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बीना विधानसभा क्षेत्र की ऐरण ग्राम पंचायत वित्तीय अनियमितताओं और कथित घोटालों के आरोपों के कारण चर्चा का विषय बन गई है, जहाँ उपसरपंच जगपाल सिंह राजपूत ने ग्राम पंचायत के सरपंच अमान अहिरवार और सचिव मेहरबान सिंह पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और विभिन्न मदों में अनियमित भुगतान के गंभीर आरोप लगाए हैं। उपसरपंच का दावा है कि पंचायत द्वारा गौशाला संचालन के नाम पर भूसा खरीदी में भारी अनियमितता की गई है, जहाँ बाजार में लगभग ₹400 प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध भूसे का भुगतान पंचायत द्वारा ₹1200 प्रति क्विंटल की दर से किया गया। आरोप है कि यह भुगतान सरपंच और सचिव की मिलीभगत से किया गया, जिसके अधिकांश बिल पंचायत कार्यालय व्यय और अन्य सामग्री के नाम पर चुकाए गए। इसके अतिरिक्त, उपसरपंच ने ऐरण महोत्सव के दौरान नदी घाट की पुताई के नाम पर लगभग ₹90 हजार का भुगतान किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के विभिन्न वित्तीय अभिलेखों और 'पंचायत दर्पण पोर्टल' पर दर्ज जानकारी में कई विसंगतियाँ दिखाई दे रही हैं। आरोप यह भी हैं कि हितग्राहियों को दी जाने वाली सहायता राशि निर्धारित राशि से अधिक भुगतान की गई। साथ ही, पंचायत द्वारा ऐसे बिलों का भुगतान भी किया गया जिनके संबंध में आवश्यक खरीद अभिलेख एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उपसरपंच ने सरपंच एवं सचिव पर फर्जी बिलों के माध्यम से मनरेगा योजना के तहत अपने रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में राशि हस्तांतरित कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, सरपंच ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि पंचायत के सभी कार्य नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ किए गए हैं तथा लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं। वहीं, इस मामले में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रदीप कुमार पाल ने कहा है कि मामला मीडिया के द्वारा उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि शिकायत और आरोपों की जाँच कराई जाएगी तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजरें प्रस्तावित जाँच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

4 days ago
user_Mp news 24live
Mp news 24live
पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
4 days ago

