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दिल्ली के गोंडा विधानसभा में तरुण और अंकिता केइंसाफ के लिए रोड पर आए लोग हंगामा

2 hrs ago
user_न्यूज़ आइकॉन 24
न्यूज़ आइकॉन 24
Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
2 hrs ago

दिल्ली के गोंडा विधानसभा में तरुण और अंकिता केइंसाफ के लिए रोड पर आए लोग हंगामा

More news from दिल्ली and nearby areas
  • ब्रेकिंग न्यूज इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है बुलंदशहर से, जहां आवारा कुत्तों के हमले ने इलाके में दहशत फैला दी है। बताया जा रहा है कि खेलते समय दो मासूम बच्चों पर आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया, जिससे दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन आनन-फानन में बच्चों को लेकर अनूपशहर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन यहां स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ लंबे समय तक मौजूद ही नहीं थे, जिसके कारण घायल बच्चों का इलाज शुरू होने में काफी देरी हुई। परिवार का कहना है कि घंटों इंतजार करने के बावजूद बच्चों का मेडिकल नहीं किया गया। इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि एक डॉक्टर शराब के नशे में इलाज करने पहुंचे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं था। काफी देर बाद अस्पताल स्टाफ ने दोनों बच्चों को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल यह पूरा मामला अनूपशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा बताया जा रहा है। और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है। और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
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    ब्रेकिंग न्यूज 
इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है बुलंदशहर से, जहां आवारा कुत्तों के हमले ने इलाके में दहशत फैला दी है।
बताया जा रहा है कि खेलते समय दो मासूम बच्चों पर आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया, जिससे दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजन आनन-फानन में बच्चों को लेकर अनूपशहर।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन यहां स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ लंबे समय तक मौजूद ही नहीं थे, जिसके कारण घायल बच्चों का इलाज शुरू होने में काफी देरी हुई। परिवार का कहना है कि घंटों इंतजार करने के बावजूद बच्चों का मेडिकल नहीं किया गया।
इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि एक डॉक्टर शराब के नशे में इलाज करने पहुंचे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं था।
काफी देर बाद अस्पताल स्टाफ ने दोनों बच्चों को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
फिलहाल यह पूरा मामला अनूपशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा बताया जा रहा है।
और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है।
और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    45 min ago
  • गौशालाओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और एक्सपायरी दवाइयों का इस्तेमाल गौवंश के लिए जान लेवा साबित हो रहा है *प्रशासन की लापरवाही* नोएडा प्रशासन की लापरवाही के कारण गौशालाओं की मानिट्रिग के कारण गाय के शरीर पर काफी असर पड़ रहा है जैसे पेट की समस्या और अन्य बीमारियां *जांच की मांग* प्रशासन जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्यवाही करें गौशाला में सफेद जहर का खेल दूध बढ़ाने के लालच में एक्सपायरी दवाइयां प्रशासन मूकदर्शक स्थान नोएडा सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल Prista foods pvt ltd के नाम से संचालित गौशाला में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए गयो को एक्सपायरी दवाइयां केमिकल देने का सन सनीखेज मामला सामने आया है यह खुलासा तब हुआ जब गौशाला का वीडियो बना कर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया स्थानीय लोगों ने क्रूरता का घिनौना रूप बताया और प्रशासन के ढुलमुल रवैया पर सवाल खड़े हुए हैं सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल Prista foods pvt ltd के नाम से बनी गौशाला में अवैध खटालों में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग अभी भी हो रहा है जो पशुओं के लिए अभी भी हानिकारक हैं ये केवल मवेशियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि उनके जीवन को भी खतरे में डाल रहा है स्थानीय लोगों ने मांग की है कि गौशाला में प्रयोग की जाने वाली चारे पानी दाना दवाइयों के गुणवत्ता की जांच हो दोषी संचालकों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए अन्य गाय को सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए
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    गौशालाओं में  दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और एक्सपायरी  दवाइयों  का  इस्तेमाल गौवंश के लिए जान लेवा साबित हो रहा है 
*प्रशासन की लापरवाही* नोएडा प्रशासन की लापरवाही के कारण  गौशालाओं की मानिट्रिग के कारण  गाय के शरीर पर काफी असर पड़ रहा है जैसे पेट की समस्या  और अन्य बीमारियां 
*जांच की मांग* 
प्रशासन जिम्मेदार व्यक्तियों पर  सख्त कार्यवाही करें 
गौशाला में सफेद जहर का खेल   दूध बढ़ाने के लालच में  एक्सपायरी दवाइयां  प्रशासन मूकदर्शक 
स्थान नोएडा सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल   Prista foods pvt ltd  के नाम से संचालित गौशाला में  दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए गयो को एक्सपायरी दवाइयां केमिकल देने का सन सनीखेज  मामला सामने आया है  यह खुलासा तब  हुआ जब गौशाला  का वीडियो बना कर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया स्थानीय लोगों ने  क्रूरता का घिनौना रूप बताया और प्रशासन के ढुलमुल रवैया पर सवाल खड़े हुए हैं  सेक्टर 165 में बनी A 2 नोवल Prista foods pvt ltd  के नाम से बनी गौशाला में  अवैध खटालों  में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का प्रयोग  अभी भी हो रहा है जो पशुओं के लिए अभी भी हानिकारक हैं ये केवल मवेशियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है बल्कि उनके जीवन को भी खतरे में डाल रहा है  स्थानीय लोगों ने  मांग की है कि गौशाला में प्रयोग की जाने वाली चारे पानी  दाना दवाइयों  के गुणवत्ता की जांच हो  दोषी संचालकों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम  के तहत मामला दर्ज किया जाए  अन्य गाय को सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए
    user_Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
    Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
    Newspaper advertising department सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    53 min ago
  • कांधला ब्लॉक के गांव चढ़ाव निवासी नफे सिंह की बेटी काजल चौहान ने upsc परीक्षा में 401 रैंक हासिल कर जनपद शामली का नाम रोशन किया
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    कांधला ब्लॉक के गांव चढ़ाव निवासी नफे सिंह की बेटी काजल चौहान ने upsc परीक्षा में 401 रैंक हासिल कर जनपद शामली का नाम रोशन किया
    user_सनव्वर  सिद्दीकी
    सनव्वर सिद्दीकी
    Voice of people Civil Lines, Central Delhi•
    1 hr ago
  • Post by न्यूज़ आइकॉन 24
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    Post by न्यूज़ आइकॉन 24
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    2 hrs ago
  • Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA
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    Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA
    user_Bharatiya Jan KRANTI SENA
    Bharatiya Jan KRANTI SENA
    Political party office करोल बाग, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    4 hrs ago
  • नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं। ​क्या है पूरा मामला? ​लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है। ​आंदोलन की मुख्य बातें: ​लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है। ​मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है। ​विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है। ​जनता का सवाल: विकास या विनाश? ​आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है। ​क्या सरकार लेगी खबर? ​फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।
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    नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अपने विधानसभा क्षेत्र, शालीमार बाग में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। शालीमार गांव के मैक्स हॉस्पिटल रोड (Max Hospital Road) और आसपास के इलाकों में 'घर बचाओ आंदोलन' के तहत सैकड़ों स्थानीय निवासी सड़कों पर हैं। विवाद की मुख्य जड़ सड़क चौड़ीकरण (Road Widening) परियोजना के तहत करीब 200 से 300 मकानों पर प्रशासन द्वारा लगाए गए 'पीले निशान' (Yellow Markings) हैं।
​क्या है पूरा मामला?
​लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) द्वारा शालीमार गांव और टीचर कॉलोनी के कई घरों को नोटिस दिए गए हैं, जिनमें इन निर्माणों को अवैध बताते हुए हटाने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे यहाँ पिछले 50 से 70 वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास बिजली, पानी के वैध कनेक्शन भी हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है।
​आंदोलन की मुख्य बातें:
​लगातार विरोध: मैक्स हॉस्पिटल रोड पर लोग कड़ाके की ठंड और अनिश्चितता के बीच धरने पर बैठे हैं। हाल ही में आंदोलनकारियों द्वारा क्रमिक उपवास (Relay Fast) भी शुरू किया गया है।
​मुख्यमंत्री से नाराजगी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने उनसे वोट माँगे थे, लेकिन आज जब उनके आशियाने पर खतरा है, तो सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। निवासियों का दावा है कि कई बार कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की है।
​विपक्ष का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार बिना किसी ठोस पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बेघर करने पर उतारू है।
​जनता का सवाल: विकास या विनाश?
​आंदोलन में शामिल बुजुर्ग महिलाओं और युवाओं का एक ही सवाल है—"अगर हमारे सालों पुराने घर तोड़ दिए गए, तो हम कहाँ जाएंगे?" लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें बेघर करना कतई मंजूर नहीं है।
​क्या सरकार लेगी खबर?
​फिलहाल सरकार और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत का आश्वासन नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार लिखित में उनके घरों को सुरक्षित रखने का आश्वासन नहीं देती, तब तक 'घर बचाओ आंदोलन' जारी रहेगा।
    user_Vinay Upadhyay
    Vinay Upadhyay
    Fire protection consultant सिविल लाइन्स, मध्य दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • yah Delhi jal board ka hai ismein logon ke yahan Pani nahin pahunch raha hai yahan Pani West ja raha hai yahan log nahate Hain gadiyan dhote Hain is tarah ke time per aap dekho Aakar to aapko sab kuchh dikhega
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    yah Delhi jal board ka hai ismein logon ke yahan Pani nahin pahunch raha hai yahan Pani West ja raha hai yahan log nahate Hain gadiyan dhote Hain is tarah ke time per aap dekho Aakar to aapko sab kuchh dikhega
    user_ANIL VISHWAKARMA
    ANIL VISHWAKARMA
    मॉडल टाउन, उत्तरी दिल्ली, दिल्ली•
    7 hrs ago
  • *अतिक्रमण से जूझ रहा बिलग्राम का मुख्य चौराहा, हादसे की आशंका* हरदोई/बिलग्राम। नगर के मुख्य चौराहे पर बढ़ते अतिक्रमण से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिलग्राम कोतवाली के गेट के सामने स्थित मुख्य चौराहा इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात बाधित रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों और ठेलों के लगने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से हो रहा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य चौराहे से अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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    *अतिक्रमण से जूझ रहा बिलग्राम का मुख्य चौराहा, हादसे की आशंका*
हरदोई/बिलग्राम। नगर के मुख्य चौराहे पर बढ़ते अतिक्रमण से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिलग्राम कोतवाली के गेट के सामने स्थित मुख्य चौराहा इन दिनों अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों के कारण रास्ता संकरा हो गया है, जिससे यातायात बाधित रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे दुकानों और ठेलों के लगने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से हो रहा है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मुख्य चौराहे से अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
    user_Crime 7 india news 📰📰📰📰📰
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    3 hrs ago
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