मोतीचूर फ्लाईओवर पर भीषण हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली, डम्पर, बस और कई कारों की टक्कर के बाद लगी आग मोतीचूर फ्लाईओवर पर भीषण हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली, डम्पर, बस और कई कारों की टक्कर के बाद लगी आग चीख-पुकार, भगदड़ और धधकती लपटों के बीच 2 की मौत, दर्जनों घायल स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवार रात एक भयावह सड़क हादसे ने लोगों को दहला दिया। मोतीचूर फ्लाईओवर पर लगभग रात 10:20 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली डम्पर और बस की टक्कर के बाद कई वाहन आपस में भिड़ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही पलों में वाहनों में आग लग गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस भीषण दुर्घटना में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। कुछ ही सेकंड में सामान्य सफर बना दहशत का मंजर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में कई यात्री बैठे हुए थे और वाहन सामान्य गति से फ्लाईओवर पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर के तुरंत बाद पीछे से आ रही दो से तीन कारें भी आपस में भिड़ गईं, जिससे घटनास्थल पर वाहनों की लंबी श्रृंखला में दुर्घटना हो गई। कुछ ही क्षणों में एक वाहन से आग की लपटें उठने लगीं और देखते-देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बस में बैठे यात्रियों में मची भगदड़ बस में मौजूद यात्रियों ने बताया कि अचानक जोरदार झटका लगा और कुछ समझ में नहीं आया कि हुआ क्या है। तभी लोगों ने देखा कि सामने और बगल की गाड़ियों में आग लग चुकी है। आग की लंबी-लंबी लपटें ऊपर उठने लगीं, जिससे बस में बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई। लोग किसी तरह बस और अन्य वाहनों से निकलकर जान बचाने के लिए भागे। इस दौरान घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। आग कैसे लगी, अभी भी रहस्य घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि बस से टक्कर के बाद वाहन में आग लग गई, जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि सीएनजी वाहन के टकराने से आग भड़की। फिलहाल आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और मामले की जांच जारी है। फ्लाईओवर की लाइट बंद होने का भी दावा घटना के बाद कई लोगों ने यह भी दावा किया कि फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही थीं, जिससे दृश्यता कम थी। कुछ लोगों का कहना है कि यही कारण रहा कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली को सामने वाहन नजर नहीं आए और टक्कर हो गई। हालांकि इस दावे की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ट्रैक्टर-ट्रॉली की मौजूदगी पर भी उठे सवाल घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि इतने व्यस्त हाईवे और फ्लाईओवर पर ट्रैक्टर-ट्रॉली का संचालन कैसे हो रहा था। हालांकि कई लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली किसानों के लिए आवश्यक वाहन है और ग्रामीण इलाकों में यही प्रमुख साधन है। ऐसे में इनके आवागमन को पूरी तरह रोकना भी व्यावहारिक नहीं माना जाता। वन क्षेत्र और लाइट व्यवस्था पर भी चर्चा स्थानीय लोगों के अनुसार यह फ्लाईओवर वन क्षेत्र के पास से गुजरता है और कुछ लोगों का कहना है कि वन्यजीवों को प्रभावित होने से बचाने के लिए कई बार लाइटें बंद रखी जाती हैं। लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर लाइटें बंद ही रखनी हैं तो फिर फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइटें लगाने का उद्देश्य क्या था। सरकार और प्रशासन के सामने बड़ा सवाल इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। एक छोटी सी लापरवाही या व्यवस्था की कमी कई परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द बन सकती है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस घटना से क्या सबक लेते हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। निष्कर्ष मोतीचूर फ्लाईओवर की यह घटना सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई सवालों का आईना है— सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, रोशनी की व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी। दो लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने के बाद अब जरूरत है कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस और स्थायी समाधान तलाशे जाएं, ताकि किसी और परिवार को इस दर्द से न गुजरना पड़े। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
