खरगोन पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध हथियार बनाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भगवान सिंह चौहान की रिपोर्ट के अनुसार, सनावद और गोगावा पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर खरगोन जिले के सिग्नल गांव में नदी किनारे एक अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों – विकास सिकलीगर, काना सिकलीगर, सूरज सिकलीगर, गुरुबदल सिकलीगर और रोशन सिकलीगर – को मौके पर ही रंगीन हाथों पकड़ा। ये सभी आरोपी सिग्नल गांव के ही निवासी हैं। पुलिस अधीक्षक रविंद्र सिंह वर्मा के निर्देश पर, थाना प्रभारी गोगावा और थाना प्रभारी सनावद के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से 13 अवैध हथियार, भारी मात्रा में पिस्तौल बनाने की सामग्री, उपकरण और कल-पुर्जे जब्त किए। जब्त की गई सामग्री की कुल कीमत लगभग ₹275 बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी एक शुरुआत भर है। पुलिस अब उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे रैकेट में शामिल मुख्य सरगनाओं का पता लगाया जा सके। साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों द्वारा बनाए गए हथियारों की सप्लाई मध्य प्रदेश के किन-किन जिलों और देश के किन अन्य राज्यों में की जा रही थी। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
खरगोन पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध हथियार बनाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भगवान सिंह चौहान की रिपोर्ट के अनुसार, सनावद और गोगावा पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर खरगोन जिले के सिग्नल गांव में नदी किनारे एक अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों – विकास सिकलीगर, काना सिकलीगर, सूरज सिकलीगर, गुरुबदल सिकलीगर और रोशन सिकलीगर – को मौके पर ही रंगीन हाथों पकड़ा। ये सभी आरोपी सिग्नल गांव के ही निवासी हैं। पुलिस अधीक्षक रविंद्र सिंह वर्मा के निर्देश पर, थाना प्रभारी गोगावा और थाना प्रभारी सनावद के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से 13 अवैध हथियार, भारी मात्रा में पिस्तौल बनाने की सामग्री, उपकरण और कल-पुर्जे जब्त किए। जब्त की गई सामग्री की कुल कीमत लगभग ₹275 बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी एक शुरुआत भर है। पुलिस अब उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे रैकेट में शामिल मुख्य सरगनाओं का पता लगाया जा सके। साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों द्वारा बनाए गए हथियारों की सप्लाई मध्य प्रदेश के किन-किन जिलों और देश के किन अन्य राज्यों में की जा रही थी। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
- खरगोन शहर के सनावद रोड पर गायत्री मंदिर के सामने स्थित एक शॉपिंग मॉल में शनिवार तड़के भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट था। यह भी जानकारी दी गई है कि इस मॉल में हाल ही में बिक्री शुरू की गई थी।1
- खलटाका पुलिस ने अवैध गोवंश परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने तीन सुपर कैरी वाहनों को जब्त किया है। साथ ही, 18 गोवंश को मुक्त कराया गया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में सामने आए दो गंभीर मामलों को लेकर हिंदू संगठनों, विशेषकर बजरंग दल में, भारी आक्रोश देखा जा रहा है। संगठन ने प्रशासन से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। पहला मामला धनगांव से सामने आया है, जहाँ एक हिंदू नाबालिग बालिका के साथ कथित छेड़छाड़ की गई। जब बालिका और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। बताया जा रहा है कि घायल परिवार के सदस्य अभी भी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। बजरंग दल का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति क्षेत्र का एक सूचीबद्ध गुंडा है, इसके बावजूद पुलिस उसके खिलाफ अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं कर रही है और मामले को सामान्य धाराओं में सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन ने इस मामले में आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दूसरा गंभीर मामला सिहाड़ा क्षेत्र के बढ़िया तुला में गोवंश हत्या से संबंधित है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के अनुसार, उन्हें रात के समय कुछ लोगों द्वारा गोवंश को मृत किए जाने की सूचना मिली थी। कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुँचकर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से गोवंश के अवशेष मिलने का दावा किया गया है। बजरंग दल के विभाग संयोजक आदित्य मिटाने ने कहा है कि दोनों मामलों में दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, जिसमें जिला बदर और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई भी शामिल हो। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों में भी अपराधियों पर नरमी बरती जा रही है। संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन मामलों में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।3