बीना विधानसभा क्षेत्र की ऐरण ग्राम पंचायत वित्तीय अनियमितताओं और कथित घोटालों के आरोपों के कारण चर्चा का विषय बन गई है, जहाँ उपसरपंच जगपाल सिंह राजपूत ने ग्राम पंचायत के सरपंच अमान अहिरवार और सचिव मेहरबान सिंह पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और विभिन्न मदों में अनियमित भुगतान के गंभीर आरोप लगाए हैं। उपसरपंच का दावा है कि पंचायत द्वारा गौशाला संचालन के नाम पर भूसा खरीदी में भारी अनियमितता की गई है, जहाँ बाजार में लगभग ₹400 प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध भूसे का भुगतान पंचायत द्वारा ₹1200 प्रति क्विंटल की दर से किया गया। आरोप है कि यह भुगतान सरपंच और सचिव की मिलीभगत से किया गया, जिसके अधिकांश बिल पंचायत कार्यालय व्यय और अन्य सामग्री के नाम पर चुकाए गए। इसके अतिरिक्त, उपसरपंच ने ऐरण महोत्सव के दौरान नदी घाट की पुताई के नाम पर लगभग ₹90 हजार का भुगतान किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के विभिन्न वित्तीय अभिलेखों और 'पंचायत दर्पण पोर्टल' पर दर्ज जानकारी में कई विसंगतियाँ दिखाई दे रही हैं। आरोप यह भी हैं कि हितग्राहियों को दी जाने वाली सहायता राशि निर्धारित राशि से अधिक भुगतान की गई। साथ ही, पंचायत द्वारा ऐसे बिलों का भुगतान भी किया गया जिनके संबंध में आवश्यक खरीद अभिलेख एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उपसरपंच ने सरपंच एवं सचिव पर फर्जी बिलों के माध्यम से मनरेगा योजना के तहत अपने रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में राशि हस्तांतरित कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, सरपंच ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि पंचायत के सभी कार्य नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ किए गए हैं तथा लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं। वहीं, इस मामले में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रदीप कुमार पाल ने कहा है कि मामला मीडिया के द्वारा उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि शिकायत और आरोपों की जाँच कराई जाएगी तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजरें प्रस्तावित जाँच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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  • बीना और खुरई में कृषि उपसंचालक के प्रयासों एवं मार्गदर्शन तथा GIZ जर्मन कोऑपरेशन के सहयोग से तीन दिवसीय 'इंडो-जर्मन वर्कशॉप' का आयोजन 16 जून से 18 जून 2026 तक किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में जर्मनी, कनाडा और कैमरून के विशेषज्ञ, साथ ही GIZ की दिल्ली और मध्य प्रदेश टीमों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। विदेशी डेलीगेट्स में जर्मनी से मिस्टर हेन्स क्लेन, कैमरून से मिस माइकल लाटा और कनाडा से मिस्टर जूलियन मेलार्ड सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन, विदेशी डेलीगेट्स ने खुरई अनुभाग के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में किसान उमेश पटेल के बगीचे का फील्ड विजिट किया। उन्होंने किसानों के खेतों पर पहुँचकर फसल की स्थिति, मिट्टी और खेती की तकनीकों का अवलोकन किया। इसके बाद, खुरई में कृषि यंत्रों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया, और प्रतिनिधियों ने स्थानीय कृषि यंत्र निर्माण इकाइयों का भी भ्रमण कर मशीनों की गुणवत्ता व तकनीक को समझा। इसी दौरान ग्राम गुलौआ में विदेश से आए वैज्ञानिकों और किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर वार्तालाप हुई, जिसमें सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक और बायो गैस जैसे प्राकृतिक खेती से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस संगोष्ठी में बीना के एस.ए.डी.ओ. अवधेश राय, खुरई के एस.डी.ओ.जे.डी. शर्मा सर, राजू चौहान, धीरेंद्र ठाकुर, अजहर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव रामा गुप्ता सहित कई किसान जैसे राजा बाबू यादव, उमेश पटेल और राजेंद्र यादव उपस्थित रहे। दोपहर बाद, खुरई विकासखंड के ग्राम बरोदिया नौनगिर में एक फार्मर इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ स्थानीय किसानों ने अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीधे विदेशी विशेषज्ञों के सामने रखा। 17 जून को वर्कशॉप का विधिवत उद्घाटन सत्रवार कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें पूरे दिन कृषि से जुड़े चार प्रमुख विषयों – कृषि यंत्रीकरण (छोटे किसानों के लिए सस्ते व आधुनिक यंत्र), पारिस्थितिकी परिवर्तन (बदलते मौसम का खेती पर असर), प्राकृतिक खेती व फसल अवशेष प्रबंधन (पराली जलाने का विकल्प) और जलवायु अनुकूल कृषि (कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीक) – पर चर्चा की जाएगी। विकासखंडों से पहले से चयनित किसानों के ठहरने की व्यवस्था 16 जून की शाम से 18 जून की शाम तक खुरई के शहनाई गार्डन में की गई है, ताकि वे 17 जून की सुबह से शुरू होने वाले सभी सत्रों में पूरी तरह भाग ले सकें। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक विदेशी प्रतिनिधि और अन्य आगंतुक खुरई व आसपास के क्षेत्र की कृषि गतिविधियों का गहन अवलोकन करेंगे। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य किसानों की जमीनी समस्याओं का समाधान खोजना और भविष्य में इस क्षेत्र में कृषि तकनीक एवं उत्पादन वृद्धि के नए अवसरों की तलाश करना है।
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    बीना और खुरई में कृषि उपसंचालक के प्रयासों एवं मार्गदर्शन तथा GIZ जर्मन कोऑपरेशन के सहयोग से तीन दिवसीय 'इंडो-जर्मन वर्कशॉप' का आयोजन 16 जून से 18 जून 2026 तक किया जा रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला में जर्मनी, कनाडा और कैमरून के विशेषज्ञ, साथ ही GIZ की दिल्ली और मध्य प्रदेश टीमों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। विदेशी डेलीगेट्स में जर्मनी से मिस्टर हेन्स क्लेन, कैमरून से मिस माइकल लाटा और कनाडा से मिस्टर जूलियन मेलार्ड सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम के पहले दिन, विदेशी डेलीगेट्स ने खुरई अनुभाग के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में किसान उमेश पटेल के बगीचे का फील्ड विजिट किया। उन्होंने किसानों के खेतों पर पहुँचकर फसल की स्थिति, मिट्टी और खेती की तकनीकों का अवलोकन किया। इसके बाद, खुरई में कृषि यंत्रों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया, और प्रतिनिधियों ने स्थानीय कृषि यंत्र निर्माण इकाइयों का भी भ्रमण कर मशीनों की गुणवत्ता व तकनीक को समझा। इसी दौरान ग्राम गुलौआ में विदेश से आए वैज्ञानिकों और किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर वार्तालाप हुई, जिसमें सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक और बायो गैस जैसे प्राकृतिक खेती से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस संगोष्ठी में बीना के एस.ए.डी.ओ. अवधेश राय, खुरई के एस.डी.ओ.जे.डी. शर्मा सर, राजू चौहान, धीरेंद्र ठाकुर, अजहर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव रामा गुप्ता सहित कई किसान जैसे राजा बाबू यादव, उमेश पटेल और राजेंद्र यादव उपस्थित रहे।

