बानसूर क्षेत्र के चतरपुरा गांव में आई तेज धूलभरी आंधी ने एक मजदूर परिवार पर कहर बरपाया है। सांवत राम मीणा की ढाणी में स्थित दो सीमेंटेड टीन की छतें तेज हवाओं के कारण टूटकर नीचे गिर गईं, जिससे परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और एक महिला घायल हो गई। जानकारी के अनुसार, हंसराज मीणा (30 वर्ष) पुत्र सांवत राम मीणा और उमेद कुमार मीणा (35 वर्ष) ने वर्षों की मेहनत-मजदूरी से ये मकान तैयार किए थे, लेकिन बुधवार दोपहर अचानक चली आंधी ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे के समय अनोखी देवी घर में खाना बना रही थीं, तभी छत का एक हिस्सा गिरकर उनके पैर के अंगूठे पर आ लगा, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। परिजनों ने तुरंत उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनके अंगूठे में आठ टांके लगाए। इस घटना के बाद परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रभावित परिवारों में सांवत राम मीणा, रतन लाल मीणा, बिन्दु मीना, आशा देवी, सावित्री देवी, प्रियंका, अनोखी देवी, अशोक मीणा और सुनीता देवी शामिल हैं, जिन्होंने मजदूरी कर बड़ी मुश्किल से अपने मकान बनाए थे। पीड़ित बुजुर्ग सांवत राम मीणा ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटों के साथ दिन-रात मेहनत करके ये मकान बनवाए थे, लेकिन तेज आंधी ने कुछ ही मिनटों में उनकी वर्षों की मेहनत को बर्बाद कर दिया। उन्होंने बताया कि मकानों की छत गिरने से परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे अपने मकानों की मरम्मत करवा सकें और परिवार को सुरक्षित आश्रय मिल सके। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए प्रशासन से नुकसान का सर्वे करवाकर शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, क्योंकि प्रभावित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके लिए मकानों की मरम्मत करवाना बेहद कठिन होगा।
बानसूर क्षेत्र के चतरपुरा गांव में आई तेज धूलभरी आंधी ने एक मजदूर परिवार पर कहर बरपाया है। सांवत राम मीणा की ढाणी में स्थित दो सीमेंटेड टीन की छतें तेज हवाओं के कारण टूटकर नीचे गिर गईं, जिससे परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और एक महिला घायल हो गई। जानकारी के अनुसार, हंसराज मीणा (30 वर्ष) पुत्र सांवत राम मीणा और उमेद कुमार मीणा (35 वर्ष) ने वर्षों की मेहनत-मजदूरी से ये मकान तैयार किए थे, लेकिन
बुधवार दोपहर अचानक चली आंधी ने उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे के समय अनोखी देवी घर में खाना बना रही थीं, तभी छत का एक हिस्सा गिरकर उनके पैर के अंगूठे पर आ लगा, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। परिजनों ने तुरंत उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनके अंगूठे में आठ टांके लगाए। इस घटना के बाद परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रभावित परिवारों में सांवत राम मीणा, रतन लाल मीणा, बिन्दु मीना, आशा देवी,
सावित्री देवी, प्रियंका, अनोखी देवी, अशोक मीणा और सुनीता देवी शामिल हैं, जिन्होंने मजदूरी कर बड़ी मुश्किल से अपने मकान बनाए थे। पीड़ित बुजुर्ग सांवत राम मीणा ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटों के साथ दिन-रात मेहनत करके ये मकान बनवाए थे, लेकिन तेज आंधी ने कुछ ही मिनटों में उनकी वर्षों की मेहनत को बर्बाद कर दिया। उन्होंने बताया कि मकानों की छत गिरने से परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने
प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे अपने मकानों की मरम्मत करवा सकें और परिवार को सुरक्षित आश्रय मिल सके। घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए प्रशासन से नुकसान का सर्वे करवाकर शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, क्योंकि प्रभावित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनके लिए मकानों की मरम्मत करवाना बेहद कठिन होगा।
- अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित भाजीत गांव की सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क पर डामर की जगह केवल पत्थर का पाउडर डालकर काम चलाया गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीण और फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में यह सड़क धूल के गुबार से भरी रहती है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है, वहीं बरसात में यह पूरी तरह कीचड़ के तालाब में बदल जाती है। रोजाना सैकड़ों मजदूर इसी बदहाल रास्ते से होकर औद्योगिक इकाइयों में काम पर जाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सवाल उठाया जा रहा है कि करोड़ों का राजस्व देने वाले इस औद्योगिक क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को एक अच्छी सड़क भी क्यों नहीं मिल पा रही है।1
- कोटा ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर (IPS) के नेतृत्व में चेचट थाना परिसर में एक विशेष जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करना और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करना था। इस दौरान क्षेत्र के दर्जनों परिवादियों ने सीधे जिला पुलिस कप्तान के समक्ष अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं, जहाँ एसपी सुजीत शंकर ने उनसे आमने-सामने बातचीत की। जनसुनवाई के दौरान एसपी ने जमीन विवाद, आपसी रंजिश, चोरी और अन्य सामाजिक मामलों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से सुना। कई संवेदनशील मामलों में उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर शिकायतों का निस्तारण करवाया। शेष लंबित मामलों के लिए, उन्होंने संबंधित जांच अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। मीडिया से बात करते हुए, कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि