*मुरादाबाद में 200 करोड़ का फर्जी बिलिंग का भंडाफोड़ बिलिंग के बड़े खेल का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने क्या पर्दा पास ब्रेकिंग न्यूज़ आज मुरादाबाद में 200 करोड़ की फर्जी बिलिंग का भंडाफोड़ साइबर क्राइम पुलिस ने आगरा से कारोबारी दबोचा मुरादाबाद जनपद में करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग के बड़े खेल का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है करीब 200 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक शातिर कारोबारी को आगरा से गिरफ्तार किया गया है आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, फर्जी बिल बुक, रबर स्टांप, मुहरें, स्कैनर और लैपटॉप समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं मामले की जानकारी देते हुए एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि जीएसटी विभाग की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर साइबर क्राइम थाना और एसआईटी टीम ने कार्रवाई करते हुए पुनीत नामक आरोपी को आगरा से गिरफ्तार किया जांच में सामने आया कि आरोपी ने विभिन्न नामों से फर्जी फर्में बनाकर कागजों में करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाया और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाया ऐसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल पुलिस जांच के अनुसार आरोपी पहले वर्ष 2019 में दिल्ली में कपड़ों का व्यापार करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति सिद्दीकी से हुई, जिसने पुनीत और उसकी पत्नी के दस्तावेजों के आधार पर एक फर्म तैयार की। शुरुआत में आरोपी को हर माह 20 हजार रुपये दिए जाते थे। लॉकडाउन के बाद भुगतान बंद होने पर पुनीत को अपने नाम से बनी फर्म और जीएसटी यूजर आईडी-पासवर्ड की जानकारी हुई इसके बाद आरोपी ने स्वयं चार नई फर्में विकसित कर फर्जी तरीके से बिल जनरेट करने शुरू कर दिए। बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के केवल कागजी लेन-देन दिखाया जाता था। ज्यादातर लकड़ी के फर्जी बिल बनाए जाते थे जबकि माल का कोई वास्तविक आदान-प्रदान नहीं होता था पुलिस के अनुसार आरोपी ने आर.के. इंटरनेशनल मैग्ना एंटरप्राइजेज, क्रिस्टल ट्रेडिंग समेत कई नामों से खाते खुलवाकर करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन दर्शाया। इनमें एक फर्म के जरिए 88 करोड़, दूसरी के जरिए 57 करोड़ और अन्य खातों में 100 करोड़ से अधिक का फर्जी ट्रांजैक्शन सामने आया है। रकम को आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर वैध दिखाने का प्रयास किया जाता था भारी मात्रा में सामान बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 11 मोबाइल फोन,12 एटीएम कार्ड,29 चेकबुक 8 फर्जी बिल बुक,32 रबर स्टांप,5 मुहरें,2 आधार कार्ड 2 पैन कार्ड,9 दस्तावेजी फाइलें,2 स्कैनर,1 लैपटॉप 1220 रुपये नकद,बरामद किए हैं। पुलिस को 32 कथित किरायानामे भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी फर्में खड़ी करने में किए जाने की आशंका है। पहले से दर्ज हैं मुकदमे आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में पहले से ही जीएसटी चोरी और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। सर्विलांस टीम की निगरानी के आधार पर यह गिरफ्तारी संभव हो सकी एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने कहा कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर विस्तृत जांच की जा रही है। जो भी अन्य लोग इस फर्जी बिलिंग और कर चोरी के खेल में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले में फर्जी बिलिंग और जीएसटी चोरी में लिप्त कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय अपराध और कर चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। बाइट : सुभाष चंद्र गंगवार एसपी क्राइम मुरादाबाद से मुकीम हैदर मंडल ब्यूरो चीफ मुरादाबाद से
*मुरादाबाद में 200 करोड़ का फर्जी बिलिंग का भंडाफोड़ बिलिंग के बड़े खेल का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने क्या पर्दा पास ब्रेकिंग न्यूज़ आज मुरादाबाद में 200 करोड़ की फर्जी बिलिंग का भंडाफोड़ साइबर क्राइम पुलिस ने आगरा से कारोबारी दबोचा मुरादाबाद जनपद में करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग के बड़े खेल का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है करीब 200 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक शातिर कारोबारी को आगरा से गिरफ्तार किया गया है आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, फर्जी बिल बुक, रबर स्टांप, मुहरें, स्कैनर और लैपटॉप समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं मामले की जानकारी देते हुए एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि जीएसटी विभाग की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर साइबर क्राइम थाना और एसआईटी टीम ने कार्रवाई करते