दोपहर बाद, खुरई विकासखंड के ग्राम बरोदिया नौनगिर में एक फार्मर इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ स्थानीय किसानों ने अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीधे विदेशी विशेषज्ञों के सामने रखा। 17 जून को वर्कशॉप का विधिवत उद्घाटन सत्रवार कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें पूरे दिन कृषि से जुड़े चार प्रमुख विषयों – कृषि यंत्रीकरण (छोटे किसानों के लिए सस्ते व आधुनिक यंत्र), पारिस्थितिकी परिवर्तन (बदलते मौसम का खेती पर असर), प्राकृतिक खेती व फसल अवशेष प्रबंधन (पराली जलाने का विकल्प) और जलवायु अनुकूल कृषि (कम पानी में अधिक उत्पादन की तकनीक) – पर चर्चा की जाएगी। विकासखंडों से पहले से चयनित किसानों के ठहरने की व्यवस्था 16 जून की शाम से 18 जून की शाम तक खुरई के शहनाई गार्डन में की गई है, ताकि वे 17 जून की सुबह से शुरू होने वाले सभी सत्रों में पूरी तरह भाग ले सकें।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन दिनों तक विदेशी प्रतिनिधि और अन्य आगंतुक खुरई व आसपास के क्षेत्र की कृषि गतिविधियों का गहन अवलोकन करेंगे। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य किसानों की जमीनी समस्याओं का समाधान खोजना और भविष्य में इस क्षेत्र में कृषि तकनीक एवं उत्पादन वृद्धि के नए अवसरों की तलाश करना है।
    user_Rakesh sen
    Rakesh sen
    बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सागर जिले के खिमलासा-मालथौन रोड पर आई तेज आंधी और बारिश ने भीषण कहर बरपाया। बारिश से बचने के लिए एक ढाबे पर रुके लोगों पर अचानक टिन शेड टूटकर गिर पड़ा, जिससे यह हादसा हो गया। इस घटना में दमोह की एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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    सागर जिले के खिमलासा-मालथौन रोड पर आई तेज आंधी और बारिश ने भीषण कहर बरपाया। बारिश से बचने के लिए एक ढाबे पर रुके लोगों पर अचानक टिन शेड टूटकर गिर पड़ा, जिससे यह हादसा हो गया। इस घटना में दमोह की एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
    user_RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    RAJENDRA GOUTAM JOURNALIST
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • सागर जिले के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में इंडो-जर्मन वर्कशॉप के तहत एक विशेष फील्ड विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जर्मनी, कनाडा और कैमरून से आए कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने स्थानीय किसानों के साथ सीधा संवाद किया, जिसमें प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और जलवायु अनुकूल खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि विभाग के उपसंचालक के मार्गदर्शन में जीआईजेड जर्मन कोऑपरेशन द्वारा खुरई में 16 से 18 जून तक आयोजित की जा रही इस इंडो-जर्मन वर्कशॉप में जर्मनी से हेन्स क्लेन, कैमरून से माइकल लाटा और कनाडा से जूलियन मेलार्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। विदेशी वैज्ञानिकों की टीम ने गुलौआ गांव में किसानों से खेती में आ रही चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा की, साथ ही अपने अनुभव साझा करते हुए प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। संगोष्ठी में कृषि यंत्रीकरण, पारिस्थितिकी परिवर्तन, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कृषि जैसे विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। किसानों को सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक, बायोगैस और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में बीना के एसएडीओ अवधेश राय, खुरई के एसडीओ जे.डी. शर्मा, एसएडीओ राजू चौहान, एईओ धीरेंद्र ठाकुर, अज़हर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव और रामा गुप्ता सहित कृषि विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे, जबकि बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। विदेशी वैज्ञानिकों और स्थानीय किसानों के बीच हुए इस संवाद को खेती के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक और जलवायु अनुकूल खेती ही भविष्य की कृषि का आधार बनेगी। उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण पहल से क्षेत्र के किसानों को नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों का लाभ मिलेगा।
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    सागर जिले के बीना विकासखंड के ग्राम गुलौआ में इंडो-जर्मन वर्कशॉप के तहत एक विशेष फील्ड विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जर्मनी, कनाडा और कैमरून से आए कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने स्थानीय किसानों के साथ सीधा संवाद किया, जिसमें प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और जलवायु अनुकूल खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि विभाग के उपसंचालक के मार्गदर्शन में जीआईजेड जर्मन कोऑपरेशन द्वारा खुरई में 16 से 18 जून तक आयोजित की जा रही इस इंडो-जर्मन वर्कशॉप में जर्मनी से हेन्स क्लेन, कैमरून से माइकल लाटा और कनाडा से जूलियन मेलार्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।

