रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात प्रबंधन से संबंधित विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बैठक के दौरान थाना स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और जनता से संवाद स्थापित करने पर विशेष बल दिया, ताकि पुलिस और जनता के बीच संबंध और अधिक सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल से रिहा हुए अपराधियों सहित सभी संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही, निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) संबंधी प्रस्तावों में भी शीघ्रता लाने का आदेश दिया गया। अधिकारियों को चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और मोबाइल व बैग गुम होने से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। प्रत्येक थाना पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने चैन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थ (NDPS), चोरी, गृह भेदन और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त (Routine Patrolling) की सतत निगरानी और पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया। रात्रिकालीन गश्ती और क्षेत्रीय भ्रमण को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए, ताकि रात में सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर निगरानी हो सके। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो (POCSO) मामलों की नियमित समीक्षा कर अनुसंधान में तेजी लाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बैठक में गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग के लिए प्रभावी कदम उठाने के साथ-साथ लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था का संरक्षण और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करने का आह्वान किया।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात प्रबंधन से संबंधित विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और यातायात पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बैठक के दौरान थाना स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और जनता से संवाद स्थापित करने पर विशेष बल दिया, ताकि पुलिस और जनता के बीच संबंध और अधिक सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल से रिहा हुए अपराधियों सहित सभी संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही, निगरानी (Surveillance) और डोजियर (Dossier) संबंधी प्रस्तावों में भी शीघ्रता लाने का आदेश दिया गया। अधिकारियों को चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और मोबाइल व बैग गुम होने से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। प्रत्येक थाना पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने चैन स्नैचिंग, अवैध हथियार, मादक पदार्थ (NDPS), चोरी, गृह भेदन और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त (Routine Patrolling) की सतत निगरानी और पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया गया। रात्रिकालीन गश्ती और क्षेत्रीय भ्रमण को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए, ताकि रात में सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर निगरानी हो सके। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो (POCSO) मामलों की नियमित समीक्षा कर अनुसंधान में तेजी लाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। बैठक में गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनकी त्वरित बरामदगी और ट्रेसिंग के लिए प्रभावी कदम उठाने के साथ-साथ लंबित वारंट, कुर्की-जब्ती, जमानत और अन्य न्यायालयीय प्रक्रियाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था का संरक्षण और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करने का आह्वान किया।
- झारखंड के 17 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी होने से जुड़ी खबर इन दिनों चर्चा में है। इस वायरल खबर को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाकई ऐसा कोई अलर्ट जारी किया गया है।1
- रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक होटल में कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के दौरान होटल से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह जानकारी केवल समाचार और जन-जागरूकता प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है, और सभी आरोप जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं।1
- Live11 Media झारखंड की ताजा और बड़ी खबरें प्रस्तुत करता है, जहाँ यह प्लेटफॉर्म लोगों के हक अधिकारों की बात करने और उनके साथ खड़े रहने का दावा करता है। यह चैनल झारखंड ब्रेकिंग न्यूज़ के साथ-साथ फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट और बिजनेस मार्केटिंग से जुड़ी ताज़ा जानकारी भी उपलब्ध कराता है। प्रस्तुत वीडियो में झारखंड की राजनीति से जुड़ी खबरें, हेमंत सोरेन से संबंधित ताजा अपडेट्स, सरकारी योजनाओं की जानकारी और झारखंड में जॉब अपडेट्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इन्वेस्टमेंट और बिजनेस अपॉर्चुनिटीज़ से संबंधित पूरी जानकारी भी दी जा रही है।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी-चंदवा में फ्लाई ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक चिलचिलाती धूप में एक पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने किया। अपनी पीड़ा से मुक्ति पाने और टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर लगातार लगने वाले जाम से निजात नहीं मिलने पर किसानों ने सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। पदयात्रा के दौरान किसानों और माकपा कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे थे। पोस्टरों पर स्पष्ट नारे लिखे थे कि इन 'माननीय' मंत्रियों द्वारा 03 अप्रैल 2021 को टोरी आरओबी का शिलान्यास करने के पांच साल बाद भी कार्य शुरू कराने में असफलता दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने टोरी-चंदवा NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग के जाम से मुक्ति के लिए तुरंत फ्लाई ओवरब्रिज निर्माण कार्य शुरू करने और अन्यथा किसानों को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की। उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर यह पदयात्रा एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम को पलामू प्रमंडल की आम जनता की बड़ी समस्या बताया, जिससे लोग घंटों फंसे रहते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को जाम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गंवा रहे हैं। विप्लव ने कहा कि शिलान्यास के पांच साल बाद भी कार्य शुरू न होना दुर्भाग्यपूर्ण है और जाम से निजात पाने के लिए किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयुब खान और रसीद मियां ने भी कहा कि यदि जाम से मुक्ति नहीं मिल सकती तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, माकपा के शिष्टमंडल, जिसमें प्रकाश विप्लव, अयुब खान और रसीद मियां शामिल थे, ने उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मुलाकात कर किसानों के हस्ताक्षरित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान अत्यधिक पीड़ित हैं और यह समस्या अब 'ला-इलाज' हो चुकी है। ज्ञापन के अनुसार, इस जनहित से जुड़े मामले पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। किसानों ने इस दर्द और समस्या से मुक्ति के लिए इच्छा मृत्यु देने का अनुरोध दोहराया। इस पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिला-पुरुष किसान शामिल थे।1
- मंगलवार को हटिया डीएसपी के नेतृत्व में हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित शिवम पैलेस में देह व्यापार का धंधा चलने की सूचना पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने बंगाल की दो युवतियों सहित कुल पाँच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ग्राहकों की व्यवस्था और आवास की सुविधा का काम उसी स्थान पर संचालित किया जा रहा था। पकड़े गए लोगों से पूछताछ जारी है और उनके कनेक्शन तथा आरोपों की गहनतापूर्वक जांच की जा रही है।1
- अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस 2026 के अवसर पर, रांची में घरेलू कामगारों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर एक बड़ी रैली और जनसभा का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों ने घरेलू कामगारों को श्रमिक का दर्जा दिए जाने, सामाजिक सुरक्षा, ESI, PF, और साप्ताहिक अवकाश जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने की जोरदार मांग उठाई। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य स्तर पर घरेलू कामगारों के लिए कानून लागू करने की भी अपील की। कार्यक्रम में मौजूद घरेलू कामगारों ने इस बात पर जोर दिया कि वे समाज और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, फिर भी उन्हें आज भी कई बुनियादी अधिकारों से वंचित रहना पड़ रहा है। रांची से उठी यह आवाज अब सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई हो सके और उन्हें न्याय मिल सके।1
- लातेहार में किसान सभा और माकपा कार्यकर्ताओं ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य में हो रही देरी के विरोध में उदयपुरा से जिला उपायुक्त कार्यालय तक पदयात्रा की। इस दौरान सैकड़ों महिला-पुरुष किसानों ने, जो चिलचिलाती धूप में मार्च कर रहे थे, यह मांग उठाई कि यदि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से उन्हें मुक्ति नहीं दिलाई जा सकती, तो सरकार उन्हें सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति दे। इस पदयात्रा का नेतृत्व माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, राज्य समिति सदस्य अयुब खान और जिला सचिव रसीद मियां ने किया। किसान और माकपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तस्वीरें तथा पार्टी के झंडे लिए हुए थे। उनके पोस्टरों पर लिखा था कि 03 अप्रैल 2021 को हुए शिलान्यास के पाँच वर्ष बाद भी टोरी-चंदवा में फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण शुरू कराने में संबंधित मंत्री और सरकारें विफल रही हैं। पोस्टरों में तत्काल कार्य शुरू करने और NH 99 NEW 22 पर स्थित टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम से मुक्ति या इच्छा मृत्यु की अनुमति देने जैसे नारे लिखे हुए थे। पदयात्रा लातेहार समाहरणालय पहुँचकर एक सभा में बदल गई, जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव रसीद मियां ने की। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम को पलामू प्रमंडल की आम जनता की एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि जाम में घंटों फंसे रहने के कारण बीमार नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीण असमय अपनी जान गँवा रहे हैं। विप्लव ने केंद्र और राज्य सरकार की उदासीनता को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जिसके चलते पाँच साल बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ और किसानों को इच्छा मृत्यु की मांग करनी पड़ रही है। अयुब खान और रसीद मियां ने भी यही दोहराया कि यदि जाम से निजात नहीं मिल सकती, तो इच्छा मृत्यु दे दी जाए। बाद में, पार्टी के एक शिष्टमंडल ने, जिसमें प्रकाश विप्लव, अयुब खान और रसीद मियां शामिल थे, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी संदीप कुमार से मिलकर किसानों के हस्ताक्षरयुक्त एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम की समस्या से किसान "काफी पीड़ित और तंग आ चुके हैं" तथा यह समस्या "ला-इलाज" हो गई है। ज्ञापन में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और एनएच विभाग को जनहित से जुड़े इस मामले में "लापरवाह" बताया गया और अंत में टोरी रेलवे क्रॉसिंग जाम समस्या से मुक्ति के लिए सामूहिक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है। इस पदयात्रा और सभा में सैकड़ों महिला-पुरुषों समेत कई अन्य लोग शामिल थे।1
- बुढ़मू प्रखंड के नवादा (उमेडंडा) मुख्य मार्ग पर बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक बिजली का पोल सड़क के ठीक बीच में गिर गया, जिसकी वजह जेसीबी से हुई टक्कर बताई जा रही है। इस घटना ने स्थानीय लोगों के जीवन पर बड़ा खतरा मंडरा दिया है, जिसके कारण इलाके में भारी तनाव है। पोल गिरने से मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इसके साथ ही, बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण भीषण गर्मी में लोगों का हाल बेहाल हो गया है। इस पूरी स्थिति के लिए बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।2