हुए पुनीत नामक आरोपी को आगरा से गिरफ्तार किया जांच में सामने आया कि आरोपी ने विभिन्न नामों से फर्जी फर्में बनाकर कागजों में करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाया और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठाया ऐसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल पुलिस जांच के अनुसार आरोपी पहले वर्ष 2019 में दिल्ली में कपड़ों का व्यापार करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक व्यक्ति सिद्दीकी से हुई, जिसने पुनीत और उसकी पत्नी के दस्तावेजों के आधार पर एक फर्म तैयार की। शुरुआत में आरोपी को हर माह 20 हजार रुपये दिए जाते थे। लॉकडाउन के बाद भुगतान बंद होने पर पुनीत को अपने नाम से बनी फर्म और जीएसटी यूजर आईडी-पासवर्ड की जानकारी हुई इसके बाद आरोपी ने स्वयं चार नई फर्में विकसित कर फर्जी तरीके से बिल जनरेट करने शुरू कर दिए। बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के केवल कागजी लेन-देन दिखाया जाता था। ज्यादातर लकड़ी के फर्जी बिल बनाए
जाते थे जबकि माल का कोई वास्तविक आदान-प्रदान नहीं होता था पुलिस के अनुसार आरोपी ने आर.के. इंटरनेशनल मैग्ना एंटरप्राइजेज, क्रिस्टल ट्रेडिंग समेत कई नामों से खाते खुलवाकर करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन दर्शाया। इनमें एक फर्म के जरिए 88 करोड़, दूसरी के जरिए 57 करोड़ और अन्य खातों में 100 करोड़ से अधिक का फर्जी ट्रांजैक्शन सामने आया है। रकम को आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर वैध दिखाने का प्रयास किया जाता था भारी मात्रा में सामान बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 11 मोबाइल फोन,12 एटीएम कार्ड,29 चेकबुक 8 फर्जी बिल बुक,32 रबर स्टांप,5 मुहरें,2 आधार कार्ड 2 पैन कार्ड,9 दस्तावेजी फाइलें,2 स्कैनर,1 लैपटॉप 1220 रुपये नकद,बरामद किए हैं। पुलिस को 32 कथित किरायानामे भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी फर्में खड़ी करने में किए जाने की आशंका है। पहले से दर्ज हैं मुकदमे आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में पहले
से ही जीएसटी चोरी और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। सर्विलांस टीम की निगरानी के आधार पर यह गिरफ्तारी संभव हो सकी एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने कहा कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर विस्तृत जांच की जा रही है। जो भी अन्य लोग इस फर्जी बिलिंग और कर चोरी के खेल में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले में फर्जी बिलिंग और जीएसटी चोरी में लिप्त कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय अपराध और कर चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। बाइट : सुभाष चंद्र गंगवार एसपी क्राइम मुरादाबाद से मुकीम हैदर मंडल ब्यूरो चीफ मुरादाबाद से
- MOHD SALMANठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश🙏18 hrs ago
- बिलारी मालपुर सिधारी में हाथी वाला मंदिर माता रानी का जागरण वह भंडारा हर साल होली के बात होता है और ठाकुर पासी समाज इस भंडारे में बाढ़ चलकर हिस्सा लेते हैं और सभी गांव के लोग इस भंडारे में उपस्थित होते हैं महिला बच्चे बूढ़े जवान और आसपास के गांव के लोग भी इस भंडारे में आते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं और दान वगैरा भी देकर जाते हैं मंदिर में पासी समाज के यह लोग भंडारे में उपस्थित रहे हर ज्ञान सिंह दयाराम ओमवीर उपदेश जगमोहन हरिराम छत्रपाल सतवीर महक सिंह महेंद्र मोर धाम यह लोग भंडारे में मौजूद रहे और भंडारे में पूरी सब्जी का प्रसाद ग्रहण हुआ3