विदेशी वैज्ञानिकों की टीम ने गुलौआ गांव में किसानों से खेती में आ रही चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा की, साथ ही अपने अनुभव साझा करते हुए प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। संगोष्ठी में कृषि यंत्रीकरण, पारिस्थितिकी परिवर्तन, फसल अवशेष प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कृषि जैसे विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। किसानों को सुपर सीडर, जैविक कीटनाशक, बायोगैस और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम में बीना के एसएडीओ अवधेश राय, खुरई के एसडीओ जे.डी. शर्मा, एसएडीओ राजू चौहान, एईओ धीरेंद्र ठाकुर, अज़हर खान, ऋषि यादव, सचिन चतुर्वेदी, राघव और रामा गुप्ता सहित कृषि विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे, जबकि बड़ी संख्या में किसानों ने भी भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए।

विदेशी वैज्ञानिकों और स्थानीय किसानों के बीच हुए इस संवाद को खेती के क्षेत्र में नई संभावनाओं का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक और जलवायु अनुकूल खेती ही भविष्य की कृषि का आधार बनेगी। उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण पहल से क्षेत्र के किसानों को नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों का लाभ मिलेगा।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • कुलावगंज में संदीप दांगी से जुड़े प्रकरण के संबंध में दांगी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें विशेष रूप से कुरवाई से भी कई समाजजन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुँचे। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने मामले पर विस्तार से चर्चा की और समाज की एकजुटता का परिचय दिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई होना अत्यंत आवश्यक है। समाज के लोगों ने आपसी एकता बनाए रखने तथा कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखने पर बल दिया। यह बैठक शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें समाज के वरिष्ठजन, युवा और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग रखी और समाज के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
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    कुलावगंज में संदीप दांगी से जुड़े प्रकरण के संबंध में दांगी समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें विशेष रूप से कुरवाई से भी कई समाजजन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुँचे।

बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने मामले पर विस्तार से चर्चा की और समाज की एकजुटता का परिचय दिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई होना अत्यंत आवश्यक है। समाज के लोगों ने आपसी एकता बनाए रखने तथा कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखने पर बल दिया। यह बैठक शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें समाज के वरिष्ठजन, युवा और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग रखी और समाज के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
    user_Gajendra Thakur Pess ripotar
    Gajendra Thakur Pess ripotar
    Farmer कुरवाई, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मुंगावली नगर में नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। नगर के प्रत्येक वार्ड में गठित दल घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें जाँच रहे हैं। इस अभियान के तहत, रसीद न दिखाने या टैक्स जमा न होने की स्थिति में तत्काल नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि नल कनेक्शन काटे जाने के बाद बकायादारों को दोबारा कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। मंगलवार को वसूली टीम ने खाराकुआ गली में कार्रवाई करते हुए कई बकायादारों के नल कनेक्शन काटे। यह वसूली अभियान बुधवार को भी वार्डों में सख्ती से जारी रहेगा और जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएँगे। इस वसूली अभियान के दौरान जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, अनिल नामदेव और धर्मेन्द्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    मुंगावली नगर में नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। नगर के प्रत्येक वार्ड में गठित दल घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें जाँच रहे हैं।

