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जानिए स्मार्ट मीटर की सही जानकारी, स्मार्ट मीटर क्यों है जरूरी
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जानिए स्मार्ट मीटर की सही जानकारी, स्मार्ट मीटर क्यों है जरूरी
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- स्मार्ट मीटर प्रीपेड कनेक्शन फिर से बदलेगा पोस्टपेड में उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का दावा1
- परिजनों के अनुसार, कुछ महीने पहले बिलाल ने एक लोन ऐप से करीब 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जिसकी जानकारी घरवालों को नहीं थी। हैरानी की बात ये है कि बिलाल अब तक करीब 5 लाख रुपये चुका चुका था, फिर भी लोन ऐप कंपनी लगातार उससे और पैसे मांग रही थी।1
- मुजफ्फरनगर के जिला चिकित्सालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला ₹200 लेकर सब कर्मचारियों में बढ़ते हैं पैसे 10 से 20 रुपए आते हैं बटेज।1
- मुजफ्फरनगर: जानसठ रोड स्थित टायर से तेल निकालने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। सीओ मंडी राजू साव ने बताया कि आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है।1
- gehun katati complaint machine adipur abaki bar gehun ki fasal ganne ki buvai mein deri chal rahi hai aur barish hone ki sambhavna badhati rahti hai abdipur Uttrakhand4
- बागपत मे गुरुवार को भरी मीटिंग मे डीएम अस्मिता लाल की मेज पर लंगूर आकर बैठ गया। यह देख डीएम डर गईं और अपनी कुर्सी छोड़कर खड़ी हो गईं। डीएम ने लंगूर की तरफ इशारा करते हुए कहा- बैठ जाओ। लंगूर कुछ देर तक मेज पर बैठा रहा। इस बीच डीएम का अर्दली आया। उसने पुचकार कर लंगूर को भगाया। तब लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। डीएम ने मुस्कुराते हुए लंगूर को इशारा किया- बैठ जाओ बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे डीएम अस्मिता लाल विकास भवन में किसान दिवस की बैठक चल रही थी। पुलिस अधीक्षक सूरज राय भी मौजूद थे। किसान बारी-बारी से अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख रहे थे। तभी अचानक लंगूर मीटिंग हॉल मे पहुंच गया। पढ़िए पूरा मामला... किसानो की मेजो से होते हुए वह सीधे डीएम के पास जा पहुंचा। लंगूर को अपने करीब देखकर डीएम अस्मिता लाल ने तुरंत अपनी कुर्सी छोड़ दी और मुस्कुराते हुए उसकी ओर इशारा करते हुए कहा- बैठो इधर बैठो । लंगूर का नाम मटरू। वह अक्सर कलेक्ट्रेट परिसर में नजर आता रहता है। वहां के कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच काफी जाना पहचाना है। इससे पहले भी वह कई बार वहां देखा गया है। करीब दो महीने पहले मटरू किसान धरने के दौरान डीएम के पास पहुंच गया था। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता सीएम के नाम ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वो कलेक्ट्रेट परिसर मे ही धरने पर बैठ गए। डीएम अस्मिता लाल को जैसे इसकी सूचना मिली तो वे खुद किसानो के पास पहुंच गईं। इस दौरान वहां एक लंगूर भी आकर बैठ गया। डीएम की नजर लंगूर पर पड़ी तो वो जमीन पर बैठकर उसके साथ खेलने लगीं। लंगूर ने डीएम के हाथ को पकड़ लिया। इस पर उन्होंने कहा- नो मटरू। तभी साथ बैठे किसान हंस पड़े। किसानो ने कहा- मैडम नो कहने से ये नही मानेगा। ये सुनकर डीएम भी हंस पड़ीं। अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी दिल्ली निवासी अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहली बार जिला मजिस्ट्रेट का प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले वे गाजियाबाद मे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्यरत थीं। गाजियाबाद की सीडीओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ' अभियान के लिए बहुत काम किया।1
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