अवैध उत्खनन का मामला धीरे-धीरे गहराता जा रहा है सीधी जिले के रामपुर नैकिन तहसील थाने के अंतर्गत अवैध खनन जोरों से नगर परिषद रामपुर नैकिन एवं ग्राम पंचायत कंधवार में अवैध मुरूम खनन का बड़ा खुलासा 100 से अधिक ट्रैक्टर मुरूम निकाले जाने का आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल रामपुर नैकिन/सीधी। नगर परिषद एवं ग्राम पंचायत कंधवार में अवैध मुरूम खनन का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक संबंधित स्थल से करीब 100 से अधिक ट्रैक्टर मुरूम निकाली जा चुकी है। दिनदहाड़े जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से हो रहे इस उत्खनन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन कार्य कई दिनों से लगातार जारी है। बिना किसी वैध रॉयल्टी पर्ची और अनुमति के मुरूम का परिवहन किया जा रहा है। इससे शासन को भारी राजस्व हानि होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि औसतन 100 ट्रैक्टर मुरूम बाहर गई है, तो लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। खनन स्थल पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भयावह हो सकती है। पर्यावरणीय संतुलन पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध मुरूम खनन पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होती है।
अवैध उत्खनन का मामला धीरे-धीरे गहराता जा रहा है सीधी जिले के रामपुर नैकिन तहसील थाने के अंतर्गत अवैध खनन जोरों से नगर परिषद रामपुर नैकिन एवं ग्राम पंचायत कंधवार में अवैध मुरूम खनन का बड़ा खुलासा 100 से अधिक ट्रैक्टर मुरूम निकाले जाने का आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल रामपुर नैकिन/सीधी। नगर परिषद एवं ग्राम पंचायत कंधवार में अवैध मुरूम खनन का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक संबंधित स्थल से करीब 100 से अधिक ट्रैक्टर मुरूम निकाली जा चुकी है। दिनदहाड़े जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से हो रहे इस उत्खनन ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन कार्य कई दिनों से लगातार जारी है। बिना किसी वैध रॉयल्टी पर्ची और अनुमति के मुरूम का परिवहन किया जा रहा है। इससे शासन को भारी राजस्व हानि होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि औसतन 100 ट्रैक्टर मुरूम बाहर गई है, तो लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। खनन स्थल पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भयावह हो सकती है। पर्यावरणीय संतुलन पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध मुरूम खनन पर कब तक प्रभावी कार्रवाई होती है।
- अंधविश्वास ही भगवान है1
- रीवा में गोदाम में ही हो रही सिलेंडर रिफिलिंगः उपभोक्ता बोले- गैस चोरी होगी तो हमें कैसे सिलेंडर मिलेंगे, वीडियो आया सामने रीवा में रसोई गैस की किल्लत के बीच सिलेंडर से अवैध रिफिलिंग कर गैस चोरी किए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। एक तरफ उपभोक्ता गैस सिलेंडर पाने के लिए घंटों लाइन में खड़े होकर एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारों पर ही गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग सिलेंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलेंडरों में भरते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह काम गैस गोदाम के अंदर ही किया जा रहा है और इसमें वहां के कर्मचारी शामिल हैं। वीडियो में पीछे "पॉपुलर गैस एजेंसी" लिखा हुआ भी दिखाई दे रहा है, जिससे यह आशंका और मजबूत हो रही है कि यह अवैध गतिविधि एजेंसी परिसर के भीतर ही चल रही थी। अगर यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न सिर्फ उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक है। अवैध रिफिलिंग से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उपभोक्ता बोले- गैस चोरी हो रही स्थानीय उपभोक्ता राजेश तिवारी ने बताया, “हम लोग सुबह से लाइन में लगते हैं, कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। अब अगर इस तरह गैस चोरी हो रही है तो आम आदमी को सिलेंडर कैसे मिलेगा?" वहीं एक अन्य ग्राहक सीमा वर्मा ने कहा, “एजेंसी वाले बोलते हैं कि गैस नहीं है, लेकिन अगर अंदर ही इस तरह रिफिलिंग हो रही है तो यह सीधा-सीधा धोखा है। इसकी जांच होनी चाहिए।" फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।1
- Post by Abhishek Pandey1
- महिला के आरोपों में कितनी सत्यता है और घटनाक्रम की असलियत क्या है, यह तो अब पुलिस की उच्च स्तरीय जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। लेकिन इस मामले ने एक बार फिर खाकी की छवि पर सवालिया निशान जरूर खड़ा कर दिया है। रीवा से [आपका नाम/ब्यूरो] की रिपोर्ट।1
- Post by Durgesh Kumar Gupta1