इस अभियान के तहत, रसीद न दिखाने या टैक्स जमा न होने की स्थिति में तत्काल नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि नल कनेक्शन काटे जाने के बाद बकायादारों को दोबारा कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। मंगलवार को वसूली टीम ने खाराकुआ गली में कार्रवाई करते हुए कई बकायादारों के नल कनेक्शन काटे।

यह वसूली अभियान बुधवार को भी वार्डों में सख्ती से जारी रहेगा और जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएँगे। इस वसूली अभियान के दौरान जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, अनिल नामदेव और धर्मेन्द्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_ADJ,Alim Dyer Journalist
    ADJ,Alim Dyer Journalist
    Reporter Mungaoli•
    20 hrs ago
  • आज, 17 जून को, पूरे प्रदेश में महाराणा प्रताप जयंती को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
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    आज, 17 जून को, पूरे प्रदेश में महाराणा प्रताप जयंती को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
    user_Ravindra
    Ravindra
    Singer अशोकनगर, अशोकनगर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बीना नगर के चंदवाड़ी स्थित भगत सिंह वार्ड के रहवासी लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। बरसात के मौसम में वार्ड के भीतर खाली पड़े बड़े प्लॉटों में पानी भर जाता है, जिससे वे तालाब का रूप ले लेते हैं। इसके परिणामस्वरूप आसपास गंदगी बढ़ गई है और मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से फैला है। वार्डवासियों ने बताया कि कॉलोनी में नाली निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण घरों और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई स्थानों पर नालियों के बंद होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। सड़क पर बहते इस गंदे पानी में जहरीले जीव-जंतु भी दिखाई देते हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में, नगर पालिका सीएमओ राहुल गौरव ने बताया कि नाली निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस पर जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जिन खाली प्लॉटों की वजह से जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है, उनके मालिकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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    बीना नगर के चंदवाड़ी स्थित भगत सिंह वार्ड के रहवासी लंबे समय से जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। बरसात के मौसम में वार्ड के भीतर खाली पड़े बड़े प्लॉटों में पानी भर जाता है, जिससे वे तालाब का रूप ले लेते हैं। इसके परिणामस्वरूप आसपास गंदगी बढ़ गई है और मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से फैला है।

वार्डवासियों ने बताया कि कॉलोनी में नाली निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण घरों और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई स्थानों पर नालियों के बंद होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। सड़क पर बहते इस गंदे पानी में जहरीले जीव-जंतु भी दिखाई देते हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों ने इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले में, नगर पालिका सीएमओ राहुल गौरव ने बताया कि नाली निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस पर जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जिन खाली प्लॉटों की वजह से जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है, उनके मालिकों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    पत्रकार बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • ललितपुर जिले के मड़ावरा ब्लॉक के रामगढ़ गांव में नल के पास सड़क पर एक बड़ा गड्ढा है। इस गड्ढे में हमेशा पानी भरा रहता है, जिसके कारण वाहन चालकों और अन्य लोगों को निकलने में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण बताते हैं कि इस गड्ढे की वजह से पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। यदि इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक नहीं किया गया, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क के गड्ढे की तुरंत मरम्मत करवाने की मांग की है।
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    ललितपुर जिले के मड़ावरा ब्लॉक के रामगढ़ गांव में नल के पास सड़क पर एक बड़ा गड्ढा है। इस गड्ढे में हमेशा पानी भरा रहता है, जिसके कारण वाहन चालकों और अन्य लोगों को निकलने में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण बताते हैं कि इस गड्ढे की वजह से पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। यदि इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक नहीं किया गया, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क के गड्ढे की तुरंत मरम्मत करवाने की मांग की है।
    user_RAHUL SURYAVANSHI
    RAHUL SURYAVANSHI
    मड़ावरा, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    55 min ago
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