कोरोना संकट में नहीं मानी हार, ममता देशमुख बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल पांढुर्णा:-प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से मिली नई दिशा, आटा चक्की व्यवसाय से हर महीने कर रहीं हजारों की बचत । पांढुर्णा की श्रीमती ममता देशमुख ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां इंसान को रोक नहीं सकतीं, यदि उसके पास आत्मविश्वास और मेहनत करने का जज्बा हो। कोरोना महामारी के दौरान नौकरी छूटने के बाद जहां कई लोग निराश हो गए थे, वहीं ममता देशमुख ने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना। महाराष्ट्र के नागपुर में निजी कंपनी में कार्यरत ममता देशमुख की नौकरी कोरोना काल में प्रभावित हुई। आर्थिक संकट के चलते कंपनी कर्मचारियों को नियमित वेतन देने में असमर्थ हो गई, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया। ऐसे कठिन समय में वे अपने पति के साथ वापस पांढुर्णा लौट आईं और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना यानी पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग पांढुर्णा के मार्गदर्शन में उन्होंने फ्लोर मिल यानी आटा चक्की व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। पंजाब नेशनल बैंक से ऋण प्राप्त कर उन्होंने मशीन खरीदी और अपने व्यवसाय की शुरुआत की। आज उनकी आटा चक्की क्षेत्र में अच्छी पहचान बना चुकी है। बड़ी संख्या में लोग उनकी चक्की पर अनाज पिसाने पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही वे आटा और दलिया का विक्रय भी कर रही हैं। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग पांच सौ से सात सौ रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे हर महीने पंद्रह से बीस हजार रुपये तक की बचत हो रही है। योजना के अंतर्गत उन्हें पैंतीस प्रतिशत सब्सिडी के रूप में लगभग छप्पन हजार रुपये की सहायता राशि भी प्राप्त हुई, जिससे बैंक ऋण की ईएमआई का भार कम हुआ और व्यवसाय को मजबूती मिली। ममता देशमुख का कहना है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने उन्हें नया जीवन और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उन्होंने इस योजना के लिए शासन, उद्यानिकी विभाग और बैंक का आभार व्यक्त किया। ममता देशमुख की यह सफलता कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष कर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
कोरोना संकट में नहीं मानी हार, ममता देशमुख बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल पांढुर्णा:-प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से मिली नई दिशा, आटा चक्की व्यवसाय से हर महीने कर रहीं हजारों की बचत । पांढुर्णा की श्रीमती ममता देशमुख ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां इंसान को रोक नहीं सकतीं, यदि उसके पास आत्मविश्वास और मेहनत करने का जज्बा हो। कोरोना महामारी के दौरान नौकरी छूटने के बाद जहां कई लोग निराश हो गए थे, वहीं ममता देशमुख ने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना। महाराष्ट्र के नागपुर में निजी कंपनी में कार्यरत ममता देशमुख की नौकरी कोरोना काल में प्रभावित हुई। आर्थिक संकट के चलते कंपनी कर्मचारियों को नियमित वेतन देने में असमर्थ हो गई, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया। ऐसे कठिन समय में वे अपने पति के साथ वापस पांढुर्णा लौट आईं और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना यानी पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग पांढुर्णा के मार्गदर्शन में उन्होंने फ्लोर मिल यानी आटा चक्की व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। पंजाब नेशनल बैंक से ऋण प्राप्त कर उन्होंने मशीन खरीदी और अपने व्यवसाय की शुरुआत की। आज उनकी आटा चक्की क्षेत्र में अच्छी पहचान बना चुकी है। बड़ी संख्या में लोग उनकी चक्की पर अनाज पिसाने पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही वे आटा और दलिया का विक्रय भी कर रही हैं। वर्तमान में वे प्रतिदिन लगभग पांच सौ से सात सौ रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे हर महीने पंद्रह से बीस हजार रुपये तक की बचत हो रही है। योजना के अंतर्गत उन्हें पैंतीस प्रतिशत सब्सिडी के रूप में लगभग छप्पन हजार रुपये की सहायता राशि भी प्राप्त हुई, जिससे बैंक ऋण की ईएमआई का भार कम हुआ और व्यवसाय को मजबूती मिली। ममता देशमुख का कहना है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने उन्हें नया जीवन और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उन्होंने इस योजना के लिए शासन, उद्यानिकी विभाग और बैंक का आभार व्यक्त किया। ममता देशमुख की यह सफलता कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष कर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए कोरोना काल के काम के तरीके अपनाए, इनहाउस मीटिंग करें, आनलाइन कार्य करें... देखिए राजपथ न्यूज पर... प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा विदेशी मुद्रा को बचाने के लिए कोरोना काल के काम के तरीके अपनाए, इनहाउस मीटिंग करें, आनलाइन कार्य करें... देखिए राजपथ न्यूज पर...1
- बैतूल के चुनालोमा गाँव में शराब के पैसों को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी। आरोपी बेटे अनिल उइके ने गुस्से में पत्थर से हमला कर पिता को मौत के घाट उतारा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।1