- खंडवा में प्रशासन ने एक्शन मोड में रहते हुए कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए हैं। इसके तहत, 'समाधान संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया गया और साथ ही एक बस चेकिंग अभियान भी चलाया गया। इस दौरान, पुलिस परिवारों के साथ संवाद किया गया और बस चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।1
- बुरहानपुर वन विभाग ने बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही वन भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इस व्यापक कार्रवाई के दौरान, बुरहानपुर वन मंडल के दक्षिण बलड़ी परी क्षेत्र में स्थित लगभग 55 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अभियान में वन विभाग के करीब 100 अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।1
- धार भोज अस्पताल से सरकारी 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों को मरीजों को उनके घर छोड़ने के लिए रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया गया है। यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करती है, जहाँ निःशुल्क सेवा प्रदान करने वाले कर्मचारी खुलेआम मरीजों से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या इन कर्मचारियों को शासन द्वारा रिश्वत लेने की छूट दी गई है, या फिर यह पूरी तरह से अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत का परिणाम है। लोगों द्वारा इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि सरकार को ऐसे कृत्यों में शामिल दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।2
- बड़वानी जिले के आमलियापानी क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रेंचिंग ग्राउंड को लेकर शनिवार को पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भीषण टकराव और हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। नगर पालिका को आवंटित की गई भूमि पर आधिकारिक कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम को स्थानीय ग्रामीणों के तीव्र आक्रोश और कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके चलते करीब डेढ़ घंटे तक दोनों पक्षों के बीच भारी खींचतान चलती रही। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब विरोध कर रहे महिला और पुरुष ग्रामीणों ने रास्ते में लोहे के पाइप, मोटरसाइकिलें और पानी के टैंकर लगाकर पूरे मार्ग को जाम कर दिया। प्रशासनिक अमले के पीछे न हटने पर कई ग्रामीण पुलिस के वाहनों के सामने ही धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों ने मोर्चा संभालकर प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया और नगर पालिका को आवंटित 3 एकड़ भूमि पर कब्जा दिलाया। कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और मौके पर विवाद पैदा करने वाले कुल 56 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तत्काल हिरासत में लिया था। इन सभी हिरासत में लिए गए ग्रामीणों को थाने ले जाकर उचित समझाइश दी गई, जिसके बाद प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें रिहा कर दिया गया। फिलहाल घटनास्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। इस पूरे विवाद को लेकर ग्रामीणों का तर्क है कि जहां यह ट्रेंचिंग ग्राउंड प्रस्तावित है, उसके ठीक पास में ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन और पेयजल की मुख्य पानी की टंकी स्थित है। ग्रामीणों को आशंका है कि यहां शहर का कचरा डालने से पूरे क्षेत्र में भयंकर बदबू, पर्यावरण प्रदूषण और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि इस 3 एकड़ जमीन पर केवल कचरा डंप नहीं किया जाएगा, बल्कि यहां पूरी तरह से आधुनिक और वैज्ञानिक कचरा प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे आसपास कोई प्रदूषण नहीं होगा। नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया कि पुलिस और राजस्व विभाग के माध्यम से भूमि का हैंडओवर मिलते ही नगर पालिका की टीम ने मौके पर बाउंड्रीवॉल और शुरुआती काम शुरू कर दिया है, और आगामी 5 से 6 माह के भीतर यह अत्याधुनिक कचरा प्रबंधन यूनिट पूरी तरह तैयार होकर चालू हो जाएगी। इस नई यूनिट के शुरू होते ही बड़गांव स्थित वर्तमान ट्रेंचिंग ग्राउंड को पूरी तरह से खाली कर वहां की समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।1