प्रीति और कृति भी गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनमें से एक की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। मृतका के देवर धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, उनके बड़े भाई और पूर्व सैनिक सत्येंद्र राय अपने परिवार के साथ चांदमारी पाटमर स्कूल के पास रहते हैं। 10 जून की रात घर में खाना बनाने के दौरान सिलेंडर खत्म होने पर, नया सिलेंडर बदलते समय गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया, जिससे घर में रखा फ्रिज भी धमाके के साथ फट गया। सरिता देवी और उनकी दोनों बेटियाँ आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गईं। घायलों को तुरंत सगुना मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण सरिता देवी और उनकी एक बेटी को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा, जहाँ गुरुवार रात सरिता देवी ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने इस पूरे मामले के लिए गैस एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद लिखित शिकायत देने के बावजूद 9 दिनों तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा था और अब वे न्याय के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों और प्रशासन से गुहार लगाने की बात कर रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, शाहपुर थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और हादसे की सटीक वजह जानने के लिए फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
दानापुर अनुमंडल के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदमारी गांव में गैस सिलेंडर रिसाव के कारण हुए एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय सरिता देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना में उनकी दो बेटियाँ, प्रीति और कृति भी गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनमें से एक की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। मृतका के देवर धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, उनके बड़े भाई और पूर्व सैनिक सत्येंद्र राय अपने परिवार के साथ चांदमारी पाटमर स्कूल के पास रहते हैं। 10 जून की रात घर में खाना बनाने के दौरान सिलेंडर खत्म होने पर, नया सिलेंडर बदलते समय गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया, जिससे घर में रखा फ्रिज भी धमाके के साथ फट गया। सरिता देवी और उनकी दोनों बेटियाँ आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गईं। घायलों को तुरंत सगुना मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण सरिता देवी और उनकी एक बेटी को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा, जहाँ गुरुवार रात सरिता देवी ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने इस पूरे मामले के लिए गैस एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के बाद लिखित शिकायत देने के बावजूद 9 दिनों तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा था और अब वे न्याय के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों और प्रशासन से गुहार लगाने की बात कर रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, शाहपुर थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और हादसे की सटीक वजह जानने के लिए फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भारत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और न्याय की उनकी मांग का समर्थन किया। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और न्याय बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।1
- राजधानी पटना के बेउर थाना क्षेत्र से बीते 13 जून से दो नाबालिग लड़के, करण कुमार और विशाल कुमार, लापता हैं। दोनों की उम्र 13 वर्ष है। 13 जून की शाम 6 बजे दोनों दोस्त ब्रह्मपुर स्थित आरपीएस स्कूल के निकट खेल मैदान में क्रिकेट खेलने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों और सगे-संबंधियों ने लड़कों की काफी खोजबीन की, लेकिन उन्हें ढूंढने में असमर्थ रहे। इसके बाद करण के पिता अखिलेश राय और विशाल के पिता अरुण कुमार ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के छह दिन बीत जाने के बावजूद, लापता युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किसी अनहोनी की आशंका से दोनों युवकों के परिजन बेहद चिंतित एवं आशंकित हैं, और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। अपने बच्चों का सही पता बताने वाले व्यक्ति को परिजनों ने 20 हजार रुपये का सुनिश्चित इनाम देने की घोषणा की है।1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच अब उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद पूरे बिहार की निगाहें इस जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह न्यायिक जांच अब इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।1
- पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहाँ शनिवार शाम NH 139 पथ पर आंध्र चौकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद बालू लदा ट्रक नौबतपुर की ओर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गाँव निवासी संजय सिंह के पुत्र जय राम कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय राम कुमार शनिवार शाम नौबतपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे, तभी आंध्र चौकी गाँव के पास सामने से आ रहे तेज़ रफ़्तार बालू लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया है।1
- राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ ब्रह्मपुर इलाके से एक युवक पिछले 13 वर्षों से लापता है, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 7 दिनों के बाद भी लापता युवक का कोई अता-पता नहीं चला है, जिससे परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस गंभीर मामले पर प्रशासन की चुप्पी बनी हुई है।1
- सारण जिले के लहलादपुर प्रखंड अंतर्गत दन्दासपुर गांव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं की एक भव्य बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा के प्रखंड अध्यक्ष अजय कुमार राय ने की।1