- छिंदवाड़ा के बिछुआ गाँव में गंभीर जल संकट है, जहाँ लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से री-बोरिंग और मोटर लगाकर नल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- बैतूल के भैंसदेही आमला रोड़ पर आमने-सामने की दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में दो लोगों की मौत,,दो गम्भीर घायल समय पर इलाज नहीं मिलने का परिजनों ने लगाया आरोप,शवों को सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन । भैंसदेही आमला रोड़ पर दिनांक 10 अप्रैल दिन रविवार रात्रि आठ बजे के आसपास भैंसदेही आमला रोड़ पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। इस सड़क हादसे में पोहर निवासी जगदीश अडलक ने मौके पर ही दम तोड दिया तो वहीं पीछे बैठीं पत्नी की हालत गम्भीर बताई जा रही है। वहीं दूसरी बाइक पर सवार मालेगांव निवासी अंकुश वाघमारे 22 वर्षीय की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं बाइक के पीछे बैठा भाई भुपेंद्र वाघमारे की हालत नाज़ुक बताईं जा रही है। दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। *मालेगांव के मृतक परिजनों ने डाक्टरों पर इलाज न करने का लगाया आरोप* सड़क हादसे के बाद अंकुश वाघमारे की सांसें चल रही थी जिससे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही उपचार के लिए भर्ती किया गया परन्तु इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई परिजनों ने आरोप लगाया कि अंकुश का औपचारिक रूप से मरहम पट्टी की गई परन्तु उसका इलाज नहीं किया गया इस दौरान कोई जिम्मेदार डाक्टर मौजूद नहीं था समय पर आक्सीजन नहीं लगाईं गई जैसे अनेक रोप लगाए और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया। *परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों मृतक शवों को सड़क पर रखकर किया चक्काजाम* आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने लापरवाह डाक्टरों पर कार्यवाही करने को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने सड़क पर शवों को रखकर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया और तत्काल कार्यवाही की मांग पर अंडे रहे। सुचना पर भैंसदेही एसडीएम, एसडीओपी भुपेंद्र सिंह मोर्य थाना प्रभारी राजेश सातनकर, सहित भारी पुलिस बल तैनात हो गया। देर रात तक लोग प्रदर्शन करते रहे। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाइश देने के बाद लोग शांत हुए। *घटना से दो परिवारों के बुछे चिराग गांव में मातम* इस सड़क हादसे में पोहर निवासी 42 वर्षीय जगदीश अडलक की मौके पर ही मौत हो गई तो पत्नी गम्भीर घायल बताईं जा रही है। बच्चों और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है वहीं दुसरा बाइक सवार मालेगांव निवासी अंकुश वाघमारे 22 वर्षीय की मौत हो गई पीछे बैठा भाई भुपेंद्र वाघमारे की हालत गंभीर है परिवार का एक चुराग इस घटना में बुछ गया तो दुसरे बेटे की सलामती के लिए परिजन भगवान से प्रार्थना कर रहे है। दोनों गांवों में मातम पसर गया। बताया जा रहा है कि परिजनों ने आरोप लगाएं की घायल अंकुश वाघमारे को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही लेकर पहुंचे थे परन्तु डाक्टरों द्वारा समय पर इलाज नहीं किया गया। जिससे उसकी मौत हो गई जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने रात्रि 12 बजे दोनों शवों को सड़क पर रखकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया कार्यवाही की मांग की भैंसदेही एसडीएम एसडीओपी सहित पुलिस बल तैनात रहा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समझाइश दी गई जिसके बाद रात्रि एक बजे ग्रामीणों ने प्रदर्शन रोका।2
- छिंदवाड़ा mp गरीब की थाली पर संकट, समय पर नहीं मिल रहा राशन एंकर - सरकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच छिंदवाड़ा में गरीबों की थाली खाली नजर आ रही है। शहर में राशन वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है, जहां कई उपभोक्ता पिछले दो महीने से राशन के लिए दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। हितग्राहियों का कहना है कि हर बार “कल आना” कहकर वापस भेज दिया जाता है। मजबूरी में गरीब परिवार अब बाजार से महंगा राशन खरीदने को मजबूर हैं। वहीं राशन दुकान संचालक का कहना है कि इस बार शासन से कम आवंटन मिला है, जबकि “वन नेशन वन कार्ड” योजना के तहत कार्डधारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मामले की जानकारी खाद्य विभाग को भी दे दी गई है। बाइट - विनोद संचालक बाइट -उपभोक्ता छिंदवाड़ा mp गरीब की थाली पर संकट, समय पर नहीं मिल रहा राशन एंकर - सरकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच छिंदवाड़ा में गरीबों की थाली खाली नजर आ रही है। शहर में राशन वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है, जहां कई उपभोक्ता पिछले दो महीने से राशन के लिए दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। हितग्राहियों का कहना है कि हर बार “कल आना” कहकर वापस भेज दिया जाता है। मजबूरी में गरीब परिवार अब बाजार से महंगा राशन खरीदने को मजबूर हैं। वहीं राशन दुकान संचालक का कहना है कि इस बार शासन से कम आवंटन मिला है, जबकि “वन नेशन वन कार्ड” योजना के तहत कार्डधारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मामले की जानकारी खाद्य विभाग को भी दे दी गई है। बाइट - विनोद संचालक बाइट -उपभोक्ता1
- छिंदवाड़ा के परासिया स्थित श्री विंध्यवासिनी खेड़ापति मंदिर में 1 जून से 9 जून तक नौ सत चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस नौ दिवसीय आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने और अपने जीवन को धन्य बनाने का आग्रह किया है।2
- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कन्हरगांव डैम का जलस्तर तेजी से गिर रहा है। 500 से ज्यादा किसानों पर मोटर पंप से अवैध सिंचाई का आरोप है, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।1
- बैतूल के सर्वोदय स्कूल के पास सड़क निर्माण के दौरान एक ऑटो चालक ने मजदूर राज धुर्वे से मारपीट की। तेज गति से आ रहे ऑटो चालक ने ट्रैफिक को लेकर गाली-गलौज शुरू की और समझाने पर मजदूर को पीटा। कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है, और साथी मजदूर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।1