- एंकर:जनपद संभल में शाही इमाम ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया घर, तहसीलदार कोर्ट ने खाली करने का दिया आदेश, 7 करोड़ का जुर्माना लगाया। वी/ओ: जनपद संभल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। यहां शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम और उनके भाई पर ग्राम समाज की करीब दो बीघा जमीन पर मकान, मस्जिद और दरगाह बनाने का आरोप है। संभल के तहसीलदार कोर्ट ने इस भूमि को सरकारी घोषित करते हुए अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी किया है। वहीं कोर्ट ने शाही इमाम पर 7 करोड़ का जुर्माना लगाया है। मामला पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव का है सैफ खां सराय गांव में गाटा संख्या 452 की 0.1340 हेक्टेयर (करीब दो बीघा) ग्राम समाज की भूमि पर यह निर्माण किया गया था। इस जमीन का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपए बताया गया है। आरोप है कि शाही इमाम आफताब हुसैन पुत्र खुर्शीद हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन ने इस जमीन पर पक्का मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कराया। मामले में क्षेत्रीय लेखपाल राहुल धारीवाल ने 24 जून 2025 को अपनी आख्या पेश की थी। जिसके बाद ग्राम सभा बनाम आफताब हुसैन के नाम से केस कर नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद शाही इमाम आफताब हुसैन पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा था। लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिला। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने अपील के लिए समय देते हुए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। 30 जून को ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 18 जुलाई को आफताब हुसैन और उनके भाई की ओर से केस खारिज करने की अपील दाखिल किया गया। जबकि 7 मार्च 2026 को मामले में अंतिम बहस हुई। प्रतिवादी पक्ष ने दावा किया कि उन्हें 15 जून 1972 को भी बेदखली का नोटिस मिला था। जिसे बाद में प्रशासन ने वापस ले लिया था। उनका कहना है कि वर्तमान रिपोर्ट गलत है और निर्माण करीब 20 साल पुराना है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह निर्माण वक्फ संख्या 3037 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज है। इस विषय में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह जमीन चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के लिए आरक्षित की गई थी। 1972 में इसे ग्राम समाज की जमीन घोषित किया गया था। सरकार के कागज में 1359 फसली वर्ष से यह भूमि कभी भी किसी व्यक्ति के नाम दर्ज नहीं रही। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले लेखपाल द्वारा ग्राम सभा की जमीन की रिपोर्ट पेश की गई थी। जिस पर सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया गया है। आरोपितों पर सर्किल रेट के आधार पर करीब 7 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि शाही इमाम आफताब हुसैन ने स्वयं जमीन खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन नियमानुसार कब्जा हटाकर जुर्माने की राशि की भी वसूली करेगा। बाइट:धीरेन्द्र प्रताप सिंह, तहसीलदार संभल1
- संभल के ये बच्चे गली में खेल रहे थे, तभी इनकी नज़र एक मोबाइल पर पड़ी, जो Iphone 17 प्रो मैक्स था, जिसकी कीमत करीब 1.5 लाख रूपये है, इन्होंने ईमानदारी कि मिसाल पेश कि और मोबाइल पुलिस को सौंप दिया, पुलिस ने इसे मोबाइल के असली मलिक को दे दिया, इस सराहनीय काम कि पुलिस ने भी तारीफ़ कि…1
- मुस्लिम लड़की से प्यार, फिर ब्रेकअप... बहन को 40 बार चाकू मारने वाले हार्दिक के मामले में नया खुलासा मुरादाबाद की बुद्धि विहार कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां हार्दिक ने अपनी जुड़वां बहन दीप शिखा की चाकू से 40 से ज्यादा वार कर हत्या कर दी और मां नीलिमा पर भी हमला किया. नीलिमा गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस जांच में सामने आया कि हार्दिक का सोशल मीडिया के जरिए पुणे की एक मुस्लिम युवती से प्रेम संबंध था, लेकिन ब्रेकअप के बाद वह तनाव में रहने लगा और मां-बहन को इसके लिए जिम्मेदार मानने लगा.1
- FCI नौकरी के नाम पर ठगी: दो आरोपी गिरफ्तार, पांच फरार बुलंदशहर के खानपुर थाना क्षेत्र के भौपुर और रसूलपुर निवासी दो ठग दीपक और प्रिंस को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है, जो फर्जी FCI अधिकारी बनकर लोगों को FCI में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर रहे थे। आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर शिकारों से पैसे वसूलते थे, और पुलिस को मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई। गिरफ्तार दोनों के अलावा पांच अन्य साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं। एसपी क्राइम नरेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच में और खुलासे होने की संभावना है, तथा फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई1
- टैंपो स्वामी और चालकों की समस्याओं को लेकर हुई चर्चा और उनके निस्तारण पर विचार। नवगठित कार्यकारिणी का किया गया विस्तार1
- Post by न्यूज़ 24 यूपी चैनल1
- Post by नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी1