मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गौवंश की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गौशालाओं की व्यवस्था न होने के कारण सैकड़ों की संख्या में गौमाता सड़कों पर रेन बसेरा बनाने को मजबूर हैं। इस बरसात के मौसम में भी भूखी-प्यासी गौमाता लाचार अवस्था में बारिश में भीगते हुए सड़कों पर रात बिता रही हैं। सड़कों पर बैठने के कारण आए दिन हो रहे सड़क हादसों में गौवंश की जान जा रही है। क्षेत्र में गौचर भूमि पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिसके खिलाफ समाजसेवी संगठनों और मीडिया के माध्यम से कई बार आवाज उठाई जा चुकी है। इसके बावजूद लापरवाह अधिकारी और राजनीतिक पार्टियां इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही हैं। एक तरफ भाजपा सरकार राज्य में रामराज्य का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर रोज हो रही गौवंश की दुर्दशा और मौतों के बीच राजनीतिक पार्टियां केवल अपना घर भरने में लगी हुई हैं।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गौवंश की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। गौशालाओं की व्यवस्था न होने के कारण सैकड़ों की संख्या में गौमाता सड़कों पर रेन बसेरा बनाने को मजबूर हैं। इस बरसात के मौसम में भी भूखी-प्यासी गौमाता लाचार अवस्था में बारिश में भीगते हुए सड़कों पर रात बिता रही हैं। सड़कों पर बैठने के कारण आए दिन हो रहे सड़क हादसों में गौवंश की जान जा रही है। क्षेत्र में गौचर भूमि पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिसके खिलाफ समाजसेवी संगठनों और मीडिया के माध्यम से कई बार आवाज उठाई जा चुकी है। इसके बावजूद लापरवाह अधिकारी और राजनीतिक पार्टियां इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही हैं। एक तरफ भाजपा सरकार राज्य में रामराज्य का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सड़कों पर रोज हो रही गौवंश की दुर्दशा और मौतों के बीच राजनीतिक पार्टियां केवल अपना घर भरने में लगी हुई हैं।
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में थाना बम्होरी कलां के अंतर्गत गांव कलरा निवासी नीलेश यादव ने अग्निवीर में 6 माह की ट्रेनिंग पूरी कर ली है। अपनी इस सफलता से उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस संबंध में राम सिंह यादव जी के साथ एक खास रिपोर्ट सामने आई है।1
- मध्य प्रदेश की विधानसभा में "जय श्री राम" के नारे लगे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री का बयान सामने आया है जिसमें कहा गया है कि जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा।1
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा क्षेत्र अंतर्गत बिजरावन गांव में राशन दुकान संचालक द्वारा पिछले 4 से 5 महीनों से राशन वितरित न करने का मामला सामने आया है। राशन की पर्चियां होने के बावजूद हितग्राही महीनों से परेशान हो रहे थे। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचकर पिछले कई महीनों का बकाया राशन दिलाने की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को सहायक खाद्य अधिकारी ललित मेहरा ने बिजरावन गांव स्थित राशन दुकान का निरीक्षण किया और हितग्राहियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी और जिन हितग्राहियों को राशन नहीं मिला है, उन्हें उनका राशन दिलाया जाएगा। वहीं इस मामले में दुकान संचालक ने बताया कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन गांव के कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से वे हितग्राहियों को राशन वितरित नहीं कर पा रहे हैं।1
- टीकमगढ़ जिले के ग्राम लार स्थित एक शासकीय विद्यालय का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में स्कूली बच्चों से विद्यालय परिसर के भीतर झाड़ू लगवाए जाने का दावा किया जा रहा है। इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल आते हैं, लेकिन यदि उनसे नियमित रूप से सफाई का काम कराया जा रहा है तो यह बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के मूल उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है। स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर टीकमगढ़ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों ने अपील की है कि यदि विद्यालय में सफाईकर्मी पदस्थ हैं, तो बच्चों से सफाई क्यों कराई गई, इसकी पूरी जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित प्राचार्य, शिक्षक अथवा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो कब का है, किन परिस्थितियों में बनाया गया और क्या वाकई बच्चों से नियमित रूप से सफाई कराई जा रही थी। ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी है कि बच्चों के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और जिले के सभी विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाए।1
- टीकमगढ़ जिले के ग्राम लार स्थित शासकीय प्राथमिक शाला विद्यालय बदान का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में स्कूली बच्चों से विद्यालय परिसर में झाड़ू लगवाए जाने का दावा किया जा रहा है, जिसे लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे स्कूल में पढ़ाई करने जाते हैं और यदि उनसे नियमित रूप से सफाई जैसा काम कराया जा रहा है, तो यह शिक्षा के उद्देश्य और बच्चों के अधिकारों के पूरी तरह विपरीत है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने कलेक्टर से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि विद्यालय में सफाईकर्मी की नियुक्ति है, तो फिर बच्चों से सफाई कार्य क्यों कराया गया। उन्होंने मांग की है कि जांच में किसी भी प्राचार्य, शिक्षक या जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही या दोष सामने आने पर उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, जिले के अन्य शासकीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा करने की मांग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया था और क्या वास्तव में बच्चों से नियमित सफाई कराई जा रही थी। फिलहाल पूरे मामले में ग्रामीणों और अभिभावकों की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- निवाड़ी जिले के सकेरा खुर्द के निवासियों ने अपनी मांगों को लेकर पृथ्वीपुर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। अपनी विभिन्न मांगों के संदर्भ में ग्रामीण एकत्रित होकर कार्यालय पहुंचे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखी।1
- रानी कमलापति स्टेशन के सामने एक युवक और युवती के शराब पीने का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्टेशन परिसर के ठीक सामने युवक-युवती का सार्वजनिक रूप से शराब पीते हुए यह घटनाक्रम अब सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर लगातार शेयर किया जा रहा है।1
- जतारा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धर्मपुरा में तालाब निर्माण कार्य में स्थानीय मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन का उपयोग किए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मनरेगा जैसी श्रमप्रधान योजना के तहत जहां जरूरतमंद ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए था, वहां कार्यस्थल पर मजदूरों की संख्या नगण्य दिखाई दे रही है और जेसीबी मशीन से खुदाई व निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मशीनों से काम कराए जाने के कारण क्षेत्र के जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है, जिससे योजना की मुख्य मंशा प्रभावित हो रही है। मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हो सका है, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मनरेगा के प्रावधानों और शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना जा सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा जनपद पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि योजना का लाभ वास्तविक हितग्राहियों और मजदूरों तक पहुंचे।1
- टीकमगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर मंत्री के नाम से फर्जी ट्रांसफर लेटर तैयार करने का मामला सामने आया है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की सतर्कता से इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद आरोपी स्वास्थ्य कर्मचारी (MPW) को निलंबित कर दिया गया है। मामले को लेकर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।1