- *रामपुर बाघेलन थाना क्षेत्र के बेला चौकी क्षेत्र बेला सरकारी स्कूल के पास ऑटो और बाइक की सामने से टक्कर हुई। बाइक चालक शराब के नशे में थे और साथ में एक बोतल शराब भी थी। ऑटो रीवा की ओर से आ रही थी, जबकि बाइक बेला की ओर से आ रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो में बैठे बुजुर्ग की नाक में चोट लग गई और वे घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने मदद की और उन्हें उपचार के लिए भेजा गया ।*1
- सीधी जिले के सिहावल ब्लॉक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिले के मुखिया कलेक्टर विकास मिश्रा अचानक समीक्षा बैठक करने पहुँच गए। बैठक में बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली देख कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि जनता की समस्याओं में ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। (वॉइस ओवर): सिहावल की सरज़मीं पर कलेक्टर विकास मिश्रा के कड़े तेवर देखने को मिले। विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान जब बुनियादी सुविधाओं की पोल खुली, तो कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने हिदायत दी कि अवाम को राहत पहुँचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दुरुस्त दिखनी चाहिए। प्राईड इंडिया न्यूज़ के तीखे सवालों का जवाब देते हुए कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि अब सभी विभागों में तालमेल बिठाकर समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाएगा। इसी बीच, सिहावल में दमकल गाड़ी की पुरानी मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत ठोस पहल करने का आश्वासन दिया है। (क्लोजिंग): कलेक्टर की इस सख्ती के बाद अब सिहावल की सोई हुई व्यवस्थाओं में हलचल शुरू हो गई है। इलाके की जनता को उम्मीद है कि अब नलों में पानी, अस्पतालों में बेहतर इलाज और बिजली की सुचारू सप्लाई का सपना सच होगा। विंध्य बलराम न्यूज़ के लिए सीधी से रुद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट।1
- रीवा ब्रेकिंग नाबालिक बच्ची ने बिछिया थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक पर लगाया दुष्कर्म का आरोप आरोपो से घिरे सहायक उप निरीक्षक ने निष्पक्ष जांच करने की मांग लगे आरोप को बताया बेबुनियाद एडिशनल एसपी ने सीएसपी राजीव पाठक को सौंपी जांच रीवा में संगीन आरोपो से घिरी पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हो गई है।मामला है रीवा शहर के बिछिया थाने का है, जहां पदस्थ राकेश वर्मा नामक एएसआई पर 16 साल की नाबालिग लड़की नें दिन दहाड़़े घर में घुसकर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है।नाबालिग बच्ची का आरोप है कि एएसआई उसके चाचा को पूंछने के बहाने घर पहुंचे और घर के भीतर दाखिल होने के बाद उसके साथ अश्लील हरकते करने लगे।आरोप है कि घटना के दौरान वह नशे की हालत में भी थे,जिस दौरान पीड़िता के विरोध करने के बावजूद एएसआई नें उसका हाथ पकड़कर ना सिर्फ घसीटा बल्कि बिस्तर पर भी पटक दिया।इतना ही नहीं आरोप है कि एएसआई नें घर के दरवाजे में ताला तक बंद कर दिया और बाद में देर रात दोबारा घर पहुंचकर चाभी को घर के ही दरवाजे पर टांग दिया।फिलहाल घटना के दौरान किशोरी नें किसी तरह से न सिर्फ खुद को बचाया बल्कि घर की छत पर चढ़कर अपनी अस्मत बचाई।फिलहाल पीड़ित किशोरी अपनी मां सहित परिजनों के साथ बिछिया थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।दरअसल यह पूरी घटना बिछिया थाना क्षेत्र में रविवार की शाम करीब 4.30 बजे की है।हालाकि किशोरी द्वारा की गई शिकायत के बाद किशोरी के बयान दर्ज कर पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरु कर दी गई है।इधर मामले में एडिशनल एसपी आरती सिंह नें बताया कि 16 वर्सीय किशोरी नें छेड़छाड़ का एक लिखित आवेदन थाने में दिया है जिसमें थाने में ही पदस्थ एएसआई पर छेड़खानी जैसा आरोप है।एडिशनल एसपी के मुताबिक एएसआई काॅबिंग गस्त के दोरान चतुर उर्फ शाकिब नाम के आदतन अपराधी के घर पर जांच के लिये गए थे, जहां मौजूद नाबालिग बच्ची के द्वारा एएसआई पर गंभीर आरोप लगाए गए है जिसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है।वहीं घटना के दौरान नशे में होने की बात पर एएसआई का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।फिलहाल इस पूरे मामले की जांच कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक को सौंप दी गई है जिनके द्वारा अब पूरे मामले की जांच शुरु कर दी गई है।वही जब इस संबंध में आरोपों से घिरे एएसआई राकेश से बातचीत की गई तो उन्होंने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद ठहराया है।एएसआई नें अपना पक्ष रखते हुये कहा कि काॅम्बिंग गश्त के दौरान वह आदतन आरोपी के खिलाफ थाने में आई शिकायत की जांच करने पहुंचे थे, लेकिन आरोपी के घर में मौजूद ना होने पर वह वापस लौट आये थे।फिलहाल एएसआई नें अपने ऊपर लगे आरोपों को आदतन अपराधी द्वारा रंजिशन फंसाने का षड्यंत्र बताया है।उनका कहना है कि पुलिस पर इस तरह के संगीन आरोप लगाना कहीं ना कही पुलिस के मनोबल को कमजोर करता है।फ़िलहाल एएसआई ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।1