इस विशेष जनसुनवाई का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को अपनी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस का मुख्य ध्येय आमजन को त्वरित न्याय दिलाना और अपराधियों में भय पैदा करना है, साथ ही सीधे जनसंवाद से पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है और जनता का विश्वास मजबूत होता है। एसपी ने आमजन के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया और नागरिकों से किसी भी अवैध गतिविधि, अपराध या समस्या की सूचना सीधे पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने थाना अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि थाने आने वाले प्रत्येक पीड़ित के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों पर बिना किसी देरी के कानूनी कदम उठाए जाएं। इस जनसुनवाई में चेचट थानाधिकारी सहित कोटा ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।4
- राजस्थान के अलवर जिले के मुंडावर के बासनी गांव में 60 वर्षीय किसान बुजकिशोर योगी की मौत के मामले में बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए धरना दिया, जिसके कारण हाईवे जाम हो गया। पुलिस के अनुसार, मृतक बुजकिशोर योगी और गांव के ही राकेश उर्फ टिंकू के बीच एक स्थान पर धांसे और कूड़ा डालने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि मंगलवार शाम राकेश अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और बुजकिशोर को बाइक से गिराकर लात-घूंसों से मारपीट की। गंभीर हालत में उन्हें मुंडावर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी राकेश उर्फ टिंकू और उसके साथी फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। करीब 9 घंटे तक चले धरने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। थाना प्रभारी मोहर सिंह मीणा ने बताया कि मृतक के शरीर पर प्रथम दृष्टया गंभीर चोटों के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।3
- राजस्थान के दौसा जिले के सैंथल कस्बे में महादेव जी महाराज का वार्षिक मेला शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपनी मन्नतें मांगी। इस वार्षिक मेले में झूले, चकरी, मनिहारी, खेल-खिलौनों, फलों और शीतल पेय पदार्थों की कई दुकानें लगाई गईं, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने खरीदारी की। मेले में चाट-पकौड़ी, जलेबी, कचौरी, मिर्ची बड़ा, समोसा, आइसक्रीम सहित मनिहारी और कॉस्मेटिक आइटमों की दुकानें भी देखने को मिलीं। इस आयोजन के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति और लोक उत्सव की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन ने मेले की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया है। ग्राम विकास अधिकारी मोहनलाल सैनी ने बताया कि 18 जून की रात स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें जयपुर से दिनेश छैला एंड पार्टी भी अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देगी। मेले के दौरान पानी, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, समाजसेवी दयाशंकर लाटा ने मेले में आए दुकानदारों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की, जिसकी श्रद्धालुओं ने खूब सराहना की। मेले के औपचारिक शुभारंभ से एक दिन पहले, 17 जून को ग्राम पंचायत की ओर से एक पारंपरिक झंडा यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा के दौरान झंडा पूजन और अन्य सभी धार्मिक अनुष्ठान वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।3
- बदायूं के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत होने के बाद एक शर्मनाक घटना सामने आई। मृतका के शव को वाहन में रखने के दौरान, खुद को अस्पताल कर्मी बताने वाले एक युवक ने उसके कानों से सोने के कुंडल चुरा लिए। इस पूरी वारदात का खुलासा अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद हुआ, जिसके उपरांत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।1
- राजस्थान के अलवर जिले के टपूकड़ा चौपानकी थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब बाइक सवार युवकों की बाइक एक कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- राजस्थान के अलवर जिले के टपूकड़ा स्थित गोपाली चौक पर एक बड़ा हादसा टल गया। भारी सामान से लदा एक ट्रेलर पलटने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। यह हादसा सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण हुआ।1
- दौसा जिले के कोथून रोड पर दौलतपुरा गांव के समीप एक ट्रोले ने झापदा थाने के पुलिस वाहन को टक्कर मार दी, जिससे वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों की पहचान संजय, लखन और वाहन चालक बाबूलाल के रूप में हुई है। तीनों घायलों को लालसोट जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से संजय और लखन को जयपुर रेफर कर दिया गया। दोनों का उपचार जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चल रहा है।1
- महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी स्थित योग ऋषि रामदेव के पैतृक गांव सैद अलीपुर में आर्य समाज द्वारा आर्यवीर दल का चरित्र निर्माण शिविर 14 जून से शुरू हो गया है। इस शिविर में सर्वांग सुंदर व्यायाम, लाठी, तलवार, भाला, मलखम जैसे शारीरिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, साथ ही बौद्धिक कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं। शिविर में प्रवीण आर्य, रोहित शास्त्री कनिष्ठ और प्रधान शिक्षक रामकृष्ण शास्त्री प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इस शिविर का समापन 21 जून को होगा, जिसके लिए वीरेंद्र थानेदार, पूर्व सरपंच देशराज, मास्टर बेगराज आर्य, लालचंद वैद्य और समस्त टीम ने परिवारों सहित सभी को सादर आमंत्रित किया है।4