Shuru
Apke Nagar Ki App…
रायबरेली के डलमऊ में एक बेहद दर्दनाक हादसे का भयावह मंजर सामने आया है। इस घटना में एक डम्फर ने एक और व्यक्ति की जान ले ली है, जिससे क्षेत्र में दुख का माहौल है।
फौजी जय सिंह यादव
रायबरेली के डलमऊ में एक बेहद दर्दनाक हादसे का भयावह मंजर सामने आया है। इस घटना में एक डम्फर ने एक और व्यक्ति की जान ले ली है, जिससे क्षेत्र में दुख का माहौल है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- प्रदेश के खाद्य व रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने रायबरेली के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। रविवार शाम एनटीपीसी आवासीय परिसर स्थित विशिष्ट अतिथि गृह में विभागीय अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मंत्री जी का सख्त तेवर देखने को मिला। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता के हक से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान घटतौली और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने ऊंचाहार के सप्लाई इंस्पेक्टर और मार्केटिंग इंस्पेक्टर को सभी के सामने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में सभी अधिकारियों को अपनी आदतें सुधारने और हर आम नागरिक को जनकल्याणकारी योजनाओं का पारदर्शी लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने एक संवेदनशील निर्देश भी जारी किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए क्षेत्र के प्रत्येक कोटेदार (राशन दुकानदार) अपनी दुकान पर आने वाले कार्डधारकों के लिए शीतल पेयजल की अनिवार्य व्यवस्था करें। कैबिनेट मंत्री ने यह अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि राशन वितरण में पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में अगर घटतौली या कालाबाजारी की कोई शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सीधे निलंबन और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर निगोहां प्रधान आशीष तिवारी सहित जिले के कई पूर्ति अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- कानपुर के टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल पर एक आईटीबीपी जवान की मां का हाथ लापरवाही के चलते काट देने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद जब यह मामला सामने आया, तो स्वास्थ्य विभाग ने कृष्णा हॉस्पिटल को क्लीन चिट दे दी। स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से सैकड़ों की संख्या में आईटीबीपी के जवान बेहद नाराज़ हो गए, जिसके बाद वे अपने अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे और उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर उनसे बातचीत की।1
- रायबरेली के सलोन स्थित डीह गांव में भीषण गर्मी के बीच एक नए वाटर कूलर का उद्घाटन किया गया है। विधायक अशोक कोरी ने ग्रामीणों की मांग पर यह सुविधा सुनिश्चित की है। इससे राहगीरों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों को शुद्ध व शीतल पेयजल आसानी से मिल सकेगा।1
- रायबरेली के डी क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने सपा नेता के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने और अधिकारियों द्वारा सुनवाई न करने से लोगों में भारी आक्रोश है। सपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय विधायक और विद्युत मंत्री की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।1
- रविवार दोपहर रायबरेली के जनई गांव स्थित चन्दापुर थाना क्षेत्र के महराजपुर मजरे में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवाओं के कारण फैली इस आग ने सात घरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लोगों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी कुछ ही देर में राख में बदल गई। घटना इतनी भयावह थी कि पूरे गांव में धुएं का गुबार छा गया और लोगों की चीख-पुकार मच गई; ग्रामीण अपने सामान बचाने के लिए दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां और चन्दापुर थाने की पुलिस फोर्स के साथ एडिशनल एसपी आलोक सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद, ग्रामीणों और दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। इस भीषण अग्निकांड में चौकीदार पुत्र महाराज दीन का कच्चा घर और गृहस्थी का सामान पूरी तरह जल गया। सज्जन पुत्र जोधे का छप्पर और घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया, वहीं राजेश कुमार पुत्र मोहनलाल का भूसा और पालतू जानवर जलकर राख हो गए। रामलखन पुत्र रामेश्वर का दरवाजा, रामदास पुत्र चंद्रपाल का पूरा घर, कलावती पत्नी जग्गू का घूरा और दशरथ पुत्र रामअवतार का छप्पर तथा गृहस्थी का सामान भी आग में स्वाहा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि आसपास के लोग डर गए और महिलाएं व बच्चे सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखे। ग्रामीणों ने बाल्टियों और मोटर पंपों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार फैलती चली गई। घटना की सूचना पर तहसील प्रशासन सहित जिले के आला अधिकारी, जैसे क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार, नायब तहसीलदार सत्यराजा और हल्का लेखपाल, तत्काल मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल ने प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन कर अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को शासन स्तर से हरसंभव सहायता दिलाए जाने का भरोसा दिलाया है और उन्हें तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एडिशनल एसपी आलोक सिंह सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी देर शाम तक राहत कार्य में जुटे रहे।4
- रायबरेली में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ टास्क फोर्स ने बछरावां, लालगंज और डलमऊ क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया। इस सघन चेकिंग में अवैध खनन सामग्री ले जा रहे 26 वाहनों को सीज़ किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद के जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आपातकालीन विभाग के स्टाफ की मनमानी साफ देखी जा सकती है। आरोप है कि अस्पताल का मौजूद स्टाफ मरीजों को अपने तरीके से ही देखता है। वीडियो में वार्डबॉय अशोक कुमार को भी मरीजों को अपने ही अंदाज में देखते हुए दिखाया गया है, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया कि जब स्टाफ की इस कथित सच्चाई को कैमरे में रिकॉर्ड किया जाने लगा, तो अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और पूरा स्टाफ बदतमीजी पर उतर आया। इस घटना ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, और यह सवाल उठ रहा है कि जब जिला अस्पताल का यह हाल है, तो अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की स्थिति क्या होगी। वायरल वीडियो यह भी दर्शाता है कि उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा अस्पतालों का दौरा कर उनकी जांच-परख किया जाना केवल खानापूर्ति साबित हो रहा है। रायबरेली जिला अस्पताल के इस वायरल वीडियो ने कहीं न कहीं अस्पतालों की मौजूदा व्यवस्था और स्टाफ की मनमानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस वायरल वीडियो में दिख रही मनमानी पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या इस मामले को भी अन्य कई मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के आरक्षी सुनील शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। अपने निलंबन के बाद आरक्षी सुनील शुक्ला ने सीधे 'योगी जी' को संबोधित करते हुए कहा है कि "सत्य की हार हुई है!" इस बयान के माध्यम से उन्होंने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर गहरी नाराजगी और सत्य के पराजित होने का भाव प्रकट किया है।1