मोतीचूर फ्लाईओवर पर भीषण हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली, डम्पर, बस और कई कारों की टक्कर के बाद लगी आग मोतीचूर फ्लाईओवर पर भीषण हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली, डम्पर, बस और कई कारों की टक्कर के बाद लगी आग चीख-पुकार, भगदड़ और धधकती लपटों के बीच 2 की मौत, दर्जनों घायल स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से धर्मनगरी हरिद्वार में सोमवार रात एक भयावह सड़क हादसे ने लोगों को दहला दिया। मोतीचूर फ्लाईओवर पर लगभग रात 10:20 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली डम्पर और बस की टक्कर के बाद कई वाहन आपस में भिड़ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही पलों में वाहनों में आग लग गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस भीषण दुर्घटना में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। कुछ ही सेकंड में सामान्य सफर बना दहशत का मंजर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में कई यात्री बैठे हुए थे और वाहन सामान्य गति से फ्लाईओवर पार कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बस को टक्कर मार दी। टक्कर के तुरंत बाद पीछे से आ रही दो से तीन कारें भी आपस में भिड़ गईं, जिससे घटनास्थल पर वाहनों की लंबी श्रृंखला में दुर्घटना हो गई। कुछ ही क्षणों में एक वाहन से आग की लपटें उठने लगीं और देखते-देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बस में बैठे यात्रियों में मची भगदड़ बस में मौजूद यात्रियों ने बताया कि अचानक जोरदार झटका लगा और कुछ समझ में नहीं आया कि हुआ क्या है। तभी लोगों ने देखा कि सामने और बगल की गाड़ियों में आग लग चुकी है। आग की लंबी-लंबी लपटें ऊपर उठने लगीं, जिससे बस में बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई। लोग किसी तरह बस और अन्य वाहनों से निकलकर जान बचाने के लिए भागे। इस दौरान घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। आग कैसे लगी, अभी भी रहस्य घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि बस से टक्कर के बाद वाहन में आग लग गई, जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि सीएनजी वाहन के टकराने से आग भड़की। फिलहाल आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और मामले की जांच जारी है। फ्लाईओवर की लाइट बंद होने का भी दावा घटना के बाद कई लोगों ने यह भी दावा किया कि फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही थीं, जिससे दृश्यता कम थी। कुछ लोगों का कहना है कि यही कारण रहा कि तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली को सामने वाहन नजर नहीं आए और टक्कर हो गई। हालांकि इस दावे की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ट्रैक्टर-ट्रॉली की मौजूदगी पर भी उठे सवाल घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि इतने व्यस्त हाईवे और फ्लाईओवर पर ट्रैक्टर-ट्रॉली का संचालन कैसे हो रहा था। हालांकि कई लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली किसानों के लिए आवश्यक वाहन है और ग्रामीण इलाकों में यही प्रमुख साधन है। ऐसे में इनके आवागमन को पूरी तरह रोकना भी व्यावहारिक नहीं माना जाता। वन क्षेत्र और लाइट व्यवस्था पर भी चर्चा स्थानीय लोगों के अनुसार यह फ्लाईओवर वन क्षेत्र के पास से गुजरता है और कुछ लोगों का कहना है कि वन्यजीवों को प्रभावित होने से बचाने के लिए कई बार लाइटें बंद रखी जाती हैं। लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर लाइटें बंद ही रखनी हैं तो फिर फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइटें लगाने का उद्देश्य क्या था। सरकार और प्रशासन के सामने बड़ा सवाल इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। एक छोटी सी लापरवाही या व्यवस्था की कमी कई परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द बन सकती है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस घटना से क्या सबक लेते हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। निष्कर्ष मोतीचूर फ्लाईओवर की यह घटना सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई सवालों का आईना है— सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, रोशनी की व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी। दो लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने के बाद अब जरूरत है कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस और स्थायी समाधान तलाशे जाएं, ताकि किसी और परिवार को इस दर्द से न गुजरना पड़े। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
- RPF जवान ने ट्रेन यात्रियों को किया जागरूक, बताया कैसे चोर झपट्टा मारकर मोबाइल और चैन ले जाते हैं ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने यात्रियों को जागरूक किया। इस दौरान जवानों ने बताया कि किस तरह शातिर चोर और झपट्टामार ट्रेन में सफर कर रहे लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। RPF जवानों ने यात्रियों को जानकारी देते हुए बताया कि अक्सर चोर ट्रेन के दरवाजों, खिड़कियों और भीड़भाड़ वाले डिब्बों में सक्रिय रहते हैं। कई बार जब ट्रेन स्टेशन पर रुकती है या धीरे-धीरे चल रही होती है, तभी चोर अचानक झपट्टा मारकर यात्रियों के हाथ से मोबाइल फोन, गले की चैन, पर्स या अन्य कीमती सामान छीनकर फरार हो जाते हैं। जवानों ने यात्रियों को सावधान करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें। खिड़की या दरवाजे के पास बैठकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें, क्योंकि इसी दौरान झपट्टामार अपराधी मौके का फायदा उठाते हैं। इसके अलावा अजनबी लोगों से दूरी बनाए रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत RPF या रेलवे अधिकारियों को सूचना दें। RPF ने यह भी बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या 182 पर संपर्क करें। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- हरिद्वार के कनखल थाना क्षेत्र के नूरपुर पंजनहेड़ी में पिछले दिनों हुए गोलीकांड के तीनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । इसके बाद थाने में लोगों ने हंगामा किया। इसके बीच ही पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया। गिरफ्तार आरोपी तरुण चौहान, गौरव चौहान और अभिषेक चौहान उर्फ सिमी हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ समर्थकों ने थाने के बाहर हंगामा और नारेबाजी की। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। आरोप लगाया कि जब मुकदमा दोनों तरफ से हुआ है तो गिरफ्तारी सिर्फ एक पक्ष के लोगों की ही क्यों की जा रही है। भीड़ ने दूसरे पक्ष पर कमजोर धाराएं लगाने के आरोप भी लगाए। आरोपियों के समर्थन में बजरंग दल कार्यकर्ताओ ने भी धामी सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि पुलिस भूमाफियाओं के दबाव में कार्रवाई कर रही है। आरोप लगाया कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान क्षेत्र की सरकारी जमीनो को खुर्द बुर्द करने मे लगा हुआ है। हालांकि सीओ सिटी शिशुपाल नेगी ने इन सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि पुलिस नियम अनुसार ही कार्रवाई कर रही है। मामले से भाजपा की राजनीति भी गर्माई हुई है क्योकि दोनों ही पक्ष भाजपा के अलग-अलग गुटों से जुड़े हुए हैं।1
- Post by Dpk Chauhan1
- हरिद्वार में भीषण सड़क हादसा; मोतीचूर फ्लाईओवर पर टक्कर के बाद कई गाड़ियों में लगी आग उत्तराखंड के हरिद्वार से एक भयंकर सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें चार वाहन आपस में टकरा गए और टक्कर के बाद कई वाहनों में आग लग गई, जिसमें एक बस भी पूरी तरह जल गई। इस हादसे का वीडियो भी सामने आया है। घटना रविवार (8 मार्च) रात को मोतीचूर फ्लाईओवर पर हुई, जहां तेज रफ्तार में आ रहे वाहनों की टक्कर के बाद फ्लाईओवर पर अफरातफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के कारणों और संभावित नुकसान को लेकर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है।1
- The Aman Times डोईवाला के भानिया वाला में तिराहे पर हुआ एक्सीडेंट। बाइक और कार की टक्कर। बाइक सवार युवक हुआ गंभीर रूप से घायल। कालू वाला के ऑटो चालक योगेश राणा बने घायल के लिए देवदूत। अपने ओटो से पहुंचाया घायल युवक को हिमालयन हॉस्पिटल। घायल युवक का मोबाइल फोन लॉक होने के कारण युवक के बारे में नहीं मिल पाई जानकारी। जॉली ग्रांट पुलिस को दी घटना की सूचना।1
- प्लेन वालों के लिए कुछ नहीं केवल रिश्वत के बिना कोई नौकरी नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ी-बड़ी बातें कर कर जनता को किया गुमराह अमित शाह जी अब जनता समझ गई है की नौकरियां कैसे मिलती है नेताओं की साफ सूती में नौकरियां सफल होती है1
- Post by Indian Seema official2
- हरिद्वार। जनपद में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कलियर क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मुकदमे में वांछित तीन शातिर अपराधियों को पुलिस ने तमंचे सहित गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने एक नाबालिग लड़की को ब्लैकमेल कर क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश की थी। इसी दौरान लोगों को डराने के उद्देश्य से फायरिंग भी की गई थी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने लगातार दबिश देते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा भी बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। एसएसपी नवनीत सिंह ने स्पष्ट किया कि महिला एवं बाल अपराधों को लेकर हरिद्वार पुलिस की ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में गुंडागर्दी और दहशत फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।1